रोक्साना - डैनियल डेफ़ो
सारांश रॉक्साना डेनियल डीफ़ो का 1724 का उपन्यास है। यह एक अनाथ फ्रांसीसी हुगुएनॉट महिला की कहानी है जो इंग्लैंड में रहती है। वह एक आकर्षक ल...
सारांश
रॉक्साना डेनियल डीफ़ो का 1724 का उपन्यास है। यह एक अनाथ फ्रांसीसी हुगुएनॉट महिला की कहानी है जो इंग्लैंड में रहती है। वह एक आकर्षक लेकिन मूर्ख शराब बनाने वाले से शादी करती है, जिसके साथ उसके पाँच बच्चे होते हैं। उसका पति दिवालिया हो जाता है और उसे व उसके बच्चों को छोड़कर फ़्रांस भाग जाता है। बेसहारा होकर, वह अपने मकान मालिक, एक सुनार की रखैल बन जाती है। उसकी मृत्यु के बाद, उसे उसकी संपत्ति विरासत में मिलती है। रॉक्साना तब हॉलैंड और फ़्रांस की यात्रा करती है, जहाँ वह एक डच व्यापारी, एक फ्रांसीसी राजकुमार और एक अंग्रेज़ लॉर्ड जैसे विभिन्न धनी पुरुषों की रखैल बनकर अत्यधिक धन कमाती है। वह एक तुर्की नृत्य करने के बाद "रॉक्साना" नाम अपनाती है। वह स्वतंत्रता और धन बनाए रखने के लिए विवाह प्रस्तावों को अस्वीकार करती है। वह एक अंग्रेज़ व्यापारी के साथ दीर्घकालिक संबंध में आती है और उससे गुप्त रूप से शादी कर लेती है। हालाँकि, उसका अतीत उसे सताने लगता है, खासकर उसकी खोई हुई बेटी, सुसान, जो उसे पहचान लेती है और फिर से जुड़ने की कोशिश करती है। अपनी वर्तमान सम्मानजनक ज़िंदगी के उजागर होने के डर से, रॉक्साना सुसान से बचने की कोशिश करती है। सुसान का ज़िद करना रॉक्साना के लिए एक ख़तरा बन जाता है। रॉक्साना की दासी, एमी, जो उसके अवैध कार्यों में उसकी सहयोगी रही है, सुसान के गायब होने या हत्या में शामिल हो जाती है। उपन्यास का अंत रॉक्साना के डर और अपराधबोध में जीने के साथ होता है, जो अंततः दुख और बर्बादी की ओर ले जाता है।
किताब के अनुभाग
अनुभाग 1: प्रारंभिक जीवन और पहली बर्बादी
कहानी की शुरुआत रॉक्साना के परिचय से होती है, जो एक फ्रांसीसी हुगुएनॉट परिवार में जन्मी है। वह एक सुंदर और चतुर युवा महिला है। इंग्लैंड में अपने परिवार के मरने के बाद, उसे अपनी किस्मत खुद बनानी पड़ती है। वह एक शराब बनाने वाले से शादी करती है जो दिखने में तो अच्छा है लेकिन व्यवसाय में अक्षम और मूर्ख है। उनके पाँच बच्चे होते हैं। उसका पति अपने व्यवसाय में भारी नुक़सान उठाता है और अंततः दिवालिया हो जाता है। वह अपने परिवार को छोड़कर गुप्त रूप से फ़्रांस भाग जाता है। रॉक्साना और उसके बच्चे बिल्कुल बेसहारा और ग़रीबी में रह जाते हैं, बिना किसी समर्थन के। उसे अपने बच्चों को छोड़ने और उन्हें रिश्तेदारों के पास भेजने के लिए मजबूर होना पड़ता है ताकि वे जीवित रह सकें।
| किरदार | विशेषताएँ | प्रेरणाएँ |
|---|---|---|
| रॉक्साना | सुंदर, चतुर, फ्रांसीसी हुगुएनॉट, भाग्यवादी, बाद में अवसरवादी | जीवित रहना, सामाजिक पतन से बचना, अपनी और अपने बच्चों की रक्षा करना |
| शराब बनाने वाला पति | दिखने में आकर्षक, मूर्ख, अक्षम व्यापारी | अपने दिवालिएपन से भागना, अपनी असफलता की ज़िम्मेदारी से बचना |
| बच्चे | मासूम, असहाय | जीवित रहने के लिए माता-पिता पर निर्भर |
अनुभाग 2: सुनार और धन की शुरुआत
बेसहारा होने के बाद, रॉक्साना को अपने मकान मालिक, एक सुनार से मदद मिलती है, जो उस पर दया करता है। वह सुनार की रखैल बन जाती है। सुनार एक दयालु और उदार व्यक्ति है जो रॉक्साना को एक आरामदायक जीवन प्रदान करता है। वह उसे व्यापारिक मामलों की जानकारी भी देता है, जो भविष्य में रॉक्साना के काम आता है। वे कई साल साथ रहते हैं, और रॉक्साना एक धनी महिला की तरह जीवन व्यतीत करती है। दुर्भाग्य से, सुनार की जल्द ही मृत्यु हो जाती है, और वह अपनी इच्छा से अपनी अधिकांश संपत्ति रॉक्साना के नाम कर देता है। रॉक्साना अब एक स्वतंत्र और धनी महिला है, लेकिन उसका सामाजिक दर्जा अभी भी संदिग्ध है क्योंकि वह सुनार की रखैल थी।
| किरदार | विशेषताएँ | प्रेरणाएँ |
|---|---|---|
| सुनार | दयालु, उदार, धनी, अनुभवी व्यापारी | रॉक्साना के प्रति स्नेह, उसकी मदद करने की इच्छा |
अनुभाग 3: यूरोप की यात्रा और "रॉक्साना" का उदय
सुनार की मृत्यु के बाद, रॉक्साना को अपनी स्थिति की अस्थिरता का एहसास होता है। वह अपनी दासी, एमी के साथ इंग्लैंड छोड़कर हॉलैंड और फिर फ़्रांस की यात्रा करती है। इस अवधि के दौरान, वह अपनी सुंदरता और बुद्धिमत्ता का उपयोग करके कई धनी और प्रभावशाली पुरुषों से संबंध बनाती है। इनमें एक डच व्यापारी, एक फ्रांसीसी राजकुमार और विभिन्न अन्य कुलीन व्यक्ति शामिल हैं। वह इन संबंधों से अत्यधिक धन और गहने जमा करती है। एक बार वह एक तुर्की नृत्य करती है और उसके प्रदर्शन से प्रभावित होकर उसे "रॉक्साना" नाम दिया जाता है। वह इस नाम को अपना लेती है और अपनी पहचान के हिस्से के रूप में इसका इस्तेमाल करती है। वह स्वतंत्र रहने और अपनी संपत्ति पर नियंत्रण रखने के लिए विवाह प्रस्तावों को अस्वीकार करती है। वह अपनी पहचान छिपाने और एक स्वतंत्र जीवन जीने के लिए लगातार आगे बढ़ती रहती है।
| किरदार | विशेषताएँ | प्रेरणाएँ |
|---|---|---|
| एमी | वफ़ादार, रॉक्साना की दासी और विश्वासपात्र, चतुर, नैतिक रूप से समझौतावादी | रॉक्साना के प्रति वफ़ादारी, अपनी स्थिति बनाए रखना, रॉक्साना के अवैध कार्यों में शामिल होना |
| डच व्यापारी | धनी, उच्च सामाजिक स्थिति वाला | रॉक्साना के प्रति आकर्षण, उसके साथ एक संबंध बनाना |
| फ्रांसीसी राजकुमार | शक्तिशाली, कुलीन, धनी | रॉक्साना के प्रति आकर्षण, उसके साथ एक संबंध बनाना |
अनुभाग 4: इंग्लैंड वापसी और व्यापारी के साथ संबंध
कई वर्षों और कई संबंधों के बाद, रॉक्साना अत्यधिक धनी हो जाती है और इंग्लैंड लौटने का फैसला करती है। वह वहाँ एक सम्मानजनक जीवन जीने की कोशिश करती है, लेकिन उसके अतीत की छाया उसे परेशान करती रहती है। इंग्लैंड में, वह एक धनी और सम्मानित अंग्रेज़ व्यापारी से मिलती है। वे एक-दूसरे के प्रति आकर्षित होते हैं और एक गहरा संबंध विकसित करते हैं। रॉक्साना अपने पिछले जीवन के बारे में उसे बहुत कम बताती है, अपनी असली पहचान छिपाकर रखती है। व्यापारी उससे शादी करना चाहता है, लेकिन रॉक्साना अपनी स्वतंत्रता और अपनी संपत्ति को विवाह के बंधनों में खोने से डरती है। कई बार मना करने के बाद, वह गुप्त रूप से उससे शादी करने के लिए सहमत हो जाती है, ताकि वह अपनी स्वतंत्रता को किसी हद तक बनाए रख सके और अपने समाज में अपनी स्थिति को भी सुरक्षित कर सके।
| किरदार | विशेषताएँ | प्रेरणाएँ |
|---|---|---|
| अंग्रेज़ व्यापारी | धनी, सम्मानजनक, रॉक्साना के प्रति समर्पित | रॉक्साना के प्रति सच्चा प्यार, उससे शादी करने की इच्छा, समाज में अपनी स्थिति बनाए रखना |
अनुभाग 5: अतीत का पीछा और बेटी सुसान
रॉक्साना और व्यापारी एक सम्मानजनक और आरामदायक जीवन जीते हैं। हालांकि, रॉक्साना का अतीत उसे सताने लगता है। उसकी सबसे बड़ी बेटी, सुसान, जो अब एक युवा महिला है और अपनी माँ की तलाश में है, अपनी माँ को पहचान लेती है। सुसान एक सेविका के रूप में काम करती है और रॉक्साना के घर के आसपास रहती है, उसकी पहचान को लेकर संदेह करती है। वह रॉक्साना से मिलने और उससे जुड़ने की कोशिश करती है। रॉक्साना, अपनी वर्तमान सम्मानजनक स्थिति के उजागर होने और अपनी नई मिली हुई प्रतिष्ठा खोने से डरती है, सुसान से बचने की कोशिश करती है। वह अपनी बेटी को पहचानने से इनकार करती है और उसे दूर रखने के लिए हर संभव प्रयास करती है, जिससे सुसान और भी ज़िद पर अड़ जाती है। सुसान का ज़िद करना रॉक्साना के लिए एक गंभीर ख़तरा बन जाता है, क्योंकि उसके रहस्य के उजागर होने का डर बढ़ जाता है।
अनुभाग 6: त्रासदी और रॉक्साना की बर्बादी
सुसान की लगातार कोशिशों से रॉक्साना चिंतित हो जाती है। रॉक्साना अपनी दासी, एमी पर बहुत ज़्यादा निर्भर करती है, और एमी रॉक्साना के रहस्यों को जानती है। सुसान के रहस्य को उजागर करने के बढ़ते खतरे के कारण, एमी एक चरम कदम उठाती है। ऐसा प्रतीत होता है कि एमी सुसान को रास्ते से हटाने में शामिल हो जाती है, संभवतः उसे मार देती है या उसे गायब कर देती है, ताकि रॉक्साना का रहस्य सुरक्षित रहे। उपन्यास में सुसान के भाग्य को अस्पष्ट रखा गया है, लेकिन रॉक्साना को लगता है कि एमी ने उसे मार दिया है। इस घटना के बाद, रॉक्साना भय, अपराधबोध और चिंता से ग्रस्त हो जाती है। वह अपनी पूरी ज़िंदगी एक डर में जीती है कि एमी एक दिन उसे भी बेनकाब कर सकती है या उसके साथ कुछ ऐसा ही कर सकती है। उपन्यास का अंत रॉक्साना के आंतरिक पतन के साथ होता है, जहाँ वह अपनी सारी धन-संपत्ति के बावजूद "दुख और बर्बादी" के लिए अभिशप्त है। उसकी अंतरात्मा उसे खा जाती है और वह कभी शांति नहीं पा पाती है।
साहित्यिक विधा:
उपन्यास (Novel), आत्मकथात्मक कथा (Autobiographical Fiction), पिकारेस्क उपन्यास (Picaresque Novel), सामाजिक आलोचना (Social Criticism)। इसे एक मोरालिटी टेल (Morality Tale) के रूप में भी देखा जा सकता है।
लेखक के बारे में:
डेनियल डीफ़ो (लगभग 1660 – 24 अप्रैल 1731) एक अंग्रेज़ व्यापारी, पत्रकार, पर्चे लेखक और उपन्यासकार थे। वह अपने उपन्यास 'रॉबिन्सन क्रूसो' (1719) के लिए सबसे प्रसिद्ध हैं, जिसे अक्सर अंग्रेज़ी साहित्य में पहले वास्तविक उपन्यास के रूप में उद्धृत किया जाता है। डीफ़ो अपने समय के एक अत्यधिक विपुल लेखक थे, जिन्होंने राजनीति, धर्म, अर्थशास्त्र और अपराध सहित विभिन्न विषयों पर 500 से अधिक पुस्तकें, पर्चे और लेख लिखे। उनके लेखन अक्सर यथार्थवादी विवरणों और सामाजिक टिप्पणी के लिए जाने जाते हैं। 'रॉक्साना' के अलावा, उनके अन्य प्रसिद्ध कार्यों में 'मोल फ़्लैंडर्स' और 'ए जर्नल ऑफ़ द प्लेग ईयर' शामिल हैं।
नैतिक शिक्षा:
- धन और पाप का संबंध: यह उपन्यास दर्शाता है कि कैसे धन की लालसा और सामाजिक स्थिति को बनाए रखने की इच्छा एक व्यक्ति को नैतिक रूप से भ्रष्ट कर सकती है। रॉक्साना अपने अपराधों और पापों के कारण अंततः दुख और बर्बादी में फंस जाती है, यह दर्शाता है कि भौतिक धन आंतरिक शांति या खुशी की गारंटी नहीं दे सकता।
- पहचान का बोझ: रॉक्साना अपनी पहचान छिपाने और एक सम्मानजनक जीवन जीने की कोशिश करती है, लेकिन उसका अतीत हमेशा उसे सताता रहता है। यह दिखाता है कि कोई व्यक्ति अपने अतीत से पूरी तरह से भाग नहीं सकता है, और उसके कार्यों के परिणाम अंततः सामने आते हैं।
- महिला की स्वतंत्रता और सामाजिक बाधाएँ: उपन्यास 18वीं सदी में एक महिला के लिए आर्थिक स्वतंत्रता प्राप्त करने और उसे बनाए रखने की चुनौतियों की पड़ताल करता है। रॉक्साना अपनी स्वतंत्रता के लिए शादी से इनकार करती है, लेकिन उसे अपनी आजीविका के लिए अपनी नैतिकता से समझौता करना पड़ता है। उपन्यास उस समय की समाज की दोहरी नैतिकता पर भी प्रकाश डालता है।
दिलचस्प बातें:
- आत्मकथात्मक शैली: 'रॉक्साना' को रॉक्साना की अपनी कहानी के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो उसे एक वास्तविक व्यक्ति की तरह महसूस कराता है। डीफ़ो ने अक्सर अपने उपन्यासों में इस आत्मकथात्मक कथा शैली का उपयोग किया।
- सामाजिक टिप्पणी: डीफ़ो अपने उपन्यासों में समकालीन समाज की आलोचना करने के लिए जाने जाते थे। 'रॉक्साना' के माध्यम से, वह 18वीं सदी के इंग्लैंड में महिलाओं की स्थिति, धन के प्रति जुनून और नैतिकता के ह्रास पर टिप्पणी करते हैं।
- अस्पष्ट अंत: उपन्यास का अंत जानबूझकर अस्पष्ट रखा गया है, जिसमें रॉक्साना के लिए "दुख और बर्बादी" का वर्णन किया गया है, लेकिन उसके भाग्य का सटीक विवरण नहीं दिया गया है। यह पाठक को अपने निष्कर्ष निकालने के लिए छोड़ देता है।
- शीर्षक का अर्थ: "रॉक्साना" नाम रॉक्साना द्वारा किए गए एक तुर्की नृत्य से आता है, जिसे वह एक पार्टी में करती है। यह नाम उसके नए, ग्लैमरस और जोखिम भरे जीवन का प्रतीक बन जाता है।
- महिला नायक: डीफ़ो के कई उपन्यासों की तरह, 'रॉक्साना' में भी एक मजबूत और जटिल महिला नायक है जो अपनी शर्तों पर जीवित रहने की कोशिश करती है, भले ही इसके लिए उसे सामाजिक मानदंडों का उल्लंघन करना पड़े।
