oraliyans ki kumari - frederik shilar

सारांश

फ्रेडरिक शिलर का नाटक 'डाई जुंगफ्राउ वॉन ओर्लियंस' (ओर्लियंस की कुंवारी) फ्रांसीसी राष्ट्रीय नायिका जोन ऑफ आर्क के जीवन का एक रोमांटिक नाट्य रूपांतरण है। कहानी 15वीं सदी में सेट है, जब फ्रांस इंग्लैंड के खिलाफ सौ साल के युद्ध में हार रहा था।

जोन, डोमरमी गांव की एक युवा और पवित्र चरवाहा लड़की, को ईश्वर से दृष्टांत मिलते हैं कि उसे फ्रांस को बचाना और राजा चार्ल्स सप्तम को ताज पहनाना है। वह अपने पारिवारिक जीवन और अपने प्रेमी रेमंड को छोड़कर, अपनी दिव्य पुकार का पालन करती है। वह चार्ल्स सप्तम के सामने प्रकट होती है, जो शुरू में उसकी बात पर अविश्वास करता है, लेकिन जोन उसके छिपे हुए रहस्यों को जानकर उसे प्रभावित करती है और उसे विश्वास दिलाती है।

जोन फ्रांसीसी सेना का नेतृत्व करती है, वीरता और भक्ति से प्रेरित होकर, अंग्रेजी सेना पर कई जीत हासिल करती है, जिसमें ओर्लियंस की घेराबंदी को तोड़ना और पेरिस की ओर मार्च करना शामिल है। उसकी सफलताओं के कारण चार्ल्स सप्तम का रीम्स में राज्याभिषेक होता है। हालांकि, युद्ध के मैदान में, जोन एक अंग्रेजी नाइट, लियोनेल से मिलती है और उसके रूप से मोहित हो जाती है, जिससे उसे अपनी पवित्रता के प्रति अपनी दिव्य प्रतिज्ञा भंग होने का डर सताता है। यह मानवीय प्रेम उसके आध्यात्मिक मिशन के साथ एक आंतरिक संघर्ष पैदा करता है।

रीम्स में राज्याभिषेक समारोह के दौरान, उसके पिता, थीबो, उस पर जादू-टोना करने का आरोप लगाते हैं, क्योंकि उसने लियोनेल को बख्शा था (जो उसके पिता को राक्षसी प्रभाव लगता है)। जोन, अपने अपराधबोध और प्रतिज्ञा भंग करने के कारण चुप रहती है, और उसे बहिष्कृत कर दिया जाता है। उसे फ्रांसीसी शिविर से बाहर निकाल दिया जाता है और वह अकेली भटकती रहती है।

उसे बरगंडी के सैनिकों द्वारा पकड़ लिया जाता है, लेकिन जब उसे पता चलता है कि फ्रांसीसी उसके बिना फिर से हार रहे हैं, तो वह अपनी बेड़ियों से चमत्कारिक ढंग से मुक्त हो जाती है। वह युद्ध के मैदान में लौट आती है, फ्रांसीसी सेना को प्रेरित करती है, और उन्हें अंतिम जीत की ओर ले जाती है। अपनी अंतिम लड़ाई में, वह नश्वर रूप से घायल हो जाती है, लेकिन वह विजयी फ्रांसीसी झंडा लहराते हुए और अपने मिशन को पूरा करते हुए मर जाती है, इस प्रकार अपने बलिदान और अटूट विश्वास के माध्यम से अपनी पवित्रता को पुनः प्राप्त कर लेती है।

किताब के अनुभाग

अनुभाग 1: प्रथम अंक

कहानी डोमरमी के शांतिपूर्ण फ्रांसीसी गांव में शुरू होती है। किसान, जिनमें जोन के पिता, थीबो डी'आर्क, और उसकी बहनें मार्गरेट और लुईस शामिल हैं, सौ साल के युद्ध में फ्रांस की हार की दुखद स्थिति पर चर्चा कर रहे हैं। वे इस बात से निराश हैं कि उनकी फसलें बर्बाद हो रही हैं और उनके युवा पुरुषों को युद्ध में ले जाया जा रहा है। थीबो विशेष रूप से अपनी बेटी जोन के व्यवहार के बारे में चिंतित है, जो सामान्य ग्रामीण लड़कियों की तरह नहीं है। वह अक्सर अकेले घूमती है, गहन ध्यान में रहती है, और प्रकृति में रहस्यमय बातें करती है। वह ईश्वर और धर्म के प्रति असामान्य रूप से समर्पित है।

थियोबो और उसका पड़ोसी रेमंड जोन की शादी पर चर्चा करते हैं, यह सोचकर कि यह उसे "सामान्य" कर देगा। रेमंड जोन से प्यार करता है और उसका हाथ मांगता है, लेकिन जोन साफ इनकार कर देती है, कहती है कि उसका भाग्य अलग है। वह अपनी कुंवारी स्थिति और ईश्वर के प्रति अपनी भक्ति को महत्व देती है। जल्द ही, उसे स्वर्ग से एक संदेश मिलता है – वर्जिन मैरी उसे एक दृष्टांत में बताती है कि उसे फ्रांस को बचाना चाहिए और राजा चार्ल्स को ताज पहनाना चाहिए। एक हेलमेट और तलवार रहस्यमय तरीके से उसके सामने प्रकट होते हैं। जोन अपनी दिव्य पुकार को स्वीकार करती है, अपने परिवार को यह बताते हुए कि उसे फ्रांसीसी सेना का नेतृत्व करने और अपनी भूमि को मुक्त करने के लिए नियत किया गया है। अपने परिवार के सदमे और अविश्वास के बावजूद, वह अपनी पुकार का पालन करने के लिए अपने गांव और अपने प्रियजनों को छोड़ देती है।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
जोन (जोन ऑफ आर्क) एक युवा चरवाहा लड़की, पवित्र, रहस्यमय, ईश्वर के प्रति अत्यधिक समर्पित, दूरदर्शी, दृढ़ संकल्पित। ईश्वर से मिली दिव्य पुकार का पालन करना, फ्रांस को अंग्रेजी आक्रमणकारियों से बचाना, राजा चार्ल्स सप्तम को ताज पहनाना, अपनी भूमि और अपने लोगों के लिए न्याय लाना।
थीबो डी'आर्क जोन का पिता, धर्मपरायण, पारंपरिक, अपनी बेटियों को सामान्य ग्रामीण जीवन जीते हुए देखना चाहता है। अपनी बेटी की सुरक्षा और सामान्यता सुनिश्चित करना, उसकी रहस्यमय प्रकृति को शैतानी प्रभाव के रूप में देखना, अपनी पारिवारिक इज़्ज़त बनाए रखना।
रेमंड जोन का प्रेमी, एक साधारण किसान, ईमानदार और वफादार। जोन से प्यार करना, उसे सामान्य जीवन में वापस लाना, उसे रहस्यमय और खतरनाक दिखने वाली पुकार से बचाना।
मार्गरेट और लुईस जोन की बहनें, सामान्य ग्रामीण लड़कियाँ, अपने पिता के अनुरूप, अपनी बहन के लिए चिंतित। अपने परिवार के साथ सामान्य ग्रामीण जीवन जीना, अपनी बहन के असामान्य व्यवहार और उसके जाने से चिंतित होना।

अनुभाग 2: द्वितीय अंक

दृश्य फ्रांसीसी दरबार में बदल जाता है, जहाँ राजा चार्ल्स सप्तम अपनी मालकिन एग्नेस सोरेल और अपने जनरलों, डुनोइस और ला हायर, के साथ मौजूद है। वे गहरी निराशा में डूबे हुए हैं, क्योंकि फ्रांस लगातार हार रहा है। ड्यूक ऑफ बरगंडी, जो पहले फ्रांसीसी था, अब अंग्रेजों के साथ गठबंधन कर चुका है, जिससे उनकी स्थिति और भी गंभीर हो गई है। चार्ल्स राजशाही छोड़ने और पीछे हटने के बारे में सोच रहा है।

ठीक इसी समय, जोन दरबार में पहुँचती है। उसकी दिव्य आभा और आत्मविश्वास से भरे अंदाज़ से सभी चकित रह जाते हैं। राजा चार्ल्स, उसकी परीक्षा लेने के लिए, खुद को एक साधारण व्यक्ति के रूप में प्रच्छन्न करता है, जबकि एक दरबारी राजा होने का ढोंग करता है। लेकिन जोन तुरंत सच्चे राजा को पहचान लेती है और उसे उसके छिपे हुए पापों के बारे में बताती है, जिससे वह स्तब्ध रह जाता है। वह उन्हें अपनी दिव्य पुकार के बारे में बताती है और घोषणा करती है कि उसे फ्रांस को बचाने के लिए भेजा गया है। उसकी बातें राजा और उसके जनरलों को फिर से आशा और विश्वास से भर देती हैं। आर्चबिशप भी, उसकी शक्ति से प्रभावित होकर, उसे स्वीकार करता है। जोन सेना का नेतृत्व करती है और ओर्लियंस की घेराबंदी तोड़ने में अपनी पहली बड़ी जीत हासिल करती है, जिससे फ्रांसीसी मनोबल फिर से बढ़ जाता है। ड्यूक ऑफ बरगंडी को जोन की सफलताओं और फ्रांसीसी राष्ट्रवाद की भावना से प्रभावित होकर, अपने पुराने सहयोगियों के साथ सुलह करने का अवसर मिलता है।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
चार्ल्स सप्तम फ्रांस का राजा, शुरुआत में कमजोर, अनिर्णायक, अपनी मालकिन से प्रभावित, लेकिन जोन के आने से प्रेरित। अपनी गिरती हुई सत्ता और सम्मान को बचाना, अपने देश के लिए आशा खोजना, अपनी मालकिन के प्रति अपने प्रेम और अपने शाही कर्तव्यों के बीच संघर्ष करना।
डुनोइस फ्रांस का एक निडर जनरल, ओर्लियंस का बास्टर्ड, देशभक्त और साहसी। फ्रांस को अंग्रेजी शासन से मुक्त करना, राजा के प्रति वफादार रहना, शुरुआत में जोन पर संदेह करना लेकिन बाद में उसकी दिव्य शक्ति को स्वीकार करना।
ला हायर फ्रांस का एक और जनरल, थोड़ा असभ्य लेकिन वफादार और बहादुर। डुनोइस के समान, युद्ध में अपनी सेवा देना, जोन के शुरुआती दावों पर संदेह करना लेकिन उसके नेतृत्व और जीत का पालन करना।
एग्नेस सोरेल राजा चार्ल्स सप्तम की आकर्षक मालकिन, दरबार में एक प्रमुख हस्ती। राजा का मनोरंजन करना, उसे खुशी देना, उसकी व्यक्तिगत इच्छाओं को पूरा करना, बाद में जोन के मिशन का समर्थन करना।
रीम्स का आर्कबिशप फ्रांस का एक उच्च पदस्थ पादरी, शक्तिशाली और प्रभावशाली। चर्च के अधिकार और प्रतिष्ठा को बनाए रखना, जोन के दिव्य दावों की वैधता सुनिश्चित करना, राजा का समर्थन करना।
फिलिप, ड्यूक ऑफ बरगंडी एक शक्तिशाली फ्रांसीसी कुलीन, जो पहले अंग्रेजों का सहयोगी था। अपने क्षेत्रीय हितों और शक्ति को बनाए रखना, फ्रांसीसी या अंग्रेजी पक्ष के साथ गठबंधन करके लाभ प्राप्त करना, बाद में जोन के प्रभाव से फ्रांस के साथ सुलह करना।

अनुभाग 3: तृतीय अंक

जोन के नेतृत्व में, फ्रांसीसी सेना लगातार जीत हासिल करती रहती है। अंग्रेजी सेना तितर-बितर हो जाती है और हताश हो जाती है। जोन युद्ध के मैदान में एक अंग्रेजी नाइट, मोंटगोमरी से मुकाबला करती है और उसे मार देती है, हालांकि वह अपने इस कृत्य पर थोड़ी हिचकिचाहट महसूस करती है। इसके बाद वह एक और अंग्रेजी नाइट, लियोनेल का सामना करती है। जब वह लियोनेल को मारने वाली होती है, तो उसके सौंदर्य और उसकी रक्षाहीनता से मंत्रमुग्ध हो जाती है। पहली बार, जोन मानवीय भावनाओं, विशेष रूप से प्रेम की भावना का अनुभव करती है। वह उसे बख्श देती है और अपनी प्रतिज्ञा भंग कर देती है, क्योंकि उसने ईश्वर से कभी किसी पुरुष से प्रेम न करने या युद्ध में दया न दिखाने की कसम खाई थी।

इस घटना के बाद, जोन को गहन आंतरिक संघर्ष का सामना करना पड़ता है। एक रहस्यमय "काला नाइट" उसके सामने प्रकट होता है, जो उसे उसकी प्रतिज्ञा भंग करने और उसके पतन के बारे में चेतावनी देता है। यह काला नाइट उसकी अंतरात्मा या एक राक्षसी प्रलोभन का प्रतीक हो सकता है। जोन अपराधबोध और संदेह से ग्रस्त हो जाती है, जिससे उसकी दिव्य शक्ति और आत्मविश्वास कम होने लगता है। पेरिस की ओर मार्च जारी रहता है, लेकिन जोन की आत्मा में अब अशांति है, जो उसके मिशन पर एक काला साया डाल देती है।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
लियोनेल एक युवा और आकर्षक अंग्रेजी नाइट/जनरल। अंग्रेजी सेना की ओर से लड़ना, अपनी वीरता साबित करना, जोन के द्वारा बख्शे जाने के बाद उसके प्रति मिश्रित भावनाएँ रखना (घृणा से आकर्षण तक)।
मोंटगोमरी एक अंग्रेजी नाइट, जिसे जोन युद्ध में मार देती है। अपनी मातृभूमि के लिए लड़ना, युद्ध में अपनी शक्ति का प्रदर्शन करना।
काला नाइट एक रहस्यमय आकृति, जो जोन के सामने प्रकट होती है। जोन को उसकी प्रतिज्ञा भंग करने और उसके पतन के बारे में चेतावनी देना, उसकी अंतरात्मा या राक्षसी प्रलोभन का प्रतीक।

अनुभाग 4: चतुर्थ अंक

चार्ल्स सप्तम का रीम्स कैथेड्रल में राज्याभिषेक समारोह होता है, जिसमें जोन को राष्ट्रीय नायिका के रूप में सम्मानित किया जाता है। पूरा फ्रांस जोन की प्रशंसा करता है, लेकिन वह अपने आंतरिक संघर्ष और लियोनेल के प्रति अपनी भावनाओं के कारण परेशान है।

इस महत्वपूर्ण क्षण में, जोन के पिता, थीबो, दरबार में आते हैं। वह अपनी बेटी की रहस्यमय शक्तियों और युद्ध में उसके अजीब व्यवहार (विशेषकर लियोनेल को बख्शने के बारे में सुनकर) से गहराई से चिंतित हैं। सार्वजनिक रूप से, वह जोन पर जादू-टोना करने और शैतान के साथ संबंध रखने का आरोप लगाते हैं। वह कहते हैं कि जोन की शक्तियाँ ईश्वर से नहीं बल्कि नरक से आती हैं। थीबो उससे शपथ लेने को कहते हैं कि वह शुद्ध है और उसने कोई पाप नहीं किया है।

जोन, लियोनेल के प्रति अपनी भावनाओं और अपनी प्रतिज्ञा भंग करने के कारण अपराधबोध से इतनी ग्रस्त है कि वह खुद का बचाव नहीं कर पाती। वह चुप रहती है, जिससे सभी को यह विश्वास हो जाता है कि वह वास्तव में दोषी है। उसकी चुप्पी को उसके अपराध की स्वीकारोक्ति मान लिया जाता है। रीम्स का आर्कबिशप, जो पहले उसका समर्थन कर रहा था, अब उसे बहिष्कृत कर देता है। उसे फ्रांसीसी शिविर से बाहर निकाल दिया जाता है, और वह अपमानित होकर और अकेली भटकने के लिए मजबूर हो जाती है। उसके समर्थक भी उससे मुंह मोड़ लेते हैं।

अनुभाग 5: पंचम अंक

अपनी बहिष्कृत और अपमानित स्थिति के बाद, जोन जंगल में भटकती रहती है, अकेले और असहाय। उसे बरगंडी के सैनिकों द्वारा पकड़ लिया जाता है और एक कैदी के रूप में जंजीरों में बांध दिया जाता है। उसकी आत्मा में गहरा निराशा है, लेकिन वह अपनी दिव्य पुकार पर फिर से विचार करती है और ईश्वर से मार्गदर्शन मांगती है।

उसे पता चलता है कि फ्रांसीसी सेना उसके बिना फिर से हार रही है। राजा चार्ल्स और उसके जनरल अब कमजोर हो गए हैं, और इंग्लैंड फिर से बढ़त बना रहा है। यह खबर जोन को प्रेरित करती है। एक चमत्कारिक क्षण में, उसकी जंजीरें टूट जाती हैं, और वह मुक्त हो जाती है।

वह युद्ध के मैदान में लौट आती है, जहाँ फ्रांसीसी सेना लगभग हार चुकी होती है। उसकी वापसी सैनिकों में नई आशा और वीरता का संचार करती है। वह फिर से सेना का नेतृत्व करती है, उन्हें प्रेरित करती है, और उन्हें अंतिम जीत की ओर ले जाती है। लड़ाई के दौरान, वह नश्वर रूप से घायल हो जाती है। अपने अंतिम क्षणों में, वह फ्रांसीसी झंडा लहराते हुए देखती है और अपने मिशन को पूरा होते हुए महसूस करती है। वह विजय की खुशी और अपनी आत्मा की शुद्धि के साथ मर जाती है, जिससे यह साबित होता है कि उसकी पुकार वास्तव में दिव्य थी और उसका बलिदान व्यर्थ नहीं गया।


साहित्यिक शैली: त्रासदी, ऐतिहासिक नाटक, रोमांटिक त्रासदी।

लेखक के बारे में कुछ जानकारी:

  • फ्रेडरिक शिलर (पूरा नाम: योहान क्रिस्टोफ फ्रेडरिक वॉन शिलर) एक जर्मन कवि, दार्शनिक, इतिहासकार और नाटककार थे।
  • उनका जन्म 1759 में हुआ और 1805 में उनका निधन हो गया।
  • वे योहान वोल्फगांग वॉन गोएथे के साथ जर्मन क्लासिकवाद के सबसे महत्वपूर्ण शख्सियतों में से एक माने जाते हैं।
  • उनकी अन्य प्रसिद्ध कृतियों में 'द रॉबर्स', 'वालेंस्टीन', 'मारिया स्टुअर्ट' और 'विल्हेम टेल' शामिल हैं। शिलर के नाटक अक्सर महान नैतिक संघर्षों, स्वतंत्रता और मानवीय गरिमा के विषयों का पता लगाते हैं।

नैतिक शिक्षा:

  • दैवीय पुकार और मानवीय इच्छाओं के बीच संघर्ष: यह नाटक दिखाता है कि कैसे एक व्यक्ति को अपनी आध्यात्मिक पुकार और सांसारिक प्रेम जैसी मानवीय इच्छाओं के बीच संघर्ष करना पड़ता है।
  • विश्वास और संदेह का संघर्ष: जोन का चरित्र विश्वास की शक्ति और आंतरिक संदेह के खतरों को दर्शाता है।
  • पीड़ा और बलिदान के माध्यम से मोक्ष: जोन का अंतिम बलिदान और उसकी मृत्यु उसके अपराधबोध से मुक्ति और उसके मिशन की वैधता की पुष्टि करती है।
  • व्यक्तिगत विश्वास और दृढ़ संकल्प की शक्ति: यह नाटक दर्शाता है कि कैसे एक व्यक्ति का अटूट विश्वास और दृढ़ संकल्प इतिहास का रुख बदल सकता है।
  • अंधे निर्णय और भीड़ की मानसिकता का खतरा: जोन को उसके पिता के झूठे आरोप और भीड़ के आसान विश्वास के कारण बहिष्कृत किया जाता है।

कुछ दिलचस्प तथ्य:

  • ऐतिहासिक विचलन: शिलर का नाटक जोन ऑफ आर्क की ऐतिहासिक कहानी का एक रोमांटिक और नाटकीय संस्करण है, जो ऐतिहासिक तथ्यों से काफी विचलित होता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नाटक में जोन को चिता पर नहीं जलाया जाता है, बल्कि वह युद्ध के मैदान में मर जाती है, जो उसके चरित्र को एक अधिक वीर और गरिमापूर्ण अंत प्रदान करता है।
  • रोमांटिक त्रासदी: इस नाटक का उपशीर्षक "एक रोमांटिक त्रासदी" है, जो जर्मन रोमांटिक आंदोलन के प्रभाव को दर्शाता है, जिसमें भावनाओं, व्यक्तिवाद और अलौकिक की खोज पर जोर दिया गया था।
  • जर्मनी में प्रभाव: यह नाटक जर्मनी में अत्यधिक लोकप्रिय और प्रभावशाली था, जिसने जोन ऑफ आर्क की वीर छवि को आकार देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
  • काला नाइट: "काला नाइट" का चरित्र एक अलौकिक या मनोवैज्ञानिक आयाम जोड़ता है, जो जोन के आंतरिक संघर्ष, अपराधबोध और उसकी प्रतिज्ञा भंग करने के डर का प्रतिनिधित्व करता है।
  • नारीवादी नायकत्व: यह नाटक नारीवादी नायकत्व और पवित्रता के विषयों की पड़ताल करता है, इसकी तुलना सांसारिक प्रेम और महत्वाकांक्षा से करता है। जोन की पवित्रता उसके मिशन की आधारशिला है, और इसका उल्लंघन उसे गंभीर संकट में डाल देता है।