विलियम टेल - फ्रीड्रिक शिलर
सारांश फ्रेडरिक शिलर का नाटक 'विल्हेम टेल' स्विस लोककथा पर आधारित है, जो 13वीं शताब्दी के अंत और 14वीं शताब्दी की शुरुआत में हब्सबर्ग साम्र...
सारांश
फ्रेडरिक शिलर का नाटक 'विल्हेम टेल' स्विस लोककथा पर आधारित है, जो 13वीं शताब्दी के अंत और 14वीं शताब्दी की शुरुआत में हब्सबर्ग साम्राज्य के अत्याचारी ऑस्ट्रियाई शासन से स्विस कैंटन (ऊरी, श्वेज़ और Unterwalden) की मुक्ति की कहानी बताता है। कहानी विल्हेम टेल नामक एक महान तीरंदाज के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी स्वतंत्रता और अपने लोगों की स्वतंत्रता के लिए खड़ा होता है।
ऑस्ट्रियाई रीजेंट गेसलर, जो एक क्रूर और दमनकारी शासक है, स्विस लोगों को अपनी अधीनता दिखाने के लिए ऊरी में एक खंभे पर अपनी टोपी रखता है और हर किसी को उसके सामने झुकने का आदेश देता है। विल्हेम टेल इस आदेश का उल्लंघन करता है, जिससे गेसलर क्रोधित हो जाता है। गेसलर टेल को अपने बेटे वाल्टर के सिर पर रखे एक सेब पर तीर चलाने के लिए मजबूर करता है। टेल सफलतापूर्वक यह कार्य करता है, लेकिन गेसलर को यह भी बताता है कि उसने दूसरा तीर अपने लिए रखा था, अगर पहला तीर अपने बेटे को मारता। इस कबूलनामे पर, गेसलर टेल को गिरफ्तार कर लेता है और उसे अपनी नाव पर ले जाता है ताकि उसे कुसनच में कैद कर सके।
झील पर आए एक तूफान के दौरान, टेल अपनी असाधारण नौकायन क्षमताओं का उपयोग करके भाग जाता है, नाव को सुरक्षित स्थान पर ले जाता है और फिर कूद जाता है। बाद में, टेल एक संकरी सड़क पर गेसलर का इंतजार करता है और उसे मार देता है, जिससे गेसलर के अत्याचार का अंत होता है। टेल का यह कार्य एक बड़े विद्रोह को भड़काता है, जिसमें स्विस कैंटन अपनी स्वतंत्रता को पुनः प्राप्त करने के लिए एकजुट होते हैं, अपने ऑस्ट्रियाई शासकों को हटाते हैं और अपने लिए एक स्वतंत्र संघ स्थापित करते हैं। यह नाटक स्वतंत्रता के संघर्ष, व्यक्तिगत साहस और न्याय की जीत का प्रतीक है।
किताब के अनुभाग
अनुभाग 1
नाटक ऊरी के स्विस कैंटन में, लेक लुसेर्न के किनारे शुरू होता है, जहाँ चरवाहे, मछुआरे और शिकारी अपनी साधारण और स्वतंत्र ज़िंदगी जी रहे हैं। यह शांति हब्सबर्ग सम्राट के अत्याचारी राज्यपालों, विशेष रूप से ऊरी के गेसलर और श्वेज़ के बर्गमास्टर लैंडन के बढ़ते जुल्म से खतरे में है।
नाटक की शुरुआत में, स्टॉफ़ाचर नामक एक अमीर किसान अपने पड़ोसियों के साथ अपनी निराशा व्यक्त करता है। गेसलर के महल में उसके घोड़े के अस्तबल के लिए जबरन उसकी जमीन ले ली गई है, और इससे स्विस लोगों के बीच सामान्य आक्रोश की भावना बढ़ गई है। इसी दौरान, अर्नोल्ड वॉन मेल्खतल अपनी दुखद कहानी साझा करता है: एक ऑस्ट्रियाई सिपाही ने उसकी बैलों की जोड़ी चुरा ली थी, और जब उसके पिता ने इसका विरोध किया, तो गेसलर ने उसकी आँखों को फोड़वा दिया। यह घटना स्विस लोगों के बीच विद्रोह की आग को और भड़का देती है।
एक मुख्य घटना में, रुओडी नामक एक मछुआरा, गेसलर के एक भागे हुए अत्याचारी नौकर, बामगार्टन को अपनी नाव में बचाता है। पीछा करने वाले सैनिक आते हैं और रुओडी से पूछते हैं कि उसने बामगार्टन को कहाँ छुपाया है। विल्हेम टेल, जो अपनी चुप्पी और स्वायत्तता के लिए जाने जाते हैं, रुओडी को सच्चाई बोलने के लिए प्रोत्साहित करते हैं, लेकिन सैनिकों को नहीं बताते कि बामगार्टन कहाँ है। टेल एक कुशल नाव चलाने वाला है और बामगार्टन को झील के पार सुरक्षित पहुँचाता है, जिससे सैनिकों को निराशा होती है। यह टेल के चरित्र, जो कार्रवाई में विश्वास करता है, शब्दों में नहीं, का एक प्रारंभिक प्रदर्शन है।
श्वेज़ में, स्टॉफ़ाचर अपनी पत्नी गेर्ट्रुड से बात करता है, जो उसे बताती है कि स्विस लोगों को अपनी स्वतंत्रता के लिए लड़ना चाहिए और उसे अपने अन्य साथी नेताओं, वाल्टर फ़र्स्ट (टेल के ससुर) और अर्नोल्ड वॉन मेल्खतल के साथ एकजुट होना चाहिए।
ऊरी में, गेसलर ने एक पोल पर अपनी टोपी लगा दी है और सभी राहगीरों को उसके सामने झुकने का आदेश दिया है, जो उनकी आज़ादी का अपमान है।
| पात्र | विशेषताएँ | प्रेरणाएँ |
|---|---|---|
| विल्हेम टेल | एक कुशल तीरंदाज और नाव चलाने वाला; शांत, आत्मनिर्भर, न्यायपसंद; शब्दों के बजाय कर्मों में विश्वास रखता है। | अपने लोगों की स्वतंत्रता की रक्षा करना; अन्याय के खिलाफ खड़ा होना। |
| वर्नर स्टॉफ़ाचर | एक धनी किसान और स्विस स्वतंत्रता संग्राम के नेता। | ऑस्ट्रियाई अत्याचार से मुक्ति; अपनी संपत्ति और लोगों के अधिकारों की रक्षा करना। |
| अर्नोल्ड वॉन मेल्खतल | एक युवा किसान, जिसका पिता गेसलर द्वारा अंधा कर दिया गया था। | अपने पिता का बदला लेना; अपने लोगों के लिए न्याय और स्वतंत्रता। |
| वाल्टर फ़र्स्ट | ऊरी का एक प्रतिष्ठित व्यक्ति, टेल का ससुर; स्विस स्वतंत्रता संग्राम के नेताओं में से एक। | अपने देशवासियों की स्वतंत्रता और सम्मान बनाए रखना। |
| गेसलर | ऑस्ट्रियाई रीजेंट (राज्यपाल) ऊरी का; क्रूर, दमनकारी, अहंकारी। | स्विस लोगों पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करना; उन्हें अपनी अधीनता में लाना। |
| गेर्ट्रुड | स्टॉफ़ाचर की देशभक्त पत्नी; मजबूत इच्छाशक्ति वाली। | अपने पति को स्विस स्वतंत्रता के लिए लड़ने के लिए प्रोत्साहित करना। |
| बामगार्टन | एक किसान, जिसने गेसलर के एक अत्याचारी नौकर को मार डाला था; टेल द्वारा बचाया गया। | न्याय और आत्मरक्षा। |
अनुभाग 2
यह अनुभाग रुएत्ली में होता है, जो लेक लुसेर्न के ऊपर एक गुप्त पहाड़ी है। रात के समय, वाल्टर फ़र्स्ट, वर्नर स्टॉफ़ाचर और अर्नोल्ड वॉन मेल्खतल, तीनों कैंटन (ऊरी, श्वेज़ और Unterwalden) का प्रतिनिधित्व करते हुए मिलते हैं। वे एक गुप्त शपथ लेते हैं जिसे 'रुएत्ली शपथ' के नाम से जाना जाता है। वे हब्सबर्ग के अत्याचार को समाप्त करने और एक नया स्विस संघ बनाने की कसम खाते हैं जहाँ सभी लोग स्वतंत्र और समान हों। वे नए साल के दिन विद्रोह शुरू करने की योजना बनाते हैं, जब ऑस्ट्रियाई सैनिक पारंपरिक रूप से कम सतर्क होते हैं।
इस बीच, एक उप-कथानक में, युवा रईस उलरिच वॉन रुडेन्ज़, एक ऑस्ट्रियाई sympathizer है, जो अपनी प्रेमिका, बर्था वॉन ब्रुनेक, एक अमीर हब्सबर्ग उत्तराधिकारी से शादी करने के लिए शाही पक्ष में रहना चाहता है। बर्था, हालांकि, स्विस लोगों के प्रति सहानुभूति रखती है और रुडेन्ज़ को स्विस स्वतंत्रता के लिए खड़े होने के लिए प्रोत्साहित करती है, यह तर्क देती है कि असली महानता अपने लोगों के अधिकारों की रक्षा करने में है, न कि विदेशी शक्ति के साथ गठबंधन करने में। वह रुडेन्ज़ को चेतावनी देती है कि यदि वह ऑस्ट्रियाई शासन के साथ खड़ा रहेगा तो वह कभी भी उसके प्रति सम्मान महसूस नहीं करेगी। बर्था की प्रेरणाएं स्विस की स्वतंत्रता के लिए गुप्त रूप से सहानुभूति रखने वाली हैं और वह रुडेन्ज़ को सही मार्ग पर लाने की कोशिश करती है।
| पात्र | विशेषताएँ | प्रेरणाएँ |
|---|---|---|
| उलरिच वॉन रुडेन्ज़ | एक युवा स्विस रईस; शुरू में ऑस्ट्रियाई शासकों के प्रति वफादार। | बर्था वॉन ब्रुनेक से शादी करना; ऑस्ट्रियाई दरबार में अपनी स्थिति को बढ़ाना। |
| बर्था वॉन ब्रुनेक | एक अमीर हब्सबर्ग उत्तराधिकारी; स्विस लोगों के प्रति सहानुभूति रखती है। | रुडेन्ज़ को स्विस स्वतंत्रता के लिए खड़े होने के लिए प्रोत्साहित करना; अपने देश के लिए न्याय और मुक्ति। |
अनुभाग 3
यह अनुभाग विल्हेम टेल और उसके परिवार के दैनिक जीवन के साथ शुरू होता है, जो अपनी पत्नियों हेडविग और बेटों, वाल्टर और जेमी के साथ अपनी झोपड़ी में रहते हैं। हेडविग अपने पति की खतरनाक गतिविधियों और ऑस्ट्रियाई अधिकारियों के साथ टकराव से चिंतित है, लेकिन टेल उसे आश्वासन देता है कि वह सावधानी बरतेगा।
टेल अपने बेटे वाल्टर के साथ अल्तडोर्फ़ की यात्रा करता है। वहाँ वे गेसलर द्वारा स्थापित अत्याचार के प्रतीक, खंभे पर लगी टोपी को देखते हैं। टेल, अपनी स्वतंत्र आत्मा के कारण, टोपी को सलाम करने से इनकार कर देता है। उसे गेसलर के सैनिकों द्वारा तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाता है। गेसलर आता है और जब वह टेल की तीरंदाजी कौशल के बारे में सुनता है, तो वह एक क्रूर खेल का आदेश देता है: टेल को अपने बेटे, वाल्टर, के सिर पर रखे एक सेब को तीर से मारना होगा। यदि वह विफल रहता है, तो दोनों को मार दिया जाएगा।
टेल को यह करने के लिए मजबूर किया जाता है, और वह प्रार्थना करता है और अपने कौशल पर ध्यान केंद्रित करता है। वह पहला तीर चलाता है और सफलतापूर्वक सेब को मार गिराता है, बिना अपने बेटे को नुकसान पहुँचाए। भीड़ खुशी से चिल्लाती है। हालांकि, जब गेसलर पूछता है कि टेल ने अपनी बेल्ट में दूसरा तीर क्यों रखा था, तो टेल कबूल करता है कि यदि पहला तीर अपने बेटे को मारता, तो दूसरा तीर गेसलर के लिए था।
गेसलर क्रोधित हो जाता है और टेल को गिरफ्तार करने का आदेश देता है, उसे कुसनच में कैद करने के लिए अपनी नाव पर ले जाता है। रास्ते में, लेक लुसेर्न पर एक भयंकर तूफान आता है। टेल अपनी असाधारण नौकायन क्षमताओं के लिए जाना जाता है, इसलिए गेसलर उसे नाव चलाने के लिए आज़ाद करने का आदेश देता है ताकि वे तट तक पहुँच सकें। टेल नाव को एक चट्टान के पास ले जाता है जिसे 'टेल्सप्लेट' (Tell's Leap) के नाम से जाना जाता है, अपनी धनुष और बाण लेता है, नाव से कूद जाता है और चट्टान पर चढ़ जाता है, जिससे गेसलर और उसके सैनिक असहाय और तूफान में फंस जाते हैं। टेल भागने में सफल हो जाता है और गेसलर को मार डालने की योजना बनाता है।
| पात्र | विशेषताएँ | प्रेरणाएँ |
|---|---|---|
| हेडविग टेल | विल्हेम टेल की पत्नी; चिंतित, सुरक्षात्मक, देशभक्त। | अपने परिवार की सुरक्षा; अपने पति को खतरों से बचाने की इच्छा। |
| वाल्टर टेल | विल्हेम टेल का बड़ा बेटा; बहादुर, अपने पिता पर भरोसा करने वाला। | अपने पिता पर विश्वास; उनके आदेशों का पालन करना। |
| जेमी टेल | विल्हेम टेल का छोटा बेटा। | मासूम और उपस्थित; कहानी में एक मार्मिक तत्व जोड़ता है। |
अनुभाग 4
टेल ने अपने भागने के बाद गेसलर का शिकार करने का फैसला किया है। वह गेसलर को मारने के लिए एक सुनसान पहाड़ी रास्ते, गेल्लरवे (Hohle Gasse) पर घात लगाकर बैठा है, जहाँ गेसलर अक्सर यात्रा करता है। टेल मानता है कि गेसलर को मारने का उसका कार्य सिर्फ प्रतिशोध नहीं है, बल्कि अत्याचारी शासन के खिलाफ स्वतंत्रता के लिए एक आवश्यक कार्य है।
इस बीच, हेडविग टेल अपने पति की सुरक्षा के लिए बहुत चिंतित है, जो अपनी जान जोखिम में डालकर गया है। वह अपने बच्चों के साथ अकेली है और अपनी चिंता व्यक्त करती है। वह टेल के इस साहसी और खतरनाक कार्य के लिए उसके निर्णय पर सवाल उठाती है, जबकि उसके बेटे उसे विश्वास दिलाते हैं कि उनके पिता सफल होंगे।
बर्था वॉन ब्रुनेक, रुडेन्ज़ की प्रेमिका, ऑस्ट्रियाई सैनिकों द्वारा पकड़ ली गई है और अल्तडोर्फ़ के महल में कैद कर ली गई है। रुडेन्ज़, जिसे पहले ऑस्ट्रियाई साम्राज्य के प्रति वफादार दिखाया गया था, अब अपनी आँखें खोलता है और अपने देश के लोगों के प्रति अपने कर्तव्य को पहचानता है। वह हब्सबर्ग के अत्याचार के खिलाफ विद्रोह में शामिल होने का फैसला करता है, न केवल बर्था को बचाने के लिए बल्कि अपने लोगों की स्वतंत्रता के लिए भी। उसकी वफादारी अब स्विस कारण के प्रति स्थानांतरित हो जाती है। यह रुडेन्ज़ के चरित्र चाप में एक महत्वपूर्ण मोड़ है।
इस अनुभाग में मुख्य रूप से टेल के संकल्प और गेसलर के अंत की तैयारी, साथ ही रुडेन्ज़ के नैतिक जागरण पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
अनुभाग 5
टेल, जैसा कि उसने योजना बनाई थी, गेल्लरवे में गेसलर पर घात लगाकर हमला करता है। जब गेसलर अपने घोड़े पर आता है, टेल छिपकर एक घातक तीर चलाता है, जो गेसलर को मारता है। गेसलर घोड़े से गिर जाता है, और अपने अंतिम क्षणों में, वह टेल को पहचानता है और यह मानता है कि वह अन्याय का बदला लेने वाला है।
गेसलर की मौत पूरे स्विस कैंटन में विद्रोह का संकेत देती है। रुएत्ली शपथ के बाद से तैयारी कर रहे स्विस किसान उठ खड़े होते हैं। वे ऑस्ट्रियाई किले और महल पर हमला करते हैं, उन्हें जलाते हैं और गैरीसन को भगाते हैं। बर्था वॉन ब्रुनेक को अल्तडोर्फ़ के महल से बचाया जाता है, और रुडेन्ज़, जो अब पूरी तरह से स्विस कारण के लिए समर्पित है, उससे शादी करने की अपनी प्रतिज्ञा को नवीनीकृत करता है, लेकिन इस बार एक स्वतंत्र स्विस नागरिक के रूप में।
नाटक का समापन स्विस कैंटन की जीत के साथ होता है। वे अपने ऑस्ट्रियाई शासकों को सफलतापूर्वक भगा देते हैं और एक नया, स्वतंत्र और लोकतांत्रिक संघ स्थापित करते हैं। टेल को एक नायक के रूप में सम्मानित किया जाता है, और हालांकि उसने व्यक्तिगत प्रतिशोध का कार्य किया, उसके कार्य ने अपने लोगों की स्वतंत्रता के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में काम किया। दूर से सम्राट अल्बर्ट की हत्या की खबर भी आती है, जिससे हब्सबर्ग के अधिकार कमजोर पड़ जाते हैं और स्विस स्वतंत्रता को और बल मिलता है। नाटक स्वतंत्रता, न्याय और व्यक्तिगत साहस की स्थायी भावना की जीत के साथ समाप्त होता है।
साहित्यिक शैली
ऐतिहासिक नाटक, त्रासदी, राजनीतिक नाटक। यह जर्मन क्लासिकवाद आंदोलन का एक उदाहरण भी है।
लेखक के बारे में
जोहान क्रिस्टोफ़ फ्रेडरिक वॉन शिलर (1759-1805) एक जर्मन कवि, दार्शनिक, इतिहासकार और नाटककार थे। उन्हें 18वीं सदी के अंत और 19वीं सदी की शुरुआत में जर्मन साहित्य में सबसे महत्वपूर्ण हस्तियों में से एक माना जाता है और उन्हें जर्मन क्लासिकवाद के सबसे प्रसिद्ध लेखकों में से एक के रूप में जाना जाता है। उनकी प्रसिद्ध कृतियों में 'डॉन कार्लोस', 'मारिया स्टुअर्ट', 'द मेड ऑफ ऑरलियंस' और 'वालेंस्टीन' ट्रिलॉजी शामिल हैं। शिलर के नाटक अक्सर नैतिक और राजनीतिक स्वतंत्रता, न्याय और मानवीय गरिमा के विषयों का पता लगाते हैं।
नैतिक शिक्षा
- स्वतंत्रता के लिए संघर्ष: नाटक सिखाता है कि स्वतंत्रता एक अमूल्य अधिकार है जिसके लिए लड़ना और उसकी रक्षा करना आवश्यक है। अत्याचार के खिलाफ खड़े होना एक नैतिक कर्तव्य है।
- व्यक्तिगत साहस का महत्व: विल्हेम टेल का व्यक्तिगत साहस और गेसलर के अत्याचार का सामना करने की उसकी इच्छा एक व्यक्ति के कार्यों की शक्ति को दर्शाती है जो एक बड़े आंदोलन को प्रेरित कर सकती है।
- न्याय की जीत: अंततः, न्याय और स्वतंत्रता की शक्ति क्रूरता और दमन पर विजय प्राप्त करती है।
- जनता की एकता: स्विस कैंटन की एकता और एकजुटता ने उन्हें एक दमनकारी शासन को उखाड़ फेंकने में सक्षम बनाया।
जिज्ञासु तथ्य
- शिलर कभी स्विट्जरलैंड नहीं गए: इस नाटक को लिखने से पहले फ्रेडरिक शिलर ने कभी स्विट्जरलैंड का दौरा नहीं किया था। उन्होंने ऐतिहासिक ग्रंथों और यात्रा वृत्तांतों के माध्यम से देश और उसके लोककथाओं का गहन शोध किया।
- राष्ट्रीय प्रतीक: विल्हेम टेल स्विट्जरलैंड में एक राष्ट्रीय नायक और स्वतंत्रता का प्रतीक बन गए हैं, हालांकि उनकी ऐतिहासिकता बहस का विषय है।
- राजनीतिक प्रभाव: इस नाटक को ऑस्ट्रियाई सरकार द्वारा कुछ समय के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था क्योंकि इसमें क्रांतिकारी और स्वतंत्रता-समर्थक विषयों को चित्रित किया गया था, जिसे सत्ता में बैठे लोगों के लिए खतरनाक माना जाता था।
- ओपेरा में रूपांतरण: 'विल्हेम टेल' को इटालियन संगीतकार गियाओचिनो रोसिनी द्वारा इसी नाम के एक प्रसिद्ध ओपेरा में रूपांतरित किया गया था, जिसका ओवरचर विशेष रूप से लोकप्रिय है।
