ओल्ड मॉर्टेलिटी - सर वाल्टर स्कॉट
सारांश 'ओल्ड मॉर्टेलिटी' सर वाल्टर स्कॉट का एक ऐतिहासिक उपन्यास है जो 17वीं शताब्दी के अंत में स्कॉटलैंड में 'कवनेन्टर्स' और शाही सेना के ब...
सारांश
'ओल्ड मॉर्टेलिटी' सर वाल्टर स्कॉट का एक ऐतिहासिक उपन्यास है जो 17वीं शताब्दी के अंत में स्कॉटलैंड में 'कवनेन्टर्स' और शाही सेना के बीच हुए धार्मिक और राजनीतिक संघर्ष की पृष्ठभूमि पर आधारित है। कहानी युवा हेनरी मॉर्टन के इर्द-गिर्द घूमती है, जो शुरू में कवनेन्टर्स के कट्टरपंथी कारणों के प्रति सहानुभूति रखने के बावजूद, उनके अतिवादी तरीकों के खिलाफ संतुलन बनाए रखने की कोशिश करता है। मॉर्टन को जॉन बालफोर ऑफ़ बर्ली जैसे उत्साही कवनेन्टर्स के साथ लड़ाई में घसीट लिया जाता है, और उसे मेजर जनरल क्लेवरहाउस के नेतृत्व वाली शाही सेना का सामना करना पड़ता है।
मॉर्टन को एडिथ बेलेंडेन से प्यार हो जाता है, जो एक रॉयलिस्ट परिवार से है, जिससे उसका संघर्ष और बढ़ जाता है। वह बर्ली की कट्टरता और क्लेवरहाउस की क्रूरता के बीच फंसा हुआ पाता है, और वह दोनों पक्षों की असहिष्णुता को दूर करने का प्रयास करता है। बोथवेल ब्रिज की लड़ाई में कवनेन्टर्स की हार के बाद, मॉर्टन को निर्वासन में भेज दिया जाता है। वर्षों बाद, वह गौरवशाली क्रांति के बाद स्कॉटलैंड लौटता है, जहाँ राजनीतिक माहौल बदल गया है। उसे अपने नाम को साफ़ करने और अपने अतीत के भूतों का सामना करने के लिए संघर्ष करना पड़ता है, जबकि एडिथ के प्रति उसका प्रेम लॉर्ड इवेंडेल के साथ प्रतिस्पर्धा में है। उपन्यास धार्मिक असहिष्णुता, कर्तव्य, प्रेम और व्यक्तिगत विवेक के विषयों की पड़ताल करता है, जो युद्ध और अशांति के समय में मानवीय अनुभव की जटिलताओं को दर्शाता है।
किताब के अनुभाग
अनुभाग 1
कहानी पीटर पैटीसन के कथानक के माध्यम से शुरू होती है, जो 'ओल्ड मॉर्टेलिटी' नामक एक बूढ़े व्यक्ति से जुड़ी कहानियों का एक संग्रह है, जो स्कॉटिश कवनेन्टर्स की कब्रों को साफ और मरम्मत करता है। मुख्य कथा 1679 में खुलती है, जब हेनरी मॉर्टन, एक युवा जेंटलमैन, गोसेडब नामक एक सराय में एक उत्सव में शामिल होता है। वहाँ उसकी मुलाकात जॉन बालफोर ऑफ़ बर्ली से होती है, जो एक कट्टरपंथी कवनेन्टर है और जो हाल ही में शाही सेना से भागा हुआ है। मॉर्टन, हालांकि कवनेन्टर्स के प्रति सहानुभूति रखता है, उनके अतिवादी विचारों से सहमत नहीं है। जब शाही सैनिक बर्ली को पकड़ने आते हैं, तो मॉर्टन उसे छिपाने में मदद करता है। इसके कारण मॉर्टन को गिरफ्तार कर लिया जाता है और उसे शाही सेना के क्रूर मेजर जनरल क्लेवरहाउस के सामने पेश किया जाता है। मॉर्टन पर कवनेन्टर्स की सहायता करने का आरोप लगाया जाता है।
| पात्र | विशेषताएँ | प्रेरणाएँ |
|---|---|---|
| हेनरी मॉर्टन | युवा, सिद्धांतवादी, दयालु, दोनों पक्षों की कट्टरता के प्रति अरुचि रखने वाला। न्याय और निष्पक्षता की भावना रखता है। | अपने व्यक्तिगत विवेक का पालन करना, अन्याय का विरोध करना, एडिथ बेलेंडेन के लिए प्रेम, स्कॉटलैंड में शांति और व्यवस्था बहाल करने की इच्छा। |
| जॉन बालफोर ऑफ़ बर्ली | उग्र कवनेन्टर, कट्टरपंथी, धार्मिक रूप से प्रेरित, शाही सत्ता के प्रति घोर शत्रुता रखता है, कठोर और निर्दयी। | अपनी धार्मिक मान्यताओं के प्रति अटूट निष्ठा, शाही उत्पीड़न का बदला लेने की इच्छा, स्कॉटलैंड में प्रेस्बिटेरियनवाद को स्थापित करना। |
| मेजर जनरल क्लेवरहाउस | शाही सेना का कमांडर, क्रूर, कुशल सैन्य रणनीतिकार, राजशाही के प्रति वफादार, कवनेन्टर्स को कुचलने के लिए दृढ़ संकल्प। | शाही सत्ता और एंग्लिकन चर्च को बनाए रखना, विद्रोह को दबाना, अपनी प्रतिष्ठा और शक्ति को मजबूत करना। |
| एडिथ बेलेंडेन | युवा, सुंदर, संस्कारी, दयालु, शाही परिवार से संबंध रखती है, लेकिन मॉर्टन के प्रति गहरी भावनाएँ रखती है। | अपने परिवार के प्रति वफादारी, मॉर्टन के प्रति प्रेम, संघर्ष के बीच शांति और सुरक्षा की इच्छा। |
| लेडी मार्गरेट बेलेंडेन | एडिथ की दादी, कट्टर रॉयलिस्ट, गर्वित और अपनी सामाजिक स्थिति के प्रति जागरूक, परंपराओं का पालन करने वाली। | अपने परिवार के सम्मान और भाग्य को बनाए रखना, राजशाही के प्रति निष्ठा। |
| कडी हेडरिग | मॉर्टन का नौकर, सरल, वफादार, अपनी माँ के प्रभाव में कवनेन्टर्स के प्रति सहानुभूति रखता है। | अपने मालिक के प्रति वफादारी, अपनी माँ के धार्मिक उत्साह से प्रभावित। |
| मौस हेडरिग | कडी की माँ, कट्टरपंथी कवनेन्टर, धार्मिक रूप से तीव्र और दृढ़, शाही अधिकारियों के प्रति विरोधी। | अपनी गहरी धार्मिक मान्यताओं का पालन करना, प्रेस्बिटेरियनवाद को बढ़ावा देना। |
अनुभाग 2
मॉर्टन को क्लेवरहाउस द्वारा लगभग मौत के घाट उतार दिया जाता है, लेकिन लॉर्ड इवेंडेल, जो एडिथ बेलेंडेन के हाथ का प्रस्ताव रखने वाला एक शाही अधिकारी है, के हस्तक्षेप से उसकी जान बच जाती है। मॉर्टन को बर्ली और अन्य कवनेन्टर्स के साथ लाउडॉन हिल पर शाही सेना के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए मजबूर किया जाता है। इस लड़ाई को ड्रमक्लॉग की लड़ाई के रूप में जाना जाता है, जिसमें कवनेन्टर्स विजयी होते हैं। मॉर्टन, अपनी अंतरात्मा के आह्वान पर, युद्ध में वीरता दिखाता है, लेकिन बर्ली की क्रूरता से भी असहमत रहता है, खासकर शाही कैदियों के प्रति। मॉर्टन अपनी उदारता के माध्यम से लॉर्ड इवेंडेल की जान बचाता है, जो उसके प्रति आभारी रहता है। कवनेन्टर्स की जीत से विद्रोह फैल जाता है, और मॉर्टन खुद को उनकी सेना में एक महत्वपूर्ण, हालांकि अनिच्छुक, नेता के रूप में पाता है। वह बर्ली और अन्य कट्टरपंथियों द्वारा कैदियों को दी जाने वाली क्रूरता को कम करने का प्रयास करता है, जिससे वह कवनेन्टर्स के भीतर ही संघर्ष का सामना करता है। एडिथ, मॉर्टन की स्थिति से दुखी होती है, और उसे उम्मीद है कि वह शाही शिविर में लौट आएगा।
अनुभाग 3
कवनेन्टर्स बोथवेल ब्रिज की लड़ाई में शाही सेना का सामना करने के लिए तैयार होते हैं। मॉर्टन, जो अब विद्रोहियों के बीच एक प्रमुख व्यक्ति है, कैदियों के प्रति बेहतर व्यवहार और दोनों पक्षों के बीच एक सभ्य समझौता करने की कोशिश करता है। हालांकि, बर्ली और मैक्ब्रायर जैसे कट्टरपंथी प्रेस्बिटेरियन मौलवी किसी भी रियायत का विरोध करते हैं, जिससे कवनेन्टर्स के रैंकों में गंभीर दरार पैदा होती है। वे अपनी धार्मिक शुद्धता पर जोर देते हैं और किसी भी समझौते को भगवान के प्रति विश्वासघात मानते हैं। यह आंतरिक विभाजन बोथवेल ब्रिज की लड़ाई में उनकी हार में योगदान देता है, जहां शाही सेना, जिसका नेतृत्व स्वयं राजा करता है, उन्हें निर्णायक रूप से हरा देती है। इस हार के बाद, मॉर्टन को निर्वासन में भेज दिया जाता है। वह एक विदेशी भूमि में भटकता है, जबकि स्कॉटलैंड में कवनेन्टर्स का उत्पीड़न जारी रहता है, लेकिन मॉर्टन एक अपराधी के रूप में जाना जाता है।
अनुभाग 4
मॉर्टन वर्षों तक निर्वासन में रहता है, हॉलैंड में एक सैन्य अधिकारी के रूप में अपनी पहचान बनाता है। स्कॉटलैंड में राजनीतिक परिदृश्य धीरे-धीरे बदलता है, खासकर गौरवशाली क्रांति और विलियम ऑफ ऑरेंज के सिंहासन पर बैठने के बाद। मॉर्टन को देश लौटने का अवसर मिलता है, उम्मीद है कि वह अपना नाम साफ़ कर सकेगा। वापसी पर, उसे पता चलता है कि बहुत कुछ बदल गया है। एडिथ बेलेंडेन ने कभी शादी नहीं की है और वह लॉर्ड इवेंडेल से शादी करने वाली है, जिसने मॉर्टन के निर्वासन के दौरान उसके परिवार का समर्थन किया था। इवेंडेल की वित्तीय स्थिति कमजोर है, और एडिथ का परिवार उसे अपनी प्रतिष्ठा बहाल करने के लिए उससे शादी करने के लिए मजबूर कर रहा है। मॉर्टन की वापसी से एडिथ और इवेंडेल दोनों के जीवन में जटिलताएँ आती हैं। मॉर्टन देखता है कि इवेंडेल ने अपने जीवन को बचाने के लिए किए गए एहसान को कभी नहीं भुलाया है।
अनुभाग 5
मॉर्टन अपना नाम साफ़ करने और अपने अतीत के भूतों का सामना करने की कोशिश करता है। उसे पता चलता है कि बर्ली अभी भी छिपा हुआ है और एक गुफा में रह रहा है। मॉर्टन और बर्ली के बीच अंतिम टकराव होता है, जिसमें बर्ली एक कट्टरपंथी के रूप में अपनी पुरानी मान्यताओं पर कायम रहता है। इस लड़ाई में बर्ली मारा जाता है। मॉर्टन को अपने खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों से मुक्त कर दिया जाता है। लॉर्ड इवेंडेल, अपनी उदारता के कारण, मॉर्टन के रास्ते से हट जाता है। वह युद्ध में शहीद हो जाता है, इस तरह एडिथ के प्रति अपने प्रेम को बलिदान कर देता है। अंततः, मॉर्टन और एडिथ फिर से मिल जाते हैं और शादी कर लेते हैं, जिससे उनके लंबे समय से प्रतीक्षित प्रेम की विजय होती है। उपन्यास स्कॉटलैंड में शांति और व्यवस्था की बहाली के साथ समाप्त होता है, जो धार्मिक और राजनीतिक उथल-पुथल के एक लंबे और दर्दनाक दौर के बाद आता है।
साहित्यिक शैली
ऐतिहासिक उपन्यास, रोमांस।
लेखक के बारे में कुछ तथ्य
- नाम: सर वाल्टर स्कॉट (Sir Walter Scott)
- जन्म: 15 अगस्त, 1771, एडिनबर्ग, स्कॉटलैंड
- निधन: 21 सितंबर, 1832, एबॉट्सफोर्ड, स्कॉटलैंड
- पेशा: उपन्यासकार, कवि, नाटककार, इतिहासकार
- उपलब्धियाँ: उन्हें अक्सर ऐतिहासिक उपन्यास के जनक के रूप में जाना जाता है। उन्होंने स्कॉटिश इतिहास और लोककथाओं से प्रेरणा लेकर कई लोकप्रिय उपन्यास और कविताएँ लिखीं। उनके प्रसिद्ध कार्यों में 'आइवनहो' (Ivanhoe), 'रॉब रॉय' (Rob Roy) और 'वेवर्ली' (Waverley) शामिल हैं। उन्होंने स्कॉटिश राष्ट्रीय पहचान को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- शैली: उनकी रचनाएँ अक्सर विस्तृत ऐतिहासिक शोध, जीवंत चरित्र चित्रण और स्कॉटिश परिदृश्य के सुंदर वर्णन के लिए जानी जाती हैं।
किताब की नैतिक शिक्षा (Moraleja)
'ओल्ड मॉर्टेलिटी' की केंद्रीय नैतिक शिक्षा यह है कि धार्मिक और राजनीतिक कट्टरता विनाशकारी होती है। उपन्यास दिखाता है कि कैसे दोनों पक्षों - कट्टरपंथी कवनेन्टर्स और निरंकुश रॉयलिस्ट - की असहिष्णुता और हठधर्मिता ने केवल हिंसा, दुख और व्यक्तिगत त्रासदी को जन्म दिया। हेनरी मॉर्टन का चरित्र इस विचार को दर्शाता है कि मानवीयता, समझौता और व्यक्तिगत विवेक अक्सर हठधर्मी सिद्धांतों से अधिक मूल्यवान होते हैं। यह दिखाता है कि न्याय और शांति अक्सर बीच के रास्ते में पाए जाते हैं, न कि किसी चरम सीमा पर।
किताब की कुछ दिलचस्प बातें (Curiosities)
- शीर्षक का स्रोत: 'ओल्ड मॉर्टेलिटी' (Old Mortality) शीर्षक एक वास्तविक व्यक्ति रॉबर्ट पैटर्सन से प्रेरित है, जो 18वीं शताब्दी में स्कॉटलैंड में कवनेन्टर्स की कब्रों की मरम्मत और रखरखाव करता था। स्कॉट ने उस व्यक्ति को देखा और उसकी कहानी से इतना प्रभावित हुए कि उन्होंने उसे अपने उपन्यास के लिए एक प्रेरणा और एक प्रतीकात्मक नाम के रूप में इस्तेमाल किया।
- ऐतिहासिक सटीकता: सर वाल्टर स्कॉट ने अपने उपन्यासों के लिए गहन ऐतिहासिक शोध किया। 'ओल्ड मॉर्टेलिटी' स्कॉटलैंड के 17वीं शताब्दी के 'कवनेन्टर युद्धों' की एक विस्तृत और काफी हद तक सटीक तस्वीर प्रस्तुत करता है, जिसमें ड्रमक्लॉग और बोथवेल ब्रिज जैसी वास्तविक लड़ाइयाँ शामिल हैं।
- द्वि-ध्रुवीय दृष्टिकोण: स्कॉट को अक्सर ऐतिहासिक घटनाओं के दोनों पक्षों को निष्पक्ष रूप से प्रस्तुत करने की क्षमता के लिए सराहा जाता है। 'ओल्ड मॉर्टेलिटी' में, वह कवनेन्टर्स के कारणों और उनके उत्पीड़न की पीड़ा को स्वीकार करते हुए, उनकी कट्टरता की आलोचना करते हैं, जबकि रॉयलिस्टों की क्रूरता को भी उजागर करते हैं। यह उन्हें एक संतुलित ऐतिहासिक कथाकार बनाता है।
- स्कॉटिश परिदृश्य: उपन्यास स्कॉटिश परिदृश्य और उसके कठोर वातावरण का एक जीवंत चित्र प्रस्तुत करता है, जो कहानी के मूड और पात्रों के संघर्ष में गहराई जोड़ता है।
- वालटेरियन नायक: हेनरी मॉर्टन एक विशिष्ट 'वालटेरियन नायक' है, जो संघर्ष के बीच फंसा हुआ एक मध्यम व्यक्ति होता है, जो अक्सर दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता करने की कोशिश करता है और अंततः अपनी नैतिक अखंडता के माध्यम से समाधान पाता है।
