जेरूसलम द एमेनेशन ऑफ़ द जाइंट एल्बियन - विलियम ब्लेक
सारांश 'जेरूसलम द एमेनेशन ऑफ द जायंट एल्बियन' विलियम ब्लेक की एक विशाल और जटिल भविष्यसूचक महाकाव्य कविता है। यह बाइबिल के पात्र जेरूसलम के ...
सारांश
'जेरूसलम द एमेनेशन ऑफ द जायंट एल्बियन' विलियम ब्लेक की एक विशाल और जटिल भविष्यसूचक महाकाव्य कविता है। यह बाइबिल के पात्र जेरूसलम के साथ-साथ एक पौराणिक 'विशाल एल्बियन' के पतन और मोचन की कहानी बताती है, जो इंग्लैंड और संपूर्ण मानवता का प्रतीक है। कहानी इस बात पर केंद्रित है कि कैसे एल्बियन, अपने ईश्वरीय स्वरूप (जेरूसलम) को अस्वीकार करके और विभाजनकारी, भौतिकवादी दुनिया में फंसकर अपनी उच्च चेतना से गिर जाता है। कवि, लॉस, जो रचनात्मक कल्पना का प्रतिनिधित्व करता है, एल्बियन को उसकी आध्यात्मिक नींद से जगाने और उसे उसके एकीकृत दिव्य स्व में बहाल करने के लिए संघर्ष करता है। कविता सत्य, कल्पना, स्वतंत्रता, प्रेम और क्षमा की शक्ति पर बल देती है, और तर्कसंगतता, भौतिकवाद और सैन्य शक्ति की कठोर प्रणालियों की निंदा करती है जो मानवता को गुलाम बनाती हैं। यह परम मोचन और सभी प्राणियों के सामंजस्यपूर्ण एकीकरण की अंतिम दृष्टि के साथ समाप्त होती है।
किताब के अनुभाग
अनुभाग 1
पहला अनुभाग एल्बियन के पतन और उसके दुःख से शुरू होता है। एल्बियन, जो मनुष्य का दिव्य स्वरूप और इंग्लैंड का प्रतीक है, जेरूसलम (उसकी दिव्य कल्पना या स्वतंत्रता) को अस्वीकार कर देता है, और वालला (प्रकृति की भौतिकवादी शक्ति) और उरीज़ेन (तर्क और कानून) के विभाजनकारी सिद्धांतों को गले लगाता है। इस अस्वीकृति के कारण एल्बियन आध्यात्मिक नींद में चला जाता है, उसका शरीर खंडित हो जाता है और वह अपने स्वयं के राक्षसी रूपों से पीड़ित होता है। लॉस, जो रचनात्मक कल्पना और कला का प्रतिनिधित्व करता है, एल्बियन की ओर से दुख सहता है। वह गोल्गोनूज़ा शहर का निर्माण करता है, जो कला और कल्पना का शहर है, जो एल्बियन के मोचन की आशा का प्रतीक है। लॉस एल्बियन को जगाने की कोशिश करता है, लेकिन वह गहराई से सो रहा है, और उसके टुकड़े किए गए सदस्य पूरे इंग्लैंड में फैले हुए हैं, जो विभाजन और क्षय का कारण बनते हैं।
| नाम | विशेषताएँ | प्रेरणाएँ |
| एन्थर्मन | लॉस की पत्नी और उनकी प्रेरणा, लेकिन अक्सर उनकी प्रेरणा को प्रतिबंधित करने का काम करती हैं। | लॉस के साथ संतुलन बनाना, प्रजनन और निर्माण के बीच का तनाव। |
| आर्कन | एन्थर्मन के रूप में, आर्कन, एन्थर्मन के साथ एक महत्वपूर्ण संबंध रखता है। | एल्बियन की आत्मा को फिर से जीवंत करने के प्रयास में एन्थर्मन के साथ सहयोग करना। |
| आरपी | अपने जीवन में कुछ भी नहीं कर पा रहा है। | कुछ करने का प्रयास करना। |
| आर्क | एक शिशु भगवान, जिसमें भविष्य की संभावनाओं का एक बड़ा हिस्सा निहित है। | भविष्य में एक बेहतर दुनिया का निर्माण करने की इच्छा। |
| लूर्भन | पृथ्वी के एक शक्तिशाली और प्रभावशाली भगवान, जिसका कार्य पृथ्वी पर संतुलन बनाए रखना है। | अपने जीवन में कुछ भी हासिल नहीं करने के बावजूद, अपने पिता से प्यार पाना। |
| लर्वन | पृथ्वी के एक शक्तिशाली और प्रभावशाली भगवान, जिसका कार्य पृथ्वी पर संतुलन बनाए रखना है। | अपने जीवन में कुछ भी हासिल नहीं करने के बावजूद, अपने पिता से प्यार पाना। |
| लर्वन | मनुष्य का एक पहलू, शारीरिक इच्छा और वासना का प्रतीक। | पृथ्वी के माध्यम से अपनी सृजनात्मक शक्ति को प्रकट करना, लेकिन विकृत रूप में। |
| व्लाद | एल्बियन का एक विखंडित पहलू, जो प्राकृतिक शक्तियों का प्रतिनिधित्व करता है। | प्राकृतिक इच्छाओं और एल्बियन की आत्मा के बीच एक संतुलन प्राप्त करना। |
| र्है | पृथ्वी का एक शक्तिशाली और प्रभावशाली भगवान, जिसका कार्य पृथ्वी पर संतुलन बनाए बनाए रखना है। | अपने जीवन में कुछ भी हासिल नहीं करने के बावजूद, अपने पिता से प्यार पाना। |
| वालला | प्राकृतिक इच्छाओं और एल्बियन की आत्मा के बीच एक संतुलन प्राप्त करना। | अपने शरीर के अंगों को पुन: प्राप्त करने के लिए। |
| उरीज़ेन | तर्क, कानून, और नैतिकता के प्रतिनिधित्व को प्रदर्शित करता है, जो अक्सर कल्पना और भावनाओं के खिलाफ होते हैं। | जीवन को व्यवस्था और संरचना प्रदान करने का प्रयास करना, लेकिन कभी-कभी अति-नियंत्रण और दमनकारी हो जाना। |
| यूरिज़ेन | तर्क, कानून, और नैतिकता के प्रतिनिधित्व को प्रदर्शित करता है, जो अक्सर कल्पना और भावनाओं के खिलाफ होते हैं। | जीवन को व्यवस्था और संरचना प्रदान करने का प्रयास करना, लेकिन कभी-कभी अति-नियंत्रण और दमनकारी हो जाना। |
अनुभाग 2
एल्बियन की बेटियों का वर्चस्व है, जो विभाजन और भौतिक अस्तित्व की शक्तियों का प्रतिनिधित्व करती हैं। वे 'वालला का परदा' बुनती हैं, जो एक जटिल और भ्रामक भौतिक दुनिया को दर्शाता है जो एल्बियन को आध्यात्मिक सत्य से अंधा कर देता है। लॉस इस बीच गोल्गोनूज़ा का निर्माण जारी रखता है, जो कल्पना और कला का प्रतीक है, जिसे वह एल्बियन के बिखरे हुए अंगों को फिर से बनाने के लिए उपयोग करता है। वह उरीज़ेन और वल्ला के विनाशकारी प्रभावों के खिलाफ संघर्ष करता है, जो उसके अपने परिवार को भी प्रभावित करते हैं। उसकी पत्नी एनिथर्मन और उसके बेटे ऑर्क के बीच एक शक्ति संघर्ष होता है, जिससे विभाजन और दुख बढ़ता है। लॉस, इस सभी संघर्ष के बावजूद, अपनी कल्पनाशील दृष्टि को बनाए रखने की कोशिश करता है, क्योंकि यह एल्बियन के मोचन की एकमात्र आशा है।
| नाम | विशेषताएँ | प्रेरणाएँ |
|---|---|---|
| एल्बियन की बेटियां | महिला रूपों में विभाजनकारी और भौतिकवादी शक्तियां, जो एल्बियन को भ्रमित करती हैं और उसे फंसाती हैं। | मानवीय इच्छाओं को भ्रमित करना, प्राकृतिक दुनिया को नियंत्रित करना, एल्बियन को आध्यात्मिक सत्य से दूर रखना। |
| एनिथर्मन | लॉस की पत्नी, अनुग्रह और सुंदरता का प्रतीक। कभी-कभी वह ईर्ष्या या भौतिकवादी इच्छाओं से ग्रसित हो जाती है। | अपने बच्चों को पालना, लॉस के साथ संतुलन बनाना, प्रजनन और निर्माण के बीच का तनाव। |
| ऑर्क | लॉस का बेटा, क्रांतिकारी ऊर्जा, जुनून और विद्रोह का प्रतीक। वह अक्सर विद्रोही होता है। | सामाजिक दमन के खिलाफ विद्रोह करना, स्वतंत्रता और मुक्ति की तलाश करना। |
अनुभाग 3
यह अनुभाग एल्बियन के बेटों और उनकी तर्कसंगत, भौतिकवादी प्रणालियों पर केंद्रित है। एल्बियन के बेटे (जैसे ब्रोमियन, रूबेन) तर्क और कानून के कठोर, जीवन-दमनकारी प्रणालियों का निर्माण करते हैं, जो आध्यात्मिक स्वतंत्रता को बाधित करते हैं। इन प्रणालियों को "शैतानी मिलों" (Satanic Mills) के रूप में देखा जाता है। इस अनुभाग में वालला और लुवाह के एक प्रकार के प्रतीकात्मक "परीक्षण" का भी वर्णन है, जो मानवीय भावनाओं और प्राकृतिक इच्छाओं के दमन को दर्शाता है। ओललोन, एक स्त्री दिव्य शक्ति, मोचन के लिए आशा का प्रतीक है और एल्बियन के जागरण की संभावना को दर्शाती है। लॉस अपने फोर्ज में काम करना जारी रखता है, रूपों और आकृतियों को बनाता है, यह कल्पना की शक्ति को दर्शाता है जो भ्रम और विभाजन को दूर कर सकती है। इस अनुभाग में, ब्लेक चर्च और राज्य द्वारा लगाए गए कठोर नैतिक कोड की भी आलोचना करता है, जो मानवता को पीड़ित करता है।
| नाम | विशेषताएँ | प्रेरणाएँ |
|---|---|---|
| एल्बियन के बेटे | पुरुष रूपों में तर्कसंगत और भौतिकवादी शक्तियां, जो कानून और व्यवस्था की कठोर प्रणालियां बनाती हैं। | ज्ञान और शक्ति प्राप्त करना, दुनिया को अपनी समझ के अनुसार नियंत्रित करना, लेकिन ऐसा करते हुए कल्पना और भावना को दबाना। |
| ओललोन | एक स्त्री दिव्य शक्ति, जो माफी, प्रेम और मोचन का प्रतिनिधित्व करती है। | एल्बियन को जगाना, क्षमा और प्रेम के माध्यम से विभाजन को दूर करना, सभी प्राणियों के बीच एकता को बहाल करना। |
| लुवाह | मनुष्य की भावनात्मक और कामुक प्रकृति का प्रतीक, अक्सर वालला के साथ जुड़ा हुआ होता है। | इच्छा और वासना के माध्यम से दुनिया का अनुभव करना, लेकिन जब दबाया जाता है तो क्रोध और विनाशकारी हो जाना। |
| शैतान | स्वार्थ, भ्रम, और दमनकारी कानून का अंतिम प्रतीक, जो एल्बियन को अपनी आध्यात्मिक नींद में फंसाता है। | मानवता को गुलाम बनाना, विभाजन और संघर्ष को बढ़ावा देना, कल्पना और सच्चाई को दबाना। |
| यीशु/ईश्वर | ईश्वरीय कल्पना, क्षमा और प्रेम का सर्वोच्च रूप। वह अंतिम मोचन का मार्ग प्रदान करता है। | मानवता को उसके पतन से मुक्त करना, क्षमा और एकता के माध्यम से मोचन लाना, दिव्य मानव को बहाल करना। |
अनुभाग 4
यह अंतिम अनुभाग मोचन और जागरण की ओर ले जाता है। एल्बियन अपनी सबसे गहरी आध्यात्मिक नींद से उठता है, अपनी त्रुटियों को पहचानता है और जेरूसलम को याद करता है। वह अपने भीतर के विभाजन और अंधकार का सामना करता है, और यीशु मसीह (जो ब्लेक के लिए दिव्य कल्पना और क्षमा का प्रतीक है) को अपने उद्धारकर्ता के रूप में गले लगाता है। यह व्यक्तिगत और सार्वभौमिक मोचन का क्षण है। "स्पेक्ट्रस" (अहंकार और तर्कसंगत संदेह के अंधेरे रूप) और "छाया" (भौतिकवादी भ्रम) नष्ट हो जाते हैं। एल्बियन और जेरूसलम का पुनर्मिलन होता है, जो मानवता की एकता और उसके दिव्य स्वरूप की बहाली का प्रतीक है। सभी प्राणियों, पुरुषों और महिलाओं का एकीकरण होता है, और एक नई, कल्पनाशील, प्रेमपूर्ण दुनिया का जन्म होता है। यह अनुभाग ब्लेक के "एवरलास्टिंग गॉस्पेल" (शाश्वत सुसमाचार) को व्यक्त करता है, जो तर्क और कानून के बजाय क्षमा, प्रेम और कल्पना पर आधारित है।
शैली
महाकाव्य कविता (Epic Poem), भविष्यसूचक पुस्तक (Prophetic Book), दृष्टिवादी कविता (Visionary Poetry)
लेखक के बारे में
विलियम ब्लेक (1757-1827) एक अंग्रेजी कवि, चित्रकार और प्रिंटमेकर थे। उन्हें रोमान्टिक युग के एक मौलिक व्यक्ति के रूप में माना जाता है, हालांकि वे अपने समय के स्थापित साहित्यिक और कलात्मक मंडलों से काफी हद तक अपरिचित रहे। ब्लेक अपनी गहरी आध्यात्मिक और रहस्यवादी दृष्टि के लिए जाने जाते हैं, जो बाइबिल, पौराणिक कथाओं और उनकी अपनी विकसित पौराणिक कथाओं से बहुत अधिक आकर्षित करती है। उनकी सबसे प्रसिद्ध कृतियों में 'सॉन्ग्स ऑफ इनोसेंस एंड एक्सपीरियंस', 'द मैरिज ऑफ हेवन एंड हेल', और उनके महान भविष्यसूचक कार्य जैसे 'मिलटन' और 'जेरूसलम' शामिल हैं। ब्लेक ने अपनी कई पुस्तकों को खुद ही उत्कीर्ण और चित्रित किया, जिससे पाठ और छवि के बीच एक अनूठा एकीकरण हुआ। उनका काम अक्सर सामाजिक अन्याय, धार्मिक पाखंड और तर्कसंगतता के दमनकारी प्रभावों की आलोचना करता है, जबकि कल्पना, कला और मानवीय स्वतंत्रता की सर्वोच्च शक्ति का जश्न मनाता है।
नैतिक शिक्षा
'जेरूसलम' की केंद्रीय नैतिक शिक्षा यह है कि कल्पना ही ईश्वर है और यह कि सच्ची मानवता ईश्वर के भीतर कल्पनाशील एकता में निवास करती है। ब्लेक यह सिखाते हैं कि मानव जाति का पतन कल्पना से दूरी बनाने और तर्कसंगतता, भौतिकवाद, और दमनकारी कानून की कठोर प्रणालियों को गले लगाने के कारण होता है। मोचन और आध्यात्मिक स्वतंत्रता का मार्ग क्षमा, प्रेम और आत्म-बलिदान के माध्यम से है, जो विभाजन और संघर्ष पर काबू पाता है। कविता मानवीय एकता, शारीरिक और आध्यात्मिक दुनिया के एकीकरण और सृजनात्मक कला के माध्यम से व्यक्तिगत और सार्वभौमिक मोचन की शक्ति पर जोर देती है। यह हमें यह भी सिखाती है कि बाहरी नैतिक कोड के बजाय आंतरिक दिव्य भावना का पालन करना चाहिए।
दिलचस्प तथ्य
- स्व-उत्कीर्णन: ब्लेक ने 'जेरूसलम' को अपने ही हाथों से उत्कीर्ण किया, पाठ और जटिल छवियों को तांबे की प्लेटों पर लिखा। इस प्रक्रिया में उन्हें लगभग 16 साल लगे (लगभग 1804 से 1820 तक)। पुस्तक के कुछ ही पूर्ण रंगीन प्रतियां आज मौजूद हैं, जो प्रत्येक प्रति को एक अनूठी कलाकृति बनाती हैं।
- जटिलता और अस्पष्टता: 'जेरूसलम' ब्लेक की सबसे लंबी और सबसे जटिल कृति है, जो उनकी व्यक्तिगत पौराणिक कथाओं और प्रतीकों से भरी है। यह अपनी गहरी और कभी-कभी समझने में मुश्किल होने वाली प्रकृति के लिए कुख्यात है, जिससे इसे ब्लेक के सबसे दुर्गम कार्यों में से एक माना जाता है।
- वितरण का अभाव: ब्लेक के जीवनकाल में, 'जेरूसलम' का केवल एक दर्जन से भी कम प्रतियां प्रिंट हुई थीं। यह मुख्यधारा के साहित्यिक समाज के बाहर था और इसे व्यापक रूप से पढ़ा या समझा नहीं गया।
- एल्बियन का प्रतीक: 'जायंट एल्बियन' पूरे इंग्लैंड और संपूर्ण मानवता का प्रतीक है। उसका पतन और मोचन एक राष्ट्र और एक आत्मा दोनों के भाग्य को दर्शाता है।
- क्राइस्ट की ब्लेक की अवधारणा: ब्लेक के लिए, यीशु मसीह एक पारंपरिक धार्मिक व्यक्ति से अधिक, दिव्य कल्पना और क्षमा की सार्वभौमिक भावना का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनका "एवरलास्टिंग गॉस्पेल" धार्मिक हठधर्मिता के बजाय आंतरिक आध्यात्मिक अनुभव और क्षमा पर केंद्रित है।
