प्रोमेथियस अनबाउंड - पर्सी बिश शेली
सारांश पर्सी बिश शेली का "प्रोमेथियस अनबाउंड" चार अंकों का एक गीतात्मक नाटक है, जो यूनानी देवता प्रोमेथियस की कहानी को फिर से बयान करता है।...
सारांश
पर्सी बिश शेली का "प्रोमेथियस अनबाउंड" चार अंकों का एक गीतात्मक नाटक है, जो यूनानी देवता प्रोमेथियस की कहानी को फिर से बयान करता है। नाटक एस्किलस के "प्रोमेथियस बाउंड" की अगली कड़ी के रूप में लिखा गया है, लेकिन शेली ने एस्किलस के मूल कथानक को अस्वीकार कर दिया, जिसमें प्रोमेथियस अंततः ज़्यूस (बृहस्पति) के साथ सुलह कर लेता है। शेली के संस्करण में, प्रोमेथियस को जूपिटर के अत्याचार के खिलाफ विद्रोह और मानवता के प्रति उसके गहरे प्रेम के लिए दंडित किया जाता है। वह मानवता को आग का वरदान देने के कारण काकेशस पर्वत पर जंजीरों में बंधा है, जहां वह तीन हजार वर्षों से पीड़ा सह रहा है।
नाटक का कथानक प्रोमेथियस के दुख, उसकी प्रेमिका एशिया की उसके लिए तड़प और अंततः जूपिटर के पतन के इर्द-गिर्द घूमता है। प्रोमेथियस अपनी पीड़ा के बावजूद दृढ़ रहता है और अपनी मानवता के लिए प्यार को नहीं छोड़ता। उसकी अटूट भावना, दया और घृणा से मुक्ति, एक आदिम शक्ति, डेमोगोर्गोन को जगाती है, जो जूपिटर को उसके सिंहासन से हटा देता है। जूपिटर के पतन के बाद, प्रोमेथियस मुक्त हो जाता है और एशिया से फिर से मिल जाता है। नाटक का समापन एक नए स्वर्णिम युग के आगमन के साथ होता है, जिसमें मानवता स्वशासन, प्रेम, ज्ञान और स्वतंत्रता प्राप्त करती है, और प्रकृति तथा ब्रह्मांड में भी सामंजस्य स्थापित होता है। यह क्रूरता, अज्ञानता और निरंकुशता पर प्रेम, करुणा और मुक्त इच्छा की विजय का जश्न मनाता है।
किताब के अनुभाग
अनुभाग 1
कथानक:
पहला अंक काकेशस पर्वत पर शुरू होता है, जहाँ प्रोमेथियस को जंजीरों में जकड़ा गया है। उसे भयानक यातनाएँ दी जा रही हैं, लेकिन वह अभी भी जूपिटर को दिए अपने शाप को याद करता है। शाप क्रूर और प्रतिशोधी था, लेकिन अब प्रोमेथियस को उस पर पछतावा है क्योंकि उसे पता चलता है कि घृणा करना भी दमनकारी की तरह ही बुरा है। वह अपनी माँ पृथ्वी से शाप दोहराने का अनुरोध करता है, लेकिन वह ऐसा करने से मना कर देती है, क्योंकि ऐसा करने से जूपिटर की सत्ता को और बल मिलता। इसके बजाय, मरकरी और फ्यूरीज आती हैं, जो उसे यातना देती हैं और मानवता के दुख को दिखाकर उसकी भावना को तोड़ने की कोशिश करती हैं। हालांकि, प्रोमेथियस अपनी मानवीय करुणा को नहीं छोड़ता। ओशनस उससे जूपिटर के साथ सुलह करने का आग्रह करता है, लेकिन प्रोमेथियस मना कर देता है। अंत में, अप्सराएँ पेंथिया और इओन उसे सांत्वना देती हैं, और प्रोमेथियस अपने दृढ़ संकल्प और मानवता के प्रति अपने प्यार में अटल रहता है।
| पात्र | विशेषताएँ | प्रेरणाएँ |
|---|---|---|
| प्रोमेथियस | टाइटन देवता, नायक, मानवता का रक्षक, पीड़ा सहने वाला, दृढ़ निश्चयी, सहानुभूतिपूर्ण, दूरदर्शी। | मानवता को स्वतंत्रता और ज्ञान दिलाने की इच्छा, जूपिटर के अत्याचार का विरोध, घृणा पर प्रेम की जीत में विश्वास। |
| बृहस्पति (जूपिटर) | सर्वोच्च देवता, अत्याचारी शासक, क्रूर, प्रतिशोधी, अहंकारी। | अपनी पूर्ण शक्ति और प्रभुत्व को बनाए रखना, विद्रोहियों को कुचलना, प्रोमेथियस को उसकी अवज्ञा के लिए अधिकतम दंड देना। |
| पृथ्वी | प्रोमेथियस की माँ, एक प्राचीन देवी। | प्रोमेथियस को प्यार और समर्थन देना, जूपिटर के क्रूर शासन का विरोध करना, उसकी शक्ति को मजबूत करने वाली किसी भी चीज़ से बचना। |
| ओशनस | टाइटन देवता, प्रोमेथियस का मित्र, शांतिप्रिय। | प्रोमेथियस और जूपिटर के बीच सुलह का प्रयास करना, अधिक रक्तपात और पीड़ा से बचना। |
| फ्यूरीज | दंड और प्रतिशोध की देवियाँ, कुरूप और डरावनी। | प्रोमेथियस को यातना देना, उसे मानवता के दुख दिखाकर और उसके विद्रोह के परिणामों को दिखाकर तोड़ना, जूपिटर के आदेशों का पालन करना। |
| पेंथिया | अप्सरा, एशिया की बहन। | प्रोमेथियस को सांत्वना देना, उसके साथ रहना, उसकी पीड़ा में भागीदार होना, एशिया के साथ उसकी तलाश में सहायता करना। |
| इओन | अप्सरा, एशिया की बहन। | प्रोमेथियस को सांत्वना देना, उसकी पीड़ा में भागीदार होना, एशिया के साथ उसकी तलाश में सहायता करना। |
अनुभाग 2
कथानक:
दूसरा अंक प्रोमेथियस की प्रेमिका, अप्सरा एशिया के साथ शुरू होता है, जो अपने प्रिय के लिए तड़प रही है। पेंथिया और इओन उससे मिलती हैं और उसे अपने सपनों के बारे में बताती हैं, जो एक रहस्यमय गूंज और एक बच्चे की आवाज के बारे में थे। इन सपनों से प्रेरित होकर, एशिया, पेंथिया और इओन एक रहस्यमय यात्रा पर निकल पड़ती हैं, जो उन्हें पृथ्वी की गहराइयों में, आदिम शक्ति डेमोगोर्गोन के दायरे में ले जाती है। डेमोगोर्गोन एक अँधेरे और रहस्यमय गुफा में रहता है, जहाँ वह शाश्वतता, समय और नियति के सिद्धांतों का प्रतीक है। एशिया उससे जूपिटर के पतन और प्रोमेथियस की मुक्ति के बारे में सवाल करती है। डेमोगोर्गोन खुलासा करता है कि जूपिटर का शासन जल्द ही समाप्त होने वाला है, और यह कि प्रेम और बुद्धि की शक्ति ही दुनिया को अत्याचार से मुक्त करेगी। यह रहस्योद्घाटन एशिया को एक स्वर्गीय और परिवर्तनकारी अनुभव प्रदान करता है, जिससे वह नई शक्ति और सुंदरता से भर जाती है, और दुनिया की मुक्ति के लिए तैयार हो जाती है।
| पात्र | विशेषताएँ | प्रेरणाएँ |
|---|---|---|
| एशिया | अप्सरा, प्रोमेथियस की प्रेमिका, सुंदरता और प्रेम का प्रतीक, सहानुभूतिपूर्ण, शक्तिशाली। | प्रोमेथियस की मुक्ति की तलाश करना, उसके दुख को समाप्त करना, दुनिया में प्रेम और ज्ञान के शासन को स्थापित करना। |
| डेमोगोर्गोन | आदिम शक्ति, नियति का प्रतीक, रहस्यमय, बिना रूप का, शाश्वत। | ब्रह्मांडीय संतुलन बनाए रखना, जूपिटर के अत्याचार को समाप्त करना, ब्रह्मांड में एक नए युग का अनावरण करना। |
अनुभाग 3
कथानक:
तीसरा अंक जूपिटर के सिंहासन कक्ष में खुलता है, जहाँ वह अपनी शक्ति का जश्न मना रहा है और खुद को अजेय समझ रहा है। वह अपनी सत्ता के चरम पर है और भविष्यवाणी करता है कि एक नई पीढ़ी का जन्म होगा जो उसे और भी मजबूत बनाएगी। तभी "द आवर" (समय का व्यक्तित्व) डेमोगोर्गोन को उसके पास लाता है। जूपिटर डेमोगोर्गोन को तुच्छ समझता है, लेकिन डेमोगोर्गोन घोषणा करता है कि वह जूपिटर के शासन को समाप्त करने आया है। डेमोगोर्गोन, नियति के रूप में, जूपिटर को उसके सिंहासन से नीचे गिरा देता है। जूपिटर और उसकी इच्छित पत्नी थेटिस को अनंतकाल के लिए रसातल में धकेल दिया जाता है।
जूपिटर के पतन के बाद, हरक्यूलिस आता है और प्रोमेथियस को उसकी जंजीरों से मुक्त करता है। प्रोमेथियस अपनी प्रेमिका एशिया से फिर से मिलता है। वे नए युग का जश्न मनाते हैं, जहाँ मानवता अब अत्याचार से मुक्त है। दुनिया प्रेम, ज्ञान और स्वतंत्रता के सिद्धांतों पर आधारित एक स्वर्ग में बदल जाती है। मनुष्य अब अपने भाग्य के स्वामी हैं, और उनका समाज अन्याय से मुक्त है।
| पात्र | विशेषताएँ | प्रेरणाएँ |
|---|---|---|
| घंटा (द आवर) | समय का व्यक्तित्व, डेमोगोर्गोन का वाहक। | डेमोगोर्गोन को जूपिटर के पास लाना, ब्रह्मांडीय नियति के आदेशों को पूरा करना। |
| हरक्यूलिस | महान नायक, मजबूत और साहसी। | प्रोमेथियस को उसकी जंजीरों से मुक्त करना, अन्याय के खिलाफ लड़ाई में सहायता करना। |
अनुभाग 4
कथानक:
यह अंक मुख्य रूप से कोरस और विभिन्न आत्माओं के गीतों से बना है, जो जूपिटर के पतन के बाद आए नए स्वर्णिम युग का जश्न मनाते हैं। पृथ्वी और चंद्रमा जैसे ब्रह्मांडीय पिंड भी अपने सुखद परिवर्तन को गाते हैं। मानवीय मन की आत्माएँ भी गाती हैं, जो नए बौद्धिक और भावनात्मक स्वतंत्रता का वर्णन करती हैं। वे बताते हैं कि कैसे मनुष्य अब प्रेम, करुणा और बुद्धि के साथ एक-दूसरे के साथ सामंजस्य स्थापित करते हैं। अंधविश्वास, भय और घृणा गायब हो गए हैं, और लोग अब आंतरिक रूप से शासित हैं, बाहरी सत्ता की आवश्यकता के बिना।
नाटक का समापन "स्पिरिट ऑफ द आवर" के साथ होता है, जो मानवता और ब्रह्मांड की नई, प्रबुद्ध स्थिति का वर्णन करता है। यह जोर देता है कि सच्ची स्वतंत्रता तब आती है जब मनुष्य अपनी इच्छाओं को नियंत्रित करते हैं, दूसरों से प्यार करते हैं, और अपने भीतर की नैतिकता का पालन करते हैं। दुनिया अब एक आदर्श स्थिति में है, जहाँ ज्ञान और करुणा सर्वोच्च हैं, और कोई भी अत्याचार संभव नहीं है। यह प्रेम, ज्ञान और मानवीय संभावनाओं की अनंत शक्ति का अंतिम जश्न है।
| पात्र | विशेषताएँ | प्रेरणाएँ |
|---|---|---|
| चंद्रमा (सिंथिया) | ब्रह्मांडीय शक्ति, स्वर्गीय निकाय। | नए युग के आगमन का जश्न मनाना, ब्रह्मांड में सामंजस्य और परिवर्तन को प्रतिबिंबित करना। |
| पृथ्वी (टेलस) | ब्रह्मांडीय शक्ति, ग्रह। | नए युग के आगमन का जश्न मनाना, दुनिया से पीड़ा और अत्याचार के उन्मूलन को प्रतिबिंबित करना, प्रकृति की उर्वरता और शांति को दर्शाना। |
| आत्माएँ | नए मुक्त विश्व का प्रतिनिधित्व करती हैं (मानव मन की आत्माएँ, प्रकृति की आत्माएँ आदि)। | जूपिटर के पतन और प्रोमेथियस की मुक्ति के बाद दुनिया की नई स्थिति का वर्णन और जश्न मनाना, मानवता की बौद्धिक, भावनात्मक और नैतिक प्रगति को उजागर करना, प्रेम, स्वतंत्रता और ज्ञान के सार्वभौमिक सिद्धांतों को व्यक्त करना। |
साहित्यिक शैली
गीतात्मक नाटक, रोमांटिक नाटक। यह रोमांटिक आंदोलन की प्रमुख विशेषताओं, जैसे कल्पना, भावना, प्रकृति का उत्सव, और व्यक्तिगत तथा सामाजिक स्वतंत्रता पर जोर देता है।
लेखक के बारे में
पर्सी बिश शेली (1792-1822) अंग्रेजी रोमांटिक कवि थे, जिन्हें जॉन कीट्स और लॉर्ड बायरन के साथ सबसे महान अंग्रेजी रोमांटिक कवियों में से एक माना जाता है। वह एक क्रांतिकारी और आदर्शवादी थे, जिन्होंने अपनी कविताओं में सामाजिक न्याय, स्वतंत्रता और मानवीय संभावनाओं के विषयों का पता लगाया। उनकी अन्य प्रसिद्ध कृतियों में "ओड टू द वेस्ट विंड", "टू ए स्काईटार्क" और "ओजीमंडियास" शामिल हैं। वह इतालवी कविताओं से भी बहुत प्रभावित थे। 30 साल की उम्र में एक नाव दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई।
नैतिकता
"प्रोमेथियस अनबाउंड" की मुख्य नैतिकता यह है कि घृणा और अत्याचार को प्रेम, करुणा और अटूट मानवीय भावना से ही पराजित किया जा सकता है। यह नाटक मानवीय मुक्त इच्छा, ज्ञान और नैतिक शक्ति की विजय पर जोर देता है, यह दर्शाता है कि सच्चा शासन आंतरिक आत्म-नियंत्रण और दूसरों के प्रति प्रेम से आता है, न कि बाहरी शक्ति या दमन से। यह आशा का संदेश देता है कि मानवता अपनी उच्चतम क्षमता तक पहुँच सकती है और भय, अंधविश्वास और क्रूरता से मुक्त एक आदर्श समाज का निर्माण कर सकती है।
जिज्ञासाएँ
- यह नाटक एस्किलस के खोए हुए ग्रीक नाटक "प्रोमेथियस अनबाउंड" की एक प्रकार की अगली कड़ी है। शेली ने एस्किलस के कथित समापन को अस्वीकार कर दिया, जिसमें प्रोमेथियस जूपिटर के साथ सुलह कर लेता है, क्योंकि शेली का मानना था कि अत्याचारी के सामने झुकना नैतिक रूप से गलत है।
- यह नाटक मंचन के लिए नहीं बल्कि पढ़ने के लिए लिखा गया था, क्योंकि इसकी दार्शनिक गहराई और प्रतीकात्मकता इसे रंगमंच के लिए अनुपयुक्त बनाती है।
- शेली ने इस नाटक का अधिकांश भाग इटली में लिखा था, जो इसके भव्य और काल्पनिक दृश्यों को प्रभावित करता है।
- नाटक नारीवादी व्याख्याओं के लिए भी प्रसिद्ध है, जिसमें एशिया को प्रेम, सुंदरता और रचनात्मक शक्ति के प्रतीक के रूप में देखा जाता है, जो पुरुष शक्ति (जूपिटर) को हटाती है और प्रोमेथियस की मुक्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
- यह रोमांटिक काल के एक महत्वपूर्ण कार्य के रूप में खड़ा है, जो स्वतंत्रता, प्रकृति और मानवीय भावना की शक्ति के आदर्शों को दर्शाता है।
