Questa sera si recita a soggetto

सारांश

लुइगी पिरान्देल्लो का नाटक 'क्वेस्टा सेरा सी रेसिता ए सोगेट्टो' (आज रात हम विषय पर अभिनय करते हैं) एक मेटाथिएट्रिकल नाटक है जो कला, यथार्थ और पहचान के बीच की सीमाओं की पड़ताल करता है। कहानी एक निर्देशक, डॉक्टर हिंकफस, के इर्द-गिर्द घूमती है, जो दर्शकों को समझाने की कोशिश करता है कि वह एक पारंपरिक नाटक नहीं, बल्कि पिरान्देल्लो के एक उपन्यास पर आधारित एक सहज, तात्कालिक प्रदर्शन प्रस्तुत करने जा रहा है। वह अभिनेताओं को केवल मुख्य घटनाओं और पात्रों के स्केच देकर, उन्हें अपनी भावनाओं और तात्कालिकता के माध्यम से कहानी को जीवंत करने के लिए प्रेरित करता है।

नाटक के भीतर का नाटक सिसिली के एक परिवार, शियारा परिवार, की दुखद कहानी है, जिसमें माँ और उनकी चार बेटियाँ शामिल हैं। सबसे बड़ी बेटी, मोमिना, का जीवन विशेष रूप से जटिल है। वह एक गायक, सरेट्टो, से प्यार करती है, लेकिन परिवार के सम्मान और परंपराओं के कारण उसे ईर्ष्यालु और अधिकारवादी रीको वेरी से शादी करनी पड़ती है। रीको की तीव्र ईर्ष्या और शक मोमिना के जीवन को नरक बना देता है। जैसे-जैसे आंतरिक नाटक आगे बढ़ता है, अभिनेता अपने किरदारों में इतने डूब जाते हैं कि वे निर्देशक के नियंत्रण से बाहर हो जाते हैं। मोमिना का किरदार निभाने वाली अभिनेत्री अपनी भूमिका में इतनी गहराई से प्रवेश करती है कि वह मंच पर अपनी चरित्र की मृत्यु को वास्तविक रूप से जीती है, जिससे कला और वास्तविकता के बीच की रेखाएँ धुंधली हो जाती हैं। नाटक कलात्मक स्वतंत्रता और निर्देशक के नियंत्रण, साथ ही रचनात्मक प्रक्रिया में मानवीय भावनाओं की अप्रत्याशित शक्ति के बीच संघर्ष को उजागर करता है।

किताब के अनुभाग

अनुभाग 1

नाटक की शुरुआत एक थिएटर में होती है, जहाँ निर्देशक, डॉक्टर हिंकफस, मंच पर आते हैं और दर्शकों का अभिवादन करते हैं। वह घोषणा करते हैं कि आज रात वे एक पारंपरिक नाटक का मंचन नहीं कर रहे हैं, बल्कि लेखक लुइगी पिरान्देल्लो के एक उपन्यास से प्रेरित एक सहज, तात्कालिक प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका उद्देश्य एक ऐसी कला बनाना है जो जीवन की अराजकता और सहजता को दर्शाए, जहाँ अभिनेता स्क्रिप्ट की कठोर सीमाओं से बंधे न हों। वह बताते हैं कि उन्होंने अभिनेताओं को केवल पात्रों के नाम और मुख्य घटनाएँ दी हैं, और उन्हें अपनी अंतरात्मा और भावना के अनुसार अभिनय करने के लिए प्रोत्साहित किया है।

जब आंतरिक नाटक शुरू होता है, तो हम सिसिली के एक छोटे से शहर में शियारा परिवार से मिलते हैं। परिवार में एक विधवा माँ और उनकी चार बेटियाँ - मोमिना, टोटिना, डोरिना और नेना - हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है, और बेटियाँ अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। मोमिना, सबसे बड़ी बेटी, एक गंभीर और संवेदनशील महिला है जो अपने परिवार के प्रति कर्तव्यपरायण है। वह एक स्थानीय गायक, सरेट्टो, से गुप्त रूप से प्यार करती है, लेकिन उनके रिश्ते को सामाजिक स्वीकृति मिलना मुश्किल लगता है। डॉक्टर हिंकफस अभिनेताओं के प्रदर्शन को लगातार बाधित करते हैं, उन्हें निर्देश देते हैं, और कभी-कभी उन्हें रोककर दर्शकों को समझाते हैं कि वे क्या हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। वह चाहते हैं कि अभिनेता अपने किरदारों को "जीएँ," लेकिन उनके तरीके कभी-कभी अभिनय की सहजता में बाधा डालते हैं।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
डॉक्टर हिंकफस थिएटर निर्देशक; आधुनिक, प्रायोगिक; नियंत्रण-प्रेमी पारंपरिक थिएटर की सीमाओं को तोड़ना; जीवन की सहजता को मंच पर लाना; अपनी कलात्मक दृष्टि को लागू करना
मोमिना शियारा परिवार की सबसे बड़ी बेटी; गंभीर, संवेदनशील, कर्तव्यपरायण अपने परिवार का समर्थन करना; प्यार की तलाश (सरेट्टो से); सामाजिक दबावों का सामना करना
सिग्नोरा शियारा मोमिना की माँ; विधवा; अपनी बेटियों के भविष्य को लेकर चिंतित अपनी बेटियों की अच्छी शादी करना; परिवार के सम्मान को बनाए रखना
टोटिना मोमिना की बहन; युवा, चंचल प्रेम और विवाह की तलाश
डोरिना मोमिना की बहन; युवा, चंचल प्रेम और विवाह की तलाश
नेना मोमिना की बहन; युवा, चंचल प्रेम और विवाह की तलाश
सरेट्टो एक बैरिटोन गायक; मोमिना का प्रेमी मोमिना के लिए प्यार; सामाजिक स्थिति और भविष्य की अनिश्चितताएँ

अनुभाग 2

आंतरिक नाटक गहरा होता है। शियारा बहनों को शहर में कई युवा पुरुषों से प्यार हो जाता है, जिससे माँ और परिवार में हलचल मच जाती है। डोरिना को एक युवा लेफ्टिनेंट से प्यार हो जाता है, और उनके रिश्ते से परिवार की प्रतिष्ठा खतरे में पड़ जाती है। सिग्नोरा शियारा अपनी बेटियों की शादी को लेकर बेहद चिंतित हैं।

इस बीच, मोमिना की शादी एक ऐसे व्यक्ति, रीको वेरी, से तय हो जाती है, जिसे वह प्यार नहीं करती। रीको एक धनी लेकिन अत्यधिक ईर्ष्यालु और अधिकारवादी व्यक्ति है। यह शादी मोमिना के परिवार के सम्मान को बचाने और उन्हें आर्थिक स्थिरता प्रदान करने के लिए एक बलिदान है। मोमिना सरेट्टो के लिए अपने प्यार को त्याग देती है और रीको से शादी कर लेती है, यह विश्वास करते हुए कि यह उसका कर्तव्य है। हालांकि, शादी के बाद, रीको की ईर्ष्या भयानक रूप ले लेती है। वह मोमिना को घर से बाहर निकलने से रोकता है, उसे किसी से मिलने नहीं देता, और उस पर लगातार शक करता है। वह मोमिना के अतीत, विशेषकर सरेट्टो के साथ उसके रिश्ते, को लेकर जुनूनी है। मोमिना इस घुटन भरे रिश्ते में फँस जाती है, जहाँ उसकी आत्मा धीरे-धीरे मर रही है।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
रीको वेरी मोमिना का पति; धनी, अत्यधिक ईर्ष्यालु, अधिकारवादी, हिंसक प्रवृत्ति मोमिना पर पूर्ण नियंत्रण रखना; अपने पुरुषत्व और प्रतिष्ठा को स्थापित करना; अपनी असुरक्षाओं से लड़ना
लेफ्टिनेंट डोरिना का प्रेमी; युवा, सैन्य अधिकारी डोरिना के लिए प्यार; सामाजिक स्वीकृति प्राप्त करना
पाद्रे गैब्रिएल स्थानीय पुजारी; परिवार के सलाहकार नैतिक मार्गदर्शन प्रदान करना; परिवार में शांति और व्यवस्था बनाए रखना

अनुभाग 3

अंतिम अनुभाग में, आंतरिक नाटक अपने चरम पर पहुँच जाता है। रीको की ईर्ष्या अब पागलपन की हद तक पहुँच चुकी है। वह मोमिना को घर में बंद कर देता है और उसे बाहरी दुनिया से पूरी तरह काट देता है। मोमिना को पता चलता है कि उसकी बहन टोटिना ने रीको के बारे में कुछ अफवाहें सुनी हैं, जिससे रीको का गुस्सा और भड़क जाता है। रीको को संदेह है कि मोमिना उसे धोखा दे रही है या कम से कम उसे अपने भूतकाल को भूलने नहीं दे रही है।

एक रात, रीको मोमिना पर हमला करता है, उसे गला घोंटने की कोशिश करता है। मोमिना इस हिंसक उत्पीड़न से इतनी पीड़ित हो जाती है कि वह अपनी पूरी ऊर्जा को एक अंतिम गीत में डाल देती है – सरेट्टो के साथ अपने पुराने प्यार को याद करते हुए। यह गाना उसकी आत्मा का अंतिम विस्फोट है। मोमिना का किरदार निभाने वाली अभिनेत्री इस दृश्य में इतनी डूब जाती है कि वह सचमुच मंच पर संघर्ष करती है, उसकी साँसें फूल जाती हैं, और वह गिर जाती है। निर्देशक, डॉक्टर हिंकफस, और अन्य अभिनेता यह देखकर घबरा जाते हैं कि अभिनेत्री ने अपने किरदार की मृत्यु को इतनी वास्तविकता से जिया है कि वे यह भेद नहीं कर पाते कि यह अभिनय है या वास्तविक पीड़ा।

दर्शकों में भी भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है। अंत में, मोमिना (या उसे निभाने वाली अभिनेत्री) मंच पर मर जाती है, और अन्य अभिनेता उसके आस-पास रोते हैं, कला और वास्तविकता के बीच की रेखाएँ पूरी तरह से धुंधली हो जाती हैं। डॉक्टर हिंकफस मंच पर लौटकर नाटक को फिर से नियंत्रित करने की कोशिश करते हैं, लेकिन अब बहुत देर हो चुकी होती है। कलाकार अपने किरदारों की भावनाओं में इतना डूब चुके हैं कि वे अपने सामान्य व्यक्तित्व में वापस नहीं लौट पाते हैं। नाटक इस सवाल के साथ समाप्त होता है कि क्या कला को जीवन को नियंत्रित करना चाहिए, या क्या जीवन को कला को नियंत्रित करना चाहिए, और क्या अभिनय इतना वास्तविक हो सकता है कि वह स्वयं जीवन बन जाए।

साहित्यिक शैली: मेटाथिएटर, ड्रामा, ट्रॅजेडी, प्रायोगिक थिएटर।

लेखक के कुछ तथ्य:

  • लुइगी पिरान्देल्लो (Luigi Pirandello) (1867-1936) एक इतालवी नाटककार, उपन्यासकार और लघु कथाकार थे।
  • उन्हें 1934 में साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
  • पिरान्देल्लो को अक्सर 'पहचान,' 'वास्तविकता,' और 'भ्रम' के विषयों की अपनी गहन पड़ताल के लिए जाना जाता है। उनके कई नाटक, जैसे 'सिक्स कैरेक्टर्स इन सर्च ऑफ एन ऑथर' (Six Characters in Search of an Author), मेटाथिएटर के उदाहरण हैं, जहाँ नाटक स्वयं अपने अस्तित्व पर टिप्पणी करता है।
  • उन्होंने अपने लेखन में अस्तित्ववाद और आधुनिकतावाद के तत्वों को शामिल किया।

नैतिक शिक्षा (Moraleja):
यह नाटक कला और जीवन के बीच जटिल और अक्सर धुंधली सीमाओं पर प्रकाश डालता है। यह दर्शाता है कि कला इतनी शक्तिशाली हो सकती है कि वह अपने रचनाकारों और प्रस्तुतकर्ताओं को उपभोग कर सकती है, और यह कि मानव भावनाएँ और पहचान इतनी तरल होती हैं कि वे मंच पर भी नियंत्रण से बाहर हो सकती हैं। नैतिक शिक्षा यह है कि कला यथार्थ को प्रतिबिंबित करती है, लेकिन कभी-कभी यथार्थ कला में इतनी गहराई से प्रवेश कर जाता है कि दोनों अविभाज्य हो जाते हैं। यह मानवीय अस्तित्व की जटिलता और व्यक्ति की कई "भूमिकाओं" की पड़ताल भी करता है जिन्हें हम समाज में निभाते हैं।

जिज्ञासाएँ (Curiosities):

  • मेटाथिएटर का चरम उदाहरण: 'क्वेस्टा सेरा सी रेसिता ए सोगेट्टो' पिरान्देल्लो के मेटाथिएटर (एक नाटक जो अपने ही नाटकीय स्वरूप पर टिप्पणी करता है) के सबसे चरम उदाहरणों में से एक है। इसमें निर्देशक और अभिनेताओं के बीच का संघर्ष कलात्मक नियंत्रण बनाम रचनात्मक स्वतंत्रता की बहस को दर्शाता है।
  • 'सिक्स कैरेक्टर्स...' से तुलना: यह नाटक अक्सर पिरान्देल्लो के अधिक प्रसिद्ध नाटक 'सिक्स कैरेक्टर्स इन सर्च ऑफ एन ऑथर' (Six Characters in Search of an Author) से तुलना की जाती है। जबकि 'सिक्स कैरेक्टर्स' में पात्र एक कहानी के लिए अभिनेताओं की तलाश में होते हैं, 'क्वेस्टा सेरा' में अभिनेता एक कहानी को तात्कालिक रूप से जीवंत करने की कोशिश करते हैं।
  • कला की खतरनाक शक्ति: नाटक इस विचार की पड़ताल करता है कि कला इतनी शक्तिशाली हो सकती है कि वह अभिनेताओं को उनके व्यक्तिगत जीवन से भी ऊपर उठा सकती है, जिससे वे अपने किरदारों में पूरी तरह से विलीन हो जाते हैं, कभी-कभी दुखद परिणामों के साथ।
  • शीर्षक का महत्व: शीर्षक "आज रात हम विषय पर अभिनय करते हैं" स्वयं नाटक के प्रायोगिक और तात्कालिक स्वभाव को उजागर करता है, जहाँ कोई निश्चित स्क्रिप्ट नहीं है और प्रदर्शन की प्रक्रिया ही नाटक का हिस्सा है।