इंडिग्नेशन - फ़िलिप रोथ
सारांश
मार्कस मेसनर, एक मेधावी यहूदी छात्र है जो कोरियाई युद्ध के दौरान सैन्य सेवा से बचने और अपने कसाई पिता की अत्यधिक सुरक्षा से दूर रहने के लिए नेवार्क, न्यू जर्सी से ओहियो के एक छोटे, रूढ़िवादी वाइनसबर्ग कॉलेज चला जाता है। वह एक नए और बेहतर जीवन की उम्मीद करता है, लेकिन जल्द ही उसे कॉलेज के सख्त नियमों, सामाजिक अलगाव, यहूदी-विरोधी पूर्वाग्रह और एक युवा महिला, ओलिविया हटन के साथ अपने जटिल यौन संबंध से जूझना पड़ता है। मार्कस की सीधी और अक्सर हठी प्रकृति उसे कॉलेज के अधिकारियों, विशेष रूप से डीन कॉडवेल के साथ टकराव में ले जाती है। यह टकराव, उसकी कामुकता और सामाजिक अपेक्षाओं के साथ उसका संघर्ष, अंततः उसके पतन और कोरियाई युद्ध में उसकी दुखद और बेतुकी मृत्यु का कारण बनता है। कहानी उसकी मृत्यु के बाद के दृष्टिकोण से बताई गई है, जिसमें वह अपने जीवन के अंतिम वर्षों को याद करता है।
किताब के अनुभाग
अनुभाग 1: नया जीवन और नई उम्मीदें
मार्कस मेसनर 1951 में वाइनसबर्ग कॉलेज में आता है, जो अपने नेवार्क के घर और अपने सुरक्षात्मक, चिंतित कसाई पिता से दूर भागने का इच्छुक है, जो उसे कोरियाई युद्ध के खतरों से बचाने के लिए जुनूनी है। वह एक नए जीवन और बौद्धिक स्वतंत्रता की उम्मीद करता है। हालांकि, वह जल्द ही कॉलेज के कठोर नियमों और मुख्य रूप से ईसाई माहौल से अनजान महसूस करता है। उसके पहले दो रूममेट्स शोर-शराबे वाले और अव्यवस्थित होते हैं, जिससे उसे असुविधा होती है। अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने के लिए, वह एक सिंगल रूम का अनुरोध करता है, जो उसे कॉलेज के सामाजिक जीवन से और भी अलग कर देता है। यह अलगाव उसकी बाहरी स्थिति को और मजबूत करता है।
| किरदार | विशेषताएँ | प्रेरणाएँ |
|---|---|---|
| मार्कस मेसनर | नायक। बुद्धिमान, मेहनती, महत्वाकांक्षी, नैतिक रूप से सीधा, लेकिन जिद्दी और गुस्सैल। | अपने पिता के अत्यधिक नियंत्रण से बचना चाहता है और कोरियाई युद्ध से भी। अपनी पहचान और स्वतंत्रता के लिए लड़ता है। बौद्धिक रूप से सफल होना चाहता है। |
| मास्टर मेसनर | मार्कस के पिता। कसाई। मेहनती, चिंतित, सुरक्षात्मक, अपने बेटे को खतरे से बचाने के लिए जुनूनी। | अपने बेटे को शारीरिक और नैतिक खतरे से बचाना चाहते हैं, विशेष रूप से युद्ध से। उनकी चिंताएं मार्कस को दूर धकेलती हैं। |
| श्रीमती मेसनर | मार्कस की माँ। अपने बेटे और पति के बीच शांति बनाए रखने की कोशिश करती है। | अपने परिवार में सामंजस्य बनाए रखना चाहती हैं और अपने बेटे की सुरक्षा के बारे में भी चिंतित हैं। वह मार्कस को "सामान्य" बनने और परेशानी से बचने के लिए मनाती हैं। |
अनुभाग 2: ओलिविया हटन से मुलाकात
मार्कस ओलिविया हटन के साथ डेट पर जाता है, एक सुंदर, रहस्यमय और शांत लड़की। उनकी डेट मार्कस के लिए एक भयावह अनुभव बन जाती है जब ओलिविया कार में उसके लिए ओरल सेक्स करती है। मार्कस, जो यौन रूप से अनुभवहीन और दमित है, इस अप्रत्याशित कार्य से चौंक जाता है और असहज महसूस करता है। वह ओलिविया को अपने छात्रावास वापस ले जाता है, और उनके बीच का संबंध अचानक टूट जाता है। इस घटना के बाद, ओलिविया को आत्महत्या के प्रयास के बाद अस्पताल में भर्ती कराया जाता है, और उसके मानसिक अस्थिरता के बारे में अफवाहें कॉलेज में फैल जाती हैं। मार्कस इस घटना से गहरे रूप से प्रभावित होता है, अपराधबोध और भ्रम से जूझता रहता है।
| किरदार | विशेषताएँ | प्रेरणाएँ |
|---|---|---|
| ओलिविया हटन | मार्कस की प्रेमिका। सुंदर, रहस्यमय, मानसिक रूप से अस्थिर, कामुक। | वह सामाजिक अपेक्षाओं और व्यक्तिगत संघर्षों से जूझ रही है। उसकी हरकतें, यौन और भावनात्मक दोनों, उसके भीतर के दर्द और पहचान की तलाश को दर्शाती हैं। वह मार्कस में कुछ ऐसा देखती है जो उसे आकर्षित करता है, शायद उसकी ईमानदारी या उसकी विद्रोही भावना। |
अनुभाग 3: अधिकारियों के साथ टकराव और डीन के साथ बहस
ओलिविया के साथ घटना और कॉलेज के जीवन में मार्कस के अलगाव के कारण, कॉलेज के अधिकारी, विशेष रूप से डीन कॉडवेल, मार्कस के व्यवहार के बारे में चिंतित हो जाते हैं। मार्कस को एक गंभीर एपेंडिसाइटिस का दौरा पड़ता है, जिससे उसकी जान बाल-बाल बचती है। ठीक होने के बाद, वह अनिवार्य चैपल उपस्थिति में भाग लेने से इनकार कर देता है और कोषेर भोजन खाने पर जोर देता है, जिससे उसकी "भिन्नता" और अधिक उजागर होती है। उसकी माँ उसे देखने आती है और उसे अधिक सहमत होने के लिए मनाने की कोशिश करती है, यहाँ तक कि उसे ड्राफ्ट से बचने के लिए ओलिविया से शादी करने का सुझाव भी देती है (जो उसकी अपनी आशंकाओं से उपजी एक गलतफहमी है)।
मार्कस का डीन कॉडवेल के साथ एक भयंकर और दार्शनिक बहस होती है। बहस कॉलेज के नियमों, धार्मिक conformity, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और नैतिकता के बारे में होती है। मार्कस अपनी बुद्धिमत्ता और दृढ़ता का प्रदर्शन करता है, अपने सिद्धांतों और स्वतंत्रता का vehemently बचाव करता है, और अपनी "आक्रोश" को व्यक्त करता है। वह डीन के authority को चुनौती देता है, जिससे उनके बीच तनाव बढ़ जाता है।
| किरदार | विशेषताएँ | प्रेरणाएँ |
|---|---|---|
| डीन कॉडवेल | वाइनसबर्ग कॉलेज के डीन। रूढ़िवादी, अधिकारवादी, परंपरावादी, कॉलेज के नियमों के प्रति दृढ़। | मार्कस को कॉलेज के नियमों और मूल्यों के अनुरूप ढालना चाहते हैं, जिससे व्यवस्था और conformity बनी रहे। वह मार्कस की व्यक्तिगत स्वतंत्रता की मांगों को अनुशासनहीनता और कॉलेज के आदर्शों के लिए खतरा मानते हैं। |
अनुभाग 4: परिणाम और सैन्य सेवा
डीन कॉडवेल के साथ बहस मार्कस को विजयी महसूस कराती है, लेकिन यह उसे और भी अलग कर देती है। कॉलेज उस पर अकादमिक परिवीक्षा (या इसी तरह की अनुशासनात्मक कार्रवाई) का दबाव डालता है। ओलिविया कॉलेज लौटती है और मार्कस के साथ मेल-मिलाप करने का प्रयास करती है, लेकिन मार्कस, अभी भी भ्रमित और सतर्क है, उचित प्रतिक्रिया देने के लिए संघर्ष करता है। अंततः, वह उसके प्रति अपने आकर्षण के आगे झुक जाता है, और वे शारीरिक संबंध बनाते हैं। इसके तुरंत बाद, ओलिविया एक नोट छोड़ जाती है जिसमें गहरी परेशानी का संकेत होता है।
इस घटना के कुछ ही समय बाद, मार्कस को संचयी अनुशासनात्मक मुद्दों (जो ओलिविया से जुड़े एक गलत समझे गए सामाजिक उल्लंघन, या कॉलेज के लोकाचार के लिए उसकी सामान्य अनुपयुक्तता का परिणाम हो सकता है) के कारण वाइनसबर्ग कॉलेज से निष्कासित कर दिया जाता है। उसे सैन्य सेवा के लिए तैयार किया जाता है और कोरियाई युद्ध में भेज दिया जाता है।
अनुभाग 5: कोरियाई युद्ध और अंत
मार्कस को कोरियाई युद्ध में लड़ने के लिए भेजा जाता है। उसकी कहानी कोरिया में उसकी मृत्यु के साथ समाप्त होती है। कथावाचक, जो अपनी मृत्यु के बाद की स्थिति से बात कर रहा है, बताता है कि वह एक बेतुकी और कुछ हद तक आकस्मिक तरीके से मारा गया था, शायद नाम के गलत उपयोग, संगीन हमले, या शायद शेल शॉक से संबंधित घटना के कारण। वह अपने embalming की प्रक्रिया और उससे जुड़ी संवेदनाओं का वर्णन करता है, जो उसके कथात्मक फ्रेम का आधार है। वह ओलिविया के बाद के जीवन पर भी विचार करता है, यह खुलासा करते हुए कि उसने दूसरे आदमी से शादी की और एक सफल जीवन जिया, उस दुखद रास्ते से मुक्त जिस पर वह उनके साथ समय के दौरान दिख रही थी। उसका प्रतिबिंब उसकी अपनी मृत्यु और ओलिविया के जीवित रहने की विडंबना को उजागर करता है, और शायद उस अन्याय को भी जिसे वह महसूस करता है।
शैली
फिक्शनल बायोग्राफी, आने वाली उम्र की कहानी (Coming-of-Age), शैक्षणिक उपन्यास (Campus Novel), मनोवैज्ञानिक उपन्यास (Psychological Novel)।
लेखक के बारे में
फिलिप रोथ (Philip Roth) (1933-2018) एक प्रसिद्ध अमेरिकी उपन्यासकार थे। उनका जन्म नेवार्क, न्यू जर्सी में हुआ था। उन्हें अमेरिकी साहित्य के सबसे महत्वपूर्ण और प्रभावशाली लेखकों में से एक माना जाता है, जो अक्सर पहचान, यौन संबंध, मृत्यु और अमेरिकी यहूदी अनुभव के विषयों पर लिखते थे। उन्हें 1997 में उनके उपन्यास "अमेरिकन पैस्टोरल" के लिए पुलित्जर पुरस्कार सहित कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिले। उनकी अन्य प्रसिद्ध कृतियों में "पोर्टनोयस कंप्लेंट", "द ह्यूमन स्टैन" और "एवरीमैन" शामिल हैं।
नैतिक शिक्षा
"इंडिग्नेशन" हमें सिखाता है कि कैसे एक युवा व्यक्ति की नैतिक दृढ़ता और स्वतंत्रता की प्रबल इच्छा, विशेष रूप से एक ऐसे समाज में जो अनुरूपता और परंपरा को महत्व देता है, उसे दुखद परिणामों की ओर ले जा सकती है। यह व्यक्तिगत पहचान, यौन दमन, और अधिकारियों के साथ संघर्ष के विषयों को भी उजागर करता है। मार्कस की कहानी हमें दिखाती है कि कभी-कभी, अपनी ईमानदारी और सिद्धांतों पर बहुत अधिक जोर देना, भले ही सही इरादों के साथ हो, विनाशकारी हो सकता है, खासकर जब परिस्थितियों को समझने और उनसे समझौता करने की कला की कमी हो। यह दिखाता है कि कैसे छोटी-छोटी गलतफहमियाँ और हठ जीवन के पाठ्यक्रम को मौलिक रूप से बदल सकते हैं।
जिज्ञासु तथ्य
- फिलिप रोथ ने कहा कि "इंडिग्नेशन" उनका "एक छोटे लड़के की मृत्यु" के बारे में लिखने का प्रयास था।
- यह उपन्यास रोथ के "नेमेसिस साइकिल" का हिस्सा है, जिसमें "एवरीमैन", "द ह्यूमन स्टैन", और "द प्लॉट अगेंस्ट अमेरिका" जैसे अन्य उपन्यास शामिल हैं, जो अक्सर मृत्यु, बुढ़ापे और अमेरिकी पहचान के विषयों पर केंद्रित होते हैं।
- कहानी प्रथम-पुरुष के दृष्टिकोण से बताई गई है, जिसमें कथावाचक (मार्कस) अपनी मृत्यु के बाद एक प्रकार के लिम्बो या यादों के स्थान से बात कर रहा है, जिसे वह "फॉर्मलाडेहाइड से प्रेरित प्रलाप" कहता है।
- उपन्यास का शीर्षक, "इंडिग्नेशन" (आक्रोश), मार्कस के चरित्र और उसकी परिस्थितियों के प्रति उसके भावनात्मक प्रतिक्रिया को पूरी तरह से दर्शाता है।
- 2016 में, इस उपन्यास पर आधारित एक फिल्म बनाई गई थी, जिसका निर्देशन जेम्स शॉमस ने किया था और इसमें लोगन लरमैन ने मार्कस मेसनर की भूमिका निभाई थी।
