पवित्र स्थान - विलियम फॉकनर
सारांश
विलियम फॉकनर का उपन्यास 'Sanctuary' (अभयारण्य) 1931 में प्रकाशित हुआ था, जो दक्षिणी गोथिक शैली का एक काला और परेशान करने वाला उदाहरण है। कथानक मिसिसिपी में घटित होता है, और इसमें कानून के छात्र होरेस बेनबो और एक निर्दयी गैंगस्टर पोपेई से जुड़ी युवती टेंपल ड्रेक की भयानक कहानी बताई गई है। टेंपल को पोपेई और उसके गिरोह द्वारा एक पुराने मूनशाइन डिस्टिलरी में बलात्कार और यातना का शिकार बनाया जाता है, जहाँ वह अनजाने में पहुँच जाती है। होरेस बेनबो, जो अपनी सौतेली बेटी के प्रति अजीबोगरीब भावनाओं से जूझ रहा है, टेंपल को न्याय दिलाने की कोशिश करता है, लेकिन उसे दक्षिण के गहरे नैतिक क्षय और हिंसा का सामना करना पड़ता है। उपन्यास अन्याय, भ्रष्टाचार, यौन हिंसा और सामाजिक पाखंड के विषयों की पड़ताल करता है, जहाँ मासूमियत नष्ट हो जाती है और न्याय विफल हो जाता है। यह मानवीय प्रकृति के अंधेरे पक्ष और युद्ध के बाद के दक्षिण के नैतिक पतन का एक क्रूर चित्रण है।
किताब के अनुभाग
अनुभाग 1
कहानी होरेस बेनबो से शुरू होती है, जो एक आदर्शवादी लेकिन कमजोर वकील है, जो शराब बनाने वाले डॉक गोडविन के अवैध डिस्टिलरी के पास एक कुएं से पानी पीने के दौरान रहस्यमय गैंगस्टर पोपेई से मिलता है। पोपेई अपनी ठंडी, बेजान आँखों और क्रूर स्वभाव के साथ एक भयावह व्यक्ति है। गोडविन की साथी रूबी लैमर अपने बेटे के साथ रहती है और उस माहौल में भी कुछ सम्मान बनाए रखने की कोशिश करती है। इसी दौरान, टेंपल ड्रेक, एक युवा और उत्तेजक कॉलेज छात्रा, अपने प्रेमी के साथ कार से जा रही होती है, जब उनकी कार खराब हो जाती है और वे गलती से इस डिस्टिलरी में पहुँच जाते हैं। टेंपल, अपनी सामाजिक स्थिति और आकर्षण के बावजूद, अपने आस-पास के खतरनाक माहौल को समझने में विफल रहती है। एक अंधेरी रात में, पोपेई गोडविन के पुराने साथी टॉमी को गोली मार देता है, जो टेंपल की रक्षा करने की कोशिश करता है। टेंपल इस घटना की अकेली गवाह बन जाती है और पोपेई के हाथों पूरी तरह से असहाय हो जाती है।
| किरदार का नाम | विशेषताएँ | प्रेरणाएँ |
|---|---|---|
| होरेस बेनबो | आदर्शवादी, कानून का छात्र, संवेदनशील, कमजोर, अपनी सौतेली बेटी के प्रति वर्जित भावनाएं। | न्याय और सच्चाई की तलाश, अपने नैतिक मूल्यों को बनाए रखने का प्रयास, टेंपल की मदद करने की इच्छा। |
| पोपेई | क्रूर, ठंडा, भावनाहीन, नपुंसक, निर्दयी गैंगस्टर। | हिंसा और शक्ति पर नियंत्रण, दूसरों को प्रताड़ित करने की विकृत इच्छा, अपनी नपुंसकता की निराशा। |
| टेंपल ड्रेक | युवा, आकर्षक, उत्तेजक, उच्च सामाजिक वर्ग से संबंधित, अनुभवहीन, अंततः traumatized। | अपने सामाजिक दायरे में स्वीकृत होना, रोमांच की तलाश, बाद में जीवित रहना और सुरक्षा पाना। |
| डॉक गोडविन | मूनशाइन बनाने वाला, अपराधी, पोपेई के गिरोह का हिस्सा, रूबी लैमर का साथी। | अपने अवैध व्यापार को जारी रखना, अपने अस्तित्व को बनाए रखना। |
| रूबी लैमर | गोडविन की साथी, अपने बेटे के लिए चिंतित, व्यावहारिक, कठिन। | अपने बेटे की रक्षा करना, अपनी गरिमा बनाए रखना, गोडविन की अवैध गतिविधियों से दूर रहना। |
| टॉमी | गोडविन का बूढ़ा, वफादार साथी, थोड़ा मंदबुद्धि। | अपने मालिकों के प्रति वफादारी, टेंपल की रक्षा करने की कोशिश। |
अनुभाग 2
टॉमी की हत्या के बाद, टेंपल ड्रेक को डिस्टिलरी में ही पोपेई और उसके गिरोह द्वारा बंधक बना लिया जाता है। वह एक मकई के डंठल से brutalized होती है। यह घटना उसे मानसिक रूप से पूरी तरह तोड़ देती है। टेंपल का भोलापन और उसका उत्तेजक व्यवहार उसे इस स्थिति के लिए और भी कमजोर बना देता है। गिरोह के सदस्य, जिसमें पोपेई का साथी भी शामिल है, उसकी दुर्दशा का फायदा उठाते हैं। रूबी लैमर, जो इस सब की गवाह है, टेंपल की मदद करने की कोशिश करती है, लेकिन पोपेई के क्रूर स्वभाव के कारण वह शक्तिहीन महसूस करती है। टेंपल को बाद में एक वेश्यालय में ले जाया जाता है, जहाँ उसे पोपेई द्वारा अपने कब्जे में रखा जाता है। वह अब पूरी तरह से नियंत्रण में है और उसके बचने की कोई उम्मीद नहीं दिखती।
अनुभाग 3
पोपेई टेंपल को मेम्फिस ले जाता है और उसे मिस रीबा की वेश्यालय में बंद कर देता है। यहाँ, टेंपल पोपेई के अधीन रहती है और उसके क्रूर व्यवहार का शिकार होती है। वेश्यालय का माहौल, उसकी अपनी दुर्दशा और पोपेई का लगातार दबाव टेंपल की आत्मा को और भी गहराई तक तोड़ देता है। वह अपनी पहचान खो देती है और एक जीवित भूत में बदल जाती है। पोपेई उसे अपने प्रति जुनून से जोड़ता है और उसे मानसिक और शारीरिक रूप से नियंत्रित करता है। टेंपल को एक युवक, व्हिटनी स्पूनर से भी संबंध बनाने के लिए मजबूर किया जाता है, जो पोपेई के इशारे पर काम करता है। यह सब टेंपल को पूरी तरह से dehumanize कर देता है।
अनुभाग 4
होरेस बेनबो, गोडविन की हत्या के आरोप में फँसे होने के बाद, उसका बचाव करने का फैसला करता है, हालांकि वह जानता है कि गोडविन ने टॉमी को नहीं मारा था। होरेस इस मामले में टेंपल की गवाही को महत्वपूर्ण मानता है और उसे खोजने की कोशिश करता है। वह टेंपल को मेम्फिस के वेश्यालय में पाता है और उससे न्याय के लिए सच बोलने की गुहार लगाता है। होरेस खुद अपनी सौतेली बेटी, बेला के प्रति अपनी दमित यौन इच्छाओं से जूझ रहा है, जो उसकी नैतिकता और उसके आदर्शवादी दुनिया को चुनौती देता है। वह अपनी बहन नार्सिसा से भी जुड़ा हुआ है, जो उसे इस मामले से दूर रहने की सलाह देती है, क्योंकि यह उसके परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा को खतरे में डाल सकता है। होरेस की यह लड़ाई केवल गोडविन के लिए न्याय की नहीं है, बल्कि अपनी आत्मा की शुद्धता और नैतिक अखंडता के लिए भी है।
अनुभाग 5
मामले की सुनवाई शुरू होती है। होरेस बेनबो पूरी कोशिश करता है कि गोडविन को बेकसूर साबित किया जाए। अदालत में, टेंपल ड्रेक को गवाही देने के लिए बुलाया जाता है। पूरी तरह से भयभीत और traumatized टेंपल, पोपेई के इशारे पर और अपनी सुरक्षा के डर से झूठी गवाही देती है। वह अदालत को बताती है कि गोडविन ने उस पर हमला किया था और टॉमी की हत्या की थी, जबकि उसने वास्तव में पोपेई को टॉमी को मारते हुए देखा था। उसकी झूठी गवाही से गोडविन को दोषी ठहराया जाता है और उसे मौत की सज़ा सुनाई जाती है। होरेस सच्चाई जानता है, लेकिन वह टेंपल के डरे हुए मन और पोपेई के प्रभाव के खिलाफ कुछ नहीं कर पाता। न्याय पूरी तरह से विफल हो जाता है, और एक निर्दोष व्यक्ति को उसके अपराध के लिए भुगतान करना पड़ता है जो उसने नहीं किया।
अनुभाग 6
गोडविन को लिंचिंग द्वारा मार दिया जाता है, जबकि वह मौत की सज़ा का इंतजार कर रहा होता है। पोपेई, जो टेंपल के जीवन को बर्बाद करने का मुख्य अपराधी था, एक अन्य राज्य में एक हत्या के लिए पकड़ा जाता है, जो उसने इस मामले से असंबंधित परिस्थितियों में की थी। उसे उस अपराध के लिए फाँसी दे दी जाती है, जिस पर वह भी विश्वास नहीं करता कि उसने किया है। टेंपल ड्रेक, इन सभी भयानक घटनाओं के बाद, पेरिस में अपने पिता के साथ एक सार्वजनिक पार्क में बैठी हुई दिखाई देती है। वह अब भावनात्मक रूप से पूरी तरह से खाली और मृत हो चुकी है, अपने आसपास की दुनिया से विमुख होकर, अपने अनुभव के बोझ तले दबी हुई है। उपन्यास का अंत दक्षिण के नैतिक क्षय और हिंसा की एक गहरी तस्वीर प्रस्तुत करता है, जहाँ न्याय विकृत हो जाता है और मानवीय आत्मा नष्ट हो जाती है।
साहित्यिक शैली
दक्षिणी गोथिक (Southern Gothic), अपराध उपन्यास (Crime Novel), आधुनिकतावादी उपन्यास (Modernist Novel)।
लेखक के बारे में कुछ जानकारी
विलियम फॉकनर (William Faulkner) (1897-1962) एक अमेरिकी लेखक थे जिन्हें साहित्य के लिए 1949 का नोबेल पुरस्कार मिला। वह 20वीं सदी के सबसे प्रभावशाली लेखकों में से एक हैं, विशेष रूप से उनकी जटिल कथा संरचना, बहु-आयामी दृष्टिकोण और 'स्ट्रीम ऑफ कॉन्शियसनेस' तकनीक के उपयोग के लिए। उनके अधिकांश उपन्यास और कहानियाँ काल्पनिक योक्नापाटावफा काउंटी, मिसिसिपी में स्थापित हैं, जो अमेरिकी दक्षिण के सामाजिक, आर्थिक और ऐतिहासिक मुद्दों को दर्शाती हैं। उनके अन्य प्रसिद्ध कार्यों में 'The Sound and the Fury', 'As I Lay Dying' और 'Light in August' शामिल हैं।
किताब की नैतिकता
'Sanctuary' एक गहरे नैतिक क्षय, भ्रष्टाचार और न्याय की विफलता की कहानी है। यह दर्शाता है कि कैसे समाज में शक्ति और क्रूरता अक्सर सच्चाई और नैतिकता पर हावी हो जाती है। उपन्यास मानवीय बुराई की क्षमता, सामाजिक पाखंड और निर्दोषता के नुकसान को उजागर करता है। इसकी नैतिकता यह है कि न्याय अक्सर शक्तिहीन होता है जब वह क्रूरता और सामाजिक अव्यवस्था का सामना करता है, और यह कि हिंसा और दुष्टता मानवीय आत्मा को कैसे नष्ट कर सकती है।
किताब के बारे में कुछ दिलचस्प बातें
- फॉकनर ने 'Sanctuary' को एक "shocker" (सदमा पहुँचाने वाली) के रूप में लिखा था, इस उम्मीद के साथ कि यह उसे आर्थिक रूप से सफल बनाएगा, क्योंकि पिछले उनके उपन्यास बहुत कम बिके थे।
- जब यह 1931 में प्रकाशित हुआ, तो इसे इसकी ग्राफिक हिंसा और यौन सामग्री के लिए बहुत विवादास्पद माना गया। फॉकनर को खुद बाद में अपने इस उपन्यास के बारे में मिली-जुली राय थी, उन्होंने इसे "गंदा किताब" कहा था, हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि यह उनके सर्वोत्तम कार्यों में से एक था।
- उपन्यास के कुछ तत्वों को 1933 की फिल्म 'The Story of Temple Drake' में और 1961 की फिल्म 'Sanctuary' में रूपांतरित किया गया था।
- पोपेई का चरित्र, अपनी क्रूरता और नपुंसकता के साथ, साहित्य में एक अविस्मरणीय और disturbing खलनायक बन गया है, जो आधुनिकतावादी अमेरिकी साहित्य में बुराई का प्रतीक है।
- यह उपन्यास फॉकनर के योक्नापाटावफा काउंटी के काल्पनिक ब्रह्मांड का हिस्सा है, हालाँकि इसके पात्र अन्य उपन्यासों से उतने सीधे तौर पर नहीं जुड़े हैं।
