The Plot Against America

सारांश

फिलिप रोथ की 'द प्लॉट अगेंस्ट अमेरिका' एक वैकल्पिक इतिहास उपन्यास है जो एक ऐसी दुनिया की कल्पना करता है जहाँ विमान चालक नायक चार्ल्स लिंडबर्ग ने 1940 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट को हराया था। लिंडबर्ग, एक करिश्माई अलगाववादी और कथित यहूदी-विरोधी, शांति के वादे पर चुने जाते हैं, और नाज़ी जर्मनी के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध स्थापित करते हैं। कहानी न्यू जर्सी के नेवार्क में रहने वाले एक यहूदी परिवार, रोथ परिवार के दृष्टिकोण से बताई गई है, जो लिंडबर्ग प्रशासन के तहत बढ़ते यहूदी-विरोध और उत्पीड़न का अनुभव करते हैं। लिंडबर्ग की नीतियां, जैसे कि यहूदी परिवारों को आत्मसात करने के लिए देश के भीतरी इलाकों में स्थानांतरित करने का कार्यक्रम, अमेरिकी समाज में भय और विभाजन पैदा करती हैं। उपन्यास यह दिखाता है कि कैसे एक लोकतंत्र फासीवादी प्रवृत्तियों के आगे झुक सकता है, व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर इसके प्रभाव और भय के माहौल में एक परिवार के संघर्ष। अंततः, लिंडबर्ग रहस्यमय तरीके से गायब हो जाता है, जिससे अराजकता फैल जाती है, और अंत में रूजवेल्ट की वापसी और व्यवस्था बहाल होने का सुझाव दिया जाता है, लेकिन उपन्यास के अंत में यह भी संकेत दिया जाता है कि यह पूरा अनुभव कथावाचक का एक दुःस्वप्न या कल्पना हो सकता है।

किताब के अनुभाग

अनुभाग 1: चुनाव और प्रारंभिक चिंताएँ

यह अनुभाग 1940 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के समय से शुरू होता है। रोथ परिवार - पिता हर्मन, माँ बेस, और बेटे सैंडी व फिलिप (जो कथावाचक भी है) - नेवार्क, न्यू जर्सी में रहते हैं। वे एक सामान्य यहूदी-अमेरिकी परिवार हैं जो रूजवेल्ट के पुनः चुनाव की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि, लोकप्रिय विमान चालक और अमेरिकी नायक चार्ल्स लिंडबर्ग एक अलगाववादी, "अमेरिका फर्स्ट" मंच पर चुनाव लड़ते हैं, और आश्चर्यजनक रूप से जीत जाते हैं। उनकी जीत यहूदी समुदाय में गहरी चिंता पैदा करती है, क्योंकि लिंडबर्ग के भाषणों में यहूदी-विरोधी संकेत छिपे होते हैं और वे नाज़ी जर्मनी के प्रति सहानुभूति रखते हैं।

किरदार विशेषताएँ प्रेरणाएँ
फिलिप रोथ युवा, संवेदनशील, कथावाचक अपने परिवार और दुनिया को समझना चाहता है।
सैंडी रोथ फिलिप का बड़ा भाई, कलात्मक, थोड़ा विद्रोही अपनी कला को आगे बढ़ाना चाहता है, बाद में "जस्ट फॉक्स" कार्यक्रम से प्रभावित होता है।
हर्मन रोथ पिता, बीमा विक्रेता, देशभक्त, मजबूत इरादों वाला अपने परिवार की रक्षा करना चाहता है, अमेरिकी मूल्यों में विश्वास रखता है, लिंडबर्ग का विरोध करता है।
बेस रोथ माँ, गृहिणी, व्यावहारिक, चिंतित अपने बच्चों और परिवार की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करना चाहती है।
चार्ल्स लिंडबर्ग अमेरिकी नायक, विमान चालक, राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार अमेरिका को युद्ध से बाहर रखना चाहता है, अलगाववादी और (छिपे हुए) यहूदी-विरोधी एजेंडे रखता है।

अनुभाग 2: लिंडबर्ग का उदय और यहूदी-विरोधी नीतियां

लिंडबर्ग के राष्ट्रपति बनने के बाद, उनका प्रशासन यहूदी-विरोधी नीतियों को लागू करना शुरू कर देता है। उपराष्ट्रपति बर्टन के. व्हीलर और रब्बी लियोनेल बेंगल्सडॉर्फ (एक रूढ़िवादी यहूदी, जो लिंडबर्ग का समर्थन करते हैं) इन नीतियों को आगे बढ़ाते हैं। दो प्रमुख कार्यक्रम "होमस्टेड एक्ट" (यहूदी परिवारों को ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानांतरित कर उन्हें आत्मसात करने के लिए) और "जस्ट फॉक्स" (यहूदी बच्चों को आत्मसात करने के लिए गैर-यहूदी परिवारों के साथ रहने के लिए भेजना) शुरू किए जाते हैं। ये नीतियां यहूदी समुदाय में और भी अधिक भय पैदा करती हैं। सैंडी, रब्बी बेंगल्सडॉर्फ से प्रभावित होकर, "जस्ट फॉक्स" कार्यक्रम में भाग लेता है, जिससे रोथ परिवार के भीतर तनाव पैदा होता है।

किरदार विशेषताएँ प्रेरणाएँ
रब्बी लियोनेल बेंगल्सडॉर्फ प्रमुख रब्बी, रूढ़िवादी, लिंडबर्ग का समर्थक यहूदी समुदाय को लिंडबर्ग के तहत "समायोजित" करने की कोशिश करता है, शक्ति और प्रभाव चाहता है।
एलिनोर वेंडेल बेंगल्सडॉर्फ की पत्नी, लिंडबर्ग प्रशासन से जुड़ी हुई प्रशासन की नीतियों को बढ़ावा देती है, अपनी सामाजिक स्थिति बनाए रखना चाहती है।

अनुभाग 3: बढ़ते तनाव और व्यक्तिगत संघर्ष

राजनीतिक माहौल लगातार खराब होता जाता है। यहूदियों के खिलाफ तोड़फोड़, घृणा अपराध और भेदभाव में वृद्धि होती है। हर्मन रोथ इन कार्यक्रमों में भाग लेने या स्थानांतरित होने से इनकार करते हैं, अपने परिवार की रक्षा के लिए दृढ़ रहते हैं। बेस परिवार के लिए सामान्य स्थिति बनाए रखने की कोशिश करती है लेकिन बढ़ती चिंता में घिरी रहती है। सैंडी का "जस्ट फॉक्स" में शामिल होना परिवार के भीतर, खासकर हर्मन के साथ, तनाव पैदा करता है। इस बीच, उनके चचेरे भाई एल्विन रोथ, जर्मनी के खिलाफ कनाडा के लिए लड़ते हुए एक पैर गंवा देते हैं। वह कट्टरपंथी हो जाता है और लिंडबर्ग के खिलाफ भूमिगत आंदोलनों में शामिल हो जाता है।

किरदार विशेषताएँ प्रेरणाएँ
अल्विन रोथ फिलिप और सैंडी का चचेरा भाई, मजबूत, साहसी फासीवाद का विरोध करता है, न्याय और गरिमा के लिए लड़ना चाहता है।

अनुभाग 4: लिंडबर्ग का रहस्यमय गायब होना

जैसे-जैसे तनाव बढ़ता है और नागरिक अशांति फैलती है, जिसे छिपी हुई नाज़ी सहानुभूतियों और अमेरिकी राष्ट्रवादी समूहों द्वारा बढ़ावा दिया जाता है, राष्ट्रपति लिंडबर्ग एक उड़ान के दौरान रहस्यमय तरीके से गायब हो जाते हैं। उनका कोई निशान नहीं मिलता है, जिससे देश में अराजकता फैल जाती है। उपराष्ट्रपति व्हीलर राष्ट्रपति पद संभाल लेते हैं। वह लिंडबर्ग से भी अधिक स्पष्ट रूप से यहूदी-विरोधी और सत्तावादी हैं, मार्शल लॉ घोषित करते हैं और यहूदियों के उत्पीड़न को बढ़ाते हैं। देश में यहूदी-विरोधी दंगे और हिंसा बढ़ जाती है।

किरदार विशेषताएँ प्रेरणाएँ
बर्टन के. व्हीलर उपराष्ट्रपति, बाद में राष्ट्रपति लिंडबर्ग की नीतियों को जारी रखना चाहता है, यहूदी-विरोधी भावनाओं को बढ़ावा देता है, सत्ता बनाए रखना चाहता है।

अनुभाग 5: अराजकता और व्यवस्था की वापसी

देश अराजकता में डूब जाता है। व्हीलर को अमेरिका में एक फासीवादी शासन स्थापित करने की जर्मन साजिश में शामिल पाया जाता है। उन पर महाभियोग चलाया जाता है और उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाता है। रूजवेल्ट, जो सेवानिवृत्ति में रह रहे थे, को व्यवस्था बहाल करने के लिए बुलाया जाता है और वे फिर से राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ते हैं। वे जीत जाते हैं, और धीरे-धीरे सामान्य स्थिति लौटती है, हालांकि घाव गहरे रहते हैं। उपन्यास के अंत में यह संकेत दिया जाता है कि यह पूरा वैकल्पिक इतिहास शायद कथावाचक (फिलिप/रोथ) का एक सपना या दुःस्वप्न था, जो लोकतंत्र की नाजुकता और फासीवाद के खतरों पर विचार कर रहा था। रोथ परिवार के अनुभव धीरे-धीरे उस वास्तविकता में वापस आ जाते हैं जहाँ रूजवेल्ट ने 1940 में जीत हासिल की थी।

साहित्यिक शैली: वैकल्पिक इतिहास, डिस्टोपियन फिक्शन, सट्टा कथा (Speculative Fiction), ऐतिहासिक कथा, आत्मकथात्मक कथा (के तत्व)।

लेखक के बारे में:
फिलिप रोथ का जन्म 19 मार्च, 1933 को नेवार्क, न्यू जर्सी, अमेरिका में हुआ था और उनका निधन 22 मई, 2018 को हुआ। वह 20वीं सदी के सबसे प्रभावशाली अमेरिकी लेखकों में से एक थे। उनकी कुछ उल्लेखनीय कृतियों में 'पोर्टनोयज़ कंप्लेंट', 'अमेरिकन पेस्टोरल' (जिसके लिए उन्हें पुलित्जर पुरस्कार मिला), 'द ह्यूमन स्टेन', 'आई मैरिड अ कम्युनिस्ट' और 'गुडबाय, कोलंबस' शामिल हैं। रोथ ने अपने उपन्यासों में यहूदी-अमेरिकी पहचान, पुरुषत्व, कामुकता, मृत्यु दर, अमेरिकी संस्कृति, आत्मसात और लोकतंत्र की नाजुकता जैसे विषयों को गहराई से खोजा। उन्हें पुलित्जर पुरस्कार, राष्ट्रीय पुस्तक पुरस्कार (दो बार), राष्ट्रीय पुस्तक आलोचक सर्कल पुरस्कार (दो बार), पेन/फॉल्कनर पुरस्कार (तीन बार) और मैन बुकर अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार सहित कई प्रतिष्ठित साहित्यिक पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था।

संदेश:

  • लोकतंत्र की नाजुकता और जिस आसानी से इसे करिश्मा और भय द्वारा कमजोर किया जा सकता है।
  • अलगाववाद, ज़ेनोफोबिया (विदेशियों के प्रति घृणा) और यहूदी-विरोध के खतरे।
  • सत्तावादी विचारधाराओं के खिलाफ सतर्कता का महत्व।
  • राजनीतिक घटनाओं का सामान्य परिवारों और व्यक्तिगत जीवन पर पड़ने वाला गहरा प्रभाव।
  • ऐतिहासिक वास्तविकता और संभावित वैकल्पिक परिणामों के बीच की पतली रेखा।

जिज्ञासाएँ:

  • रोथ ने अपनी खुद की परिवार और नेवार्क में बचपन के अनुभवों को उपन्यास की पृष्ठभूमि के रूप में इस्तेमाल किया। कथावाचक का नाम भी फिलिप रोथ है, जो वास्तविक लेखक के नाम पर आधारित है।
  • पुस्तक अपनी रिलीज के समय अत्यधिक विवादास्पद थी क्योंकि इसमें एक प्यारे अमेरिकी नायक (लिंडबर्ग) को संभावित फासीवादी और यहूदी-विरोधी के रूप में चित्रित किया गया था, और जॉर्ज डब्ल्यू बुश प्रशासन के दौरान इसके प्रकाशन के समय (कुछ लोगों ने इसे एक रूपक के रूप में देखा)।
  • लिंडबर्ग वास्तव में एक मुखर अलगाववादी थे और उन्होंने नाज़ी जर्मनी के लिए प्रशंसा व्यक्त की थी, 1938 में हरमन गोयरिंग से एक पदक स्वीकार किया था। उन पर यहूदी-विरोध का भी आरोप लगाया गया था। रोथ ने इन ऐतिहासिक तथ्यों से आगे बढ़कर कल्पना की।
  • अंत की अस्पष्टता कि क्या यह एक सपना था या नहीं, मेटा-फिक्शन की एक परत जोड़ती है, लेखक की कल्पना और एक संभावित वास्तविकता के बीच की रेखाओं को धुंधला करती है।
  • इस उपन्यास को 2020 में एचबीओ द्वारा एक टेलीविजन मिनिसरीज में रूपांतरित किया गया था।