आर्तुरो उई का प्रतिरोध्य उत्थान - बर्तोल्त ब्रेख्त
सारांश
बर्टोल्ट ब्रेख्त का नाटक 'आर्टुरो उई का प्रतिरोध्य उत्थान' 1930 के दशक के शिकागो में स्थापित एक व्यंग्यात्मक रूपक है। यह जर्मनी में एडॉल्फ हिटलर के सत्ता में आने की कहानी को एक शिकागो गैंगस्टर, आर्टुरो उई, के माध्यम से दर्शाती है, जो शहर के फूलगोभी ट्रस्ट (सब्जी व्यापार) पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश करता है। शुरुआत में उई एक अनाड़ी और असुरक्षित अपराधी है, लेकिन वह एक अभिनेता की मदद से अपनी सार्वजनिक छवि को सुधारता है और अपने विरोधियों को डराने-धमकाने और खत्म करने के लिए हिंसा का सहारा लेता है।
नाटक हिटलर के राजनीतिक तिकड़मों को दर्शाता है: प्रतिद्वंद्वियों का सफाया (जैसे अर्नेस्ट रोमा का अंत, जो 'नाइट ऑफ द लॉन्ग नाइव्स' का प्रतीक है), स्थापित व्यापारियों को धमकाना, आगजनी और हत्याओं के माध्यम से एक डर का माहौल बनाना, और अंततः पड़ोसी शहर सिसेरो (ऑस्ट्रिया के Anschluss का प्रतीक) में अपने प्रभाव का विस्तार करना। यह नाटक दर्शकों को आगाह करता है कि ऐसे निरंकुश शासकों का उदय अपरिहार्य नहीं होता, बल्कि लोगों के सक्रिय विरोध से इसे रोका जा सकता है।
किताब के अनुभाग
अनुभाग 1: प्रारंभिक संघर्ष और गोर्की का हस्तक्षेप
आर्टुरो उई और उसका गिरोह, जिसमें अर्नेस्ट रोमा, जिओला और ओ'केसी शामिल हैं, शिकागो के फूलगोभी ट्रस्ट पर नियंत्रण पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। वे एक सम्मानित व्यवसायी डुलफीट से संपर्क करते हैं, जिसके पास एक डॉकयार्ड है और वह ट्रस्ट के लिए महत्वपूर्ण है। डुलफीट शुरुआत में उई के "संरक्षण" के प्रस्ताव को ठुकरा देता है। अपनी सार्वजनिक उपस्थिति और भाषण कौशल को सुधारने के लिए, उई एक पुराने, लेकिन महान अभिनेता गोर्की (एक पात्र नाम, ब्रेख्त के नाटक के संदर्भ में) को अपने हावभाव और वाक्पटुता सिखाने के लिए काम पर रखता है। यह अभिनेता उई को सिखाता है कि कैसे मंच पर खड़े हों, भाषण दें और भीड़ को प्रभावित करने के लिए नाटकीय हावभाव का उपयोग करें।
| पात्र | विशेषताएँ | प्रेरणाएँ |
|---|---|---|
| आर्टुरो उई | एक शिकागो गैंगस्टर, जो फूलगोभी ट्रस्ट पर नियंत्रण पाना चाहता है। वह शुरुआत में अनाड़ी और असुरक्षित है, लेकिन सत्ता के प्रति जुनूनी है। | शक्ति और नियंत्रण हासिल करना, अपने डर और असुरक्षा को छिपाना। |
| अर्नेस्ट रोमा | उई का वफादार लेफ्टिनेंट, जो हिंसा और डराने-धमकाने का काम करता है। वह उई के तरीकों से असहमत होना शुरू करता है जब वे बहुत दूर चले जाते हैं। | उई के प्रति वफादारी, गिरोह में अपनी स्थिति बनाए रखना। |
| जिओला | उई का एक और लेफ्टिनेंट, जो हमेशा सत्ता के साथ रहता है और धोखेबाज होता है। | व्यक्तिगत लाभ, सत्ता के करीब रहना। |
| ओ'केसी | उई के गिरोह का एक सदस्य। | गिरोह में अपनी जगह बनाए रखना। |
| डुलफीट | एक सम्मानित व्यवसायी और डॉकयार्ड का मालिक, फूलगोभी ट्रस्ट के लिए महत्वपूर्ण। वह शुरुआत में उई की पेशकशों को ठुकराता है। | अपनी व्यावसायिक अखंडता बनाए रखना, भ्रष्टाचार का विरोध करना। |
| अभिनेता | एक पुराना, शानदार अभिनेता जिसे उई अपने भाषण और हावभाव सिखाने के लिए काम पर रखता है। | अपनी कला का प्रदर्शन करना, शायद पैसे कमाना। |
अनुभाग 2: फूलगोभी ट्रस्ट पर नियंत्रण और भय का राज
अभिनेता से सीखने के बाद, उई अपने व्यक्तित्व को बदल देता है। वह अपनी नई मिली करिश्माई शक्ति का उपयोग करता है, जिसे रोमा और जिओला द्वारा आयोजित हिंसा के साथ जोड़ा जाता है, ताकि फूलगोभी ट्रस्ट के सदस्यों को डराया जा सके। डुलफीट के डॉकयार्ड में आग लगा दी जाती है, जिसे एक दुर्घटना या प्रतिद्वंद्वी गिरोह के काम के रूप में दर्शाया जाता है। उई डरे हुए व्यापारियों को "संरक्षण" का प्रस्ताव देता है, उन्हें अनुबंधों पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर करता है। वह व्यापार पर एकाधिकार स्थापित करने के लिए डराने-धमकाने और धोखाधड़ी का उपयोग करता है।
अनुभाग 3: रोमा का पतन और आंतरिक शुद्धिकरण
रोमा, उई के तरीकों और उसकी बढ़ती शक्ति, विशेष रूप से डुलफीट को फंसाने के तरीके से, तेजी से असहज महसूस करने लगता है। जिओला की सलाह पर, उई रोमा को अपनी पूर्ण सत्ता के लिए खतरा मानता है। उई एक "नाइट ऑफ द लॉन्ग नाइव्स" जैसी शुद्धिकरण की योजना बनाता है, जिसमें रोमा और अपने ही गिरोह के अन्य असंतुष्टों को खत्म कर दिया जाता है। यह उई के नियंत्रण को मजबूत करता है और आंतरिक विरोध को समाप्त करता है।
अनुभाग 4: सिसेरो का विस्तार और अंतिम विजय
शिकागो में सत्ता मजबूत करने के बाद, उई की नज़र सिसेरो पर पड़ती है, जो एक पड़ोसी शहर है जिसका अपना सब्जी ट्रस्ट है। वह डराने-धमकाने, हिंसा और हेरफेर की उन्हीं चालों का उपयोग करता है। वह सिसेरो के मेयर, एक सम्मानित व्यक्ति को भ्रष्ट और अयोग्य के रूप में फंसाता है। उई ऐसी स्थिति पैदा करता है जहाँ वह व्यवस्था और स्थिरता लाने वाला एकमात्र व्यक्ति प्रतीत होता है। अंततः, वह सिसेरो पर पूर्ण नियंत्रण प्राप्त कर लेता है, अपनी कुल विजय को चिह्नित करता है। नाटक उई के एक विजयी, भयावह भाषण के साथ समाप्त होता है, जो दर्शकों को चेतावनी देता है कि ऐसे उत्थान को रोका जा सकता है यदि वे कार्रवाई करें।
| पात्र | विशेषताएँ | प्रेरणाएँ |
|---|---|---|
| वर्जीनिया डुलफीट | डुलफीट की विधवा, जो उई के खिलाफ बोलती है लेकिन अंततः बेअसर रहती है। | अपने पति के लिए न्याय की मांग करना, उई के अत्याचार का विरोध करना। |
| सिसेरो का मेयर | सिसेरो का सम्मानित मेयर, जिसे उई सत्ता हासिल करने के लिए फंसाता है। | अपने शहर की सेवा करना, उई के प्रभाव का विरोध करना। |
साहित्यिक शैली: महाकाव्य रंगमंच (Epic Theatre), राजनीतिक व्यंग्य (Political Satire), रूपक (Allegory), नाटक (Drama)।
लेखक के बारे में:
बर्टोल्ट ब्रेख्त (Bertolt Brecht): एक प्रभावशाली जर्मन नाटककार, कवि और थिएटर निर्देशक थे।
जन्म: 10 फरवरी, 1898, ऑग्सबर्ग, जर्मनी में।
मृत्यु: 14 अगस्त, 1956, पूर्वी बर्लिन, जर्मनी में।
प्रमुख कार्य: 'द थ्रीपेनी ओपेरा', 'मदर करेज एंड हर चिल्ड्रन', 'लाइफ ऑफ गैलीलियो' और 'द गुड पर्सन ऑफ सिज़ुआन' उनके सबसे प्रसिद्ध कार्यों में से हैं।
थिएटर सिद्धांत: ब्रेख्त महाकाव्य रंगमंच के विकास और 'अलगाव प्रभाव' (Verfremdungseffekt) के लिए जाने जाते हैं। इस सिद्धांत का उद्देश्य दर्शकों को भावनात्मक रूप से कहानी में डूबने के बजाय आलोचनात्मक रूप से सोचने के लिए प्रोत्साहित करना था। वे सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों को संबोधित करने के लिए नाटक का उपयोग करते थे।
नैतिक शिक्षा:
यह नाटक स्पष्ट रूप से बताता है कि तानाशाहों का उदय अपरिहार्य नहीं है, बल्कि इसका विरोध किया जा सकता है। यह संतुष्टि, उदासीनता और बढ़ते अधिनायकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने में विफलता के प्रति चेतावनी देता है। यह दर्शाता है कि कैसे भय, हेरफेर और हिंसा, जब अनियंत्रित होती है, तो लोकतंत्र को कमजोर कर सकती है और अत्याचारी शासन स्थापित कर सकती है। यदि लोग खतरे को पहचानते हैं और एकजुट होते हैं, तो ऐसे व्यक्तियों को रोकने की शक्ति लोगों के पास है।
दिलचस्प तथ्य:
- यह नाटक 1941 में लिखा गया था जब ब्रेख्त फिनलैंड में निर्वासन में थे, हिटलर के आसन्न आक्रमण से डर रहे थे।
- यह नाटक द्वितीय विश्व युद्ध के बाद तक प्रदर्शित नहीं किया गया था (पहली बार 1958 में ज्यूरिख में, फिर 1959 में जर्मनी में)।
- ब्रेख्त ने जानबूझकर गैंगस्टर सेटिंग का इस्तेमाल किया ताकि राजनीतिक रूपक को सीधे हिटलर का नाम लिए बिना स्पष्ट किया जा सके, साथ ही अमेरिकी दर्शकों के लिए एक परिचित ढांचा प्रदान किया जा सके (यदि इसे वहां प्रदर्शित किया जाना था)।
- पात्रों के नाम ऐतिहासिक हस्तियों के पतले-छिपे हुए संकेत हैं: आर्टुरो उई (एडॉल्फ हिटलर), अर्नेस्ट रोमा (अर्न्स्ट रोह्म), जिओला (जोसेफ गोएबल्स), डुलफीट (एंगेलबर्ट डॉल्फस, ऑस्ट्रियाई चांसलर जिन्हें नाजियों ने मार डाला था), सिसेरो (ऑस्ट्रिया)।
- "नाइट ऑफ द लॉन्ग नाइव्स" को रोमा के शुद्धिकरण द्वारा दर्शाया गया है।
- नाटक का जर्मन में पूरा शीर्षक "Der aufhaltsame Aufstieg des Arturo Ui" है, जो "प्रतिरोध्य" प्रकृति पर जोर देता है।
