La vuelta al mundo en ochenta días

सारांश

जूल वर्न का उपन्यास 'दुनिया के अस्सी दिनों में' (Around the World in Eighty Days) फिलेस फोग नामक एक अमीर और रहस्यमय अंग्रेज सज्जन की कहानी है, जो अपने लंदन के रिफॉर्म क्लब में अपने साथी सदस्यों के साथ एक शर्त लगाता है कि वह अस्सी दिनों में दुनिया का चक्कर लगा सकता है। अपने नए फ्रांसीसी बटलर, पासेपार्टआउट के साथ, फोग इस असाधारण यात्रा पर निकल पड़ता है। रास्ते में, उन्हें विभिन्न बाधाओं और रोमांच का सामना करना पड़ता है, जिसमें जासूस फिक्स भी शामिल है, जो फोग को बैंक चोर समझकर उसका पीछा करता है। वे भारत में एक भारतीय राजकुमारी, औडा को सती होने से बचाते हैं, और उसे अपने साथ ले जाते हैं। समय के खिलाफ एक दौड़ में, फोग और उसके साथी ट्रेनों, जहाजों, हाथियों और पाल वाली गाड़ियों जैसे विभिन्न साधनों का उपयोग करते हुए यात्रा करते हैं। कहानी समय की पाबंदी, भाग्य, और अप्रत्याशित प्रेम के विषयों की पड़ताल करती है, जो एक नाटकीय मोड़ के साथ समाप्त होती है।

किताब के अनुभाग

अनुभाग 1: शर्त और यात्रा की शुरुआत

कहानी लंदन में 1872 में शुरू होती है, जहाँ फिलेस फोग, एक अमीर, एकाकी और बेहद व्यवस्थित सज्जन, रिफॉर्म क्लब के सदस्य हैं। वह समय के इतने पाबंद हैं कि उनकी दैनिक दिनचर्या मिलीमीटर तक सटी हुई है। एक शाम, क्लब में एक बैंक डकैती की खबर पर चर्चा करते हुए, फोग और उनके साथी सदस्य दुनिया का चक्कर लगाने की संभावना पर बहस करते हैं। फोग दृढ़ता से कहते हैं कि दुनिया का चक्कर अस्सी दिनों में लगाना संभव है, और वह इस बात पर 20,000 पाउंड की शर्त लगाते हैं कि वह ऐसा कर सकते हैं। उसी शाम, वह अपने नए बटलर, पासेपार्टआउट को सूचित करते हैं कि वे तुरंत यात्रा पर निकल रहे हैं।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
फिलेस फोग एक अमीर, एकाकी और रहस्यमय अंग्रेज सज्जन। वह एक नियमित जीवन जीते हैं, समय के बहुत पाबंद हैं, और अपनी भावनाओं को शायद ही कभी व्यक्त करते हैं। वह बेहद सटीक, धैर्यवान और शांत स्वभाव के हैं। एक शर्त जीतना, अपनी प्रतिष्ठा बनाए रखना और यह साबित करना कि अस्सी दिनों में दुनिया का चक्कर लगाना संभव है।
पासेपार्टआउट फोग का नया फ्रांसीसी बटलर। वह एक वफादार, सहज और साहसी व्यक्ति है जो रोमांच पसंद करता है लेकिन अपने मालिक की सनक से अक्सर हैरान रहता है। वह शारीरिक रूप से मजबूत और कभी-कभी लापरवाह है, लेकिन वफादार है। अपने मालिक की सेवा करना, एक स्थिर जीवन जीना, और शायद अनजाने में रोमांच का अनुभव करना।

अनुभाग 2: स्वेज और जासूस फिक्स का आगमन

फोग और पासेपार्टआउट लंदन से स्वेज की ओर एक ट्रेन और जहाज से यात्रा करते हैं। जैसे ही वे स्वेज पहुंचते हैं, उनकी मुलाकात डिटेक्टिव फिक्स से होती है, जो स्कॉटलैंड यार्ड का एक जासूस है। फिक्स को संदेह है कि फोग वह बैंक चोर है जिसने कुछ समय पहले बैंक ऑफ इंग्लैंड से 50,000 पाउंड चुराए थे, क्योंकि फोग का यात्रा पर निकलना डकैती के बाद के समय से मेल खाता है। फिक्स को लंदन से फोग के गिरफ्तारी वारंट का इंतजार है, लेकिन जब वारंट नहीं आता, तो वह फोग और पासेपार्टआउट के पीछे-पीछे बंबई (मुंबई) की यात्रा जारी रखने का फैसला करता है, इस उम्मीद में कि वह उन्हें ब्रिटिश क्षेत्र में गिरफ्तार कर पाएगा। पासेपार्टआउट, हालांकि, फिक्स को एक दिलचस्प साथी यात्री मानता है और उसे संदेह नहीं होता।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
डिटेक्टिव फिक्स स्कॉटलैंड यार्ड का एक चालाक और दृढ़ जासूस। वह फोग को बैंक चोर मानता है और उसे गिरफ्तार करने के लिए दुनिया भर में उसका पीछा करता है। वह अपने कर्तव्य के प्रति समर्पित है और आपराधिक न्याय की परवाह करता है। 50,000 पाउंड के बैंक चोर को पकड़ना, जो उसे फोग लगता है, और न्याय दिलाना। यह उसके करियर के लिए भी एक बड़ी जीत होगी।

अनुभाग 3: भारत में रोमांच और औडा का बचाव

बंबई पहुंचने पर, फोग और पासेपार्टआउट को पता चलता है कि ट्रांस-इंडियन रेलवे का एक खंड अभी तक पूरा नहीं हुआ है। उन्हें कलकत्ता (कोलकाता) तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक साधन खोजने पड़ते हैं। फोग एक हाथी, किन्नी का किराया लेता है, और एक गाइड की मदद से जंगल के माध्यम से यात्रा करते हैं। इस यात्रा के दौरान, वे एक शोक जुलूस देखते हैं जहाँ एक सुंदर युवा भारतीय महिला, औडा, को उसके मृत पति के साथ सती होने के लिए मजबूर किया जा रहा है। फोग, अपने शांत स्वभाव के बावजूद, इस अमानवीय प्रथा को रोकने का फैसला करता है। पासेपार्टआउट एक साहसिक योजना बनाता है, जिसमें वह मृत राजा का भेस धारण करके चिता पर जाता है और औडा को बचा लेता है। वे औडा को अपने साथ लेकर कलकत्ता पहुँचते हैं। फिक्स, जो उनका पीछा कर रहा है, पासेपार्टआउट को बंबई में एक मंदिर में घुसने के लिए फंसाने की कोशिश करता है, जिससे कुछ देर का विलंब होता है, लेकिन फोग अपनी यात्रा जारी रखते हैं।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
औडा एक युवा, सुंदर और शिक्षित भारतीय महिला, जिसका विवाह एक बूढ़े राजा से हुआ था। वह अनाथ है और परिस्थितियों की शिकार है। वह नाजुक और संवेदनशील है लेकिन उसमें अद्भुत लचीलापन है। सती होने से बच जाना। शुरू में, वह फोग और पासेपार्टआउट के प्रति कृतज्ञता और निर्भरता महसूस करती है। बाद में, जब उसे अपने रिश्तेदारों के पास नहीं छोड़ा जा सकता, तो वह उनके साथ रहना स्वीकार करती है। अंततः, वह फोग के प्रति गहरा प्रेम विकसित करती है, जो उसके अस्तित्व के लिए एक नई प्रेरणा बन जाती है।

अनुभाग 4: हांगकांग, जापान और अमेरिका

कलकत्ता से, फोग, पासेपार्टआउट और औडा हांगकांग के लिए एक स्टीमर लेते हैं। हांगकांग में, फिक्स फिर से फोग को गिरफ्तार करने की कोशिश करता है, लेकिन वारंट अभी भी नहीं आया है। वह पासेपार्टआउट को शराब पिलाकर बेहोश कर देता है, ताकि वह फोग को स्टीमर के प्रस्थान के बारे में सूचित न कर सके। फोग को लगता है कि पासेपार्टआउट कहीं खो गया है, लेकिन वह अपने तय कार्यक्रम के अनुसार औडा के साथ अगली नाव पकड़ लेता है। पासेपार्टआउट होश में आने के बाद किसी तरह उसी स्टीमर से जापान पहुंचने में सफल होता है, हालांकि अलग तरीके से।
जापान में, फोग और औडा को आखिरकार पासेपार्टआउट मिल जाता है, जो एक कलाबाजी मंडली में काम कर रहा होता है। वे फिर अमेरिका की यात्रा के लिए एक जहाज लेते हैं। प्रशांत महासागर को पार करने के बाद, वे सैन फ्रांसिस्को पहुंचते हैं और फिर न्यूयॉर्क के लिए एक ट्रांसकॉन्टिनेंटल ट्रेन लेते हैं। रास्ते में, उन्हें विभिन्न चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जैसे कि भैंसों का झुंड जो पटरी पर आ जाता है, एक पुल जो गिरने वाला होता है, और सियॉक्स जनजाति द्वारा ट्रेन पर हमला। पासेपार्टआउट एक बार फिर अपनी बहादुरी दिखाता है और सियॉक्स से जूझता है।

अनुभाग 5: अटलांटिक पार और अंतिम दौड़

अमेरिका में चुनौतियों के बाद, फोग और उसके साथी न्यूयॉर्क पहुंचते हैं, केवल यह जानने के लिए कि इंग्लैंड के लिए उनका जहाज पहले ही रवाना हो चुका है। हार मानने के बजाय, फोग एक कप्तान को एक व्यापारी जहाज खरीदने के लिए राजी करता है, और वे अटलांटिक पार करने के लिए निकल पड़ते हैं। रास्ते में, उन्हें ईंधन की कमी का सामना करना पड़ता है। फोग जहाज को चलाए रखने के लिए अपने स्वयं के पैसे से जहाज के लकड़ी के हिस्सों को ईंधन के रूप में जला देता है, और वे आयरलैंड के तट पर एक पोर्ट में रुकते हैं। वहां से, वे एक और जहाज से लिवरपूल के लिए रवाना होते हैं।
लिवरपूल पहुंचने पर, फिक्स के पास आखिरकार फोग को गिरफ्तार करने का वारंट आ जाता है। वह फोग को गिरफ्तार कर लेता है और उसे जेल में डाल देता है। हालांकि, कुछ घंटे बाद, फिक्स को पता चलता है कि असली बैंक चोर पहले ही पकड़ा जा चुका है। फोग को तुरंत रिहा कर दिया जाता है, लेकिन इस गिरफ्तारी के कारण वह अपनी ट्रेन चूक जाता है जो उसे लंदन ले जाएगी।

अनुभाग 6: लंदन वापसी और अप्रत्याशित मोड़

फोग, पासेपार्टआउट और औडा लंदन पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें लगता है कि वे पांच मिनट देर से पहुंचे हैं और शर्त हार गए हैं। फोग को अपनी 20,000 पाउंड की शर्त हारने का कोई अफसोस नहीं होता, क्योंकि उसने औडा को बचाकर और एक साहसिक यात्रा करके जीवन में कुछ अधिक मूल्यवान पाया है। वह अपनी सारी संपत्ति खर्च कर चुका है।
अगले दिन, औडा, फोग के उदास चेहरे को देखकर उसे शादी का प्रस्ताव देती है। फोग खुशी-खुशी स्वीकार कर लेता है और पासेपार्टआउट को शादी का आयोजन करने के लिए पादरी के पास भेजता है। पासेपार्टआउट पादरी के पास जाता है और पाता है कि आज रविवार नहीं, बल्कि शनिवार है। वे दिन की गणना में एक गलती कर चुके थे - पूर्व की ओर यात्रा करते हुए उन्होंने एक दिन का लाभ उठाया था। इसका मतलब है कि फोग ने वास्तव में समय पर यात्रा पूरी कर ली थी, और उनके पास अभी भी दस मिनट बाकी हैं! पासेपार्टआउट तुरंत फोग को सूचित करता है, जो तुरंत क्लब की ओर भागता है और निर्धारित अस्सी दिनों के भीतर, अंतिम क्षण में, शर्त जीत जाता है। फोग शर्त जीतता है, और भले ही उसने अपनी संपत्ति खर्च कर दी थी, उसे अपनी प्रारंभिक संपत्ति वापस मिल जाती है और साथ ही औडा का प्रेम भी।

साहित्यिक शैली

'दुनिया के अस्सी दिनों में' एक साहसिक उपन्यास है, जिसमें यात्रा वृत्तांत, रहस्य और विज्ञान कथा के तत्व भी शामिल हैं। इसे अक्सर साहित्यिक यात्रा उपन्यास (literary travelogue) और रोमांच कथा (adventure fiction) के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।

लेखक के बारे में जानकारी

जूल वर्न (Jules Verne) एक फ्रांसीसी उपन्यासकार, कवि और नाटककार थे। उनका जन्म 8 फरवरी, 1828 को नॉन्टस, फ्रांस में हुआ था और उनका निधन 24 मार्च, 1905 को एमियंस, फ्रांस में हुआ था। उन्हें 'विज्ञान कथा के जनक' में से एक माना जाता है। वर्न ने भविष्य की प्रौद्योगिकियों और अन्वेषणों की सटीक भविष्यवाणियों के लिए प्रसिद्धि प्राप्त की। उनके प्रसिद्ध कार्यों में 'समुद्र के बीस हज़ार लीग नीचे' (Twenty Thousand Leagues Under the Seas), 'पृथ्वी के केंद्र की यात्रा' (Journey to the Center of the Earth), और 'चंद्रमा तक' (From the Earth to the Moon) शामिल हैं। उनकी कहानियाँ अक्सर रोमांच, विज्ञान और अन्वेषण का मिश्रण होती हैं।

नैतिक शिक्षा

  • समय की पाबंदी और दृढ़ता: फिलेस फोग का असाधारण दृढ़ संकल्प और समय की पाबंदी उन्हें अपनी असंभव लगने वाली शर्त जीतने में मदद करती है। यह सिखाता है कि लक्ष्य प्राप्त करने के लिए अनुशासन और संकल्प महत्वपूर्ण हैं।
  • परिस्थितियों के अनुकूल ढलना: यात्रा के दौरान कई अप्रत्याशित बाधाएँ आती हैं, लेकिन फोग हर स्थिति में एक रचनात्मक समाधान ढूंढते हैं। यह सिखाता है कि जीवन में समस्याओं का सामना करने पर लचीलापन और अनुकूलनशीलता आवश्यक है।
  • भौतिक संपत्ति से अधिक मानवीय संबंध: यद्यपि फोग ने शर्त जीतने के लिए अपनी सारी संपत्ति दांव पर लगा दी, लेकिन यात्रा के अंत में उन्हें औडा का प्यार मिलता है, जो पैसे से कहीं अधिक मूल्यवान है। यह सिखाता है कि मानवीय रिश्ते और अनुभव भौतिक संपत्ति से अधिक महत्वपूर्ण हैं।
  • मानवीय स्वभाव की अच्छाई: फोग, जो शुरू में भावनाहीन लगता है, औडा को बचाने के लिए अपनी यात्रा को जोखिम में डालता है। यह दर्शाता है कि सबसे शांत व्यक्तियों में भी गहरी मानवीय भावनाएँ और दयालुता हो सकती है।

जिज्ञासु तथ्य

  • प्रेरणा: माना जाता है कि उपन्यास की प्रेरणा अमेरिकी यात्री और उद्यमी जॉर्ज फ्रांसिस ट्रेन की वास्तविक दुनिया भर की यात्राओं से मिली थी।
  • समय की गणना: उपन्यास का केंद्रीय विषय समय की गणना और एक दिन के लाभ या हानि का महत्व है जब अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा को पार किया जाता है। यह उस समय के पाठकों के लिए एक आकर्षक अवधारणा थी।
  • पासेपार्टआउट का नाम: 'पासेपार्टआउट' (Passepartout) फ्रेंच में एक शब्द है जिसका अर्थ है 'हर जगह जाता है' या 'मास्टर की' (जैसे हर ताले को खोलने वाली चाबी)। यह बटलर की भूमिका और उसकी साहसिक यात्रा दोनों के लिए उपयुक्त है।
  • वास्तविक जीवन की दौड़: उपन्यास की सफलता के बाद, कई लोगों ने अस्सी दिनों में दुनिया का चक्कर लगाने का प्रयास किया। सबसे प्रसिद्ध प्रयास पत्रकार नेली ब्लाई ने 1889 में किया था, जिन्होंने 72 दिनों में दुनिया का चक्कर लगाया था, जिससे वर्न की कहानी का रिकॉर्ड टूट गया।
  • लोकप्रिय संस्कृति में प्रभाव: यह कहानी फिल्मों, टेलीविजन शो, एनिमेटेड श्रृंखला और यहां तक कि थीम पार्क आकर्षणों के लिए अनगिनत बार रूपांतरित की गई है, जो इसकी स्थायी लोकप्रियता को दर्शाती है।