ballantre ka swami - robert louis stevenson

सारांश

रॉबर्ट लुई स्टीवेन्सन का उपन्यास 'बैलेन्ट्रे का मास्टर' 18वीं सदी के स्कॉटलैंड में स्थापित एक मनोरंजक और दुखद कहानी है, जो डुरिसडीयर परिवार के दो भाइयों, जेम्स डुरी (बैलेन्ट्रे का मास्टर) और हेनरी डुरी के बीच एक कड़वी और विनाशकारी प्रतिद्वंद्विता को दर्शाता है। यह कहानी परिवार के वफादार मुंशी, एफ़्रैम मैककेलर के दृष्टिकोण से सुनाई गई है, जो इस दीर्घकालिक कलह के चश्मदीद गवाह हैं।

कहानी 1745 के जैकोबाइट विद्रोह के दौरान शुरू होती है, जहाँ परिवार की संपत्ति को बचाने के लिए एक भाई को राजा के प्रति निष्ठावान रहना होता है और दूसरे को विद्रोहियों में शामिल होना होता है। जेम्स, आकर्षक लेकिन लापरवाह और स्वार्थी बड़ा भाई, विद्रोह में शामिल होता है और उसे मृत मान लिया जाता है। हेनरी, कर्तव्यनिष्ठ लेकिन कम आकर्षक छोटा भाई, घर पर रहता है, परिवार का मुखिया बन जाता है और अपनी चचेरी बहन एलिसन से शादी करता है, जिसे जेम्स भी प्यार करता था।

हालांकि, जेम्स कई साल बाद अप्रत्याशित रूप से लौटता है, और उसकी वापसी से हेनरी का जीवन नरक बन जाता है। जेम्स अपने आकर्षण और धूर्तता का उपयोग कर हेनरी को अपमानित करता है, परिवार की संपत्ति को बर्बाद करता है और हेनरी के मानसिक स्वास्थ्य को खराब करता है। दोनों भाइयों के बीच दुश्मनी इतनी बढ़ जाती है कि वे द्वंद्वयुद्ध करते हैं, जिसके बाद जेम्स को निर्वासन में जाना पड़ता है।

इसके बाद जेम्स अपनी यात्राओं के दौरान समुद्री डाकू बनता है और कई रोमांच करता है। लेकिन अंततः वह एक बार फिर लौटता है, और हेनरी के साथ उसका टकराव अमेरिकी जंगल में एक दुखद अंत तक पहुँचता है, जहाँ दोनों भाई एक अजीब और भयानक तरीके से अपनी जान गंवा देते हैं। यह उपन्यास सम्मान, प्रतिशोध, कर्तव्य और परिवार की गहरी जड़ों वाली दुश्मनी के विनाशकारी प्रभाव की पड़ताल करता है।

किताब के अनुभाग

अनुभाग 1: जैकोबाइट विद्रोह और मास्टर का प्रस्थान

कहानी 1745 के जैकोबाइट विद्रोह के दौरान स्कॉटलैंड के डुरिसडीयर एस्टेट में शुरू होती है। डुरिसडीयर परिवार के मुखिया, लॉर्ड डुरिसडीयर, अपने दो बेटों, जेम्स (बैलेन्ट्रे का मास्टर) और हेनरी के भविष्य को लेकर असमंजस में हैं। ब्रिटिश क्राउन के प्रति निष्ठा बनाए रखते हुए परिवार की संपत्ति को बचाने के लिए, वे फैसला करते हैं कि एक भाई को विद्रोहियों (जैकोबाइट) में शामिल होना चाहिए और दूसरे को घर पर रहकर जॉर्ज द्वितीय के प्रति निष्ठावान रहना चाहिए। मास्टर जेम्स, जो अपने आकर्षक व्यक्तित्व और दुस्साहसिक स्वभाव के लिए जाने जाते हैं, विद्रोह में शामिल होने का फैसला करते हैं, जबकि कर्तव्यनिष्ठ और कम आकर्षक हेनरी घर पर रहते हैं। मास्टर जेम्स की प्रेमिका, एलिसन ग्रेम, भी परिवार का हिस्सा है। विद्रोह की लड़ाई में मास्टर जेम्स के मारे जाने की अफवाह फैल जाती है, जिससे परिवार शोक में डूब जाता है। हेनरी परिवार के मुखिया बन जाते हैं और भारी जिम्मेदारी अपने कंधों पर लेते हैं।

साहित्यिक शैली: ऐतिहासिक रोमांस, एडवेंचर उपन्यास, मनोवैज्ञानिक उपन्यास। इसे एक ट्रैजिक रोमांस भी माना जा सकता है।

लेखक के बारे में कुछ तथ्य (रॉबर्ट लुई स्टीवेन्सन):

  • जन्म और मृत्यु: रॉबर्ट लुई स्टीवेन्सन का जन्म 13 नवंबर, 1850 को एडिनबर्ग, स्कॉटलैंड में हुआ था, और उनका निधन 3 दिसंबर, 1894 को समोआ में हुआ।
  • प्रारंभिक जीवन और स्वास्थ्य: वे बचपन से ही गंभीर श्वसन संबंधी बीमारियों से ग्रस्त थे, जिसका प्रभाव उनके पूरे जीवन पर पड़ा। इसी कारण वे अक्सर गर्म जलवायु में यात्रा करते थे।
  • प्रसिद्ध कृतियाँ: वे अपनी क्लासिक कृतियों जैसे 'ट्रेज़र आइलैंड' (Treasure Island), 'द स्ट्रेंज केस ऑफ डॉ. जेकिल एंड मिस्टर हाइड' (The Strange Case of Dr. Jekyll and Mr. Hyde), और 'किडनैप्ड' (Kidnapped) के लिए सबसे ज्यादा जाने जाते हैं।
  • लेखन शैली: उनकी कहानियों में रोमांच, सस्पेंस, और नैतिक संघर्ष का गहरा चित्रण होता है। वे अपनी स्पष्ट और प्रवाहमयी गद्य शैली के लिए विख्यात हैं।
  • यात्रा और लेखन: अपनी बीमारी के कारण उन्होंने दुनिया भर में बहुत यात्रा की, खासकर दक्षिण प्रशांत में, जहाँ उन्होंने अपने अनुभवों को लेखन में ढाला। उनके आखिरी साल समोआ में बीते।
  • मानवीय स्वभाव का अन्वेषण: स्टीवेन्सन अक्सर अपनी कहानियों में मानवीय स्वभाव के अच्छे और बुरे पहलुओं का अन्वेषण करते थे, जैसा कि 'डॉ. जेकिल और मिस्टर हाइड' में देखा जा सकता है, जहाँ व्यक्तित्व के द्वैत पर विचार किया गया है।

नैतिक शिक्षा (Morale):

'बैलेन्ट्रे का मास्टर' की केंद्रीय नैतिक शिक्षा यह है कि प्रतिशोध और ईर्ष्या का मार्ग विनाशकारी होता है, जो न केवल बदला लेने वाले को बल्कि उसके आस-पास के सभी लोगों को भी नष्ट कर देता है। मास्टर जेम्स और हेनरी की दुश्मनी एक ऐसी आग है जो अंततः दोनों भाइयों को भस्म कर देती है और उनके परिवार को तबाह कर देती है। यह कहानी दिखाती है कि कैसे चरित्र में दोष (जैसे मास्टर का स्वार्थ और हेनरी की ईर्ष्या) एक परिवार को अंदर से खोखला कर सकते हैं और कैसे सम्मान या कर्तव्य के नाम पर किए गए कार्य भी नैतिक पतन का कारण बन सकते हैं। अंततः, घृणा से भरी यह दौड़ किसी भी पक्ष के लिए जीत का मार्ग नहीं है, बल्कि एक दुखद अंत का मार्ग है।

पुस्तक के बारे में कुछ रोचक बातें (Curiosities):

  • नैतिक जटिलता: स्टीवेन्सन का यह उपन्यास उनकी नैतिक रूप से सबसे जटिल कहानियों में से एक है। यहाँ कोई भी चरित्र पूरी तरह से अच्छा या बुरा नहीं है; सभी में खामियाँ हैं, जो कहानी को एक गहरा यथार्थवादी स्पर्श देती है।
  • कथावाचक की विश्वसनीयता: कहानी मुंशी मैककेलर द्वारा सुनाई गई है, जो हेनरी का वफादार है। यह पाठक के लिए एक दिलचस्प प्रश्न उठाता है कि मैककेलर की कहानी कितनी निष्पक्ष है, और क्या वह मास्टर जेम्स के चरित्र को अन्यायपूर्ण ढंग से चित्रित कर रहा है।
  • अमेरिकी सेटिंग: उपन्यास का अंतिम भाग अमेरिकी जंगल में स्थापित है, जो उस समय के ब्रिटिश उपन्यासों के लिए अपेक्षाकृत असामान्य सेटिंग थी। यह स्टीवेन्सन की अपनी यात्राओं और साहसिक भावना को दर्शाता है।
  • स्रोत सामग्री: स्टीवेन्सन ने स्कॉटिश इतिहास और लोककथाओं से प्रेरणा ली, विशेषकर जैकोबाइट विद्रोह और पहाड़ी सरदार संस्कृति से।
  • अपूर्णता: स्टीवेन्सन ने कहा था कि उन्हें यह उपन्यास "पूरी तरह से पसंद नहीं" था, क्योंकि उन्हें लगा था कि इसमें "कला की कमी" थी। फिर भी, इसे आलोचकों और पाठकों द्वारा उनकी बेहतरीन कृतियों में से एक माना जाता है।