dhvani aur rosh - wiliyam faukner

सारांश

विलियम फॉकनर का उपन्यास 'द साउंड एंड द फ्यूरी' अमेरिका के मिसिसिपी के काल्पनिक योक्नापटावाफा काउंटी में कॉम्प्टन परिवार के पतन की मार्मिक गाथा है। यह उपन्यास चार अलग-अलग भागों में विभाजित है, जिनमें से प्रत्येक एक अलग कथावाचक के दृष्टिकोण से और एक अलग समय बिंदु पर प्रस्तुत किया गया है, जो पाठक को परिवार के इतिहास, उनकी त्रासदियों और उनके आंतरिक संघर्षों की जटिल और खंडित झलकियाँ प्रदान करता है।

पहले भाग का वर्णन बेनजी, एक बौद्धिक रूप से विकलांग कॉम्प्टन बेटे, के खंडित और गैर-रेखीय विचारों के माध्यम से किया गया है। यह कैडी के प्रति उसके जुनून और उसके बचपन की यादों पर केंद्रित है। दूसरा भाग क्विंटन, सबसे बड़े कॉम्प्टन भाई, की आवाज़ में है, जो हार्वर्ड में है और अपनी बहन कैडी के खोए हुए कौमार्य और परिवार के सम्मान के प्रति जुनूनी है। यह खंड उसके आत्महत्या करने के दिन को दर्शाता है और उसके भीतर के नैतिक संघर्षों और समय के प्रति उसकी मोहभंग की भावना को दर्शाता है। तीसरा भाग जेसन, तीसरे कॉम्प्टन भाई, के दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया गया है। वह निंदक, भौतिकवादी और प्रतिशोधी है, जो परिवार के भाग्य को नियंत्रित करता है और अपने अतीत के कटु अनुभवों के लिए दूसरों को दोषी ठहराता है। अंतिम भाग एक तीसरे व्यक्ति के वर्णन में है, जो डिलसी पर केंद्रित है, जो कॉम्प्टन परिवार की अफ्रीकी-अमेरिकी सेविका है। डिलसी को परिवार के पतन के बीच नैतिक शक्ति और धैर्य के प्रतीक के रूप में दर्शाया गया है, और उसका खंड परिवार के विघटन की बाहरी और अधिक वस्तुनिष्ठ तस्वीर प्रस्तुत करता है, साथ ही उसके अपने विश्वास और लचीलेपन को भी उजागर करता है।

उपन्यास अपनी जटिल कथा संरचना, चेतना-प्रवाह तकनीक और समय के गैर-रेखीय चित्रण के लिए जाना जाता है, जो पाठकों को कॉम्प्टन परिवार की निराशा, हानि और अपरिवर्तनीय क्षय की गहरी समझ प्रदान करता है।

किताब के अनुभाग

अनुभाग 1: बेनजी (7 अप्रैल, 1928)

पहला अनुभाग बेंजामिन "बेनजी" कॉम्प्टन द्वारा सुनाया गया है, जो एक 33 वर्षीय व्यक्ति है जिसे बौद्धिक अक्षमता है। उसकी चेतना-प्रवाह की कथा अत्यधिक खंडित, गैर-रेखीय और बिना किसी कालानुक्रमिक क्रम के है, जो वर्तमान और अतीत की यादों के बीच लगातार कूदती रहती है। उसकी समझ मुख्य रूप से संवेदी अनुभवों, विशेषकर गंध और आवाज़ पर आधारित होती है। बेंजी को उसकी बहन कैडी से बहुत लगाव है, और उसकी यादें अक्सर कैडी के इर्द-गिर्द घूमती हैं, खासकर जब वह छोटी थी और उसके साथ दयालु थी। यह खंड परिवार के पतन के शुरुआती संकेत और कैडी के बचपन के महत्वपूर्ण क्षणों को दर्शाता है, जिसमें उसकी दादी डामड्डी की मृत्यु और उसकी शादी शामिल है। बेंजी के दृष्टिकोण से, समय एक सतत वर्तमान है, जहाँ अतीत और वर्तमान एक साथ मौजूद होते हैं, जिससे यह खंड पढ़ना चुनौतीपूर्ण हो जाता है लेकिन कॉम्प्टन परिवार के नैतिक और भावनात्मक क्षय की गहरी भावना प्रदान करता है।

किरदार विशेषताएँ प्रेरणाएँ
बेनजी कॉम्प्टन 33 वर्षीय, बौद्धिक रूप से अक्षम, संवेदी दुनिया में रहता है, अपनी बहन कैडी से गहरा लगाव। प्यार और आराम की तलाश, विशेषकर कैडी से। उसे अपनी दुनिया में सुरक्षा और स्थिरता पसंद है।
कैडी कॉम्प्टन बेनजी की बहन, जिसके प्रति वह बहुत प्रोटेक्टिव है; बेनजी के जीवन में सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति। परिवार के प्रति कुछ स्तर की वफादारी (शुरुआत में), लेकिन बाद में वह अपनी पहचान और स्वतंत्रता की तलाश करती है, जो सामाजिक नियमों के विपरीत होती है।
डिलसी गिब्सन कॉम्प्टन परिवार की अफ्रीकी-अमेरिकी सेविका, परिवार की नैतिक रीढ़। अपने ईसाई विश्वास के प्रति वफादारी, परिवार के बच्चों की देखभाल करना, भले ही उनके माता-पिता लापरवाह हों।
लस्टर डिलसी का पोता, बेनजी का वर्तमान देखभाल करने वाला। एक बच्चा होने के नाते, वह अपना जीवन जी रहा है, बेनजी का ध्यान रखता है, लेकिन अक्सर अपने फायदे के लिए।
श्री म. कॉम्प्टन (पिता) निराशावादी, बुद्धिजीवी, शराबी। अपने जीवन की निराशाओं से पलायन करना, दर्शन और शराब में सांत्वना पाना।
सुश्री कैरोलिन कॉम्प्टन (माँ) आत्म-दयालु, काल्पनिक बीमारियों से ग्रस्त, कमजोर। अपनी perceived बीमारियों के लिए दूसरों से ध्यान और सहानुभूति प्राप्त करना, अपने बेटों, विशेषकर जेसन, को पक्षपात करना।
मौरी कॉम्प्टन (अंकल मौरी) सुश्री कैरोलिन के भाई, एक बुजुर्ग, आलसी व्यक्ति जो वित्तीय सहायता पर रहता है। दूसरों के पैसे पर जीना, शराब पीना और अपनी प्रतिष्ठा बनाए रखना।
डामड्डी बेनजी की दादी, जिनकी मृत्यु उसके बचपन में हुई थी। -
वर्स डिलसी का बेटा, बेनजी का बचपन का देखभाल करने वाला। बेनजी की देखभाल करना, अपनी माँ की आज्ञाओं का पालन करना।
टी.पी. डिलसी का पोता, बेनजी का एक और बचपन का देखभाल करने वाला। बेनजी की देखभाल करना, लेकिन अक्सर शरारती और लापरवाह।

अनुभाग 2: क्विंटन (2 जून, 1910)

दूसरा अनुभाग सबसे बड़े कॉम्प्टन भाई, क्विंटन, द्वारा सुनाया गया है। यह खंड उसके आत्महत्या करने के दिन को दर्शाता है, जब वह हार्वर्ड में एक छात्र था। यह बेनजी के खंड की तरह ही एक चेतना-प्रवाह की कथा है, लेकिन यह मानसिक भ्रम, विचारों के दोहराव और नैतिक और भावनात्मक संकट पर केंद्रित है। क्विंटन परिवार के खोए हुए सम्मान और अपनी बहन कैडी के कौमार्य के प्रति जुनूनी है। वह अपने पिता के नैतिक पतन और दक्षिणी सम्मान की धारणा से भी त्रस्त है। वह समय के बारे में सोचता है, उसे एक विनाशकारी बल के रूप में देखता है जिससे वह भागना चाहता है। यह खंड कैडी के साथ उसके जटिल और परेशान रिश्ते को विस्तार से बताता है, जिसमें उसका कैडी के पापों को खुद पर लेने का प्रयास और आत्महत्या करने का उसका निर्णय शामिल है। उसके विचार बार-बार कैडी के साथ उसकी बातचीत, उसके सम्मान की अवधारणा और उसके जीवन को समाप्त करने के तरीके पर घूमते हैं।

किरदार विशेषताएँ प्रेरणाएँ
क्विंटन कॉम्प्टन कॉम्प्टन परिवार का सबसे बड़ा बेटा, हार्वर्ड का छात्र, जुनूनी, निराशावादी, आत्महत्या की प्रवृत्ति वाला। कैडी के कौमार्य और परिवार के "सम्मान" की रक्षा करना, जिसे वह दक्षिणी परंपरा से जोड़ता है। समय और नैतिक पतन से भागने की कोशिश।
हर्बर्ट हेड कैडी का पति। कॉम्प्टन परिवार के साथ एक समृद्ध विवाह के माध्यम से सामाजिक सीढ़ी चढ़ना।
जेराल्ड ब्लैंड क्विंटन का हार्वर्ड सहपाठी, जिसकी क्विंटन से झड़प होती है। एक धनी परिवार का बिगड़ा हुआ लड़का, जो सामाजिक जीवन और महिलाओं में रुचि रखता है।
श्रेव क्विंटन का हार्वर्ड रूममेट। क्विंटन को समझना और उसका समर्थन करना, लेकिन अंततः उसे असहाय महसूस करना।

अनुभाग 3: जेसन (6 अप्रैल, 1928)

तीसरा अनुभाग जेसन कॉम्प्टन द्वारा सुनाया गया है, जो कॉम्प्टन भाइयों में तीसरा है। यह खंड बेनजी और क्विंटन के खंडों की तुलना में काफी अधिक रैखिक है, और जेसन की निंदक, क्रूर और भौतिकवादी मानसिकता को दर्शाता है। वह एक शेयर ब्रोकर के रूप में काम करता है और परिवार के अधिकांश वित्तीय मामलों को नियंत्रित करता है, अपनी माँ, डिलसी और विशेष रूप से कैडी की नाजायज़ बेटी, क्विंटन के प्रति अपनी कटुता और घृणा को बाहर निकालता है। जेसन को लगता है कि कैडी ने उसके जीवन को बर्बाद कर दिया है, क्योंकि उसकी शादी का प्रस्ताव कैडी के गर्भधारण के कारण रद्द कर दिया गया था। वह कैडी से पैसे लेता है जो वह अपनी बेटी को भेजती है, और वह खुद भी स्टॉक मार्केट में गलत तरीके से निवेश करके पैसा कमाता है। यह खंड उसके गुस्से, उसके लालच और परिवार के प्रति उसकी पूर्ण उदासीनता को उजागर करता है, क्योंकि वह अपने फायदे के लिए हेरफेर और धोखा देता है।

किरदार विशेषताएँ प्रेरणाएँ
जेसन कॉम्प्टन कॉम्प्टन परिवार का तीसरा बेटा, स्वार्थी, निंदक, क्रूर, भौतिकवादी, पैसा और नियंत्रण का जुनून। अपने जीवन की निराशाओं और उन अवसरों के लिए दूसरों से बदला लेना जो उसे लगता है कि कैडी ने उससे छीन लिए हैं। पैसा कमाना और परिवार पर नियंत्रण रखना।
क्विंटन कॉम्प्टन (कैडी की बेटी) कैडी की नाजायज़ बेटी, विद्रोही, युवा और अपनी स्वतंत्रता की तलाश में। अपनी माँ को ढूँढना, जेसन के कठोर नियंत्रण से बचना, स्वतंत्रता और स्नेह की तलाश।
अर्ल जेसन का बॉस, जो उसे एक कृषि आपूर्ति की दुकान में नौकरी देता है। -

अनुभाग 4: डिल्सी (8 अप्रैल, 1928)

चौथा और अंतिम अनुभाग तीसरे व्यक्ति के दृष्टिकोण से बताया गया है, जो डिलसी गिब्सन पर केंद्रित है, जो कॉम्प्टन परिवार की लंबे समय से चली आ रही अफ्रीकी-अमेरिकी सेविका है। डिलसी को परिवार के पतन के बीच नैतिक शक्ति, धैर्य और अटूट विश्वास के प्रतीक के रूप में दर्शाया गया है। यह खंड कॉम्प्टन परिवार के विघटन की बाहरी और अधिक वस्तुनिष्ठ तस्वीर प्रस्तुत करता है, क्योंकि परिवार अपनी अंतिम गिरावट में है। डिलसी का खंड ईस्टर रविवार को होता है, और यह उसकी भक्ति, समुदाय के साथ उसके संबंध और उसके पोते लस्टर की देखभाल को उजागर करता है, जो बेनजी का देखभाल करने वाला भी है। डिलसी को परिवार का एकमात्र स्थिर सदस्य दिखाया गया है, जो उन्हें बिखरने से रोकने की असफल कोशिश करती है। यह खंड कॉम्प्टन घर की निराशा और अव्यवस्था के विपरीत, चर्च में डिलसी के अनुभवों के माध्यम से आशा और मानवीय भावना के लचीलेपन की एक झलक प्रदान करता है।

किरदार विशेषताएँ प्रेरणाएँ
रेवरेंड शेगोग डिलसी के चर्च के उपदेशक। अपने समुदाय को आशा और आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान करना।
फ्रॉनी डिलसी की बेटी, लस्टर की माँ। अपनी माँ डिलसी की मदद करना, कॉम्प्टन परिवार के साथ काम करना।

साहित्यिक शैली: आधुनिकतावादी साहित्य, दक्षिणी गोथिक, चेतना-प्रवाह, त्रासदी।

लेखक के बारे में:
विलियम फॉकनर (1897-1962) अमेरिकी साहित्य के सबसे प्रभावशाली लेखकों में से एक थे। उन्हें 1949 में साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार मिला। उनका अधिकांश काम अमेरिकी दक्षिण में स्थापित है, विशेष रूप से उनके काल्पनिक योक्नापटावाफा काउंटी, मिसिसिपी में। फॉकनर अपनी जटिल कथा संरचनाओं, गैर-रेखीय कथाओं और चेतना-प्रवाह तकनीकों के उपयोग के लिए जाने जाते हैं। उनके लेखन में अक्सर दक्षिणी अभिजात वर्ग के पतन, नस्ल, वर्ग और समय के विषयों का पता लगाया जाता है। उनकी अन्य प्रसिद्ध कृतियों में 'ऐज़ आई ले डाइंग', 'लाइट इन अगस्त' और 'एब्सलोम, एब्सलोम!' शामिल हैं।

नैतिक शिक्षा (Morale):
'द साउंड एंड द फ्यूरी' में कोई एक स्पष्ट नैतिक शिक्षा नहीं है, बल्कि यह मानव अस्तित्व और समाज के कई पहलुओं पर विचार प्रस्तुत करती है:

  • पतन का चक्र: उपन्यास दक्षिणी अभिजात वर्ग के पतन और परिवार के भीतर टूटे हुए संबंधों को दर्शाता है। यह दर्शाता है कि कैसे अतीत का बोझ वर्तमान को नष्ट कर सकता है।
  • समय और स्मृति: उपन्यास इस बात की पड़ताल करता है कि लोग समय को कैसे अनुभव करते हैं और यादें कैसे उनके वर्तमान को आकार देती हैं, यह दर्शाता है कि अतीत कभी पूरी तरह से नहीं मरता।
  • मानवीय लचीलापन: डिलसी के चरित्र के माध्यम से, उपन्यास मानवीय आत्मा के लचीलेपन और नैतिक अखंडता को दर्शाता है, भले ही उसके आसपास सब कुछ टूट रहा हो।
  • संचार की विफलता: कॉम्प्टन परिवार के सदस्यों के बीच संचार की विफलता उनकी दुखद नियति का एक प्रमुख कारण है।

उत्सुकताएँ (Curiosities):

  • संरचनात्मक जटिलता: यह उपन्यास अपने गैर-रेखीय, बहु-दृष्टिकोण वाली कथा के लिए प्रसिद्ध है, जिसे पहली बार पढ़ते समय समझना बेहद मुश्किल माना जाता है। फॉकनर ने खुद कहा था कि यह उनकी पसंदीदा पुस्तक थी, लेकिन यह भी कि उन्हें इसे पूरा करने में चार बार फिर से लिखना पड़ा था।
  • शीर्षक: शीर्षक शेक्सपियर के नाटक 'मैकबेथ' के एक प्रसिद्ध एकालाप से लिया गया है: "जीवन एक मूर्ख द्वारा बताई गई कहानी है, जिसमें ध्वनि और क्रोध है, जिसका कोई अर्थ नहीं है।" यह कॉम्प्टन परिवार के व्यर्थ और अर्थहीन अस्तित्व को दर्शाता है।
  • फॉकनर का पसंदीदा चरित्र: विलियम फॉकनर ने कैडी कॉम्प्टन को अपना पसंदीदा चरित्र बताया। हालांकि, विडंबना यह है कि वह पूरी किताब में कभी भी अपनी आवाज़ में सीधे बात नहीं करती है; उसे हमेशा दूसरों के दृष्टिकोण से देखा जाता है।
  • सटीक समय: फॉकनर ने खुद दावा किया कि उन्होंने हर खंड के लिए सटीक तारीखें इसलिए चुनीं ताकि वह यह सुनिश्चित कर सकें कि चंद्रमा के चरण सही हों। बेनजी का खंड गुड फ्राइडे पर होता है, क्विंटन का ग्रीष्म संक्रांति के पास, जेसन का शनिवार को, और डिलसी का ईस्टर संडे पर।
  • प्रारंभिक रिसेप्शन: जब यह पहली बार 1929 में प्रकाशित हुआ था, तो इसे समीक्षकों से मिश्रित प्रतिक्रिया मिली थी और यह आर्थिक रूप से सफल नहीं था। फॉकनर की प्रतिष्ठा और इस उपन्यास की मान्यता बाद में बढ़ी।