do shahron ki kahani - charles dickens

सारांश

चार्ल्स डिकेंस का उपन्यास 'ए टेल ऑफ़ टू सिटीज़' 18वीं सदी के अंत में लंदन और पेरिस के बीच स्थापित है, जो फ्रांसीसी क्रांति के उग्र वर्षों की पृष्ठभूमि में है। कहानी मुख्य रूप से डॉ. अलेक्जेंडर मैनेट के इर्द-गिर्द घूमती है, जिन्हें बास्टिल में 18 साल कैद में बिताने के बाद "पुनर्जीवित" किया जाता है और उनकी बेटी ल्यूसी मैनेट, उनके जीवन में वापस आती है। ल्यूसी का सुनहरी धागा परिवार और दोस्तों को एक साथ पिरोता है।

एक फ्रांसीसी कुलीन, चार्ल्स डार्ने, जो अपने परिवार के अत्याचारों को त्याग देता है, ल्यूसी से प्यार करता है और उससे शादी करता है। सिडनी कार्टन नामक एक दूसरा व्यक्ति, जो डार्ने से अविश्वसनीय रूप से मिलता-जुलता है, एक प्रतिभाशाली लेकिन निराश वकील है जो ल्यूसी से भी प्यार करता है, और उसके लिए गहरे बलिदान का वादा करता है। जब डार्ने को क्रांति के चरम पर फ्रांस वापस बुलाया जाता है, तो उसे गिरफ्तार कर लिया जाता है और मौत की सजा सुनाई जाती है। डॉ. मैनेट अपने पूर्व कैदी की स्थिति का उपयोग करके उसे बचाने की पूरी कोशिश करते हैं, लेकिन डार्ने को अंततः फिर से दोषी ठहराया जाता है। इस संकट के क्षण में, सिडनी कार्टन अपना वादा निभाता है, डार्ने के लिए खुद को बलिदान कर देता है और क्रांति की गिलोटिन का सामना करता है, ताकि वह अपने प्यार और उसके परिवार को बचा सके। यह उपन्यास प्रेम, बलिदान, कर्तव्य और पुनरुत्थान के विषयों को दर्शाता है, जबकि प्रतिशोध के चक्र के खतरों को भी उजागर करता है।

किताब के अनुभाग

अनुभाग 1: पुनर्जीवित किया गया

कहानी नवंबर 1775 में शुरू होती है। टेलसन बैंक के एक वृद्ध और कर्तव्यनिष्ठ प्रबंधक जार्विस लॉरी, डोवर के रास्ते में हैं। उन्हें बैंक के संदेशवाहक जेरी क्रंचर से एक रहस्यमय संदेश मिलता है: "पुनर्जीवित किया गया।" यह डॉ. अलेक्जेंडर मैनेट के पुनर्जीवन का प्रतीक है, जिन्हें फ्रांसीसी कुलीनों द्वारा गलत तरीके से बास्टिल में 18 साल तक कैद रखा गया था। श्री लॉरी डोवर में ल्यूसी मैनेट से मिलते हैं, जो एक युवा फ्रांसीसी अनाथ लड़की है, जिसे बचपन से यह मानने के लिए प्रेरित किया गया था कि उसके पिता मर चुके हैं। श्री लॉरी उसे बताते हैं कि उसके पिता अभी भी जीवित हैं और उन्हें पेरिस में एक पुरानी शराब की दुकान में मिस्टर और मैडम डीफ़ार्ज ने रखा हुआ है।

ल्यूसी और श्री लॉरी पेरिस जाते हैं। वे पाते हैं कि डॉ. मैनेट अपनी कैद के कारण मानसिक रूप से बहुत आघातग्रस्त हैं, और वे एक छोटे मोची की तरह जूते बना रहे हैं। ल्यूसी की शांत उपस्थिति और उसकी बिना शर्त के प्यार की बदौलत, डॉ. मैनेट धीरे-धीरे अपनी पहचान और याददाश्त वापस पाना शुरू करते हैं। ल्यूसी उन्हें लंदन वापस ले आती है, जहाँ वे धीरे-धीरे ठीक होते रहते हैं और अपने सामान्य जीवन में लौटते हैं, हालाँकि कैद के कुछ निशान अभी भी उनमें बाकी हैं।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
जार्विस लॉरी वृद्ध, टेलसन बैंक के कर्मचारी, कर्तव्यनिष्ठ, वफादार डॉ. मैनेट और ल्यूसी की मदद करना, टेलसन बैंक के प्रति वफादारी
ल्यूसी मैनेट सुंदर, दयालु, सहानुभूतिपूर्ण, शांत स्वभाव अपने पिता को प्यार और देखभाल देना, परिवार को फिर से जोड़ना
डॉ. अलेक्जेंडर मैनेट पूर्व फ्रांसीसी चिकित्सक, बास्टिल में कैद, मानसिक रूप से आघातग्रस्त अपनी बेटी के प्यार से सामान्य जीवन में लौटना, मानसिक शांति पाना
जेरी क्रंचर टेलसन बैंक का संदेशवाहक, रात में गुप्त रूप से कब्र खोदने वाला अपनी नौकरी और 'दूसरे काम' से परिवार का गुजारा चलाना
मैडम डीफ़ार्ज एक फ्रांसीसी क्रांतिकारी महिला, ठंडी, हिसाब रखने वाली, बुनाई करती रहती है फ्रांसीसी अभिजात वर्ग से बदला लेना, क्रांति का जुनून
श्री डीफ़ार्ज शराब की दुकान का मालिक, पूर्व नौकर (डॉ. मैनेट के), क्रांति का समर्थक क्रांति का समर्थन करना, डॉ. मैनेट की देखभाल करना (शुरू में)

अनुभाग 2: सुनहरा धागा

यह अनुभाग लंदन में पांच साल बाद शुरू होता है। चार्ल्स डार्ने, एक युवा फ्रांसीसी कुलीन, पर राजद्रोह का आरोप लगाया जाता है। सबूतों के बावजूद, वह बरी हो जाता है क्योंकि सिडनी कार्टन नाम के एक वकील से उसका असाधारण रूप से मिलता-जुलता चेहरा होता है, जो जूरी को गुमराह करता है। सिडनी कार्टन एक प्रतिभाशाली लेकिन निराशावादी और शराबी वकील है, जो अपने जीवन को व्यर्थ मानता है।

डार्ने का परिवार फ्रांसीसी अभिजात वर्ग का एक क्रूर और अलोकप्रिय सदस्य, मार्क्विस सेंट एव्रेमोंडे है। डार्ने अपने परिवार के अत्याचारों को अस्वीकार करता है और खुद को अंग्रेजी शिक्षक के रूप में लंदन में स्थापित करता है। मार्क्विस सेंट एव्रेमोंडे अपनी क्रूरता के लिए जाना जाता है, जैसे कि पेरिस की सड़कों पर एक बच्चे को अपनी गाड़ी से कुचलना और उसकी मौत के लिए असंवेदनशीलता दिखाना। उसके इस कृत्य से क्रांति की आग और भड़क जाती है।

ल्यूसी मैनेट और चार्ल्स डार्ने को प्यार हो जाता है। सिडनी कार्टन भी ल्यूसी से प्यार करता है, लेकिन वह जानता है कि वह उसके लिए कभी पर्याप्त अच्छा नहीं होगा। वह ल्यूसी से अपनी भावनाओं को कबूल करता है और उससे वादा करता है कि वह उसके लिए, और उन सभी के लिए जिन्हें वह प्यार करती है, कोई भी बलिदान करेगा। ल्यूसी और डार्ने शादी कर लेते हैं। उनकी शादी के दिन, डार्ने डॉ. मैनेट को अपना असली नाम और पृष्ठभूमि बताता है। डॉ. मैनेट को सदमा लगता है और वे नौ दिनों के लिए अपने मोची के काम में वापस चले जाते हैं, जो उनकी पिछली मानसिक अस्थिरता का संकेत है।

इस बीच, फ्रांस में क्रांति भड़क रही है। बास्टिल पर हमला किया जाता है, और श्री और मैडम डीफ़ार्ज इसमें प्रमुख भूमिका निभाते हैं। मैडम डीफ़ार्ज अपनी बुनाई में उन सभी नामों को दर्ज करती रहती है जिन्हें वह क्रांति के दुश्मनों के रूप में देखती है, जो गिलोटिन के लिए नियत हैं।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
चार्ल्स डार्ने युवा फ्रांसीसी अभिजात, ईमानदार, सम्मानजनक अपने परिवार के अत्याचारों से दूर रहना, अपने सिद्धांतों पर जीना
सिडनी कार्टन प्रतिभाशाली वकील, शराबी, निराशावादी, उदासीन ल्यूसी के लिए निस्वार्थ प्रेम, आत्म-बलिदान द्वारा अर्थ खोजना
मिस प्रॉस ल्यूसी की वफादार नौकरानी, मजबूत इरादों वाली ल्यूसी की सुरक्षा और खुशी सुनिश्चित करना
मार्क्विस सेंट एव्रेमोंडे क्रूर, अहंकारी, फ्रांसीसी अभिजात वर्ग का प्रतीक अपनी शक्ति और विशेषाधिकारों को बनाए रखना, जनता को तुच्छ समझना

अनुभाग 3: तूफान का निशान

1792 में फ्रांसीसी क्रांति अपने चरम पर है। चार्ल्स डार्ने को फ्रांस से एक पत्र मिलता है, जिसे उसके पूर्व नौकर गैबेल ने लिखा है, जो कैद में है और मदद मांग रहा है। अपने जीवन के खतरे को जानते हुए भी, डार्ने फ्रांस वापस जाने का फैसला करता है। श्री लॉरी और डॉ. मैनेट उसे रोकने की कोशिश करते हैं, लेकिन डार्ने अपने कर्तव्य के प्रति दृढ़ है। फ्रांस पहुंचते ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाता है क्योंकि वह एक निर्वासित कुलीन है।

ल्यूसी, डॉ. मैनेट और श्री लॉरी डार्ने को बचाने के लिए पेरिस आते हैं। डॉ. मैनेट, बास्टिल के एक सम्मानित पूर्व कैदी होने के नाते, फ्रांसीसी क्रांतिकारियों के बीच काफी प्रभाव रखते हैं। वह डार्ने के लिए पहला मुकदमा जीतते हैं और उसे बरी कर दिया जाता है। हालाँकि, डार्ने को तुरंत फिर से गिरफ्तार कर लिया जाता है। इस बार, उस पर मैडम डीफ़ार्ज, श्री डीफ़ार्ज और डॉ. मैनेट खुद ने आरोप लगाया है! डॉ. मैनेट की पुरानी डायरी, जिसे उन्होंने बास्टिल में लिखा था, पढ़ी जाती है। इसमें उन्होंने मार्क्विस सेंट एव्रेमोंडे (डार्ने के पिता) और उनके भाई (डार्ने के चाचा) द्वारा मैडम डीफ़ार्ज के परिवार के उत्पीड़न और हत्याओं का विवरण दिया है। यह पत्र एव्रेमोंडे परिवार के सभी सदस्यों की निंदा करता है, जिसमें चार्ल्स डार्ने भी शामिल है। उसे गिलोटिन से मौत की सजा सुनाई जाती है।

सिडनी कार्टन पेरिस पहुंचता है और अपनी योजना को अंजाम देने की तैयारी करता है। वह डार्ने के साथ अपनी समानता का उपयोग करता है। वह डार्ने को कैद में मिलता है, उसे नशीला पदार्थ देता है, और उसके साथ कपड़े बदल लेता है। वह डार्ने को टेलसन बैंक के रास्ते से पेरिस से बाहर भेजने का प्रबंधन करता है, जिसमें डॉ. मैनेट, ल्यूसी और उनकी बेटी भी शामिल हैं। कार्टन डार्ने का स्थान ले लेता है और गिलोटिन का सामना करता है। अपनी अंतिम यात्रा में, वह एक युवा लड़की को भी दिलासा देता है।

इस बीच, मैडम डीफ़ार्ज, डार्ने परिवार के बाकी सदस्यों (ल्यूसी और उसकी बेटी) को खत्म करने के लिए मैनेट के घर जाती है। मिस प्रॉस, ल्यूसी की वफादार नौकरानी, मैडम डीफ़ार्ज का सामना करती है। दोनों के बीच एक भयंकर संघर्ष होता है, जिसके परिणामस्वरूप मैडम डीफ़ार्ज अपनी ही पिस्तौल से गलती से खुद को मार लेती है। ल्यूसी का परिवार सुरक्षित रूप से फ्रांस से भाग जाता है।

सिडनी कार्टन अपने अंतिम क्षणों में भविष्यवाणी करता है कि एक बेहतर समाज का उदय होगा और ल्यूसी और डार्ने के भविष्य के बच्चे उसका नाम याद रखेंगे। उसके अंतिम विचार हैं: "यह अब तक का सबसे बेहतर काम है जो मैंने किया है; यह अब तक की सबसे बेहतर शांति है जो मैं जानता हूँ।"


साहित्यिक शैली: ऐतिहासिक उपन्यास, सामाजिक टिप्पणी, रोमांटिक उपन्यास, सस्पेंस।

लेखक के बारे में कुछ तथ्य:
चार्ल्स डिकेंस (1812-1870) विक्टोरियन युग के सबसे महान अंग्रेजी उपन्यासकारों में से एक थे। अपने पूरे करियर में, उन्होंने 15 प्रमुख उपन्यास, सैकड़ों लघु कथाएँ और गैर-काल्पनिक लेख लिखे। वह अपनी सामाजिक टिप्पणी, अविस्मरणीय पात्रों और जटिल भूखंडों के लिए जाने जाते हैं। उनकी कुछ अन्य प्रसिद्ध कृतियों में 'ओलिवर ट्विस्ट', 'ग्रेट एक्सपेक्टेशंस', 'डेविड कॉपरफील्ड' और 'क्रिसमस कैरोल' शामिल हैं। डिकेंस के काम अक्सर गरीबों और उपेक्षितों की दुर्दशा को उजागर करते थे और सामाजिक सुधार की वकालत करते थे।

नैतिक शिक्षा:
'ए टेल ऑफ़ टू सिटीज़' प्रेम, बलिदान और पुनरुत्थान की शक्ति पर जोर देती है। यह क्रांति के खतरों और प्रतिशोध के चक्र पर भी प्रकाश डालती है, यह सुझाव देती है कि प्रतिशोध न्याय से कहीं अधिक विनाशकारी हो सकता है। उपन्यास यह भी दर्शाता है कि व्यक्तिगत बलिदान पूरे समाज और उन लोगों को लाभ पहुँचा सकता है जिन्हें हम प्यार करते हैं, और यह कि किसी के जीवन को अर्थ देने का सबसे बड़ा तरीका दूसरों के लिए निस्वार्थ सेवा करना है।

कुछ दिलचस्प बातें:

  • 'ए टेल ऑफ़ टू सिटीज़' डिकेंस की सबसे अधिक बिकने वाली किताबों में से एक है। इसकी 200 मिलियन से अधिक प्रतियां बिकी हैं, जिससे यह अब तक की सबसे अधिक बिकने वाली पुस्तकों में से एक है।
  • पुस्तक का शुरुआती वाक्य ("यह सबसे अच्छा समय था, यह सबसे बुरा समय था...") अंग्रेजी साहित्य के सबसे प्रसिद्ध उद्धरणों में से एक है।
  • सिडनी कार्टन का चरित्र एक क्लासिक साहित्यिक नायक बन गया है जिसने अपनी छवि को बचाने के लिए नहीं, बल्कि दूसरों को बचाने के लिए अपनी जान दी।
  • डिकेंस ने फ्रांसीसी क्रांति के दौरान हुए भयानक नरसंहार को चित्रित करने के लिए थॉमस कार्लाइल की 'द फ्रेंच रेवोल्यूशन: ए हिस्ट्री' नामक पुस्तक से व्यापक शोध किया।
  • यह उपन्यास मूल रूप से डिकेंस की साप्ताहिक पत्रिका 'ऑल द ईयर राउंड' में धारावाहिक के रूप में प्रकाशित हुआ था, जिसमें 31 साप्ताहिक किस्तों में यह प्रकाशित हुआ था।