ek parikshak ka din - italo kalvino

सारांश

इटालो कैल्विनो की 'ला जॉर्नटा डि उनो स्क्रुटेटोर' (एक स्क्रूटिनीयर का दिन) की कहानी अमेनिगो ओर्मिया नाम के एक कम्युनिस्ट बुद्धिजीवी के इर्द-गिर्द घूमती है, जो चुनाव के दिन ट्यूरिन के एक मानसिक अस्पताल (कोट्टोलेंगो) में पोल वॉचर के रूप में स्वेच्छा से काम करता है। वह अपने राजनीतिक कर्तव्य को पूरा करने की उम्मीद में एक सरल और व्यवस्थित दिन की उम्मीद करता है। हालांकि, जैसे-जैसे दिन बीतता है, वह संस्था की अराजक वास्तविकता और वहां रहने वाले मानसिक रूप से अक्षम मतदाताओं का सामना करता है। अमेनिगो का तर्कसंगत और सैद्धांतिक राजनीतिक ढांचा मानव अस्तित्व की कच्ची, अप्रत्याशित प्रकृति से चुनौती का सामना करता है। वह मतदाताओं के वोटों की वैधता, उनकी स्वायत्तता और मानवता की परिभाषा पर सवाल उठाता है। यह अनुभव उसे अपने आदर्शों, तर्क और प्रगति में विश्वास और इंसान के स्वभाव की जटिलता पर गहराई से विचार करने के लिए मजबूर करता है, जिससे उसकी दुनिया के प्रति उसकी समझ में एक मौलिक बदलाव आता है।

किताब के अनुभाग

अनुभाग 1: चुनाव का दिन और कोट्टोलेंगो में प्रवेश

कहानी की शुरुआत इटली में एक चुनाव के दिन से होती है, जहाँ अमेनिगो ओर्मिया, एक समर्पित कम्युनिस्ट बौद्धिक, ट्यूरिन के एक बड़े चैरिटेबल संस्थान, कोट्टोलेंगो में एक स्क्रूटिनीयर (पोल वॉचर) के रूप में अपनी ड्यूटी पर पहुँचता है। यह संस्था विभिन्न प्रकार के शारीरिक और मानसिक रूप से अक्षम लोगों, बुजुर्गों और असहायों का घर है। अमेनिगो अपने कर्तव्य को एक गंभीर और तार्किक कार्य के रूप में देखता है, जो उसके राजनीतिक आदर्शों के अनुरूप है। वह उम्मीद करता है कि उसका दिन व्यवस्थित और पूर्वानुमानित होगा। हालांकि, जैसे ही वह कोट्टोलेंगो के विशाल और भूलभुलैया जैसे गलियारों में प्रवेश करता है, उसे तुरंत इसकी अजीब गंध, असामान्य शांति और अंदरूनी अव्यवस्था का एहसास होता है। यह जगह उसके तर्कसंगत दृष्टिकोण को चुनौती देने लगती है। वह अन्य स्क्रूटिनीयरों से मिलता है, जो विभिन्न राजनीतिक दलों का प्रतिनिधित्व करते हैं, और उन्हें अपने-अपने दलों के हितों के प्रति अधिक चिंतित पाता है।

| पात्र | विशेषताएँ |
| अमेनिगो ओर्मिया (Amerigo Ormea) | कम्युनिस्ट बुद्धिजीवी, पोल वॉचर। तार्किक और सिद्धांतों का पालन करने वाला। | वह अपने राजनीतिक कर्तव्य को पूरा करने और अपने आदर्शों को समझने की कोशिश करता है। |
| अन्य स्क्रूटिनीयर (Other Scrutineers) | विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि। यथार्थवादी और कुछ हद तक उदासीन। | वे अपने दलों के हितों के प्रति अधिक चिंतित हैं और चुनाव प्रक्रिया की तकनीकीताओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं, अमेनिगो की गहरी दार्शनिक चिंताओं को नहीं समझते। |

अनुभाग 2: संस्था की वास्तविकता और मतदाताओं से मुठभेड़

सुबह होती है और मतदान शुरू होता है। अमेनिगो का सामना अब कोट्टोलेंगो के मतदाताओं से होता है: वे मानसिक रूप से अक्षम मरीज़ जिन्हें वोट डालने के लिए लाया जाता है। ये मतदाता अक्सर अप्रत्याशित व्यवहार करते हैं, निर्देशों को समझने में कठिनाई होती है, और कभी-कभी बिल्कुल ही प्रतिक्रिया नहीं देते। अमेनिगो को नैतिक दुविधा का सामना करना पड़ता है – उन्हें अपना वोट डालने में कैसे मदद करें बिना उनके चुनाव को प्रभावित किए? वह उनकी आवाज़ों और इच्छाओं को समझने की कोशिश करता है, लेकिन अक्सर खुद को भ्रमित और शक्तिहीन पाता है। इस प्रक्रिया में, उसका परिचय संस्था की मुख्य देखभालकर्ता, सिग्नोरा देओरा से होता है। वह एक अनुभवी और दृढ़ महिला है, जो संस्था के सख्त नियमों और धार्मिक परंपराओं का पालन करती है। सिग्नोरा देओरा मतदाताओं को नियंत्रित करने और पोलिंग बूथ तक ले जाने में माहिर है, लेकिन अमेनिगो को वह एक रहस्यमय और कुछ हद तक रूढ़िवादी व्यक्ति लगती है, जिसकी कार्यप्रणाली उसके अपने तर्कसंगत सिद्धांतों से बिलकुल अलग है।