endrokles aur sher - jorj barnard shaw

सारांश

'एंड्रोक्लेस एंड द लायन' जॉर्ज बर्नार्ड शॉ का एक व्यंग्यात्मक नाटक है, जो रोमन साम्राज्य के दौरान ईसाई उत्पीड़न के पृष्ठभूमि पर आधारित है। यह नाटक एंड्रोक्लेस नामक एक दयालु दर्जी की कहानी कहता है, जो जंगल में एक शेर के पंजे से काँटा निकाल कर उसकी मदद करता है। वर्षों बाद, एंड्रोक्लेस और अन्य ईसाइयों को रोम में गिरफ्तार कर लिया जाता है और उन्हें सर्कस में शेर के सामने फेंकने की सजा सुनाई जाती है। लेकिन जब एंड्रोक्लेस को शेर के सामने लाया जाता है, तो वह वही शेर निकलता है जिसकी उसने मदद की थी, और शेर उसे पहचान लेता है। यह नाटक ईसाई धर्म के सार, विश्वास, शहादत, करुणा और रोमन साम्राज्य की क्रूरता पर सवाल उठाता है। यह विभिन्न प्रकार के ईसाइयों को भी प्रस्तुत करता है, जिनमें डरपोक, कट्टर और शांत विश्वासी शामिल हैं, और दिखाता है कि कैसे उनका सामना क्रूर रोमन सत्ता से होता है।

किताब के अनुभाग

अनुभाग 1

नाटक की शुरुआत जंगल में होती है, जहाँ एंड्रोक्लेस, एक गरीब और डरपोक दर्जी, अपनी पत्नी मेगेरा के साथ रहता है। मेगेरा लगातार एंड्रोक्लेस को उसकी दयालुता और "पशुओं पर समय बर्बाद करने" के लिए डांटती रहती है, जबकि एंड्रोक्लेस जानवरों के प्रति गहरा प्रेम रखता है। मेगेरा उसे एक जंगली शेर की दहाड़ सुनकर डराती है, लेकिन एंड्रोक्लेस को उस शेर पर दया आती है। वह देखता है कि शेर अपने पंजे में एक बड़े काँटे से दर्द में है। अपनी पत्नी की आपत्तियों के बावजूद, एंड्रोक्लेस साहस जुटाता है और शेर के पंजे से काँटा निकाल देता है। शेर तुरंत एंड्रोक्लेस के प्रति स्नेह दिखाता है, और वे एक अनोखी दोस्ती विकसित करते हैं।

इस बीच, हमें पता चलता है कि एंड्रोक्लेस और मेगेरा ईसाई हैं, और वे रोमन साम्राज्य में सताए जा रहे हैं। रोमन सैनिक उन्हें और अन्य ईसाइयों के एक समूह को गिरफ्तार करने के लिए आते हैं, जिन्हें रोम ले जाकर सर्कस में जंगली जानवरों के सामने फेंकने की सजा सुनाई जाती है। पकड़े गए ईसाइयों में लवीनिया भी है, एक युवा, बुद्धिमान और दृढ़ महिला जो अपनी आस्था को गंभीरता से लेती है; फेरोवियस, एक विशालकाय और शक्तिशाली व्यक्ति जो अपनी ईसाई मान्यताओं के बावजूद अपनी शारीरिक शक्ति को नियंत्रित करने के लिए संघर्ष करता है; और स्पिनथो, एक डरपोक व्यक्ति जिसे शहादत से डर लगता है।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
एंड्रोक्लेस (Androcles) एक दयालु और विनम्र दर्जी, जानवरों के प्रति गहरा प्रेम रखता है, थोड़ा डरपोक लेकिन साहस जुटाने में सक्षम। अपनी ईसाई आस्था के कारण सताया जा रहा है; दूसरों (और जानवरों) की मदद करने की गहरी मानवीय इच्छा।
मेगेरा (Megæra) एंड्रोक्लेस की चिड़चिड़ी और लगातार शिकायत करने वाली पत्नी, व्यावहारिक लेकिन निष्ठुर। जीवित रहने की इच्छा, एंड्रोक्लेस के "बेवकूफ" व्यवहार से निराशा, रोमन उत्पीड़न से भय।
शेर (Lion) एक जंगली जानवर, दर्द में होने पर क्रूर लेकिन राहत मिलने पर कृतज्ञ और स्नेही। दर्द से मुक्ति की तलाश, बदले में स्नेह और कृतज्ञता व्यक्त करना।
लवीनिया (Lavinia) एक युवा, सुंदर और बुद्धिमान ईसाई महिला, अपनी आस्था में दृढ़ और तर्कसंगत। अपनी आस्था को ईमानदारी से बनाए रखना, शहादत के वास्तविक अर्थ को समझना, दिखावे से घृणा।
फेरोवियस (Ferrovius) एक विशालकाय, शक्तिशाली और स्वभाव से हिंसक ईसाई, अपनी ईसाई मान्यताओं के बावजूद अपनी शक्ति को नियंत्रित करने के लिए संघर्ष करता है। अपनी ईसाई आस्था को निभाना (जो अहिंसा सिखाती है), अपनी शारीरिक शक्ति को नियंत्रित करने और शांत रहने का प्रयास करना, ईश्वर की इच्छा पर चलना।
स्पिनथो (Spintho) एक डरपोक और पाखंडी ईसाई, अपनी आस्था के प्रति प्रतिबद्धता से अधिक अपनी त्वचा को बचाना चाहता है। मौत के डर से बचना, शहादत से बचना।

अनुभाग 2

ईसाइयों के समूह को रोम ले जाया जाता है और वे सर्कस में अपनी बारी का इंतजार करते हैं। यहाँ वे अपनी आस्था, शहादत और मृत्यु के बारे में चर्चा करते हैं। स्पिनथो मौत के डर से काँप रहा है और शराब पीकर अपनी निराशा व्यक्त करता है, जबकि लवीनिया अपनी आस्था की सच्ची प्रकृति पर विचार करती है, सवाल करती है कि क्या वह सिर्फ दूसरों का अनुकरण कर रही है या वास्तव में दिल से विश्वास करती है। फेरोवियस अपनी हिंसक प्रवृत्ति को दबाने के लिए प्रार्थना करता है, क्योंकि उसे डर है कि वह अपनी शारीरिक शक्ति का उपयोग करके अपने दुश्मनों को मार सकता है, जो उसकी ईसाई आस्था के खिलाफ होगा। एंड्रोक्लेस जानवरों के प्रति अपने प्रेम के बारे में बात करता है और अन्य ईसाइयों को बताता है कि कैसे उसने एक शेर के पंजे से काँटा निकाला था।

इस बीच, रोमन अधिकारियों को भी दिखाया जाता है। कप्तान, जो ईसाइयों के प्रभारी हैं, इन "अजीब" लोगों को समझने की कोशिश करते हैं। कैसर भी मंच पर आता है, वह ईसाइयों के बारे में अपनी राय रखता है, उन्हें एक उपद्रव मानता है लेकिन उनके जुनून को भी स्वीकार करता है। कैसर एक "एडिटर" और "मेनेजर" के साथ बात करता है, जो सर्कस के आयोजक हैं। वे इस बात पर चर्चा करते हैं कि ईसाइयों को जनता के मनोरंजन के लिए कैसे इस्तेमाल किया जाए। वे एक विशालकाय शेर की विशेष रूप से बात करते हैं जिसे सर्कस के लिए रखा गया है, और इस बात पर सहमत होते हैं कि वह एक शानदार तमाशा बनाएगा। कैसर लवीनिया से बात करता है और उसे अपनी आस्था त्यागने और जीवन बचाने का अवसर प्रदान करता है, यहाँ तक कि उसे एक रोमन अधिकारी से शादी करने की भी पेशकश करता है। लेकिन लवीनिया दृढ़ता से इनकार कर देती है, यह समझाते हुए कि उसकी आस्था उसके लिए कितनी महत्वपूर्ण है।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
कप्तान (Captain) एक रोमन सैनिक अधिकारी, कर्तव्यनिष्ठ लेकिन कुछ हद तक दयालु और ईसाइयों को समझने का इच्छुक। रोमन कानून और व्यवस्था बनाए रखना, अपनी ड्यूटी निभाना, ईसाइयों की अजीब आस्था को समझना।
कैसर (Caesar) रोमन सम्राट, शक्तिशाली, थोड़ा सनकी, ईसाइयों के प्रति उपेक्षा और कुछ हद तक मनोरंजन करने वाला। रोमन साम्राज्य पर अपनी शक्ति बनाए रखना, जनता का मनोरंजन करना, ईसाइयों के "समस्या" को हल करना।
एडिटर (Editor) सर्कस का आयोजक, जनता के मनोरंजन और तमाशे के प्रति समर्पित। सर्कस के माध्यम से जनता का मनोरंजन करना और अपना प्रभाव बनाए रखना।
मेनेजर (Menager) सर्कस का आयोजक, एडिटर का सहयोगी। सर्कस के माध्यम से जनता का मनोरंजन करना।

अनुभाग 3

यह दृश्य सर्कस के अखाड़े में होता है। ईसाइयों को धीरे-धीरे अखाड़े में भेजा जाता है। स्पिनथो, अपनी बारी आने पर, भयभीत होकर कहता है कि वह ईसाई नहीं है और अपनी आस्था का त्याग करता है, लेकिन फिर भी उसे शेर के सामने फेंक दिया जाता है। फेरोवियस को अपनी शारीरिक शक्ति का प्रदर्शन करने का मौका मिलता है जब उसे एक ग्लेडिएटर से लड़ने के लिए कहा जाता है। वह अनिच्छा से लड़ता है, लेकिन जैसे ही ग्लेडिएटर उस पर हमला करते हैं, उसकी अहिंसक प्रतिज्ञा टूट जाती है और वह अपनी शक्तिशाली शारीरिक क्षमता का उपयोग करके सात ग्लेडिएटरों को मार डालता है। कैसर इस हिंसा से प्रभावित होता है, लेकिन फेरोवियस अपनी हिंसा के लिए तुरंत पश्चाताप करता है और महसूस करता है कि उसने अपनी आस्था का उल्लंघन किया है।

अंत में, एंड्रोक्लेस को अखाड़े में लाया जाता है। भीड़ उसकी मौत का इंतजार कर रही होती है। एक विशालकाय शेर को उसके सामने छोड़ा जाता है। शेर एंड्रोक्लेस की ओर दौड़ता है, लेकिन जैसे ही वह उसके करीब आता है, वह रुक जाता है, उसे पहचानता है, और एंड्रोक्लेस को गले लगाता है। यह वही शेर है जिसके पंजे से एंड्रोक्लेस ने काँटा निकाला था। शेर एंड्रोक्लेस के साथ खेलता है और उसे चाटता है, जिससे भीड़ और कैसर हैरान रह जाते हैं। कैसर इस चमत्कार से प्रभावित होता है और फैसला करता है कि अब से ईसाइयों को सताया नहीं जाएगा, और एंड्रोक्लेस को अपने शेर को पालतू जानवर के रूप में रखने की अनुमति देता है। कैसर फेरोवियस को अपने अंगरक्षक के रूप में नियुक्त करता है, क्योंकि वह उसकी ताकत से प्रभावित हुआ है। नाटक का अंत एंड्रोक्लेस और शेर के एक साथ नाचने के साथ होता है, जो करुणा और दया की शक्ति का प्रतीक है।


साहित्यिक शैली: व्यंग्यात्मक नाटक (Satirical Play), कॉमेडी (Comedy), दार्शनिक नाटक (Philosophical Play)।

लेखक के तथ्य:

  • जॉर्ज बर्नार्ड शॉ (George Bernard Shaw) (1856-1950) एक आयरिश नाटककार, आलोचक, पोलिमिस्ट और राजनीतिक कार्यकर्ता थे।
  • वह 20वीं सदी की शुरुआत के अग्रणी नाटककारों में से एक हैं।
  • उन्हें 1925 में साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
  • उनके प्रसिद्ध नाटकों में 'पिग्मेलियन' (जिस पर 'माई फेयर लेडी' आधारित है), 'मैन्स एंड सुपरमैन', 'सेंट जोन' और 'सीजर एंड क्लियोपेट्रा' शामिल हैं।
  • शॉ अपनी बुद्धि, सामाजिक आलोचना और व्यंग्यात्मक लेखन शैली के लिए जाने जाते थे, अक्सर समकालीन सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर सवाल उठाते थे।

नैतिकता:
नाटक की मुख्य नैतिकता यह है कि सच्ची ईसाई आस्था केवल नियमों या कर्मकांडों का पालन करने में नहीं है, बल्कि प्रेम, करुणा और क्षमा जैसे आंतरिक गुणों में निहित है। यह दिखाता है कि निस्वार्थ दया (जैसा कि एंड्रोक्लेस शेर के प्रति दिखाता है) का इनाम मिलता है और यह सबसे क्रूर परिस्थितियों में भी एक शक्तिशाली शक्ति हो सकती है। यह शहादत के वास्तविक अर्थ पर भी सवाल उठाता है और यह दर्शाता है कि कैसे कुछ लोग अपने विश्वास के लिए मरना पसंद करते हैं, जबकि अन्य अपनी आस्था के सार को खोए बिना अपने जीवन को बचा सकते हैं। अंततः, यह मानवता और दया की सार्वभौमिक शक्ति को उजागर करता है।

उत्सुकताएँ:

  • नाटक का शीर्षक और मूल कहानी एलीयस (Aelian) के 'डी नेचर एनिमलियम' (De Natura Animalium) में दर्ज एक प्राचीन रोमन दंतकथा पर आधारित है, जिसे अक्सर 'एंड्रोक्लेस एंड द लायन' के रूप में जाना जाता है।
  • शॉ ने यह नाटक 1912 में लिखा था और इसका प्रीमियर 1913 में हुआ था।
  • यह नाटक शॉ के "क्रिश्चियनिटी प्ले" में से एक माना जाता है, जिसमें वह ईसाई धर्म के विभिन्न पहलुओं और उसके वास्तविक अर्थ की पड़ताल करते हैं।
  • शॉ ने विशेष रूप से यह दिखाया कि कैसे विभिन्न व्यक्तित्व और प्रेरणाएँ ईसाई धर्म के अभ्यास को प्रभावित करती हैं, जिसमें डरपोक स्पिनथो, हिंसक फेरोवियस, शांत लवीनिया और दयालु एंड्रोक्लेस शामिल हैं।
  • नाटक अपने व्यंग्य और हास्य के लिए भी जाना जाता है, जिसमें रोमन साम्राज्य की क्रूरता और पाखंड का मज़ाक उड़ाया जाता है, जबकि ईसाई सिद्धांतों पर भी सवाल उठाए जाते हैं।