अफ्रीका की हरी पहाड़ियाँ - अर्नेस्ट हेमिंग्वे
सारांश
'ग्रीन हिल्स ऑफ अफ्रीका' अर्नेस्ट हेमिंग्वे का 1935 का एक गैर-काल्पनिक यात्रा वृत्तांत है, जो पूर्वी अफ्रीका में उनके और उनकी पत्नी पॉलिन (जिसे P.O.M. कहा जाता है) की 1933 की सफारी यात्रा का वर्णन करता है। यह पुस्तक एक बड़ी कुडू हिरण का पीछा करने, अफ्रीकी परिदृश्य के रोमांच और शिकार के शारीरिक और मानसिक चुनौतियों पर केंद्रित है। हेमिंग्वे इस यात्रा को एक "सच्ची कहानी" के रूप में प्रस्तुत करते हैं कि कैसे एक सफल शिकार और एक अच्छी कहानी को एक साथ साधा जाता है। कहानी शिकार के रोमांच, अफ्रीकी प्रकृति की सुंदरता, स्थानीय लोगों के साथ बातचीत और हेमिंग्वे के व्यक्तिगत विचारों, विशेष रूप से साहित्य, लेखन और एक शिकारी के जीवन के दर्शन पर केंद्रित है। पुस्तक में हेमिंग्वे की प्रतिद्वंद्विता, विशेष रूप से एक सह-शिकारी कार्ल के साथ, और सबसे बड़े और सबसे मायावी जानवर का शिकार करने की उनकी तीव्र इच्छा का भी पता चलता है।
किताब के अनुभाग
अनुभाग I
यह अनुभाग हेमिंग्वे और उनके समूह की सफारी की शुरुआत का वर्णन करता है। वे तांगान्यिका झील के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में स्थित सेरेनगेटी मैदानों के पास बड़े खेल का शिकार करने की तलाश में हैं। हेमिंग्वे, उनकी पत्नी पॉलिन (P.O.M.), एक अन्य शिकारी कार्ल, और उनके सफेद शिकारी गाइड पॉप (फिलिप पर्सिवल) और कई स्थानीय ट्रैकर्स और पोर्टर्स के साथ मिलकर यात्रा कर रहे हैं। शुरुआत में, हेमिंग्वे एक बड़े कुडू हिरण का शिकार करने के लिए दृढ़ हैं, लेकिन उन्हें निराशा होती है क्योंकि उनके प्रतिद्वंद्वी कार्ल को पहले एक बड़ा जानवर मिल जाता है। यह हेमिंग्वे में एक हल्की जलन पैदा करता है, जो उन्हें और अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित करता है। इस अनुभाग में अफ्रीका के परिदृश्य, इसके वन्यजीवन और शिकार के नियमों का विस्तृत विवरण शामिल है। हेमिंग्वे अपनी लेखन शैली और साहित्य के बारे में भी दार्शनिक विचार प्रस्तुत करते हैं।
| पात्र | विशेषताएँ | प्रेरणाएँ |
|---|---|---|
| अर्नेस्ट हेमिंग्वे | कथावाचक, लेखक, और एक भावुक शिकारी। वह बड़े और चुनौतीपूर्ण खेल का शिकार करने की गहरी इच्छा रखते हैं। प्रकृति और शिकार के माध्यम से जीवन के अर्थ को समझते हैं। साहित्य पर भी विचार रखते हैं। | सबसे बड़े कुडू का शिकार करना, प्रकृति के साथ जुड़ना, अनुभवों को लेखन में ढालना, और अपने शिकार कौशल को साबित करना। |
| पॉलिन (P.O.M.) | हेमिंग्वे की पत्नी और सफारी में उनकी साथी। वह एक उत्सुक शिकारी है और अपने पति के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलती है। वह दृढ़निश्चयी और सक्षम है। | अपने पति का समर्थन करना, शिकार के रोमांच का अनुभव करना, और अफ्रीकी वन्यजीवन को देखना। |
| कार्ल | सफारी का एक अन्य यूरोपीय सदस्य और हेमिंग्वे का कभी-कभी प्रतिद्वंद्वी। वह भी बड़े खेल का शिकार करना चाहता है, जिससे हेमिंग्वे के साथ प्रतिस्पर्धा पैदा होती है। | बड़े शिकार का शिकार करके खुद को साबित करना, और शायद हेमिंग्वे से आगे निकलना। |
| म'कोला | स्थानीय ट्रैकर और गाइड। वह कुशल, शांत, धैर्यवान और अफ्रीकी जंगल का गहरा ज्ञान रखने वाला है। वह जानवरों के निशान पढ़ने और उनका पता लगाने में माहिर है। | अपने समूह को सुरक्षित रखना, उन्हें शिकार खोजने में मदद करना, और अपनी विशेषज्ञता के लिए सम्मान अर्जित करना। |
| पॉप (फिलिप पर्सिवल) | सफारी नेता और एक अनुभवी सफेद शिकारी। वह समूह को सलाह और मार्गदर्शन प्रदान करता है। वह शांतचित्त और अफ्रीकी झाड़ी के बारे में जानकार है। | अपने ग्राहकों को एक सफल और सुरक्षित सफारी प्रदान करना, और अपनी प्रतिष्ठा बनाए रखना। |
अनुभाग II
यह अनुभाग हेमिंग्वे के एक मायावी और बड़े कुडू का पीछा करने पर केंद्रित है। वह लगातार शिकार को खोजने और उसे मारने की कोशिश करता है, कई दिनों तक ट्रैकिंग करता है और विभिन्न बाधाओं का सामना करता है। हेमिंग्वे को एक विशालकाय कुडू के निशान मिलते हैं, लेकिन उसे पकड़ना मुश्किल साबित होता है। इस बीच, कार्ल को एक और कुडू मिलता है, जिससे हेमिंग्वे में कुडू पाने की इच्छा और बढ़ जाती है। हेमिंग्वे अपने स्थानीय ट्रैकर्स, विशेष रूप से म'कोला की विशेषज्ञता पर बहुत अधिक निर्भर करता है। वह शिकार की शारीरिक थकान और मानसिक चुनौतियों का विवरण देता है - मीलों पैदल चलना, धूप में इंतजार करना, और हर असफल प्रयास के साथ निराशा का अनुभव करना। अंततः, अथक प्रयासों के बाद, हेमिंग्वे को अपना बड़ा कुडू मिल जाता है, जिससे उसे बहुत संतुष्टि मिलती है, लेकिन साथ ही शिकार के अंत का एक कड़वा-मीठा एहसास भी होता है।
अनुभाग III
इस अनुभाग में, समूह दक्षिण की ओर यात्रा करता है, और हेमिंग्वे अब हाथी का शिकार करने पर ध्यान केंद्रित करता है। वह और उसके साथी नए शिकारगाहों में जाते हैं, जहाँ उन्हें हाथियों के झुंड मिलते हैं। हेमिंग्वे एक विशाल हाथी का शिकार करने की उम्मीद करता है, लेकिन उसे कई छोटे या कम प्रभावशाली हाथी मिलते हैं। वह एक हाथी का शिकार करता है, लेकिन उसे महसूस होता है कि वह उतना बड़ा और शानदार नहीं था जितना उसने सोचा था। यह उसके लिए थोड़ा निराशाजनक होता है, लेकिन वह फिर भी शिकार के अनुभव और अफ्रीकी परिदृश्य में डूबने का आनंद लेता है। इस अनुभाग में हेमिंग्वे अफ्रीका की विशालता, इसके वन्यजीवों और प्रकृति के साथ मनुष्य के संबंध पर गहन चिंतन करता है। वह कुछ अन्य सफारी शिकारियों से भी मिलता है और उनके विभिन्न दृष्टिकोणों का अवलोकन करता है।
अनुभाग IV
सफारी अब अपने अंतिम चरण में है। हेमिंग्वे समूह के साथ घर वापसी की यात्रा पर है। यह अनुभाग यात्रा के दौरान हेमिंग्वे के अनुभवों पर उनके अंतिम विचारों और प्रतिबिंबों को प्रस्तुत करता है। वह अफ्रीका की सुंदरता, शिकार के रोमांच, अपने साथियों के साथ साझा किए गए बंधन और प्रकृति से सीखे गए जीवन के पाठों पर विचार करता है। वह अपने कुडू शिकार की सफलता पर भी चिंतन करता है और अफ्रीकी भूमि के साथ अपने गहरे संबंध पर जोर देता है। वह साहित्य और लेखन के बारे में अपनी मान्यताओं पर लौटता है, इस बात पर जोर देता है कि कैसे सच्ची कहानियों को बताना महत्वपूर्ण है और कैसे अनुभव लेखक की कला को आकार देते हैं। हेमिंग्वे इस बात पर अफ़सोस जताता है कि सफारी खत्म हो रही है, लेकिन वह भविष्य में अफ्रीका लौटने की इच्छा व्यक्त करता है।
साहित्यिक शैली
यात्रा वृत्तांत, संस्मरण, गैर-कथा साहित्य।
लेखक के बारे में
अर्नेस्ट हेमिंग्वे (1899-1961) एक अमेरिकी उपन्यासकार, लघु कथाकार और पत्रकार थे। उनकी विशिष्ट और मितव्ययी लेखन शैली ने 20वीं सदी के कथा साहित्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाला। उन्होंने 1954 में साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार जीता, और उनकी कुछ सबसे प्रसिद्ध रचनाओं में 'द सन आल्सो राइजेज', 'ए फेयरवेल टू आर्म्स', ''फॉर हूम द बेल टॉल्स' और 'द ओल्ड मैन एंड द सी' शामिल हैं। हेमिंग्वे का जीवन रोमांच और यात्रा से भरा था, जिसमें स्पेनिश गृहयुद्ध में एक एम्बुलेंस ड्राइवर के रूप में सेवा करना, अफ्रीका में सफारी पर जाना और क्यूबा में रहना शामिल था, जो उनके लेखन के लिए एक प्रेरणा बन गया।
नैतिक शिक्षा
- प्रकृति के प्रति सम्मान: यह पुस्तक शिकार के रोमांच को दर्शाती है, लेकिन साथ ही जानवरों और अफ्रीकी जंगल के प्रति गहरे सम्मान को भी उजागर करती है।
- अनुभवों का महत्व: हेमिंग्वे जीवन के अनुभवों को सबसे बड़ा शिक्षक मानते हैं, जो व्यक्ति के चरित्र और कला को आकार देते हैं।
- सत्य और कला: हेमिंग्वे का मानना है कि सच्चा लेखन ईमानदारी और प्रत्यक्ष अनुभवों से आता है, न कि दिखावे से।
- चुनौती का पीछा: बड़े और मुश्किल लक्ष्यों का पीछा करने में एक अद्वितीय संतुष्टि मिलती है, भले ही उसमें निराशा और असफलता भी शामिल हो।
जिज्ञासाएँ
- पहला गैर-काल्पनिक कार्य: 'ग्रीन हिल्स ऑफ अफ्रीका' हेमिंग्वे का पहला गैर-काल्पनिक पूर्ण-लंबाई वाला कार्य था। इसे एक "सच्ची कहानी" के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
- साहित्यिक बहस: हेमिंग्वे इस पुस्तक में अन्य लेखकों और साहित्य पर अपने विचार और आलोचनाएँ साझा करते हैं, जिसमें विलियम फॉकनर जैसे समकालीन भी शामिल हैं।
- "काल्पनिक जैसा": हेमिंग्वे ने जानबूझकर इसे "एक काल्पनिक पुस्तक के रूप में लिखा गया" कहा, ताकि यह दिखाया जा सके कि कैसे एक सच्ची कहानी में भी उपन्यास के गुणों का उपयोग किया जा सकता है।
- प्रतिक्रिया: जब यह पुस्तक पहली बार प्रकाशित हुई, तो इसे आलोचकों से मिश्रित प्रतिक्रियाएँ मिलीं, कुछ ने इसकी शैली की प्रशंसा की, जबकि अन्य ने हेमिंग्वे के आत्म-केंद्रित दृष्टिकोण की आलोचना की।
