टैम्बोरिंस टू ग्लोरी - लैंगस्टन ह्यूजेस
सारांश
लैंगस्टन ह्यूज द्वारा लिखित 'टैंबोरिन्स टू ग्लोरी' एक व्यंग्यात्मक उपन्यास है जो दो सहेलियों, सिस्टर एस्सी बेले जॉनसन और सिस्टर लौरा मे हेंडरसन की कहानी कहता है, जो न्यूयॉर्क शहर के हार्लेम में एक स्टोरफ्रंट चर्च की स्थापना करती हैं। एस्सी, जो अधिक महत्वाकांक्षी और चालाक है, चर्च को धन और प्रसिद्धि के साधन के रूप में देखती है, जबकि लौरा मे की आस्था थोड़ी अधिक सच्ची है, लेकिन वह एस्सी के प्रभाव में आ जाती है। जैसे-जैसे चर्च 'टैंबोरिन्स ऑफ ग्लोरी' लोकप्रियता हासिल करता है, एस्सी की बेईमानी और दिखावा बढ़ता जाता है। वह चर्च के माध्यम से पैसे ऐंठने और व्यक्तिगत लाभ के लिए लोगों का फायदा उठाने में संकोच नहीं करती। लौरा मे धीरे-धीरे एस्सी के कपट और लालच को पहचानती है, जिससे उनके बीच तनाव पैदा होता है। उपन्यास में पाखंड, धार्मिक दिखावा और भौतिकवाद की आलोचना की गई है, जो दिखाता है कि कैसे धर्म को व्यक्तिगत लाभ के लिए विकृत किया जा सकता है, जिससे अंततः पतन होता है।
किताब के अनुभाग
अनुभाग 1
हार्लेम की पृष्ठभूमि में, उपन्यास की शुरुआत दो सहेलियों, सिस्टर एस्सी बेले जॉनसन और सिस्टर लौरा मे हेंडरसन के परिचय से होती है। दोनों शुरू में पारंपरिक रेवरेंड डुनहम के चर्च में भक्तिभाव से सेवा करती हैं। वे दोनों अपनी आध्यात्मिकता के लिए जानी जाती हैं, खासकर उनके टैम्बोरिन बजाने के कौशल और अपनी उत्साहपूर्ण गायन के लिए। हालांकि, एस्सी के मन में बड़े सपने हैं। वह एक ऐसे चर्च की कल्पना करती है जहाँ वे दोनों केंद्र बिंदु हों, जहाँ वे अपनी शर्तों पर नेतृत्व कर सकें, और जहाँ वे अधिक ध्यान और, महत्वपूर्ण रूप से, अधिक धन आकर्षित कर सकें। लौरा मे, जो स्वभाव से अधिक सीधी-सादी और धार्मिक है, शुरू में झिझकती है, लेकिन एस्सी के करिश्माई दृढ़ संकल्प से प्रभावित हो जाती है। एस्सी उसे समझाती है कि वे अपने तरीके से लोगों की सेवा कर सकती हैं और साथ ही समाज में अपनी एक पहचान बना सकती हैं। वे दोनों मिलकर रेवरेंड डुनहम के चर्च से अलग होकर अपना खुद का चर्च 'टैंबोरिन्स ऑफ ग्लोरी' बनाने का फैसला करती हैं।
| नाम | विशेषताएँ | प्रेरणाएँ |
|---|---|---|
| सिस्टर एस्सी बेले जॉनसन | करिश्माई, महत्वाकांक्षी, चालाक, आकर्षक, लेकिन लालची और अवसरवादी। | धन, शक्ति, प्रसिद्धि, समाज में एक महत्वपूर्ण हस्ती के रूप में अपनी पहचान बनाना। |
| सिस्टर लौरा मे हेंडरसन | भक्त, नेक दिल, सीधी-सादी, लेकिन थोड़ी कमजोर और दूसरों के प्रभाव में आने वाली। | सच्ची आध्यात्मिक संतुष्टि, समुदाय की सेवा करना, लेकिन एस्सी के प्रभाव में आकर प्रसिद्धि और स्वीकार्यता की भी इच्छा। |
अनुभाग 2
एस्सी और लौरा मे एक खाली स्टोर को किराए पर लेकर अपना चर्च शुरू करती हैं। शुरुआत में, वे खुद ही संगीत बजाती हैं, गाती हैं और प्रचार करती हैं। एस्सी अपने उत्साही और भावनात्मक प्रचार से भीड़ को आकर्षित करती है, जिसमें वह अक्सर नाटकीय रूप से रोती है और धार्मिक भावनाओं को उकसाती है। लौरा मे अपने मधुर गायन और टैम्बोरिन बजाने से लोगों का दिल जीतती है। वे चर्च के मंच पर अपनी आकर्षक वेशभूषा और ऊर्जावान प्रदर्शन के साथ लोगों को आकर्षित करती हैं। चर्च तेजी से बढ़ता है और स्थानीय समुदाय में एक लोकप्रिय स्थान बन जाता है। लोग उनकी सेवा में भाग लेने के लिए दूर-दूर से आते हैं, दान करते हैं और चर्च के विकास में योगदान देते हैं। एस्सी चर्च की बढ़ती लोकप्रियता को भुनाने के लिए नए-नए तरीके अपनाती है। वह दावा करती है कि उसे दिव्य दर्शन होते हैं और वह लोगों की समस्याओं का समाधान कर सकती है, जिससे वह और अधिक अनुयायियों और दान को आकर्षित करती है। लौरा मे को एस्सी की इन हरकतों पर कभी-कभी संदेह होता है, लेकिन वह चर्च की सफलता और एस्सी के करिश्मा से अभिभूत होकर चुप रहती है।
अनुभाग 3
चर्च की सफलता के साथ, एस्सी का लालच और बेईमानी बढ़ने लगती है। वह अब केवल आध्यात्मिक नेतृत्व तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि वह एक सेलिब्रिटी की तरह जीना चाहती है। वह महंगी गाड़ियां, फर कोट और आभूषण खरीदती है, यह दावा करते हुए कि ये परमेश्वर ने उसे आशीर्वाद के रूप में दिए हैं। चर्च के दान को व्यक्तिगत खर्चों के लिए उपयोग करने लगती है। वह विभिन्न प्रकार की धोखाधड़ी में शामिल हो जाती है, जैसे कि बीमारों को ठीक करने का नाटक करना या जादुई तेल बेचना। लौरा मे, जो अभी भी अपनी आध्यात्मिक निष्ठा बनाए रखने की कोशिश कर रही है, एस्सी के बढ़ते पाखंड से चिंतित होने लगती है। वह एस्सी को सही रास्ते पर लाने की कोशिश करती है, उसे याद दिलाती है कि उन्होंने किस पवित्र उद्देश्य से शुरुआत की थी, लेकिन एस्सी उसकी बातों को अनदेखा कर देती है। उनके रिश्ते में तनाव बढ़ने लगता है क्योंकि लौरा मे एस्सी के भ्रष्ट तरीकों में शामिल होने से इनकार करती है।
अनुभाग 4
एस्सी की महत्वाकांक्षा उसे और भी गहरे दलदल में खींच लेती है। वह अब केवल धर्मोपदेशों और दिखावटी उपदेशों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि वह पुरुषों को अपने चर्च और अपने व्यक्तिगत जीवन में शामिल करना शुरू कर देती है, खासकर आर्थिक लाभ के लिए। वह स्वीट बैक (Sweet Back) नाम के एक व्यक्ति को चर्च में ड्रम बजाने और बाद में अन्य अवैध गतिविधियों में मदद करने के लिए लाती है। स्वीट बैक एक चालाक और आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है जो एस्सी के धोखेबाजी में उसका साथ देता है। बाद में, सी.सी. (Clarence) नाम का एक और व्यक्ति एस्सी के साथ जुड़ता है। ये पुरुष एस्सी की योजनाओं में भागीदार बनते हैं और चर्च को एक आपराधिक उद्यम में बदल देते हैं। वे फर्जी दान रसीदें जारी करते हैं, जुआ आयोजित करते हैं, और अन्य अवैध गतिविधियों में संलग्न होते हैं, सभी चर्च के नाम पर। लौरा मे इन सभी गतिविधियों को देखकर और भी अधिक निराश और भयभीत हो जाती है। वह महसूस करती है कि चर्च अब अपने मूल उद्देश्य से बहुत दूर चला गया है और पूरी तरह से भ्रष्टाचार में डूब गया है। आखिरकार, वह एस्सी और उसके चर्च को छोड़ने का कठोर निर्णय लेती है, क्योंकि वह अब इस पाखंड का हिस्सा नहीं रहना चाहती।
| नाम | विशेषताएँ | प्रेरणाएँ |
|---|---|---|
| स्वीट बैक | चालाक, आपराधिक प्रवृत्ति का, संगीतकार, एस्सी का प्रेमी और साथी। | पैसा, व्यक्तिगत लाभ, एस्सी के साथ संबंध बनाए रखना। |
| सी.सी. | अवसरवादी, एस्सी का एक और सहयोगी, धोखाधड़ी में शामिल। | पैसा, व्यक्तिगत लाभ, एस्सी के साथ जुड़कर फायदा उठाना। |
अनुभाग 5
लौरा मे के चले जाने के बाद, एस्सी का चर्च और उसकी गतिविधियाँ और भी बेकाबू हो जाती हैं। वह और स्वीट बैक तथा सी.सी. मिलकर बड़ी धोखाधड़ी में लिप्त होते हैं। एस्सी की लालच की कोई सीमा नहीं रहती। वह जनता से पैसे ऐंठने के लिए हर संभव हथकंडा अपनाती है, लेकिन धीरे-धीरे उसकी हरकतों पर पुलिस की नज़र पड़ने लगती है। एक बड़ी धोखाधड़ी या घोटाले के बाद, आखिरकार, एस्सी और उसके साथी कानून के शिकंजे में आ जाते हैं। एस्सी को गिरफ्तार कर लिया जाता है और उसे जेल भेज दिया जाता है, जिससे उसके गौरव का अंत हो जाता है। चर्च 'टैंबोरिन्स ऑफ ग्लोरी' पूरी तरह से बिखर जाता है और उसका नामोनिशान मिट जाता है। लौरा मे, जो एस्सी से अलग हो चुकी थी, अंततः अपनी शांति और सच्ची आस्था को वापस पा लेती है। वह एक छोटे से, साधारण चर्च में वापस आ जाती है जहाँ वह बिना किसी दिखावे या लालच के परमेश्वर की सेवा करती है। यह घटनाक्रम दिखाता है कि कैसे लालच और पाखंड अंततः पतन की ओर ले जाते हैं, और सच्ची आस्था का मूल्य भौतिक सुखों से कहीं अधिक है।
साहित्यिक शैली: व्यंग्यात्मक उपन्यास (Satirical Novel), हास्य उपन्यास (Humorous Novel), यथार्थवादी उपन्यास (Realistic Novel)
लेखक के बारे में:
लैंगस्टन ह्यूज (1902-1967) एक अमेरिकी कवि, सामाजिक कार्यकर्ता, उपन्यासकार, नाटककार और स्तंभकार थे। उन्हें हार्लेम पुनर्जागरण (Harlem Renaissance) के सबसे महत्वपूर्ण शख्सियतों में से एक माना जाता है। उन्होंने अफ्रीकी-अमेरिकी संस्कृति और अनुभव को अपनी रचनाओं में प्रमुखता से दर्शाया। उनकी रचनाएँ अक्सर अफ्रीकी-अमेरिकी जीवन के संघर्षों, खुशियों और आकांक्षाओं को उजागर करती थीं। उन्होंने विभिन्न साहित्यिक रूपों में काम किया और अपनी पीढ़ी के सबसे प्रभावशाली लेखकों में से एक रहे।
नैतिकता:
'टैंबोरिन्स टू ग्लोरी' की मुख्य नैतिकता यह है कि धार्मिक पाखंड और लालच अंततः पतन की ओर ले जाते हैं। यह उपन्यास दिखाता है कि कैसे धर्म का उपयोग व्यक्तिगत लाभ और सत्ता के लिए किया जा सकता है, जिससे आस्था का सार नष्ट हो जाता है। सच्ची आध्यात्मिकता बाहरी दिखावे या भौतिक संपत्ति में नहीं, बल्कि ईमानदारी, निस्वार्थता और दूसरों की सच्ची सेवा में निहित है।
जिज्ञासाएँ:
- यह उपन्यास लैंगस्टन ह्यूज के गॉस्पेल प्ले 'ब्लैक नैटिविटी' और 'मामा एंड हर मैन' के बाद आया था, और इसमें उनके नाटक लेखन के अनुभव की झलक मिलती है।
- ह्यूज ने हार्लेम में स्टोरफ्रंट चर्चों की बढ़ती संख्या और उनमें से कुछ में होने वाले पाखंड और दिखावे को करीब से देखा था, जिसने उन्हें इस कहानी को लिखने के लिए प्रेरित किया।
- उपन्यास का शीर्षक, 'टैंबोरिन्स टू ग्लोरी', टैम्बोरिन के उपयोग पर एक चंचल मोड़ है, जो अक्सर अफ्रीकी-अमेरिकी चर्चों में एक महत्वपूर्ण संगीत वाद्ययंत्र होता है, और "स्वर्ग की ओर" (to glory) वाक्यांश पर व्यंग्यात्मक रूप से प्रकाश डालता है।
- यह उपन्यास ह्यूज की अन्य रचनाओं की तरह, अफ्रीकी-अमेरिकी समुदाय के भीतर के सांस्कृतिक और सामाजिक मुद्दों की तीखी टिप्पणी प्रदान करता है।
