kaptaan grant ke bachche - jul vern

सारांश

'कैप्टन ग्रांट के बच्चे' जूल्स वर्न का एक साहसिक उपन्यास है, जो स्कॉटिश लॉर्ड एडवर्ड ग्लेनरवन के इर्द-गिर्द घूमता है। ग्लेनरवन को अपने याट 'डंकन' पर एक शार्क के पेट में कैप्टन हैरी ग्रांट का एक संदेश मिलता है। संदेश फटा हुआ है, जिसमें केवल कुछ ही शब्द स्पष्ट हैं, लेकिन यह संकेत देता है कि कैप्टन ग्रांट और उनके चालक दल दो साल पहले पृथ्वी के 37वें समानांतर अक्षांश पर कहीं जहाज डूबने के बाद जीवित हैं।

लॉर्ड और लेडी ग्लेनरवन, कैप्टन ग्रांट के बच्चों, मैरी और रॉबर्ट, और कुछ अन्य लोगों के साथ, कैप्टन ग्रांट को खोजने के लिए एक विश्वव्यापी अभियान पर निकलते हैं। उनका रोमांच उन्हें दक्षिण अमेरिका के पैटागोनिया से होते हुए, ऑस्ट्रेलिया के विशाल मैदानों तक, और फिर न्यूजीलैंड के खतरनाक माओरी-आबाद द्वीपों तक ले जाता है। रास्ते में, वे फ्रांसीसी भूगोलवेत्ता जैक्स पगानल से मिलते हैं, जो अपनी भूलने की बीमारी के कारण गलत जहाज पर सवार हो जाता है, लेकिन बाद में अपनी विशेषज्ञता और हास्य से महत्वपूर्ण योगदान देता है।

यह यात्रा चुनौतियों, धोखे और लगातार उम्मीद से भरी है। वे प्रकृति की बाधाओं, विश्वासघाती अपराधियों और स्वदेशी जनजातियों के साथ संघर्ष का सामना करते हैं। संदेश के विभिन्न व्याख्याओं और कुछ गलतफहमियों के बाद, उन्हें अंततः मारिया थेरेसा नामक एक छोटे, निर्जन द्वीप पर कैप्टन ग्रांट और उनके वफादार चालक दल के दो सदस्यों का पता चलता है, जिससे एक सफल बचाव होता है।

किताब के अनुभाग

अनुभाग 1

डंकन और रहस्यमय संदेश

कहानी की शुरुआत स्कॉटिश रईस लॉर्ड एडवर्ड ग्लेनरवन के याट 'डंकन' से होती है। मछली पकड़ते समय, उन्हें एक शार्क मिलती है जिसके पेट में एक बोतल होती है। बोतल के अंदर तीन भाषाओं (अंग्रेजी, फ्रेंच और जर्मन) में एक संकट संदेश होता है। संदेश आंशिक रूप से नष्ट हो गया है, लेकिन यह स्पष्ट है कि कैप्टन हैरी ग्रांट नामक एक स्कॉटिश नाविक का जहाज 'ब्रिटेनिया' डूब गया है, और वह अपने दो चालक दल के सदस्यों के साथ 37वें समानांतर अक्षांश पर कहीं जीवित है।

लॉर्ड ग्लेनरवन तुरंत कैप्टन ग्रांट के बच्चों, मैरी और रॉबर्ट को ढूंढ निकालते हैं, जो अपने पिता की मौत के बारे में जानते थे। वे उन्हें अपने पिता के जीवित होने की खबर देते हैं। रॉयल ज्योग्राफिकल सोसाइटी उनकी मदद करने से इनकार करती है, लेकिन लॉर्ड ग्लेनरवन, अपनी दयालु पत्नी लेडी हेलेना और वफादार दल की मदद से, खुद कैप्टन ग्रांट को खोजने का फैसला करते हैं। वे 37वें समानांतर का पता लगाने के लिए डंकन को तैयार करते हैं।

गलती से, फ्रांसीसी भूगोलवेत्ता जैक्स पगानल उनके जहाज पर सवार हो जाता है, जो गलती से कैप्टन जॉन मैंगल्स के जहाज को न्यूजीलैंड ले जाने के बजाय भारत ले जा रहा था। अपनी त्रुटि का पता चलने पर, पगानल, जो अपनी महान शैक्षिक ज्ञान लेकिन भयानक भूलने की बीमारी के लिए जाना जाता है, कैप्टन ग्रांट की तलाश में शामिल हो जाता है, यह उम्मीद करते हुए कि उसका भौगोलिक ज्ञान उपयोगी साबित होगा।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
लॉर्ड एडवर्ड ग्लेनरवन स्कॉटलैंड के एक धनी और साहसी रईस। दयालु, कर्तव्यनिष्ठ और दृढ़ निश्चयी। दूसरों की मदद करने में विश्वास रखते हैं। एक संकट संदेश को पढ़ने के बाद कैप्टन ग्रांट को बचाने के लिए प्रेरित, खासकर जब रॉयल ज्योग्राफिकल सोसाइटी इनकार कर देती है। ग्रांट के बच्चों के प्रति सहानुभूति।
लेडी हेलेना ग्लेनरवन लॉर्ड एडवर्ड की पत्नी। मजबूत इच्छाशक्ति वाली, साहसी और दयालु। अपने पति का हर कदम पर साथ देती है। अपने पति के प्रति वफादारी और कैप्टन ग्रांट के बच्चों के लिए चिंता, जिससे वह यात्रा पर जाने के लिए तैयार हो जाती है।
मेजर मैक् नब्ब्स लॉर्ड ग्लेनरवन के चचेरे भाई। व्यावहारिक, शांत स्वभाव के और तर्कसंगत। खतरे में भी शांत रहते हैं। अपने चचेरे भाई और परिवार के प्रति वफादारी, अभियान में एक स्थिर उपस्थिति प्रदान करते हैं।
जॉन मैंगल्स याट 'डंकन' के वफादार और कुशल कप्तान। अनुभवी नाविक। लॉर्ड ग्लेनरवन के प्रति वफादारी और कैप्टन ग्रांट को बचाने के मिशन में मदद करने की इच्छा।
मैरी ग्रांट कैप्टन ग्रांट की बेटी। शांत, दृढ़ और अपने भाई की देखभाल करने वाली। अपने पिता को खोजने और बचाने की गहरी इच्छा।
रॉबर्ट ग्रांट कैप्टन ग्रांट का बेटा। युवा, साहसी और जिज्ञासु। अपने पिता को खोजने और अपने परिवार को फिर से जोड़ने की तीव्र इच्छा।
जैक्स पगानल एक फ्रांसीसी भूगोलवेत्ता। बुद्धिमान, विद्वान लेकिन अविश्वसनीय रूप से विस्मृत और हमेशा अपने विचारों में खोया हुआ रहता है। भूगोल के प्रति जुनून और दुनिया का पता लगाने की इच्छा। गलती से 'डंकन' पर सवार हो गया, लेकिन फिर अपने ज्ञान से सहायता करने का इच्छुक।

अनुभाग 2

दक्षिण अमेरिका के पार

'डंकन' अटलांटिक महासागर को पार करता है और दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट पर चिली पहुंचता है। संदेश में "पेटागोनिया" शब्द की गलत व्याख्या के कारण, दल चिली के एंडीज पहाड़ों से अर्जेंटीना के पैटागोनिया तक महाद्वीप के पार यात्रा करने का फैसला करता है, हमेशा 37वें समानांतर अक्षांश पर चलते हुए। यह यात्रा बेहद खतरनाक होती है।

उन्हें भूकंप, बर्फीले तूफान, हिमस्खलन और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ता है। दल गिद्धों के हमलों से भी बचता है और खतरनाक जानवरों से लड़ता है। वे थलकावे नामक एक बहादुर और वफादार भारतीय प्रमुख से मिलते हैं, जो आराउकैन जनजाति से है। थलकावे और उसके साथी उन्हें रेगिस्तानी इलाकों और पहाड़ों में मार्गदर्शन करते हैं, उन्हें स्वदेशी जीवनशैली और प्रकृति से बचने के तरीके सिखाते हैं। हालांकि, इन सभी कठिनाइयों के बावजूद, कैप्टन ग्रांट का कोई निशान नहीं मिलता है। पगानल के उत्साह और कभी-कभी उसकी गलत व्याख्याओं के बावजूद, उन्हें अंततः यह स्वीकार करना पड़ता है कि कैप्टन ग्रांट दक्षिण अमेरिका में नहीं हैं। वे समुद्र तट पर वापस लौटते हैं, जहां उन्हें डंकन को फिर से मिलना चाहिए था।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
थालकावे एक वफादार और बहादुर भारतीय प्रमुख। कुशल शिकारी और मार्गदर्शक। अपने लोगों के प्रति समर्पित। अपनी भूमि और लोगों के प्रति वफादारी। ग्लेनरवन के समूह की सहायता करना।

अनुभाग 3

ऑस्ट्रेलिया और ऐर्टन का विश्वासघात

दक्षिण अमेरिका में कैप्टन ग्रांट को खोजने में विफल रहने के बाद, दल डंकन पर सवार होकर ऑस्ट्रेलिया की ओर प्रस्थान करता है, क्योंकि पगानल ने संदेश के एक नए अर्थ की व्याख्या की है, जिससे लगता है कि कैप्टन ग्रांट ऑस्ट्रेलिया में हो सकते हैं। ऑस्ट्रेलिया पहुंचने पर, वे ऐर्टन नामक एक व्यक्ति से मिलते हैं, जो खुद को कैप्टन ग्रांट के पूर्व दल का सदस्य बताता है। वह दावा करता है कि वह कैप्टन ग्रांट के जहाज 'ब्रिटेनिया' पर प्रथम अधिकारी था और जानता है कि कैप्टन ग्रांट कहां हैं।

ऐर्टन उन्हें ऑस्ट्रेलिया के आंतरिक भाग में ले जाने का प्रस्ताव करता है, यह दावा करते हुए कि कैप्टन ग्रांट न्यू साउथ वेल्स में हैं। हालांकि, ऐर्टन वास्तव में एक खतरनाक अपराधी है जो ब्रिटिश उपनिवेशवादियों से भाग गया है। उसका असली इरादा डंकन पर कब्जा करना और उसे समुद्री डकैती के लिए इस्तेमाल करना है। दल ऐर्टन पर भरोसा करता है और उसके साथ यात्रा करता है।

अनुभाग 4

ऑस्ट्रेलिया के रेगिस्तानी इलाके और धोखेबाज़

ऐर्टन की अगुवाई में, दल ऑस्ट्रेलिया के विशाल और खतरनाक भीतरी इलाकों को पार करता है। वे भयंकर गर्मी, पानी की कमी और खतरनाक वन्यजीवों का सामना करते हैं। इस यात्रा के दौरान, ऐर्टन अपने आपराधिक साथियों से संपर्क करता है, जो उसके साथ डंकन को हथियाने की साजिश में शामिल हैं। वह समूह को गुमराह करता है और उन्हें खतरनाक रास्तों पर ले जाता है।

एक बिंदु पर, ऐर्टन दल को अलग कर देता है, उन्हें विश्वासघाती अपराधियों के हाथों छोड़ देता है। रॉबर्ट ग्रांट बहादुरी से कुछ अपराधियों को रोक कर भागने में मदद करता है। भाग्य से, ग्लेनरवन और उसके साथी बच निकलते हैं, लेकिन उन्हें पता चलता है कि ऐर्टन ने उन्हें धोखा दिया है। वे डंकन तक वापस पहुंचने की कोशिश करते हैं, लेकिन ऐर्टन ने योजना बनाई थी कि डंकन गलत जगह पर उनसे मिलेगा।

बाद में, वे बेन जॉयस नामक एक व्यक्ति से मिलते हैं, जो ऐर्टन जैसा दिखता है, लेकिन निर्दोष होने का दावा करता है। दल को पता चलता है कि ऐर्टन वास्तव में कुख्यात अपराधी बेन जॉयस है, जिसने अपनी पहचान बदल ली थी। डंकन ऐर्टन के चंगुल से बचने में कामयाब हो जाता है, लेकिन अब दल ऑस्ट्रेलिया के आंतरिक भाग में फंसा हुआ है। अनेक कठिनाइयों के बाद, वे अंततः तट पर पहुँचते हैं और डंकन से मिलते हैं।

अनुभाग 5

न्यूजीलैंड के माओरी और नया मोड़

ऑस्ट्रेलिया में कैप्टन ग्रांट को खोजने में विफल रहने के बाद, और ऐर्टन के धोखे के उजागर होने के बाद, दल फिर से संदेश का अध्ययन करता है। पगानल एक नई व्याख्या लेकर आता है, जिससे लगता है कि कैप्टन ग्रांट न्यूजीलैंड में हो सकते हैं। वे डंकन पर सवार होकर न्यूजीलैंड की ओर प्रस्थान करते हैं।

न्यूजीलैंड में, वे माओरी जनजातियों के बीच उतरते हैं, जो उस समय अंग्रेजों के खिलाफ युद्ध में थे और विशेष रूप से विदेशियों के प्रति शत्रुतापूर्ण थे। दल को माओरी के युद्धरत कबीलों द्वारा पकड़ लिया जाता है। वे नरभक्षण के खतरे का सामना करते हैं और कई रोमांचक भागने के प्रयासों और बचाव के माध्यम से जीवित रहते हैं।

न्यूजीलैंड में भी, कैप्टन ग्रांट का कोई निशान नहीं मिलता है। दल लगभग हार मान लेता है। संदेश की कई गलत व्याख्याओं और निरंतर विफलताओं से थक चुके, वे वापस लौटने का फैसला करते हैं।

अनुभाग 6

मारिया थेरेसा द्वीप और बचाव

घर लौटते समय, डंकन मार्ग से एक छोटे, निर्जन द्वीप के पास से गुजरता है। जहाज पर सवार होकर, कैप्टन मैंगल्स और पगानल संदेश के अंतिम शब्द को फिर से देखते हैं। पगानल को एक गलती का एहसास होता है: संदेश का आखिरी शब्द "और" (and) नहीं, बल्कि "ओर" (or) था, जिसका अर्थ था कि कैप्टन ग्रांट उस द्वीप पर हो सकते हैं।

डंकन द्वीप के लिए अपना रास्ता बदलता है, जिसे मारिया थेरेसा द्वीप के रूप में जाना जाता है, हालांकि मानचित्रों पर यह अक्सर गलत तरीके से अंकित होता है या अनुपस्थित होता है। वहां, उन्हें अंततः कैप्टन ग्रांट और उनके दो वफादार चालक दल के सदस्य मिलते हैं, जो दो साल से अधिक समय से जीवित थे, लेकिन बाहरी दुनिया से कट गए थे।

एक अंतिम मोड़ में, ऐर्टन (बेन जॉयस) भी द्वीप पर पाया जाता है। वह भी कैप्टन ग्रांट के साथ जहाज पर था, लेकिन विद्रोह के कारण उसे द्वीप पर छोड़ दिया गया था। लॉर्ड ग्लेनरवन, अपनी दयालुता और न्याय की भावना से, ऐर्टन को उसके पिछले अपराधों के लिए दंडित करने के बजाय, उसे द्वीप पर छोड़ देते हैं, इस उम्मीद के साथ कि वह पश्चाताप करेगा और बेहतर इंसान बन जाएगा। कैप्टन ग्रांट को अंततः उनके बच्चों और परिवार के साथ फिर से मिला दिया जाता है, और डंकन विजयी रूप से घर लौटता है।


साहित्यिक शैली:
साहसिक उपन्यास, यात्रा साहित्य, विज्ञान कथा (अपने समय के हिसाब से), किशोर साहित्य।

लेखक के बारे में जानकारी:
जूल्स वर्न (1828-1905) एक फ्रांसीसी उपन्यासकार, कवि और नाटककार थे। उन्हें एच.जी. वेल्स के साथ "विज्ञान कथा के जनक" में से एक माना जाता है। उनके उपन्यासों में अक्सर हवाई जहाजों, पनडुब्बियों और अंतरिक्ष यात्रा जैसी तकनीकी प्रगति का पूर्वाभास होता है, जो उस समय काल्पनिक थे। उनकी प्रमुख कृतियों में 'समुद्र के नीचे बीस हजार लीग', 'अस्सी दिनों में दुनिया का भ्रमण' और 'पृथ्वी के केंद्र की यात्रा' शामिल हैं। वर्न के काम में साहसिक भावना, भौगोलिक खोज और मानवीय दृढ़ संकल्प पर जोर दिया गया है।

नैतिक शिक्षा:

  • दृढ़ता और आशा: यह उपन्यास चुनौतियों का सामना करने पर कभी हार न मानने की सीख देता है। कैप्टन ग्रांट के बच्चों और ग्लेनरवन का दृढ़ संकल्प अंततः सफल होता है।
  • पारिवारिक वफादारी: मैरी और रॉबर्ट का अपने पिता के लिए अटूट प्रेम और लॉर्ड ग्लेनरवन की उनके प्रति दया इस कहानी का मूल है।
  • मानवीय भाईचारा: विभिन्न देशों और संस्कृतियों के लोगों का एक साझा लक्ष्य के लिए एक साथ काम करना, भले ही उनके बीच गलतफहमी हो।
  • गलतफहमी और व्याख्या: संदेश की कई गलत व्याख्याएँ दिखाती हैं कि कैसे एक छोटी सी गलती पूरी खोज को बदल सकती है, और सटीक संचार कितना महत्वपूर्ण है।
  • दूसरा मौका: ऐर्टन को एक निर्जन द्वीप पर छोड़ने का निर्णय दिखाता है कि पश्चाताप और सुधार का मौका हमेशा मौजूद होता है।

किताब से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें:

  • त्रयी का हिस्सा: 'कैप्टन ग्रांट के बच्चे' जूल्स वर्न की एक त्रयी का पहला भाग है। इसके बाद 'बीस हजार लीग अंडर द सी' और 'रहस्यमय द्वीप' आता है, जिसमें कुछ पात्र (जैसे ऐर्टन) फिर से दिखाई देते हैं।
  • भौगोलिक यथार्थवाद: वर्न ने भौगोलिक विवरणों पर बहुत ध्यान दिया, हालांकि उनकी कुछ व्याख्याएँ कल्पनाशील थीं। उन्होंने पाठक को दुनिया के विभिन्न हिस्सों से परिचित कराया।
  • पगानल का चरित्र: जैक्स पगानल का चरित्र, अपनी विद्वत्ता और भूलने की बीमारी के संयोजन के साथ, हास्य और बौद्धिक आकर्षण का एक स्रोत है, जो वर्न के कई पात्रों की विशेषता है।
  • प्रकाशन का प्रभाव: इस उपन्यास ने साहसिक और खोजपूर्ण साहित्य की एक नई लहर को जन्म दिया और बच्चों और वयस्कों दोनों के बीच भूगोल और यात्रा के प्रति रुचि को बढ़ाया।
  • महिला पात्रों की भूमिका: लेडी हेलेना और मैरी ग्रांट उस समय के उपन्यासों की तुलना में अधिक सक्रिय और दृढ़निश्चयी महिला पात्र हैं, जो केवल पुरुषों के अभियानों में निष्क्रिय दर्शक नहीं हैं।