khush rajkumar aur anya kahaniyan - oskar vaild

सारांश

'द हैप्पी प्रिंस और अन्य कहानियाँ' ऑस्कर वाइल्ड द्वारा लिखित बच्चों के लिए कहानियों का एक संग्रह है, जो पहली बार 1888 में प्रकाशित हुआ था। इस संग्रह की सबसे प्रसिद्ध कहानी 'द हैप्पी प्रिंस' है, जिसमें एक सुंदर सोने की मूर्ति, जिसका दिल सीसे का बना होता है, एक निगल पक्षी की मदद से गरीबों और दुखियों की मदद करने का फैसला करती है। राजकुमार अपनी मूर्तियों पर लगे सभी रत्नों और सोने की पत्तियों को उतारकर निगल पक्षी को देता है ताकि वह उन्हें शहर के गरीब लोगों तक पहुंचा सके। निगल पक्षी, जो मिस्र जाना चाहता था, राजकुमार के अनुरोधों पर रुक जाता है और अंततः ठंड से मर जाता है। जब राजकुमार की सारी सुंदरता उतर जाती है, तो उसे एक साधारण मूर्ति मानकर पिघला दिया जाता है, लेकिन उसका सीसे का दिल नहीं पिघलता और उसे कूड़ेदान में फेंक दिया जाता है, जहाँ वह मरे हुए निगल पक्षी के साथ होता है। अंत में, भगवान अपने स्वर्गदूतों को शहर में सबसे अनमोल दो चीजें लाने के लिए भेजते हैं, और वे राजकुमार का सीसे का दिल और मरे हुए निगल पक्षी को ले जाते हैं, जो साबित करता है कि सच्चा प्यार और बलिदान स्वर्ग में पुरस्कृत होता है। संग्रह में अन्य कहानियाँ भी शामिल हैं, जैसे 'द नाइटिंगेल एंड द रोज़', 'द सेल्फिश जाइंट', 'द डिवोटेड फ्रेंड' और 'द रिमार्केबल रॉकेट', जो सभी दया, बलिदान, प्रेम और निस्वार्थता जैसे विषयों की पड़ताल करती हैं।

किताब के अनुभाग

अनुभाग: द हैप्पी प्रिंस (खुश राजकुमार)

यह कहानी एक खूबसूरत मूर्ति के बारे में है जिसे 'खुश राजकुमार' के नाम से जाना जाता है। वह एक ऊंचे खंभे पर खड़ा है, सोने की पत्तियों से ढका है, उसकी आँखों में नीलम और उसकी तलवार की मूठ में एक माणिक जड़ा हुआ है। वह शहर के सभी दुखों को देख सकता है लेकिन उनके बारे में कुछ नहीं कर सकता। एक रात, एक छोटा निगल पक्षी मिस्र जाते समय उसके पास आराम करने के लिए रुकता है। राजकुमार पक्षी से कहता है कि वह रो रहा है क्योंकि वह शहर के गरीबों और पीड़ितों को देखकर दुखी है। वह निगल पक्षी से मदद मांगता है। राजकुमार पक्षी से कहता है कि वह उसके शरीर से कीमती गहने और सोने की पत्तियां निकालकर शहर के गरीब लोगों को दे दे। निगल पक्षी पहले तो झिझकता है क्योंकि वह मिस्र जाना चाहता है जहाँ उसके दोस्त उसका इंतजार कर रहे हैं, लेकिन राजकुमार की दयालुता और दुःख को देखकर वह सहमत हो जाता है। वह राजकुमार की आज्ञा का पालन करता है और उसकी आँखों से नीलम निकालकर एक गरीब दर्जी और एक भूखे लेखक को देता है। फिर वह राजकुमार के शरीर से सोने की पत्तियों को निकालकर शहर के सभी गरीब बच्चों तक पहुंचाता है। जैसे-जैसे राजकुमार अपनी सुंदरता खोता जाता है, वह और अधिक उदास होता जाता है, लेकिन निगल पक्षी उसके साथ रहता है। ठंड बढ़ने लगती है, और निगल पक्षी कमजोर होता जाता है। वह राजकुमार को चूमता है और उसके पैरों में गिरकर मर जाता है। निगल पक्षी की मौत के साथ ही राजकुमार का सीसे का दिल भी टूट जाता है। अगली सुबह, मेयर और शहर के पार्षद राजकुमार की मूर्ति को बदसूरत पाते हैं और उसे नीचे गिराने का आदेश देते हैं। वे उसे पिघला देते हैं, लेकिन उसका सीसे का दिल पिघलता नहीं है, और वे उसे कूड़ेदान में फेंक देते हैं, जहाँ वह मरे हुए निगल पक्षी के साथ होता है। अंत में, भगवान अपने स्वर्गदूतों में से एक को शहर में दो सबसे अनमोल चीजें लाने के लिए कहते हैं, और स्वर्गदूत राजकुमार का टूटा हुआ सीसे का दिल और मरे हुए निगल पक्षी को लाते हैं। भगवान कहते हैं कि स्वर्ग में निगल पक्षी हमेशा गाएगा और राजकुमार उनके बगीचे में हमेशा उनकी प्रशंसा करेगा।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
खुश राजकुमार पहले महल में रहता था और दुनिया के दुखों से अनजान था; अब एक मूर्ति के रूप में दूसरों के दुखों को देखकर दुखी है; निस्वार्थ और परोपकारी। दूसरों के दुख को कम करना; अपने शहर के लोगों के लिए बलिदान देना।
निगल पक्षी वफादार, दयालु, कमजोर लेकिन बहादुर; मिस्र जाना चाहता था लेकिन राजकुमार के प्रति वफादार रहता है। अपने दोस्तों के साथ मिस्र लौटना; राजकुमार की दयालुता से प्रभावित होकर उसकी मदद करना।
छोटे दर्जी गरीब, बीमार बच्चे की माँ। अपने बच्चे के लिए भोजन और दवा की तलाश।
युवा लेखक गरीब, भूख से मर रहा है, आग जलाने के लिए पैसे नहीं हैं, नाटक पूरा करने में असमर्थ है। अपनी कला को जारी रखने और जीविकोपार्जन के लिए।
छोटी माचिस बेचने वाली लड़की गरीब, ठंड में बिना जूतों के माचिस बेचती है, अगर माचिस गिरेगी तो पिता उसे मारेंगे। अपने परिवार के लिए पैसे कमाना।
मेयर और पार्षद स्वार्थी, दिखावा करने वाले, केवल अपनी प्रतिष्ठा और शहर की सुंदरता की परवाह करते हैं। अपनी छवि बनाए रखना; शहर को सुंदर दिखाना (अपने मानकों के अनुसार)।

अनुभाग: द नाइटिंगेल एंड द रोज़ (बुलबुल और गुलाब)

एक युवा छात्र एक लड़की के प्यार में पड़ जाता है, जो कहती है कि अगर वह उसे लाल गुलाब देगा तो वह उसके साथ नाचेगी। लेकिन छात्र को अपने बगीचे में कोई लाल गुलाब नहीं मिलता। वह बहुत दुखी होता है, और एक बुलबुल उसकी परेशानी को सुनता है। बुलबुल, जो सच्चे प्यार को बहुत महत्व देता है, छात्र की मदद करने का फैसला करता है। वह एक लाल गुलाब की तलाश में निकलता है, लेकिन उसे कोई नहीं मिलता। अंततः, वह एक गुलाब के पेड़ से मिलता है जो उसे बताता है कि अगर वह एक लाल गुलाब चाहता है तो उसे बुलबुल के दिल से गाना होगा और अपना खून गुलाब को देना होगा। बुलबुल इस भयानक बलिदान के लिए सहमत हो जाता है। पूरी रात, बुलबुल अपनी छाती पर कांटा चुभोए रखता है और अपनी जान देकर एक सुंदर, गहरा लाल गुलाब बनाता है। सुबह तक, बुलबुल मर चुका होता है, और एक शानदार लाल गुलाब खिल जाता है। छात्र खुश होकर गुलाब लेता है और लड़की के पास जाता है। लेकिन लड़की गुलाब को अस्वीकार कर देती है, यह कहते हुए कि यह उसकी पोशाक से मेल नहीं खाता और उसे अन्य उपहारों के रूप में बेहतर गहने मिले हैं। छात्र निराश हो जाता है और गुलाब को सड़क पर फेंक देता है, जहाँ एक गाड़ी उसे कुचल देती है। छात्र प्यार को बकवास मानकर अपनी किताबों की ओर लौट जाता है।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
बुलबुल सच्चे प्यार में विश्वास रखता है, सहानुभूतिपूर्ण, बलिदान देने वाला। युवा छात्र के प्यार को सफल बनाना; सच्चे प्यार के लिए अपनी जान देना।
युवा छात्र भावुक, आदर्शवादी (पहले), आसानी से निराश होने वाला, प्यार को महत्व देने वाला लेकिन सतही। लड़की के साथ नृत्य करना; सच्चे प्यार को अनुभव करना; अंत में, प्यार से मोहभंग हो जाता है।
प्रोफेसर की बेटी सतही, भौतिकवादी, दिखावा पसंद करने वाली, वास्तविक भावनाओं की बजाय भौतिक वस्तुओं को महत्व देती है। गहने और भौतिक उपहार प्राप्त करना; अपनी सामाजिक स्थिति बनाए रखना।
गुलाब का पेड़ सलाह देने वाला, प्रकृति का हिस्सा। अपने नियमों के अनुसार लाल गुलाब पैदा करना।

अनुभाग: द सेल्फिश जाइंट (स्वार्थी दानव)

एक विशालकाय दानव का एक सुंदर बगीचा होता है जहाँ बच्चे हर दोपहर स्कूल से लौटते समय खेलते हैं। एक दिन, दानव वापस आता है और बच्चों को अपने बगीचे से बाहर निकाल देता है, यह कहते हुए कि यह केवल उसका बगीचा है। वह अपने बगीचे के चारों ओर एक ऊंची दीवार बनाता है और एक बोर्ड लगाता है जिस पर लिखा होता है, "अतिक्रमण करने वालों पर मुकदमा चलाया जाएगा।" जब बच्चे नहीं खेल पाते, तो बगीचा उदास हो जाता है। वसंत नहीं आता, और पूरे साल दानव के बगीचे में सर्दियां बनी रहती हैं। फूल नहीं खिलते, पक्षी नहीं गाते। दानव समझ नहीं पाता कि उसके बगीचे में वसंत क्यों नहीं आता। एक सुबह, वह जागता है और देखता है कि बच्चे दीवार में एक छोटे से छेद से उसके बगीचे में घुस गए हैं और पेड़ों पर चढ़ गए हैं। जैसे ही बच्चे पेड़ों पर चढ़ते हैं, वसंत वापस आ जाता है, फूल खिलते हैं और पक्षी गाना गाते हैं। लेकिन बगीचे के एक कोने में अभी भी सर्दियां होती हैं जहाँ एक छोटा लड़का एक पेड़ पर चढ़ने की कोशिश कर रहा होता है लेकिन वह बहुत छोटा होता है। दानव का दिल बदल जाता है। वह बाहर आता है और बच्चे की मदद करता है और उसे पेड़ पर चढ़ा देता है। वह बच्चों से माफी मांगता है और दीवार तोड़ देता है। बगीचे में वसंत वापस आ जाता है, लेकिन दानव को वह छोटा लड़का दोबारा कभी नहीं मिलता। कई साल बाद, दानव बूढ़ा हो जाता है और एक दिन वह देखता है कि वह छोटा लड़का बगीचे के उसी कोने में खड़ा है, लेकिन उसके हाथों और पैरों पर कीलों के निशान हैं। दानव पूछता है कि किसने उसे चोट पहुंचाई, और लड़का बताता है कि ये प्यार के घाव हैं और वह उसे अपने बगीचे में ले जाने आया है। दानव उसी दिन मर जाता है, और उसे सफेद फूलों से ढका हुआ पाया जाता है।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
स्वार्थी दानव पहले अहंकारी, स्वार्थी, अकेले रहने वाला; बाद में दयालु, परोपकारी, बच्चों से प्यार करने वाला। अपने बगीचे पर एकाधिकार; बाद में, बच्चों को देखकर और उनके खुश होने पर आनंद प्राप्त करना।
बच्चे मासूम, चंचल, जीवन से भरपूर। खेलना, आनंद लेना।
छोटा लड़का रहस्यमय, यीशु का प्रतीक, विनम्र, दानव के परिवर्तन का कारण। दानव के दिल को छूना; उसे स्वर्ग में ले जाना।

अनुभाग: द डिवोटेड फ्रेंड (समर्पित मित्र)

यह कहानी हंस के माध्यम से सुनाई जाती है, जो वाटर-रैट को एक समर्पित मित्र की कहानी बताता है। यह कहानी हंस हॉन्स नाम के एक अच्छे दिल वाले किसान और अमीर मिलर, ह्यूग के बारे में है। हॉन्स एक बहुत मेहनती व्यक्ति था जो अपने बगीचे में सुंदर फूल उगाता था। मिलर ह्यूग खुद को हॉन्स का सबसे अच्छा दोस्त मानता था, लेकिन वह बहुत स्वार्थी था। वह हॉन्स से लगातार उसके फूल, सब्जियां और अन्य चीजें मांगता रहता था, लेकिन बदले में कभी कुछ नहीं देता था। जब हॉन्स सर्दियों में गरीब हो जाता था, तो मिलर उसे देखने भी नहीं आता था, यह तर्क देते हुए कि गरीब लोगों से मिलना उन्हें ईर्ष्यालु बना देगा। वसंत आने पर, मिलर हॉन्स से अपने घर की छत ठीक करने और अन्य काम करने का वादा करता है, लेकिन फिर भी वह हॉन्स से हमेशा अपने लिए काम करवाता रहता है। एक रात, मिलर का बेटा बीमार पड़ जाता है, और मिलर हॉन्स से डॉक्टर को लाने के लिए कहता है, जो दस मील दूर रहता है। रात में तूफान और अंधेरे के बावजूद, हॉन्स डॉक्टर को लेने जाता है। रास्ते में, वह एक खाई में गिर जाता है और डूब जाता है। मिलर उसके अंतिम संस्कार में बहुत दुखी होने का नाटक करता है और दावा करता है कि हॉन्स का जीवन एक बड़ा नुकसान है क्योंकि अब उसे किसी से काम नहीं करवाना पड़ेगा।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
हॉन्स मेहनती, दयालु, समर्पित, दूसरों के लिए बलिदान देने वाला। मिलर को खुश रखना; अपनी दोस्ती को निभाना; दूसरों की मदद करना।
मिलर ह्यूग स्वार्थी, पाखंडी, चालाक, दूसरों का फायदा उठाने वाला, अपनी प्रतिष्ठा की परवाह करने वाला। दूसरों से लाभ उठाना; अपनी छवि बनाए रखना; अपनी सुविधा के लिए दूसरों का उपयोग करना।
वाटर-रैट व्यावहारिक, दोस्ती के बारे में संशयवादी। कहानी सुनना; दोस्ती के अपने विचारों को व्यक्त करना।
ग्रीन लिनेट कहानी का नैतिक अर्थ समझाने वाला, आदर्शवादी। दोस्ती के सच्चे अर्थ को समझाना।

अनुभाग: द रिमार्केबल रॉकेट (विलक्षण रॉकेट)

यह कहानी एक आतिशबाजी रॉकेट के बारे में है जो खुद को बहुत महत्वपूर्ण मानता है और अन्य आतिशबाजी को नीचा दिखाता है। यह रॉकेट एक राजा और रानी की शादी के जश्न के लिए बनाया गया है। रॉकेट बहुत अभिमानी और आत्म-केंद्रित है। वह लगातार अपनी खूबियों और भविष्य के शानदार प्रदर्शन के बारे में बोलता रहता है, जबकि कोई भी उसकी बात नहीं सुनता। वह कहता है कि वह बहुत भावुक है और आसानी से रोने लगता है, लेकिन उसका रोना केवल अपने बारे में होता है। अंततः, आतिशबाजी का प्रदर्शन शुरू होता है, और अन्य सभी रॉकेट एक के बाद एक फट जाते हैं और रंगीन रोशनी पैदा करते हैं। लेकिन विलक्षण रॉकेट अपनी बारी आने पर इतना भावुक हो जाता है कि वह गीला हो जाता है और जलने में विफल रहता है। उसे कूड़ेदान में फेंक दिया जाता है, जहाँ वह अभी भी अपनी महानता के बारे में बड़बड़ाता रहता है। दो लड़कों को उसे उठाने के लिए भेजा जाता है, और वे उसे जला देते हैं ताकि एक आग जला सकें। रॉकेट फट जाता है, लेकिन कोई भी इसे नहीं देखता या इसकी परवाह नहीं करता क्योंकि वे पास के तालाब में एक मेंढक के बारे में बात कर रहे होते हैं। रॉकेट का शोर किसी का ध्यान नहीं खींच पाता।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
विलक्षण रॉकेट अभिमानी, आत्म-केंद्रित, दिखावा करने वाला, आत्म-महत्व की भावना से भरा हुआ। ध्यान आकर्षित करना; अपनी महानता साबित करना; प्रशंसा प्राप्त करना।
अन्य आतिशबाजी व्यावहारिक, धैर्यवान, अपने उद्देश्य को पूरा करने वाले। अपने उद्देश्य को पूरा करना (फटना और रोशनी पैदा करना)।
मेंढक, बतख, ड्रैगनफ्लाई प्रकृति के तत्व, अपनी दुनिया में लीन, रॉकेट की बातों से अनजान। अपने दैनिक जीवन को जीना; अपनी प्रकृति के अनुसार कार्य करना।
लड़के साधारण, व्यावहारिक, अपने कामों में लीन। लकड़ियाँ इकट्ठा करना; आग जलाना।

विधा

बच्चों के लिए काल्पनिक कहानियाँ, परी कथाएँ, नीति कथाएँ।

लेखक के बारे में

ऑस्कर वाइल्ड (1854-1900) एक आयरिश कवि और नाटककार थे। वह अपने हास्य, बुद्धि और सामाजिक आलोचना के लिए जाने जाते थे। वह सौंदर्यशास्त्र आंदोलन के प्रमुख प्रतिपादकों में से एक थे, जो कला को 'कला के लिए कला' के रूप में बढ़ावा देता था। उनके प्रसिद्ध कार्यों में नाटक 'द इंपोर्टेंस ऑफ बीइंग अर्नेस्ट', उपन्यास 'द पिक्चर ऑफ डोरियन ग्रे' और बच्चों की कहानियों का संग्रह 'द हैप्पी प्रिंस एंड अदर टेल्स' शामिल हैं। उनके जीवन का अंत दुःखद रहा, उन्हें उनके समलैंगिक संबंधों के लिए कारावास हुआ, और जेल से रिहा होने के बाद वे पेरिस चले गए जहाँ उनकी गरीबी में मृत्यु हो गई।

नैतिक शिक्षा

  • निस्वार्थता और बलिदान: कहानियाँ सिखाती हैं कि दूसरों के लिए स्वयं का बलिदान देना सबसे महान गुण है और इसका आध्यात्मिक पुरस्कार मिलता है। 'खुश राजकुमार' और 'बुलबुल' इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
  • सच्चा प्यार और दोस्ती: सच्चा प्यार और दोस्ती भौतिकवादी लाभ से परे होती है। यह दया, वफादारी और बलिदान की मांग करती है, जैसा कि 'द हैप्पी प्रिंस' में निगल पक्षी और 'द डिवोटेड फ्रेंड' में हॉन्स के माध्यम से दिखाया गया है।
  • भौतिकवाद का खोखलापन: भौतिकवादी सुख और सामाजिक प्रतिष्ठा अक्सर वास्तविक खुशी और मानवीय कनेक्शन की कीमत पर आती है। 'द नाइटिंगेल एंड द रोज़' की लड़की और 'द रिमार्केबल रॉकेट' का अहंकार इसका उदाहरण है।
  • पश्चाताप और परिवर्तन: 'द सेल्फिश जाइंट' की कहानी दिखाती है कि कैसे स्वार्थी दिल भी पश्चाताप और दया के माध्यम से बदल सकता है और जीवन में आनंद पा सकता है।
  • बाहरी दिखावे से परे: सच्ची सुंदरता बाहरी दिखावे में नहीं, बल्कि दिल की दयालुता और दूसरों के प्रति सहानुभूति में होती है, जैसा कि 'खुश राजकुमार' की मूर्ति के साथ होता है।

जिज्ञासाएँ

  • आत्मकथात्मक तत्व: कुछ आलोचकों का मानना है कि 'द हैप्पी प्रिंस' में ऑस्कर वाइल्ड के अपने जीवन के तत्व हैं, खासकर उनके बाद के वर्षों में जब उन्हें सामाजिक बहिष्कार और दुख का सामना करना पड़ा।
  • कला के लिए कला: वाइल्ड के सौंदर्यशास्त्र आंदोलन के सिद्धांतों को इन कहानियों में देखा जा सकता है, जहाँ कला (संगीत, रंग, सुंदरता) अक्सर नैतिकता और सच्चाई के साथ मिलती है, भले ही कला का उद्देश्य केवल सुंदरता हो।
  • धार्मिक और आध्यात्मिक प्रतीकवाद: 'द हैप्पी प्रिंस' और 'द सेल्फिश जाइंट' दोनों में मजबूत ईसाई प्रतीकवाद हैं, जैसे बलिदान, उद्धार और स्वर्ग की अवधारणा। छोटे लड़के का यीशु का प्रतीक होना 'द सेल्फिश जाइंट' में स्पष्ट है।
  • विषयगत विविधता: बच्चों की कहानियों के रूप में प्रस्तुत होने के बावजूद, ये कहानियाँ प्रेम, मृत्यु, वर्ग असमानता, पाखंड और कला की प्रकृति जैसे गहन दार्शनिक विषयों की पड़ताल करती हैं।
  • साहित्यिक प्रभाव: इन कहानियों ने बाद के कई लेखकों और कलाकारों को प्रभावित किया है और आज भी व्यापक रूप से पढ़ी जाती हैं।