marcovaldo - italo kalvino

सारांश

इतालो काल्विनो की 'मार्कोवाल्डो' एक संवेदनशील और कल्पनाशील व्यक्ति, मार्कोवाल्डो की कहानियों का संग्रह है, जो एक औद्योगिक शहर में एक श्रमिक के रूप में काम करता है। वह शहर के कृत्रिम और शोरगुल भरे वातावरण में प्रकृति के छोटे-छोटे संकेतों को खोजने की कोशिश करता है, जैसे कि सड़कों पर उगने वाले मशरूम, नदी में मछलियाँ, या आकाश में उड़ते पक्षी। हालांकि, उसकी प्रकृति से जुड़ने की हर कोशिश अक्सर विफलता और हास्यास्पद परिणामों में समाप्त होती है, जिससे शहर और प्रकृति के बीच बढ़ती खाई पर प्रकाश पड़ता है। यह पुस्तक आधुनिक शहरी जीवन के उपभोक्तावाद, प्रदूषण और अमानवीयकरण पर व्यंग्य करती है, जबकि मार्कोवाल्डो के माध्यम से मानवीय आशा और सपनों को दर्शाती है।

किताब के अनुभाग

अनुभाग 1: शहर में मशरूम (I funghi in città)

मार्कोवाल्डो को अपने कार्यस्थल के सामने, घास के एक छोटे से पैच में जंगली मशरूम उगते हुए दिखाई देते हैं। वह शहर के बीच में प्रकृति के इस छोटे से चमत्कार को देखकर रोमांचित हो जाता है। वह उन्हें इकट्ठा करने का फैसला करता है, लेकिन चोरी के डर से रात का इंतजार करता है। वह मशरूमों को अपने घर ले आता है, और उसका परिवार उन्हें उत्सुकता से खाने की तैयारी करता है। एक बूढ़ा माली उन्हें चेतावनी देता है कि वे जहरीले हैं, लेकिन वे उस पर ध्यान नहीं देते। अंततः, पूरे परिवार को मशरूम खाने के बाद अस्पताल में भर्ती कराना पड़ता है।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
मार्कोवाल्डो प्रकृति प्रेमी, संवेदनशील, कल्पनाशील, अकर्मण्य लेकिन मेहनती। वह शहर की कृत्रिमता के बीच प्रकृति के सौंदर्य को खोजने की कोशिश करता है। शहर के कृत्रिम जीवन से थक गया है और प्राकृतिक सौंदर्य, शांति और सादगी की तलाश में है। अपने बच्चों को शहर के प्रदूषण और शोरगुल से दूर प्रकृति का आनंद दिलाना चाहता है।
डोमिटिला मार्कोवाल्डो की पत्नी। व्यावहारिक, धैर्यवान, लेकिन अक्सर अपने पति की सनक से परेशान। परिवार का ध्यान रखती है। परिवार की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने की कोशिश करती है और अपने बच्चों के लिए बेहतर जीवन चाहती है।
मिशेलिनो मार्कोवाल्डो का बेटा। अपने पिता की तरह जिज्ञासु और शरारती, प्रकृति और रोमांच की ओर आकर्षित। अपने पिता की योजनाओं में शामिल होता है, नई चीजों का अनुभव करना चाहता है, और अपने आसपास की दुनिया को बड़े उत्साह से देखता है।
कावालियरे ब्रांबिला मार्कोवाल्डो का बॉस। एक सामान्य, आधुनिक व्यवसायी, जो लाभ और उत्पादन पर केंद्रित है। अपनी कंपनी को चलाना और लाभ कमाना चाहता है। अपने कर्मचारियों की निजी जिंदगी या सनक में ज्यादा दिलचस्पी नहीं रखता।

अनुभाग 2: अच्छी हवा (L'aria buona)

मार्कोवाल्डो को लगता है कि शहर की हवा प्रदूषित है और वह ताज़ी हवा की तलाश में है। वह एक नए विज्ञापन बोर्ड पर लिखे "अच्छी हवा यहाँ है!" का पीछा करता है, जो उसे शहर के बाहरी इलाके में एक सीमेंट फैक्ट्री की ओर ले जाता है। वह सोचता है कि फैक्ट्री से निकल रहा धुआँ वास्तव में स्वास्थ्यवर्धक "अच्छी हवा" है और उसे सांस लेने की कोशिश करता है। अंततः, उसे पता चलता है कि यह केवल प्रदूषण है और वह खांसते हुए वापस आ जाता है।

अनुभाग 3: बर्फ में खोया शहर (La città smarrita nella neve)

शहर में भारी बर्फबारी होती है, जिससे मार्कोवाल्डो को बचपन की यादें ताजा हो जाती हैं। वह बर्फ में आनंद लेता है और कल्पना करता है कि शहर प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित कर रहा है। लेकिन जल्दी ही, शहर की मशीनें, जैसे कि बर्फ हटाने वाले प्लाऊ, इस प्राकृतिक शांति को नष्ट कर देती हैं। बर्फ जल्दी ही गंदी और परेशानी का सबब बन जाती है, और मार्कोवाल्डो को पता चलता है कि शहर का बुनियादी ढाँचा प्रकृति के ऐसे भव्य प्रदर्शन को समायोजित नहीं कर सकता।

अनुभाग 4: ततैया और मिस्त्री (La vespa e il muratore)

मार्कोवाल्डो को पता चलता है कि ततैया के डंक का इस्तेमाल गठिया के इलाज के लिए किया जा सकता है। वह अपने सहकर्मी, एक मिस्त्री, से मदद मांगता है जिसके पास ततैया के डंक सहने की आदत है। दोनों एक पार्क में ततैयों को पकड़ने की कोशिश करते हैं। मार्कोवाल्डो को बार-बार डंक लगते हैं, जबकि मिस्त्री को कुछ नहीं होता। यह हास्यास्पद प्रयास भी मार्कोवाल्डो के लिए एक आपदा में समाप्त होता है, और उसे कोई वास्तविक लाभ नहीं मिलता।

अनुभाग 5: पार्क की बेंच (La panchina)

गर्मियों की एक रात, मार्कोवाल्डो घर की भीड़ से बचने और ठंडी हवा का आनंद लेने के लिए एक पार्क की बेंच पर सोने की कोशिश करता है। लेकिन शहर की रात कभी नहीं सोती। उसे लगातार विभिन्न आवाजों और गतिविधियों से परेशान किया जाता है: प्रेमी, शराबी, सफाई कर्मचारी, और भोर के समय बच्चों का खेल। वह सुबह थका हुआ और निराश होकर घर लौटता है, यह महसूस करते हुए कि शहर में शांति खोजना कितना मुश्किल है।

अनुभाग 6: चांदनी और कूड़े का ढेर (La luna e il bidone)

मार्कोवाल्डो एक कूड़े के ढेर को चांदनी में देखता है और उसे एक रहस्यमय और सुंदर दृश्य के रूप में कल्पना करता है। वह उसके प्रति आकर्षित होता है और उसमें से कुछ मूल्यवान चीज़ें खोजने की कोशिश करता है। हालांकि, जैसे ही सूरज उगता है, रहस्यमय सौंदर्य गायब हो जाता है और कूड़े का ढेर अपनी बदबूदार और गंदी वास्तविकता में लौट आता है, जिससे मार्कोवाल्डो को शहर के कृत्रिम सौंदर्यबोध की अस्थिरता का एहसास होता है।

अनुभाग 7: बारिश और पत्तियां (La pioggia e le foglie)

मार्कोवाल्डो अपने घर को गर्म करने के लिए सूखे पत्ते इकट्ठा करने की कोशिश करता है। वह बारिश से गिरे हुए पत्तों को देखकर रोमांचित होता है, लेकिन जब वह उन्हें इकट्ठा करने जाता है, तो पाता है कि वे सभी गीले और सड़ चुके हैं। उसे पता चलता है कि प्रकृति की उदारता भी शहर की कठोर परिस्थितियों में व्यर्थ हो सकती है। उसके पत्ते जलाने के प्रयास से केवल धुआँ और निराशा ही मिलती है।

अनुभाग 8: मूर्तियां और कबूतर (Le statue e i piccioni)

मार्कोवाल्डो कबूतरों को पकड़ने की कोशिश करता है ताकि वे उसके परिवार के लिए भोजन बन सकें। वह एक पार्क में कबूतरों को जाल में फंसाने की योजना बनाता है, लेकिन वे बहुत चालाक साबित होते हैं। उसकी योजना विफल हो जाती है, और वह खुद ही एक विशाल कबूतर के मल से सने हुए मूर्ति के नीचे फंस जाता है।

अनुभाग 9: किताबों का अस्पताल (L'ospedale dei libri)

मार्कोवाल्डो एक वेयरहाउस में काम करता है जहाँ क्षतिग्रस्त या बेकार हो चुकी किताबों को रखा जाता है। वह किताबों को "बीमार" मानता है और उनके लिए एक आदर्श "अस्पताल" की कल्पना करता है। वह अपने काम को एक प्रकार की रचनात्मक मुक्ति के रूप में देखता है, जहां वह किताबों के साथ अकेला रह सकता है। यह कहानी मार्कोवाल्डो की शहरी व्यवस्था में अपने काम में अर्थ खोजने की कोशिश को दर्शाती है।

अनुभाग 10: बिल्ली और डाकघर (Il gatto e l'ufficio postale)

मार्कोवाल्डो एक दुबली-पतली बिल्ली को देखता है और उसे भोजन देने का फैसला करता है। बिल्ली उसे एक शानदार रेस्तरां के पीछे एक छिपे हुए गलियारे की ओर ले जाती है, जहाँ अन्य बिल्लियाँ भी हैं। मार्कोवाल्डो शहर में एक पूरी गुप्त बिल्ली दुनिया की खोज करता है, जो शहरी जीवन के नीचे छिपी हुई अप्रत्याशित परतों को दर्शाती है।

अनुभाग 11: शहर के बगीचे (I giardini in città)

मार्कोवाल्डो अपने घर के पास एक खाली जमीन पर सब्जियां उगाने का फैसला करता है। वह उसमें टमाटर और अन्य सब्जियां बोता है, लेकिन उसकी फसल पर कई पड़ोसी कब्जा करने की कोशिश करते हैं। अंततः, यह जमीन एक विज्ञापन बोर्ड के लिए इस्तेमाल की जाती है, और मार्कोवाल्डो का छोटा सा बगीचा भी शहर की विकास योजनाओं का शिकार हो जाता है।

अनुभाग 12: गोंद की नदी (Il fiume di colla)

मार्कोवाल्डो एक प्रदूषित नदी में मछली पकड़ने जाता है, यह सोचकर कि वह मछली पकड़कर अपने परिवार का पेट भर सकता है। लेकिन नदी में इतनी ज्यादा गंदगी और औद्योगिक कचरा है कि वह केवल गोंद जैसा पदार्थ ही पकड़ पाता है। वह इस गोंद का उपयोग बच्चों के खेल के लिए करता है, लेकिन फिर भी प्रकृति की विकृति का एहसास उसे परेशान करता है।

अनुभाग 13: जाल (La trappola)

मार्कोवाल्डो जंगल में तीतरों को पकड़ने के लिए एक जाल बिछाता है। वह उम्मीद करता है कि उसे भोजन मिलेगा, लेकिन उसकी योजना गलत हो जाती है। अंततः, वह अनजाने में अपने बॉस, कावालियरे ब्रांबिला के पालतू तीतरों को पकड़ लेता है, जिससे उसे मुश्किल में पड़ना पड़ता है।

अनुभाग 14: कौवे (I corvi)

मार्कोवाल्डो को एक चेरी के पेड़ पर कौवों का झुंड दिखाई देता है। वह उन्हें डराने की कोशिश करता है ताकि वह चेरी खा सके, लेकिन उसकी कोशिशें उल्टी पड़ जाती हैं और वह और अधिक कौवों को आकर्षित कर लेता है, जिससे उसकी निराशा और बढ़ जाती है।

अनुभाग 15: गर्मघर (La serra)

एक ठंडी रात, मार्कोवाल्डो को शहर के एक पार्क में एक गर्म कांच का घर (ग्रीनहाउस) दिखाई देता है। वह उसमें घुसकर गर्मी पाने की कोशिश करता है, लेकिन वह अंदर फंस जाता है और एक विचित्र और असहज रात बिताता है। उसे पता चलता है कि शहर में भी गर्मी और आराम हमेशा सुलभ नहीं होते हैं।

अनुभाग 16: ट्राम और आवारा (Il tram e il barbone)

मार्कोवाल्डो ट्राम में मुफ्त में यात्रा करने के लिए एक आवारा व्यक्ति होने का नाटक करता है। वह एक आवारा के रूप में वेशभूषा धारण करता है, लेकिन उसकी योजना भी विफल हो जाती है जब उसे खुद को एक असली आवारा व्यक्ति के साथ गलत समझा जाता है। उसे पता चलता है कि शहर में पहचान बनाना और बदलना इतना आसान नहीं है।

अनुभाग 17: सुपरमार्केट (Il supermercato)

मार्कोवाल्डो और उसका परिवार एक सुपरमार्केट में जाते हैं, जहाँ वे मुफ्त सैंपल खाने की कोशिश करते हैं। वे शहर के उपभोक्तावादी संस्कृति का हिस्सा बनने की कोशिश करते हैं, लेकिन उनकी यह कोशिश भी थोड़ी हास्यास्पद और अंततः खाली लगती है, जब वे केवल छोटी-छोटी खुशियां ही जुटा पाते हैं।

अनुभाग 18: बर्फ में हिरण का बच्चा (Il cerbiatto nella neve)

एक बर्फीली रात में, मार्कोवाल्डो को शहर की सड़कों पर एक हिरण का बच्चा भटकता हुआ मिलता है। वह उसे घर ले आता है और उसकी देखभाल करता है, जिससे उसके बच्चों को खुशी मिलती है। लेकिन हिरण का बच्चा जल्द ही भाग जाता है, और मार्कोवाल्डो को पता चलता है कि प्रकृति जंगली है और उसे शहर में कैद नहीं किया जा सकता।

अनुभाग 19: लाल सूरज (Il sole rosso)

मार्कोवाल्डो एक विज्ञापन बोर्ड पर जलते हुए लाल सूरज को देखकर भ्रमित हो जाता है। वह उस गर्मी की तलाश करता है जो उसे उस विज्ञापन से मिलती है, लेकिन वह केवल एक कृत्रिम चमक है। यह कहानी शहरी जीवन की कृत्रिमता और प्रकृति की वास्तविक गर्मी और प्रकाश की कमी को दर्शाती है।

अनुभाग 20: क्रिसमस का पटाखा (Il fuoco d'artificio di Natale)

मार्कोवाल्डो और उसका परिवार क्रिसमस के आतिशबाजी का आनंद लेने के लिए जाते हैं। वे भव्य प्रदर्शन से मोहित होते हैं, लेकिन अंततः आतिशबाजी से निकलने वाला धुआँ और प्रदूषण पूरे शहर को ढक लेता है। यह मार्कोवाल्डो के अनुभवों का एक उपयुक्त अंत है, जिसमें शहर की "खुशियाँ" भी अक्सर प्रकृति और मानव स्वास्थ्य की कीमत पर आती हैं।


साहित्यिक शैली: लघु कथाएँ, व्यंग्य, दार्शनिक हास्य, शहरी फंतासी।

लेखक के बारे में:
इतालो काल्विनो (1923-1985) एक इतालवी लेखक थे, जिन्हें 20वीं सदी के सबसे महत्वपूर्ण इतालवी लेखकों में से एक माना जाता है। वह अपने रूपक, कल्पनाशील और अक्सर प्रायोगिक लेखन के लिए जाने जाते हैं। उनकी रचनाओं में 'इफ ऑन ए विंटर्स नाइट अ ट्रैवलर' (If on a winter's night a traveler), 'अवर एंसेस्टर्स' (Our Ancestors) त्रयी और 'इनविजिबल सिटीज' (Invisible Cities) जैसी पुस्तकें शामिल हैं। काल्विनो ने अपने पूरे जीवन में कई शैलियों और विषयों का पता लगाया, जिसमें विज्ञान-कथा से लेकर लोककथाओं और पोस्टमॉडर्न फिक्शन तक शामिल हैं।

नैतिक शिक्षा:
'मार्कोवाल्डो' आधुनिक शहरी जीवन में मनुष्य के अलगाव और प्रकृति के साथ उसके संपर्क के नुकसान को दर्शाती है। यह दिखाती है कि कैसे औद्योगिक और उपभोक्तावादी समाज में, वास्तविक प्राकृतिक सौंदर्य और शांति को खोजना या उसका आनंद लेना कितना मुश्किल हो जाता है। पुस्तक मानवीय आशा, कल्पना और उन छोटे-छोटे प्रयासों को भी उजागर करती है जो व्यक्ति शहरी जीवन की नीरसता में अर्थ और सौंदर्य खोजने के लिए करता है, भले ही वे प्रयास अक्सर हास्यास्पद और असफल क्यों न हों।

जिज्ञासाएँ:

  • यह पुस्तक पहली बार 1963 में प्रकाशित हुई थी, हालांकि इसमें शामिल कई कहानियाँ इससे पहले विभिन्न पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी थीं।
  • मार्कोवाल्डो एक "एंटी-हीरो" है, जो आधुनिक शहर में रहने वाले एक आम आदमी का प्रतिनिधित्व करता है जो शहरीकरण और उपभोक्तावाद के बीच अपनी पहचान और खुशी खोजने के लिए संघर्ष करता है।
  • काल्विनो ने अपनी कहानियों में प्रकृति और शहर के बीच के संघर्ष को एक रूपक के रूप में इस्तेमाल किया, जिससे पाठक को पर्यावरण, समाज और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बारे में सोचने पर मजबूर किया जा सके।
  • प्रत्येक कहानी एक छोटी सी घटना पर केंद्रित है जो मार्कोवाल्डो के निराशाजनक शहरी अस्तित्व को उजागर करती है, अक्सर एक विनोदी लेकिन मार्मिक तरीके से।