maut ke saath mulaqat - agatha kristi

सारांश

अगथा क्रिस्टी की 'अपॉइंटमेंट विद डेथ' एक मनोवैज्ञानिक रहस्य है जो मध्य पूर्व की यात्रा पर एक अमेरिकी परिवार पर केंद्रित है। इस कहानी के केंद्र में श्रीमती बॉयनटन हैं, जो एक क्रूर और दमनकारी वृद्धा हैं, जिन्होंने अपने दत्तक बच्चों और अपनी जैविक बेटी के जीवन को पूरी तरह से नियंत्रित कर रखा है। उनका मानसिक अत्याचार इतना गहरा है कि उनके बच्चे, लेनोक्स, रेमंड, कैरोल और जिनरवा, आजादी के लिए बेताब हैं। जब वे जेरूसलम और पेट्रा की यात्रा पर होते हैं, तो श्रीमती बॉयनटन को अपनी कुर्सी पर मृत पाया जाता है। शुरुआत में ऐसा लगता है कि उनकी मृत्यु स्वाभाविक कारणों से हुई है, लेकिन बेल्जियम के जासूस हर्क्यूल पोइरोट, जो उसी इलाके में छुट्टी मना रहे हैं, को शक होता है कि यह हत्या है। जाँच से पता चलता है कि लगभग हर कोई जो उनके करीब था, उसके पास श्रीमती बॉयनटन को मारने का एक मजबूत मकसद था। पोइरोट परिवार के सदस्यों और साथ ही अन्य पर्यटकों से पूछताछ करते हैं, उनकी मानसिक अवस्था और श्रीमती बॉयनटन के साथ उनके जटिल संबंधों की पड़ताल करते हैं। अंततः, पोइरोट हत्यारे की पहचान उजागर करते हैं, जो एक अप्रत्याशित व्यक्ति निकलता है, और उसके पीछे की चौंकाने वाली प्रेरणा का खुलासा करते हैं।

किताब के अनुभाग

अनुभाग 1: जेरूसलम में आगमन और परिवार का परिचय

कहानी की शुरुआत बॉयनटन परिवार के जेरूसलम पहुंचने से होती है। परिवार में श्रीमती बॉयनटन, उनके दत्तक बच्चे लेनोक्स, रेमंड, कैरोल और उनकी जैविक बेटी जिनरवा शामिल हैं। साथ ही, लेनोक्स की पत्नी नादिन भी उनके साथ है। श्रीमती बॉयनटन एक अत्यंत दमनकारी और नियंत्रण करने वाली महिला हैं, जिन्होंने अपने बच्चों के हर पहलू पर अपना शिकंजा कस रखा है। बच्चे भावनात्मक रूप से कुचले हुए और अपनी माँ की कैद से मुक्ति पाने के लिए बेताब हैं। अन्य पर्यटक, जिनमें युवा डॉक्टर सारा किंग, मनोवैज्ञानिक डॉ. गेरार्ड और प्रभावशाली लेडी वेस्थोल्मे शामिल हैं, इस परिवार की अजीबोगरीब गतिशीलता को देखते हैं। सारा किंग रेमंड बॉयनटन में रुचि लेती है, जो अपनी माँ के अत्याचार के बावजूद जीवन और आजादी की इच्छा रखता है। इसी दौरान, एक अन्य पर्यटक को श्रीमती बॉयनटन के बच्चों में से एक को यह कहते हुए सुनता है, "तुम देखते हो, है ना, कि उसे मारना ही होगा?"