मेजर बारबरा - जॉर्ज बर्नार्ड शॉ
सारांश
जॉर्ज बर्नार्ड शॉ का नाटक 'मेजर बारबरा' पूंजीवाद, गरीबी, धर्म और नैतिकता के जटिल विषयों की पड़ताल करता है। कहानी एक धनी हथियार निर्माता एंड्रयू अंडरशाफ्ट की बेटी मेजर बारबरा अंडरशाफ्ट के इर्द-गिर्द घूमती है, जो साल्वेशन आर्मी में एक समर्पित अधिकारी है। बारबरा का आदर्शवादी विश्वास है कि वह गरीबों को बचाकर और उन्हें आध्यात्मिक सहायता प्रदान करके दुनिया को बदल सकती है। उसके पिता, जिन्हें वह सालों से नहीं मिली है, परिवार में लौटते हैं और अपने व्यापारिक साम्राज्य और साल्वेशन आर्मी के काम के बीच एक गहरी वैचारिक खाई पैदा होती है।
एंड्रयू अंडरशाफ्ट का मानना है कि गरीबी सबसे बड़ा पाप है और केवल धन ही लोगों को वास्तविक स्वतंत्रता और गरिमा दे सकता है। वह साल्वेशन आर्मी के धन उगाहने के तरीकों पर सवाल उठाता है, यह तर्क देते हुए कि वे अक्सर धन स्वीकार करते हैं चाहे वह किसी भी स्रोत से आया हो, यहां तक कि शराब बनाने वालों और हथियार निर्माताओं से भी। बारबरा को यह जानकर गहरा सदमा लगता है कि साल्वेशन आर्मी शराब बनाने वाले बॉडी और खुद उसके पिता अंडरशाफ्ट से दान स्वीकार करती है, जिन्हें वह अनैतिक धन का स्रोत मानती है। वह सेना से इस्तीफा देने पर विचार करती है।
नाटक अंडरशाफ्ट के हथियार कारखाने में समाप्त होता है, जहां बारबरा और उसका मंगेतर, आदर्शवादी यूनानी प्रोफेसर एडोल्फस कुसिन्स, यह देखने आते हैं कि उसके पिता कैसे काम करते हैं। कुसिन्स, जो पहले बारबरा के समान ही नैतिक आदर्शों को मानते थे, अंडरशाफ्ट की विचारधारा से प्रभावित होते हैं कि शक्ति और जिम्मेदारी के साथ धन का उपयोग सकारात्मक बदलाव ला सकता है। वह अंडरशाफ्ट का उत्तराधिकारी बनने और हथियार व्यवसाय चलाने का फैसला करता है, यह तर्क देते हुए कि वह युद्ध को रोकने के लिए अपनी शक्ति का उपयोग कर सकता है। बारबरा भी अंततः यह समझती है कि वास्तविक शक्ति और बदलाव केवल पैसे और शक्ति के साथ ही आ सकते हैं, न कि केवल अच्छे इरादों से। वह स्वीकार करती है कि गरीबों को केवल नैतिक रूप से ही नहीं, बल्कि भौतिक रूप से भी बचाने की आवश्यकता है, और अंततः अपने पिता के तरीके के साथ सामंजस्य स्थापित करती है, जिसमें आदर्शवाद और यथार्थवाद का मिश्रण होता है।
किताब के अनुभाग
अनुभाग 1
नाटक की शुरुआत लेडी ब्रिटोमार्ट के घर में होती है, जो मेजर बारबरा, सारा और स्टीफन अंडरशाफ्ट की मां हैं। वह अपने पति, एंड्रयू अंडरशाफ्ट को, एक हथियार निर्माता, जो उनसे 20 साल पहले अलग हो गए थे, अपने बच्चों से मिलने और अपने बच्चों के भविष्य की व्यवस्था करने के लिए मना रही हैं। लेडी ब्रिटोमार्ट एक मजबूत इरादों वाली और पारंपरिक महिला हैं जो अपने बच्चों के लिए सर्वोत्तम संभव व्यवस्था चाहती हैं, खासकर अपनी बेटियों की शादी और अपने बेटे के करियर के लिए। स्टीफन, उनका बेटा, एक गंभीर और जिम्मेदार युवक है, जबकि सारा, उनकी छोटी बेटी, अपने मंगेतर चार्ल्स लोमैक्स के साथ हल्की-फुल्की है। मेजर बारबरा, जो साल्वेशन आर्मी में काम करती हैं, अपने पिता के आने की खबर से उत्साहित हैं।
| किरदार | विशेषताएँ | प्रेरणाएँ |
|---|---|---|
| लेडी ब्रिटोमार्ट अंडरशाफ्ट | प्रभावशाली, पारंपरिक, व्यावहारिक, सामाजिक स्थिति के प्रति सचेत। | अपने बच्चों का भविष्य सुरक्षित करना, परिवार को फिर से जोड़ना, अपने पति को पारिवारिक जिम्मेदारियाँ लेने के लिए मनाना। |
| मेजर बारबरा अंडरशाफ्ट | आदर्शवादी, धार्मिक, दयालु, उत्साही। | गरीबों की मदद करना, आध्यात्मिक मुक्ति दिलाना, साल्वेशन आर्मी के माध्यम से दुनिया को बेहतर बनाना। |
| एंड्रयू अंडरशाफ्ट | धनी हथियार निर्माता, व्यावहारिक, cynic (निंदक), प्रभावशाली। | अपने व्यवसाय के लिए उत्तराधिकारी खोजना, अपनी विचारधारा का प्रसार करना कि गरीबी सबसे बड़ा पाप है, अपने बच्चों के जीवन में हस्तक्षेप करना। |
| स्टीफन अंडरशाफ्ट | गंभीर, जिम्मेदार, थोड़ा नीरस, आत्म-धर्मी। | अपनी मां को खुश करना, एक सम्मानजनक करियर बनाना, खुद को नैतिक रूप से श्रेष्ठ समझना। |
| सारा अंडरशाफ्ट | लापरवाह, सुंदर, थोड़ा सतही। | अपने मंगेतर के साथ खुशी से रहना, सामाजिक आनंद लेना। |
| चार्ल्स लोमैक्स | खुशमिजाज, सुखवादी, थोड़ा बेवकूफ। | सारा से शादी करना, जीवन का आनंद लेना। |
| एडोल्फस कुसिन्स | यूनानी प्रोफेसर, आदर्शवादी, विद्वान, संगीत प्रेमी, मेजर बारबरा का मंगेतर। | बारबरा के आदर्शों को समर्थन देना, ज्ञान और कला का प्रसार करना, अंततः अंडरशाफ्ट की शक्ति को समझना। |
लेडी ब्रिटोमार्ट अपने बच्चों को समझाती हैं कि उन्हें अपने पिता से वित्तीय सहायता की आवश्यकता क्यों है। बारबरा घोषणा करती है कि उसने साल्वेशन आर्मी के वेस्टहैम आश्रय में अपने पिता और चार्ल्स लोमैक्स को देखने की व्यवस्था की है। एंड्रयू अंडरशाफ्ट एक समझौते पर सहमत होते हैं: वह साल्वेशन आर्मी का दौरा करेंगे, और बारबरा उनके हथियार कारखाने का दौरा करेगी।
अनुभाग 2
यह अनुभाग साल्वेशन आर्मी के वेस्टहैम आश्रय में होता है। मेजर बारबरा और एडोल्फस कुसिन्स गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करने में व्यस्त हैं। वे पीटर शर्ली से मिलते हैं, एक बुजुर्ग पूर्व कर्मचारी जिसे अंडरशाफ्ट की कंपनी ने निकाल दिया था और अब वह आश्रय में है। बिल वॉकर, एक क्रूर व्यक्ति, एक लड़की जेनी हिल को थप्पड़ मारता है और उसे पीटता है। बारबरा उसे अपनी आध्यात्मिक शक्ति से शांत करने की कोशिश करती है, लेकिन बिल पूरी तरह से पश्चाताप करने से इनकार कर देता है।
| किरदार | विशेषताएँ | प्रेरणाएँ |
|---|---|---|
| पीटर शर्ली | बुजुर्ग, गरीब, सम्मानजनक, थोड़ा निराशावादी। | भोजन और आश्रय पाना, न्याय की भावना, अपनी गरिमा बनाए रखना। |
| बिल वॉकर | हिंसक, अभद्र, अनपढ़, नैतिक रूप से जटिल। | अपनी शक्ति का दावा करना, दूसरों पर हावी होना, खुद को पश्चाताप करने के लिए मजबूर होने से रोकना। |
| रमी मिटचेंस | पुरानी, चालाक, गरीब, थोड़ा अवसरवादी। | आश्रय में रहना, अपनी स्थिति को स्वीकार करना। |
| जेनी हिल | युवा, मासूम, साल्वेशन आर्मी की कार्यकर्ता। | दूसरों की मदद करना, साल्वेशन आर्मी के लिए काम करना। |
| मिसेज बेन्स | साल्वेशन आर्मी की एक उच्च अधिकारी, व्यावहारिक, दृढ़। | साल्वेशन आर्मी के लिए धन उगाहना, इसके मिशन को पूरा करना। |
इस बीच, एंड्रयू अंडरशाफ्ट और चार्ल्स लोमैक्स आश्रय में पहुंचते हैं। अंडरशाफ्ट साल्वेशन आर्मी के तरीकों और उनके द्वारा चलाए जा रहे 'व्यवसाय' का निरीक्षण करते हैं। वह उनकी सफलता को पैसे की शक्ति से जोड़ता है। बारबरा को यह जानकर धक्का लगता है कि साल्वेशन आर्मी दान स्वीकार करने के लिए तैयार है चाहे वह किसी भी स्रोत से आया हो, यहां तक कि शराब बनाने वाले बोडी और खुद अंडरशाफ्ट से भी। वह यह जानकर हतोत्साहित होती है कि उसका विश्वास "अपवित्र" पैसे से दूषित हो रहा है। वह अपनी आस्था की शुद्धता पर सवाल उठाती है और निराशा में अपनी सैश और टोपी फेंक देती है, जो उसके पदचिन्ह को दर्शाता है। कुसिन्स, अपनी निराशा में, तुरही बजाता है।
अनुभाग 3
यह अनुभाग अंडरशाफ्ट के हथियार कारखाने, पेर्केपर्टुअस में होता है, जो एक आत्मनिर्भर समुदाय की तरह है जहाँ कर्मचारी अच्छी तरह से रहते हैं। बारबरा, कुसिन्स, लेडी ब्रिटोमार्ट, स्टीफन, सारा और लोमैक्स कारखाने का दौरा करते हैं। अंडरशाफ्ट अपनी फैक्ट्री के नैतिक औचित्य पर चर्चा करता है, यह तर्क देते हुए कि वह गरीबी को मिटाता है और अपने कर्मचारियों को गरिमापूर्ण जीवन प्रदान करता है। वह यह भी बताता है कि उसके हथियार, हालांकि विनाशकारी हैं, एक शक्तिशाली निरोधक के रूप में काम करते हैं और शांति बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।
कुसिन्स अंडरशाफ्ट की विचारधारा से प्रभावित होने लगता है, जिसमें वह तर्क देता है कि धन और शक्ति ही वास्तविक परिवर्तन ला सकते हैं। वह अंततः अंडरशाफ्ट का उत्तराधिकारी बनने और व्यवसाय चलाने का फैसला करता है, यह तर्क देते हुए कि वह इस शक्ति का उपयोग दुनिया को बेहतर बनाने के लिए कर सकता है, भले ही इसका मतलब हथियार बनाना हो।
बारबरा भी अंततः अपने पिता के दृष्टिकोण को स्वीकार करती है। वह समझ जाती है कि गरीबों को केवल नैतिक रूप से ही नहीं, बल्कि भौतिक रूप से भी बचाने की आवश्यकता है, और यह कि गरीबी ही सबसे बड़ा पाप है। वह स्वीकार करती है कि उसकी अपनी नैतिकता, हालांकि शुद्ध इरादों वाली थी, दुनिया को बदलने के लिए पर्याप्त नहीं थी जब तक कि उसके पास धन और शक्ति न हो। वह अब अपने पिता के व्यवसाय को "आत्मिक बम" बनाने के रूप में देखती है, जो दुनिया को आत्म-जागरूकता और परिवर्तन की ओर ले जाता है। नाटक का अंत बारबरा के एक नए, अधिक यथार्थवादी आदर्शवाद को स्वीकार करने के साथ होता है, जिसमें वह आध्यात्मिक और भौतिक सुधार दोनों के लिए काम करती है।
साहित्यिक शैली: सामाजिक नाटक, कॉमेडी ऑफ आइडियाज, डिस्कशन प्ले।
लेखक के बारे में:
जॉर्ज बर्नार्ड शॉ (1856-1950) एक आयरिश नाटककार और राजनीतिक कार्यकर्ता थे। वे अपने समय के सबसे महत्वपूर्ण और प्रभावशाली नाटककारों में से एक थे, और उन्हें 1925 में साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। शॉ ने अपने नाटकों का उपयोग सामाजिक, राजनीतिक और नैतिक मुद्दों पर चर्चा करने के लिए किया, जिसमें गरीबी, वर्ग संघर्ष, महिला अधिकार और धर्म शामिल थे। उनके कुछ सबसे प्रसिद्ध नाटकों में 'पायग्मेलियन' (जिस पर 'माई फेयर लेडी' आधारित है), 'मैन एंड सुपरमैन', 'सेंट जोन' और 'सीजर एंड क्लियोपेट्रा' शामिल हैं। वे फेबियन सोसाइटी के एक प्रमुख सदस्य भी थे, जिसने धीरे-धीरे समाजवाद को बढ़ावा दिया।
नैतिक शिक्षा:
नाटक की मुख्य नैतिक शिक्षा यह है कि गरीबी सबसे बड़ा पाप है और यह कि नैतिक शुद्धता अकेले गरीबों की मदद करने के लिए पर्याप्त नहीं है। वास्तविक परिवर्तन लाने के लिए धन और शक्ति आवश्यक हैं। शॉ तर्क देते हैं कि हमें केवल अच्छे इरादों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि व्यावहारिक समाधानों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जो लोगों की भौतिक स्थिति में सुधार करें। नाटक आदर्शवाद और यथार्थवाद के बीच एक संतुलन खोजने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डालता है।
जिज्ञासाएँ:
- 'मेजर बारबरा' को अक्सर शॉ के सबसे महत्वपूर्ण "विचार नाटकों" में से एक माना जाता है, जहाँ चरित्रों के बीच बहस नाटक की केंद्रीय क्रिया होती है।
- नाटक का प्रीमियर 1905 में हुआ था और इसने समाज में पूंजीवाद, परोपकार और धार्मिक नैतिकता के बारे में गरमागरम बहस छेड़ दी थी।
- शॉ ने नाटक में साल्वेशन आर्मी के काम को करीब से देखा था, और वह उनकी ईमानदारी और कड़ी मेहनत की प्रशंसा करते थे, लेकिन उनके धन उगाहने के तरीकों और गरीबी के मूल कारणों को संबोधित करने में उनकी अक्षमता पर सवाल उठाते थे।
- एंड्रयू अंडरशाफ्ट का चरित्र शॉ के अपने पिता के कुछ पहलुओं से प्रेरित था, और अंडरशाफ्ट की विचारधारा अक्सर शॉ के अपने विचारों को दर्शाती है।
- नाटक एक "उल्टा मोरल प्ले" है, जहाँ नायक (मेजर बारबरा) को अपने आदर्शवादी विचारों को त्यागना पड़ता है और अधिक यथार्थवादी, और कुछ मायनों में, अधिक विवादास्पद दृष्टिकोण अपनाना पड़ता है, ताकि वह वास्तव में दुनिया में बदलाव ला सके।
