निराशा - व्लादिमीर नाबोकोव
सारांश
व्लादिमीर नाबोकोव की 'डेस्पेयर' (Despair) एक मनोवैज्ञानिक थ्रिलर है जिसे मुख्य पात्र, हरमन कारलोविच, एक सनकी रूसी व्यवसायी, अपनी स्वयं की कहानी के रूप में बयान करता है। हरमन का मानना है कि उसे फेलिक्स वॉर्टमैन नाम का एक अजनबी मिल गया है जो उसका हमशक्ल है। इस खोज से उसे एक जटिल और घातक योजना का विचार आता है: फेलिक्स की हत्या करना, उसकी पहचान पर पर्दा डालना, और बीमा धोखाधड़ी के माध्यम से अपने स्वयं के "हत्यारे" के रूप में धन प्राप्त करना। वह अपनी पत्नी लिडिया और उसके चचेरे भाई अर्दालियन के साथ अपने संबंधों के बारे में संदेह करता है, जो उसके अपराध को अंजाम देने के लिए उसकी प्रेरणाओं में इजाफा करते हैं। हरमन बड़ी सावधानी और घमंड के साथ अपनी योजना को अंजाम देता है, अपनी कहानी को एक आदर्श अपराध कथा के रूप में प्रस्तुत करता है। हालाँकि, उसकी आत्म-धोखेबाजी और वास्तविकता की विकृत धारणा के कारण, उसकी "उत्कृष्ट" योजना अंततः एक मूर्खतापूर्ण और उजागर करने वाले तमाशे में बदल जाती है, जिससे उसकी गिरफ्तारी होती है। यह उपन्यास आत्म-भ्रम, पहचान, कला और उस अनिश्चितता की पड़ताल करता है जिसके साथ हम अपनी और दूसरों की दुनिया को समझते हैं।
किताब के अनुभाग
अनुभाग 1
कहानी की शुरुआत हरमन कारलोविच के परिचय से होती है, जो एक रूसी उत्प्रवासी है, जो बर्लिन में एक चॉकलेट फैक्ट्री का मालिक है। वह स्वयं को एक असाधारण बुद्धि वाला व्यक्ति मानता है, लेकिन उसकी पत्नी, लिडिया, जिसे वह "सुंदर मूर्ख" मानता है, के साथ उसका नीरस और शायद विश्वासघाती वैवाहिक जीवन है। एक दिन, एक व्यवसाय यात्रा के दौरान, हरमन की मुलाकात फेलिक्स वॉर्टमैन नाम के एक व्यक्ति से होती है, जो एक आवारा है। हरमन तुरंत इस बात से प्रभावित हो जाता है कि फेलिक्स उसका बिल्कुल हमशक्ल है, एक ऐसा "जुड़वां" जिसे किस्मत ने उसके लिए बनाया है। हरमन के लिए, यह खोज एक रहस्योद्घाटन है, और वह तुरंत इसे भुनाने के लिए एक विस्तृत योजना बनाना शुरू कर देता है। वह फेलिक्स को अपने घर ले जाने के लिए मनाता है, जहाँ वह उसे अपने कपड़ों और व्यवहार में सुधार करने के लिए प्रोत्साहित करता है, ताकि वह अपने जैसी और अधिक समानताएँ बना सके।
| किरदार | नक्श और विशेषताएँ | प्रेरणाएँ |
|---|---|---|
| हरमन कारलोविच | बर्लिन में चॉकलेट व्यवसायी, रूसी उत्प्रवासी। आत्म-मुग्ध, अहंकारी, बुद्धिजीवी, आत्म-भ्रम का शिकार। वह स्वयं को एक प्रतिभाशाली कलाकार मानता है, जो अपने अपराध को एक कलाकृति के रूप में देखता है। | पहचान के संकट से जूझ रहा है; जीवन में उत्तेजना और असाधारणता की तलाश; अपनी पत्नी के प्रति संदेह (संभावित बेवफाई); वित्तीय लाभ (बीमा धोखाधड़ी) के माध्यम से अपनी स्थिति को बढ़ाना; अपनी बौद्धिक श्रेष्ठता साबित करने की इच्छा; अपनी पहचान को एक कलात्मक कार्य में ढालना। |
| फेलिक्स वॉर्टमैन | एक आवारा, गरीब और साधारण आदमी। उसका हरमन से शारीरिक रूप से मिलता-जुलता होना (जो हरमन द्वारा अतिरंजित किया गया है) उसके लिए घातक साबित होता है। वह निष्क्रिय और आसानी से प्रभावित होने वाला लगता है। | जीवित रहने की आवश्यकता; हरमन के ध्यान और सहायता से आकर्षित होना; एक बेहतर जीवन की अस्पष्ट आशा; हरमन द्वारा दिए गए वादों और निर्देशों का पालन करना। |
| लिडिया कारलोविच | हरमन की पत्नी। हरमन द्वारा "सुंदर मूर्ख" के रूप में वर्णित। भोली, सरल, और शायद अपने चचेरे भाई अर्दालियन के साथ बेवफा। | हरमन के प्रति एक निश्चित उदासीनता या निष्क्रियता; अपने आराम और जीवन शैली को बनाए रखना; अपने चचेरे भाई अर्दालियन के साथ संबंध (अगर कोई है) के माध्यम से भावनात्मक संतुष्टि की तलाश। |
अनुभाग 2
हरमन अपनी योजना को और विकसित करता है। उसका मानना है कि अगर वह फेलिक्स को मारता है और उसे खुद के रूप में पहचान दिलाता है, तो वह अपनी "मृत्यु" पर बीमा राशि इकट्ठा कर सकता है और एक नई पहचान के तहत एक नया जीवन शुरू कर सकता है। वह अपनी पत्नी लिडिया और उसके चचेरे भाई अर्दालियन (एक कलाकार) के बीच संभावित संबंध से ग्रस्त है, जिसे वह अपने अपराध को अंजाम देने के लिए एक और प्रेरणा के रूप में देखता है। हरमन एक कलाकार के रूप में अपनी भूमिका पर गर्व करता है, अपने अपराध को एक उत्कृष्ट कलाकृति के रूप में देखता है जो किसी और के द्वारा नहीं बनाई जा सकती है। वह फेलिक्स के साथ अपनी समानता को पूर्णता के करीब ले जाने के लिए कई प्रयास करता है, जिसमें फेलिक्स को अपने कपड़े पहनने और अपने व्यवहार की नकल करने के लिए मजबूर करना शामिल है। हरमन इस बात पर जोर देता है कि वे बिल्कुल एक जैसे दिखते हैं, हालांकि पाठक को यह आभास होता रहता है कि यह समानता उतनी पूर्ण नहीं है जितनी हरमन दावा करता है।
अनुभाग 3
हरमन अपनी "कलात्मक रचना" के अंतिम चरणों में प्रवेश करता है। वह फेलिक्स को एक दूरस्थ और सुनसान जंगल की झोपड़ी में ले जाता है, यह बहाना करके कि वे एक गुप्त व्यापारिक उद्यम पर काम कर रहे हैं। यहाँ, हरमन अपनी योजना के अंतिम विवरणों को सावधानीपूर्वक तैयार करता है। वह फेलिक्स को और अधिक अपने जैसा दिखने के लिए मजबूर करता है - उसे अपने ही कपड़े पहनाता है, उसे अपने जूते देता है, और यहां तक कि उसे अपने ही नाई से बाल कटवाने के लिए भी ले जाता है। हरमन की योजना में फेलिक्स को अपने मृत शरीर के रूप में छोड़ना, अपने खुद के कपड़ों के साथ, और फिर बीमा राशि एकत्र करने के लिए एक नई पहचान अपनाना शामिल है। वह लगातार अपनी कहानी को अपने दिमाग में पूर्णता के लिए फिर से लिखता रहता है, यह विश्वास करते हुए कि वह अपनी रचना में कोई त्रुटि नहीं छोड़ रहा है। उसकी कथा आत्म-पुष्टि और अपने स्वयं के कथित प्रतिभा के घमंड से भरी हुई है।
अनुभाग 4
हरमन अपनी योजना को अंजाम देता है। झोपड़ी में, वह फेलिक्स को मार देता है। वह फेलिक्स को अपने ही कपड़े पहनाता है, अपने जूते पहनाता है, और फिर शव को इस तरह रखता है कि ऐसा लगे जैसे हरमन कारलोविच की हत्या कर दी गई है। हरमन पूरी सावधानी से दृश्य को सेट करता है, यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई भी इस तथ्य पर संदेह न करे कि यह वास्तव में हरमन है जो मरा हुआ पड़ा है। हत्या करने के बाद, हरमन भाग जाता है, एक नई पहचान अपनाने और अपनी नई-खोज वाली स्वतंत्रता का आनंद लेने के लिए तैयार होता है। वह अपनी पत्नी लिडिया और अधिकारियों को पत्र भेजना शुरू कर देता है, जिसमें वह अपनी "हत्या" के बारे में और अपने "हत्यारे" की कल्पना की गई कहानी के बारे में विवरण प्रदान करता है। हरमन अपनी कथात्मक शक्ति और अपने अपराध की कलात्मकता पर जोर देता है।
अनुभाग 5
हरमन का "सही अपराध" जल्द ही टूटना शुरू हो जाता है। वह फ्रांस भाग जाता है, लेकिन वहां भी उसे अपनी कथित नई पहचान में शांति नहीं मिलती है। वह अपनी योजना की खामियों के बारे में चिंता करना शुरू कर देता है, और उसके आत्म-भ्रम के बावजूद, वास्तविकता धीरे-धीरे उस पर हावी होने लगती है। एक महत्वपूर्ण गलती तब सामने आती है जब वह एक ऐसे होटल में रहता है जहाँ की दीवारों पर वही पैटर्न है जो उसकी झोपड़ी की दीवारों पर था, एक ऐसा विवरण जिसे उसने अपने 'आत्मकथात्मक' नोटों में बताया था। यह विसंगति, साथ ही फेलिक्स के शरीर की पहचान करने वाले अधिकारियों द्वारा हरमन और फेलिक्स के बीच वास्तविक समानता की कमी का पता चलने से, हरमन के दावे झूठे साबित होते हैं। अंततः, हरमन को अधिकारियों द्वारा पकड़ लिया जाता है। वह अपनी गिरफ्तारी को भी अपनी कहानी का एक मोड़ मानता है, अपने अपराध की कलात्मक विफलता को स्वीकार करने से इनकार करता है, और अंत तक अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा में विश्वास बनाए रखता है।
साहित्यिक शैली: मनोवैज्ञानिक थ्रिलर, अपराध कथा, मेटाफिक्शन, ब्लैक कॉमेडी।
लेखक के बारे में:
व्लादिमीर नाबोकोव (1899-1977) एक रूसी-अमेरिकी उपन्यासकार थे, जिन्हें उनके जटिल और गीतात्मक गद्य, चालाकी भरी कहानी कहने और शब्दों के खेल के लिए जाना जाता है। उनका जन्म रूस में हुआ था, लेकिन क्रांति के बाद वे यूरोप चले गए और बाद में अमेरिका में बस गए। उन्होंने अपनी पहली नौ पुस्तकें रूसी में लिखीं, जिनमें 'डेस्पेयर' (ओत्चायानी के रूप में) भी शामिल है, फिर उन्होंने अंग्रेजी में लिखना शुरू किया। उनकी सबसे प्रसिद्ध कृति 'लोलिता' है। नाबोकोव स्मृति, निर्वासन, पहचान और कला के विषयों की पड़ताल करने वाले अपने पेचीदा कथात्मक संरचनाओं और अविश्वसनीय कथावाचकों के लिए जाने जाते हैं।
संदेश (नैतिकता):
'डेस्पेयर' की मुख्य नैतिकता आत्म-धोखे के खतरनाक परिणामों, आत्म-केंद्रितता की विनाशकारी शक्ति, और वास्तविकता की व्यक्तिपरक प्रकृति के बारे में है। यह उपन्यास दिखाता है कि कैसे एक व्यक्ति अपने स्वयं के घमंड और गलत धारणाओं में इतना फंस सकता है कि वह न केवल दूसरों को बल्कि स्वयं को भी नष्ट कर देता है। यह इस बात पर भी प्रकाश डालता है कि हम अपनी धारणाओं पर कितनी कम निर्भर कर सकते हैं और कैसे अहंकार हमारी स्पष्ट रूप से "उत्कृष्ट" योजनाओं में त्रुटियां पैदा कर सकता है।
जिज्ञासाएँ:
- आत्म-अनुवाद: नाबोकोव ने मूल रूप से इस उपन्यास को रूसी में 'ओत्चायानी' (1934) के रूप में लिखा था, और बाद में स्वयं इसका अंग्रेजी में अनुवाद 'डेस्पेयर' (1937) के रूप में किया। बाद में, उन्होंने 1965 में अंग्रेजी संस्करण को संशोधित किया, अक्सर अपनी मूल रूसी शैली के करीब लाने के लिए।
- मेटाफिक्शन: उपन्यास मेटाफिक्शनल तत्वों से भरपूर है, क्योंकि हरमन अपनी कहानी का एक अविश्वसनीय कथावाचक है। वह लगातार अपनी कथात्मक तकनीकों पर टिप्पणी करता है, पाठक को सीधे संबोधित करता है, और अपनी "कलात्मक" रचना के रूप में अपने अपराध पर विचार करता है। यह कथावाचक की विश्वसनीयता के विषय पर जोर देता है।
- डोप्पेलगैंगर थीम: नाबोकोव के कार्यों में डोप्पेलगैंगर (हमशक्ल) की थीम बार-बार आती है। 'डेस्पेयर' में, यह हरमन के विकृत आत्म-प्रेम और पहचान के भ्रम के लिए एक केंद्रीय उपकरण बन जाता है।
- 'लोलिता' के अग्रदूत: इस उपन्यास में कुछ विषयगत तत्व हैं जो नाबोकोव की बाद की और अधिक प्रसिद्ध कृति 'लोलिता' में फिर से दिखाई देंगे, जैसे कि एक नैतिक रूप से संदिग्ध, आत्म-औचित्यपूर्ण और अविश्वसनीय कथावाचक, जुनून की थीम, और कला के रूप में अपराध का विचार।
- हरमन की त्रुटि: हरमन इतना आश्वस्त है कि फेलिक्स बिल्कुल उसके जैसा दिखता है कि वह सबसे स्पष्ट विवरणों को भी अनदेखा कर देता है जो उसके अपराध को उजागर करते हैं - एक केंद्रीय विचार कि आत्म-धोखा कितना अंधा कर सकता है।
