piazza kathaen - haraman melavil

सारांश

'द पियाज़ा टेल्स' हरमन मेलविल की लघु कहानियों का एक संग्रह है, जिसे पहली बार 1856 में प्रकाशित किया गया था। इस संग्रह में छह कहानियाँ शामिल हैं, जिनमें मेलविल के कुछ सबसे प्रसिद्ध और आलोचनात्मक रूप से प्रशंसित कार्य शामिल हैं, जैसे 'बार्टलेबी, द स्क्रिवनर' और 'बेनीटो सेरेनो'। संग्रह की शीर्षक कहानी, 'द पियाज़ा', मेलविल के खुद के खेत के एक कल्पनाशील वर्णन के रूप में कार्य करती है, जहाँ से कथावाचक माउंट ग्रेनलॉक पर स्थित एक रहस्यमयी झोपड़ी को देखता है।

यह संग्रह मानव स्वभाव, समाज की विषमताओं, अलगाव, न्याय, असमानता और पहचान के विषयों की पड़ताल करता है। कहानियाँ विभिन्न शैलियों और सेटिंग्स में फैली हुई हैं, जिसमें रहस्य, व्यंग्य, दार्शनिक विचार और यथार्थवादी चित्रण शामिल हैं। 'बार्टलेबी' एक सनकी क्लर्क के निष्क्रिय प्रतिरोध की पड़ताल करता है, 'बेनीटो सेरेनो' गुलामी और भ्रम के जटिल मनोवैज्ञानिक नाटक को उजागर करता है, और 'द एनकैंटडास' गैलापागोस द्वीपों के कठोर और रहस्यमय परिदृश्य का वर्णन करता है। यह संग्रह मेलविल की साहित्यिक बहुमुखी प्रतिभा और मानवीय स्थिति की गहरी समझ को प्रदर्शित करता है।

किताब के अनुभाग

अनुभाग 1: द पियाज़ा

यह कहानी कथावाचक के परिप्रेक्ष्य से शुरू होती है, जो मैसाचुसेट्स के लेनॉक्स में अपने नए घर में "पियाज़ा" (एक ढका हुआ बरामदा) बनवाता है। वह अपने पियाज़ा से आस-पास के ग्रामीण इलाकों, विशेष रूप से माउंट ग्रेनलॉक पर स्थित एक रहस्यमयी झोपड़ी के मनमोहक दृश्यों का आनंद लेता है। वह इस झोपड़ी को एक यूटोपियाई स्वर्ग के रूप में कल्पना करता है, जहाँ एक शांतिपूर्ण और सुखद जीवन व्यतीत किया जाता होगा। एक दिन, इस आदर्शवादी कल्पना से प्रेरित होकर, वह उस झोपड़ी की यात्रा करने का फैसला करता है। लंबी और कठिन यात्रा के बाद, उसे पता चलता है कि झोपड़ी एक युवा महिला, मेरी केनेडी का घर है, जो अकेले रहती है। मेरी अपने जीवन की एकांत और निराशाजनक स्थिति के बारे में बताती है, और यह भी बताती है कि वह कथावाचक के घर को उसी तरह एक आदर्श स्थान मानती है जैसे कथावाचक ने उसके घर को माना था। वह दूर से उसके चमकते हुए पियाज़ा को देखती थी और सोचती थी कि वहाँ कितना खुशहाल जीवन होगा। यह कहानी आदर्शवाद और यथार्थवाद के बीच के अंतर को उजागर करती है, जहाँ दूर से चीजें अक्सर वास्तविकता से कहीं बेहतर लगती हैं।

किरदार विशेषताएँ प्रेरणाएँ
कथावाचक आदर्शवादी, कल्पनाशील, प्रकृति प्रेमी अपने नए पियाज़ा से एक यूटोपियाई दुनिया की कल्पना करना; दूरस्थ झोपड़ी के निवासियों के जीवन के बारे में जानने की उत्सुकता; प्रकृति और सुंदरता की खोज।
मेरी केनेडी एकाकी, निराशावादी, भोली अपने अकेलेपन को दूर करना; एक काल्पनिक, बेहतर जीवन की तलाश में दूर के कथावाचक के घर को एक आदर्श स्थान मानना।

अनुभाग 2: बार्टलेबी, द स्क्रिवनर: ए स्टोरी ऑफ़ वॉल स्ट्रीट

कहानी वॉल स्ट्रीट के एक पुराने वकील द्वारा सुनाई गई है। यह वकील एक शांत, विधिवादी व्यक्ति है जो "आसान रास्ता" पसंद करता है। वह अपने कार्यालय में बार्टलेबी नामक एक नए क्लर्क को नियुक्त करता है। शुरुआत में, बार्टलेबी एक अनुकरणीय कर्मचारी है, जो अथक परिश्रम करता है। हालांकि, जल्द ही वह "मैं ऐसा न करना पसंद करूँगा" ("I would prefer not to") वाक्यांश के साथ किसी भी काम से इनकार करना शुरू कर देता है। यह धीरे-धीरे प्रतिलिपि बनाने, दस्तावेजों की जाँच करने, या यहाँ तक कि कार्यालय छोड़ने जैसे सरल कार्यों तक फैल जाता है। बार्टलेबी निष्क्रिय रूप से प्रतिरोध करता है, लेकिन तर्क या धमकी का कोई असर नहीं होता। वह वकील के कार्यालय में ही रहना शुरू कर देता है, जिससे वकील परेशान हो जाता है लेकिन वह उसे निकालने में असमर्थ महसूस करता है। आखिरकार, वकील कार्यालय बदल देता है, लेकिन बार्टलेबी वहीं रहता है। नए किरायेदारों द्वारा बुलाए जाने पर, बार्टलेबी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाता है, जहाँ वह भूख हड़ताल पर चला जाता है और मर जाता है। कहानी अलगाव, निष्क्रिय प्रतिरोध, सहानुभूति और मानवीय संबंध के अभाव जैसे विषयों की पड़ताल करती है।

किरदार विशेषताएँ प्रेरणाएँ
कथावाचक (वकील) मध्यममार्गी, धैर्यवान, लेकिन अंततः निष्क्रिय, मानवीय अपने कार्यालय का सुचारू संचालन सुनिश्चित करना; बार्टलेबी के प्रति कर्तव्य की भावना महसूस करना; शांति और व्यवस्था बनाए रखना।
बार्टलेबी रहस्यमय, निष्क्रिय, प्रतिरोधी, हताश, अलगाव में रहने वाला "मैं ऐसा न करना पसंद करूँगा" वाक्यांश के पीछे का कारण अज्ञात है; यह संभवतः जीवन की अर्थहीनता, अलगाव या किसी अव्यक्त पीड़ा का परिणाम है। उसकी एकमात्र प्रेरणा बस मौजूद रहना और दूसरों की अपेक्षाओं को अस्वीकार करना प्रतीत होती है।
टर्की उम्रदराज क्लर्क, चिड़चिड़ा, कभी-कभी शराबी अपनी नौकरी बनाए रखना; वकील को खुश रखना; अपनी दिनचढ़ा के अनुसार काम करना।
निप्पर्स युवा क्लर्क, महत्वाकांक्षी, पेट के रोग से ग्रस्त अपनी नौकरी बनाए रखना; सामाजिक सीढ़ी चढ़ना; अपने स्वाभिमान को बनाए रखना।
जिंजर नट युवा कार्यालय सहायक, आलसी, संदेशवाहक छोटे-मोटे काम करना; मुफ्त में केक (जिंजर नट्स) खाना।

अनुभाग 3: बेनीटो सेरेनो

यह कहानी 1799 में घटित होती है। कैप्टन अमोसा डेलानो, एक अमेरिकी सील हंटर, सैन डोमिंगो के तट पर एक स्पेनिश जहाज, सैन डोमिनिक, को देखता है, जो संकट में लगता है। वह जहाज पर सवार होता है और उसे अजीबोगरीब और परेशान करने वाला माहौल मिलता है। स्पेनिश कप्तान, बेनीटो सेरेनो, बीमार और उदास दिखाई देता है, और वह अपने दास, बबू के साथ असाधारण रूप से निर्भरता का रिश्ता साझा करता है। बबू लगातार सेरेनो के पास रहता है, उसकी देखभाल करता है और उसके मामलों में दखल देता है। डेलानो को कई विसंगतियाँ नज़र आती हैं, जैसे कि दासों का असामान्य रूप से स्वतंत्र व्यवहार और कुछ रहस्यमय संकेत, लेकिन वह उन्हें अपनी सांस्कृतिक पूर्वाग्रहों और उदार स्वभाव के कारण गलत समझता है। अंततः, जब डेलानो अपने जहाज पर लौटने वाला होता है, तो सेरेनो छलांग लगाकर उसकी नाव में कूद जाता है। तब रहस्य खुलता है: दासों ने विद्रोह कर दिया था और उन्होंने जहाज पर नियंत्रण कर लिया था। बबू विद्रोह का असली मास्टरमाइंड था, और उसने बेनीटो सेरेनो को बंधक बना रखा था, उसे यह नाटक करने पर मजबूर कर रहा था कि वह अभी भी कप्तान है। कहानी नस्लवाद, गुलामी, भ्रम, मानवीय बुराई और अज्ञानता के गहरे विषयों की पड़ताल करती है।

किरदार विशेषताएँ प्रेरणाएँ
कैप्टन अमोसा डेलानो अमेरिकन, मिलनसार, सीधा-सादा, आशावादी, लेकिन अंततः भोला और कुछ हद तक नस्लीय पूर्वाग्रहों से ग्रस्त संकटग्रस्त जहाज की मदद करना; मानवतावादी कर्तव्य; अपने आसपास की वास्तविकता को अपने पूर्वाग्रहों और अपेक्षाओं के माध्यम से समझना। वह दासों को स्वाभाविक रूप से हीन और अज्ञान मानता है, जिससे वह बबू के असली इरादों को समझने में विफल रहता है।
बेनीटो सेरेनो स्पेनिश कप्तान, कमजोर, बीमार, भयभीत, बंधक जीवित रहना; बबू की इच्छाओं का पालन करना ताकि अपने और बचे हुए स्पेनिश क्रू की जान बचाई जा सके। वह अपने गौरव और अधिकार का दिखावा करने के लिए मजबूर है।
बबू दास, चालाक, निर्दयी, करिश्माई नेता, विद्रोह का मास्टरमाइंड स्वतंत्रता प्राप्त करना; अपने साथी दासों को मुक्त करना; स्पेनिश उत्पीड़कों से बदला लेना। वह अपनी दासता की स्थिति का लाभ उठाकर डेलानो को धोखा देता है और विद्रोह का नेतृत्व करता है।

अनुभाग 4: द एनकैंटडास, ऑर एनचांटेड आइल्स

यह कहानी गैलापागोस द्वीपों, जिन्हें मेलविल "एनचांटडास" (मंत्रमुग्ध द्वीप) कहते हैं, का एक वर्णनात्मक और दार्शनिक अन्वेषण है। यह दस खंडों में विभाजित है, जिनमें से प्रत्येक एक विशिष्ट द्वीप या द्वीपसमूह के पहलू पर केंद्रित है। मेलविल इन द्वीपों की कठोर, बंजर, ज्वालामुखीय प्रकृति और उन पर रहने वाले अद्वितीय, प्राचीन जीवों (जैसे विशाल कछुए) का वर्णन करता है। वह इन द्वीपों को निराशा, अकेलेपन और समय की अनंतता के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत करता है। कहानी में कई उपाख्यान और लघु कथाएँ शामिल हैं, जैसे कि एक दास लड़की, डोना हर्मिटिला, जिसने एक जंगली कुत्ते को पाल लिया था, या विलियम कौले नामक समुद्री डाकू की कहानी जिसने अपनी समुद्री डाकू आत्मा को एक विशाल कछुए में स्थानांतरित कर दिया था। यह कहानी प्रकृति की कठोरता, मानव अस्तित्व की क्षणभंगुरता, अलगाव और निराशा के विषयों पर विचार करती है।

किरदार विशेषताएँ प्रेरणाएँ
कथावाचक (मेलविल) खोजी, दार्शनिक, प्रकृति का गहन पर्यवेक्षक, मानव स्थिति पर विचार करने वाला गैलापागोस द्वीपों के अद्वितीय और कठोर भूगोल और जीव-जंतुओं का वर्णन और विश्लेषण करना; इन द्वीपों को मानव अनुभव के लिए एक रूपक के रूप में उपयोग करना; प्रकृति और अस्तित्व के बारे में गहरे दार्शनिक सवालों पर विचार करना।
डोना हर्मिटिला दास, एकाकी, कठोर परिस्थितियों में जीवित रहने वाली, संवेदनशील अपने अकेलेपन और निराशा से निपटने के लिए एक जानवर (कुत्ते) में सांत्वना और संगति खोजना; अपने मालिक से बचने की कोशिश करना।
विलियम कौले समुद्री डाकू, हिंसक, दुष्ट, रहस्यमय अपने समुद्री डाकू जीवन को जीना; खजाना लूटना; अपनी दुष्टता को एक विशाल कछुए में स्थानांतरित करके अमरता या अपनी पहचान बनाए रखने का एक रूप खोजना।
डोलर एकाकी आदमी, अपराधी, हताश एक द्वीप पर अकेले रहकर अपने अपराधों से बचना; जीवित रहने के लिए संघर्ष करना।
बोटनिकल वॉयेजर अकेला आदमी, अंततः पागल हो जाता है विज्ञान के लिए पौधों का संग्रह करना; अंततः अलगाव और अकेलेपन के कारण पागलपन में डूब जाना।
ह्वेलमैन नाविक, कठोर, जीवन से थका हुआ अपनी कठिन और खतरनाक नौकरी करना; इन द्वीपों पर जीवित रहना।

अनुभाग 5: पुअर मैन'स पुडिंग एंड रिच मैन'स क्रंब्स

यह कहानी दो विरोधी भागों में विभाजित है, जो इंग्लैंड में गरीबी और धन के बीच की असमानताओं को उजागर करती है।
पहला भाग, "पुअर मैन'स पुडिंग", कथावाचक को एक गरीब ब्रिटिश मजदूर के घर में हुए अनुभवों का वर्णन करता है। वह एक गरीब लेकिन मेहनती और धार्मिक परिवार के साथ भोजन करता है, जहाँ उन्हें सिर्फ "पुडिंग" (एक साधारण, नीरस पकवान) मिलता है। कथावाचक परिवार के सदस्यों की ईमानदारी, विनम्रता और संतोष को देखता है, बावजूद इसके कि वे गरीबी में जीवन यापन कर रहे हैं। वह उनके साधारण भोजन और खुशियों की तुलना धनी लोगों के भोजन से करता है।
दूसरा भाग, "रिच मैन'स क्रंब्स", एक धनी लंदन भोज का वर्णन करता है जिसे "लॉर्ड स्क्वायरवेल का रात्रिभोज" कहा जाता है, जहाँ कथावाचक को भी उपस्थित होने का अवसर मिलता है। यहाँ, कथावाचक अत्यधिक भोजन, दिखावा और फिजूलखर्ची देखता है। हालाँकि, वह यह भी नोट करता है कि एक गुप्त खिड़की से, महल के बाहर भूखे गरीब लोग बचे हुए टुकड़ों (क्रंब्स) का इंतजार कर रहे हैं, जिन्हें अक्सर अपमानजनक तरीके से फेंका जाता है। यह कहानी सामाजिक अन्याय, वर्ग असमानता, धन और गरीबी के विपरीत और मानव स्वभाव पर उनके प्रभावों पर एक तीखी टिप्पणी है।

किरदार विशेषताएँ प्रेरणाएँ
कथावाचक पर्यवेक्षक, सहानुभूतिपूर्ण, सामाजिक अन्याय पर विचार करने वाला, अमेरिकी नागरिक इंग्लैंड में सामाजिक संरचना और वर्ग भेद का अवलोकन करना; गरीब और अमीर के बीच के अंतर को समझना; मानवीय सहानुभूति और नैतिकता पर विचार करना।
जॉन और केट गुडन्यू गरीब, मेहनती, धार्मिक, संतोषी ब्रिटिश मजदूर दंपति अपने परिवार का भरण-पोषण करना; ईमानदारी से जीवन यापन करना; अपनी सीमित परिस्थितियों में खुशी और धार्मिक आस्था बनाए रखना।
लॉर्ड स्क्वायरवेल धनी, दिखावटी, फिजूलखर्ची करने वाला, ब्रिटिश अभिजात वर्ग अपनी धन-संपत्ति और सामाजिक स्थिति का प्रदर्शन करना; उच्च समाज में अपनी जगह बनाए रखना; बिना विचार किए संसाधनों का उपभोग करना।
गरीब लोग भूखे, अपमानित, दया के पात्र, महल के बाहर बचे हुए भोजन के टुकड़ों का इंतजार करने वाले जीवित रहने के लिए भोजन प्राप्त करना; अपनी हताश परिस्थितियों में किसी भी छोटी सी मदद की उम्मीद करना।

अनुभाग 6: द लाइटनिंग-रॉड मैन

यह कहानी कथावाचक और एक अजनबी के बीच एक मुलाकात का वर्णन करती है जो गरज-चमक वाले तूफान के दौरान उसके घर आता है। यह अजनबी एक "लाइटनिंग-रॉड मैन" (तड़ित-चालक विक्रेता) है, जो अपने आप को लोगों को बिजली गिरने के खतरे से बचाने वाले के रूप में प्रस्तुत करता है। वह गरज-चमक को भगवान के क्रोध का प्रतीक बताता है और जोर देकर कहता है कि तड़ित-चालक सुरक्षा का एकमात्र साधन है। वह लगातार कथावाचक को तड़ित-चालक खरीदने के लिए मनाने की कोशिश करता है, उसे डर और अंधविश्वास का उपयोग करके प्रभावित करने का प्रयास करता है। कथावाचक, जो प्रकृति की शक्ति और ईश्वरीय न्याय में विश्वास करता है लेकिन मनुष्य के नियंत्रण के दावों से असहमत है, विक्रेता के भय-आधारित तर्क का खंडन करता है। वह विक्रेता के व्यापारिक स्वार्थ और उसके द्वारा पैदा किए गए डर की आलोचना करता है। यह कहानी भय, अंधविश्वास, व्यापारिकता बनाम प्रकृति, और मानवीय अस्तित्व पर नियंत्रण के झूठे दावों के विषयों की पड़ताल करती है।

किरदार विशेषताएँ प्रेरणाएँ
कथावाचक तर्कवादी, प्रकृति और ईश्वर में विश्वास करने वाला, मानव अहंकार का विरोधी तड़ित-चालक विक्रेता के डर-आधारित व्यापारिक मॉडल का विरोध करना; प्रकृति की शक्ति और ईश्वर की संप्रभुता में अपने विश्वास को बनाए रखना; मानवीय अति-आत्मविश्वास और भय के शोषण के खिलाफ तर्क देना।
लाइटनिंग-रॉड मैन धूर्त, भयभीत करने वाला, व्यापारिक, अंधविश्वासी तड़ित-चालक बेचकर लाभ कमाना; लोगों में डर पैदा करके अपने उत्पादों की आवश्यकता को बढ़ाना; स्वयं को एक रक्षक के रूप में प्रस्तुत करना। वह बिजली गिरने के खतरे को अत्यधिक बढ़ा-चढ़ाकर पेश करता है ताकि लोगों को अपने उत्पाद खरीदने के लिए प्रेरित कर सके।

साहित्यिक शैली: लघु कहानियों का संग्रह, गोथिक, रहस्यवादी, दार्शनिक, यथार्थवाद, सामाजिक व्यंग्य।

लेखक के बारे में:
हरमन मेलविल (1819-1891) एक अमेरिकी उपन्यासकार, लघु कथाकार और कवि थे। वह अमेरिकी साहित्य के महत्वपूर्ण आंकड़ों में से एक माने जाते हैं, हालांकि उन्हें अपने जीवनकाल में व्यापक प्रसिद्धि नहीं मिली थी। उनकी सबसे प्रसिद्ध रचना, 'मोबी डिक' (1851), शुरुआत में व्यावसायिक रूप से असफल रही थी, लेकिन 20वीं सदी में इसे एक महान अमेरिकी उपन्यास के रूप में मान्यता मिली। मेलविल ने एक युवा के रूप में समुद्र में महत्वपूर्ण समय बिताया, जिसने उनके कई कार्यों को प्रेरित किया, जिनमें 'टाइपी' (Typee) और 'ओमू' (Omoo) शामिल हैं। उनके कार्य अक्सर प्रकृति की शक्ति, मनुष्य और ब्रह्मांड के बीच संघर्ष, नैतिक और दार्शनिक प्रश्न, और अलगाव और अन्याय के विषयों से संबंधित होते हैं।

नैतिक शिक्षा:
'द पियाज़ा टेल्स' संग्रह की कई कहानियाँ विभिन्न नैतिक शिक्षाएँ प्रदान करती हैं:

  1. सतही धारणाओं से सावधान रहें: 'द पियाज़ा' और 'बेनीटो सेरेनो' कहानियाँ दिखाती हैं कि कैसे बाहरी दिखावे भ्रामक हो सकते हैं और हमें वास्तविकता को समझने के लिए गहरा गोता लगाना चाहिए।
  2. मानवीय अलगाव और सहानुभूति का महत्व: 'बार्टलेबी, द स्क्रिवनर' अलगाव के विनाशकारी प्रभावों और दूसरों के प्रति सहानुभूति और जिम्मेदारी की कमी के परिणामों को उजागर करता है।
  3. सामाजिक न्याय और असमानता पर विचार करें: 'पुअर मैन'स पुडिंग एंड रिच मैन'स क्रंब्स' धन और गरीबी के बीच की गहरी असमानता और इसके नैतिक प्रभावों पर एक तीखी टिप्पणी है, जो पाठकों को सामाजिक अन्याय पर विचार करने के लिए प्रेरित करती है।
  4. भय और अंधविश्वास का शोषण: 'द लाइटनिंग-रॉड मैन' दिखाता है कि कैसे भय और अंधविश्वास का उपयोग व्यापारिक उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है और कैसे तर्कसंगत सोच और सत्य को बनाए रखना महत्वपूर्ण है।
  5. प्रकृति की शक्ति और मानव की तुच्छता: 'द एनकैंटडास' प्रकृति की अदम्य शक्ति और मानव अस्तित्व की क्षणभंगुरता को रेखांकित करता है, जिससे मनुष्य को अपनी सीमाओं को स्वीकार करने की सीख मिलती है।

उत्सुकताएँ:

  • मेलविल का खुद का अनुभव: 'द पियाज़ा' कहानी मेलविल के अपने लेनॉक्स, मैसाचुसेट्स स्थित घर से प्रेरित थी, जहाँ वे 1850 से 1863 तक रहे। उन्होंने अपने घर से माउंट ग्रेनलॉक के दृश्यों का आनंद लिया, जिससे यह शीर्षक कहानी उनके व्यक्तिगत अनुभवों का एक काल्पनिक रूपांतरण है।
  • अग्रदूत 'मोबी डिक' का प्रभाव: 'द पियाज़ा टेल्स' मेलविल के 'मोबी डिक' के बाद आया, जिसे उनके जीवनकाल में ठीक से सराहा नहीं गया था। इस संग्रह ने उन्हें वित्तीय रूप से कुछ राहत दी, क्योंकि उनकी लघु कहानियाँ उस समय उनके उपन्यासों की तुलना में अधिक लोकप्रिय थीं।
  • 'बार्टलेबी' की पहेली: 'बार्टलेबी, द स्क्रिवनर' को अमेरिकी साहित्य में निष्क्रिय प्रतिरोध और अस्तित्ववाद के शुरुआती उदाहरणों में से एक माना जाता है। बार्टलेबी का वाक्यांश "मैं ऐसा न करना पसंद करूँगा" (I would prefer not to) साहित्यिक प्रतीकात्मकता का एक प्रसिद्ध उदाहरण बन गया है, और इसके पीछे के कई संभावित अर्थों पर आज भी बहस होती है।
  • 'बेनीटो सेरेनो' का स्रोत: 'बेनीटो सेरेनो' रिचर्ड हेनरी डाना जूनियर की पुस्तक 'टू इयर्स बिफोर द मास्ट' के एक वास्तविक उपाख्यान से प्रेरित था, हालांकि मेलविल ने इसे एक जटिल मनोवैज्ञानिक नाटक में बदल दिया। यह कहानी गुलामी और नस्लीय संबंधों पर मेलविल की गहरी चिंता को दर्शाती है।
  • 'द एनकैंटडास' और गैलापागोस: मेलविल ने 1840 के दशक में जहाज पर काम करते हुए खुद गैलापागोस द्वीपों का दौरा किया था। इस अनुभव ने 'द एनकैंटडास' के लिए सामग्री प्रदान की, जो उनके कुछ सबसे गहन और दार्शनिक लेखन में से एक है। यह पर्यावरणीय लेखन और प्राकृतिक इतिहास के वर्णन में भी महत्वपूर्ण है।