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सारांश
'पिग्मेलियन' जॉर्ज बर्नार्ड शॉ का एक नाटक है जो सामाजिक वर्गों, भाषा और पहचान के विषयों की पड़ताल करता है। कहानी एलिसा डूलिटल नामक एक गरीब फूलों वाली लड़की के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका उच्चारण बहुत खराब है। प्रोफेसर हेनरी हिगिन्स, एक ध्वनिविज्ञान विशेषज्ञ, कर्नल पिकरिंग नामक एक साथी भाषाविद् के साथ शर्त लगाते हैं कि वह छह महीने के भीतर एलिसा को इतना परिष्कृत कर देगा कि उसे एक डचेस समझा जाएगा।
हिगिन्स एलिसा को अपने घर ले आता है और उसे बोलने के तरीके और शिष्टाचार में गहन प्रशिक्षण देता है। वह इस प्रक्रिया में एलिसा के मानवीय पहलू पर बहुत कम विचार करता है। एलिसा कड़ी मेहनत करती है और सफल होती है, लंदन के उच्च समाज में आसानी से घुलमिल जाती है। हालाँकि, अपनी सफलता के बाद, उसे एहसास होता है कि वह अब अपने पुराने जीवन में फिट नहीं बैठ सकती, लेकिन नया जीवन उसे कोई सम्मानजनक स्थान प्रदान नहीं करता है। हिगिन्स और पिकरिंग अपनी जीत का जश्न मनाते हैं, लेकिन एलिसा के भविष्य पर विचार नहीं करते। एलिसा को लगता है कि हिगिन्स ने उसे केवल एक प्रयोग के रूप में इस्तेमाल किया है, और एक भयंकर बहस होती है।
अंततः, एलिसा अपनी नई पहचान और स्वतंत्रता का दावा करती है। वह हिगिन्स को यह बताने की कोशिश करती है कि उसने उसे एक संवेदनशील इंसान में बदल दिया है, न कि केवल एक बोलने वाले तोते में। नाटक इस बात पर प्रकाश डालता है कि कैसे भाषा और सामाजिक स्थिति व्यक्तियों के मूल्य और अवसरों को निर्धारित करती है, और कैसे शिक्षा व्यक्ति को सशक्त बना सकती है, लेकिन साथ ही नए संघर्ष भी पैदा कर सकती है।
किताब के अनुभाग
अनुभाग 1
नाटक की शुरुआत लंदन के कोवेंट गार्डन में एक तूफानी रात में होती है। लोग बारिश से बचने के लिए पोर्टिको के नीचे आश्रय ले रहे हैं। उनमें एक गरीब फूलों वाली लड़की, एलिसा डूलिटल भी है, जो अपनी आवाज के खराब उच्चारण के कारण भीड़ में अलग दिखती है। वह एक सज्जन व्यक्ति से टकराती है जो उसकी फूलों की टोकरी गिरा देता है। इस बीच, एक रहस्यमय व्यक्ति, बाद में प्रोफेसर हेनरी हिगिन्स के रूप में पहचाना गया, लोगों के उच्चारण को रिकॉर्ड कर रहा है और उनकी बोलियों के आधार पर उनकी सामाजिक स्थिति और उत्पत्ति का सटीक अनुमान लगा रहा है। उसका दावा है कि वह किसी भी व्यक्ति को तीन महीने के भीतर बोलने के तरीके से एक फूल बेचने वाली लड़की से एक डचेस में बदल सकता है। कर्नल पिकरिंग नामक एक भाषाविद्, जो भारत से आया है और हिगिन्स से मिलना चाहता था, हिगिन्स को पहचानता है। हिगिन्स अपने कौशल का प्रदर्शन करता है और एलिसा को "अशिष्ट" और "घृणित" कहकर अपमानित करता है।
| चरित्र | विशेषताएँ | प्रेरणाएँ |
|---|---|---|
| एलिसा डूलिटल | गरीब फूलों वाली लड़की; अशिष्ट उच्चारण वाली; सीधी-सादी, लेकिन महत्वाकांक्षी; संवेदनशील और स्वाभिमानी, भले ही वह इसे कैसे भी व्यक्त करे। | बेहतर सामाजिक स्थिति प्राप्त करना; अपना जीवन सुधारना; दूसरों से सम्मान प्राप्त करना। |
| प्रोफेसर हेनरी हिगिन्स | ध्वनिविज्ञान का विशेषज्ञ; अभिमानी और अहंकारी; सामाजिक शिष्टाचार की परवाह नहीं करता; बच्चों जैसा उत्साह, लेकिन भावनात्मक रूप से अपरिपक्व; अपनी माँ को छोड़कर सभी महिलाओं के प्रति असभ्य। | अपनी भाषाई विशेषज्ञता का प्रदर्शन करना; एक बौद्धिक चुनौती स्वीकार करना; भाषा और उच्चारण के विज्ञान के प्रति जुनून। |
| कर्नल पिकरिंग | भाषाविद्; सज्जन और सभ्य; हिगिन्स का मित्र और सहयोगी बनने वाला; विनम्र और समझदार। | हिगिन्स की ध्वनिविज्ञान विशेषज्ञता का अध्ययन करना; भारत में बोली जाने वाली भाषाओं पर अपनी खुद की शोध करना; निष्पक्ष रूप से अवलोकन करना। |
| अल्फ्रेड डूलिटल | एलिसा का पिता; एक शराबी कबाड़ी वाला; अनैतिक, लेकिन अपने सिद्धांतों में दार्शनिक और मजाकिया; अपनी गरीबी का फायदा उठाता है। | पैसे प्राप्त करना; अपने शराब पीने की आदतों को बनाए रखना; बिना काम किए जीवन जीना। |
| श्रीमती पियर्स | हिगिन्स की गृहणी; व्यावहारिक और कर्तव्यनिष्ठ; हिगिन्स की सनकी हरकतों से आदी, लेकिन उसकी जिम्मेदारियों से चिंतित; एलिसा की देखभाल करती है। | हिगिन्स के घर को सुचारू रूप से चलाना; उसकी भलाई सुनिश्चित करना; उचित सामाजिक व्यवहार को बढ़ावा देना। |
| फ्रेडी एन्सफ़ोर्ड-हिल | उच्च समाज का एक युवा लड़का; थोड़ा अजीब और बेपरवाह; बाद में एलिसा के प्रति आकर्षित हो जाता है। | समाज में अपना स्थान बनाए रखना; बाद में एलिसा को प्रभावित करना। |
| श्रीमती एन्सफ़ोर्ड-हिल | उच्च समाज की महिला; फ्रेडी की माँ; अपने बेटे के सामाजिक स्थिति के प्रति जागरूक। | अपनी सामाजिक स्थिति बनाए रखना; समाज में अपनी प्रतिष्ठा की रक्षा करना। |
| मिस एन्सफ़ोर्ड-हिल | उच्च समाज की युवा महिला; फ्रेडी की बहन। | अपनी सामाजिक स्थिति बनाए रखना। |
अनुभाग 2
अगली सुबह, एलिसा हिगिन्स के घर आती है और उच्चारण के पाठ के लिए भुगतान करने की पेशकश करती है ताकि वह एक फूलों की दुकान में काम कर सके। हिगिन्स पहले तो उसे भगा देता है, लेकिन पिकरिंग, जो रात भर हिगिन्स के साथ रुका हुआ था, एक चुनौती के रूप में एक शर्त लगाता है: अगर हिगिन्स एलिसा को छह महीने के भीतर एक डचेस के रूप में पास करा सके, तो पिकरिंग सभी खर्चों का भुगतान करेगा। हिगिन्स इस चुनौती से उत्साहित हो जाता है और एलिसा को अपने घर में रहने के लिए मना लेता है, जहाँ उसे श्रीमती पियर्स, हिगिन्स की गृहणी की देखरेख में रहना है। श्रीमती पियर्स एलिसा को साफ करती है और उसे नहाने के लिए मजबूर करती है, जिससे एलिसा को बहुत दुख होता है। श्रीमती पियर्स हिगिन्स को एलिसा के भविष्य के बारे में उसकी गैर-जिम्मेदारियों के लिए डांटती भी है।
इसी बीच, अल्फ्रेड डूलिटल, एलिसा का पिता, हिगिन्स के घर पहुँचता है। वह एलिसा को वापस ले जाने का नाटक करता है, लेकिन उसका असली मकसद पैसे निकालना है। वह हिगिन्स को अपने "मध्यम वर्ग की नैतिकता" के खिलाफ तर्क देने की कोशिश करता है और खुद को एक "अयोग्य गरीब" के रूप में वर्णित करता है जिसे नैतिक दायित्वों से छूट दी जानी चाहिए। हिगिन्स उसकी वाक्पटुता से प्रभावित होता है और उसे पांच पाउंड देता है।
अनुभाग 3
कुछ महीनों के गहन प्रशिक्षण के बाद, हिगिन्स और पिकरिंग एलिसा को अपनी माँ, श्रीमती हिगिन्स के घर में एक "परीक्षण" के लिए ले जाते हैं। श्रीमती हिगिन्स अपने बेटे के असभ्य व्यवहार और एलिसा को अपने सामाजिक दायरे में लाने से नाखुश हैं। इस सभा में एन्सफ़ोर्ड-हिल परिवार (फ्रेडी, उसकी माँ और बहन) भी मौजूद हैं। एलिसा अपने उच्चारण में आश्चर्यजनक प्रगति दिखाती है, लेकिन उसकी बातचीत के विषय और सामाजिक शिष्टाचार अभी भी अपरिष्कृत हैं। वह मौसम और स्वास्थ्य के बारे में ठीक से बात कर सकती है, लेकिन जब वह अपने परिवार के बारे में बात करना शुरू करती है तो उसका 'कॉकनी' उच्चारण और गंदी भाषा वापस आ जाती है। हिगिन्स और पिकरिंग इसे बहुत मजाकिया पाते हैं, लेकिन श्रीमती हिगिन्स और एन्सफ़ोर्ड-हिल परिवार स्तब्ध रह जाते हैं। फ्रेडी, हालांकि, एलिसा की अप्रत्याशितता से मंत्रमुग्ध हो जाता है और उसे पत्र लिखना शुरू कर देता है।
| चरित्र | विशेषताएँ | प्रेरणाएँ |
|---|---|---|
| श्रीमती हिगिन्स | हेनरी की माँ; समझदार और सामाजिक रूप से जागरूक; अपने बेटे की हरकतों से परेशान और उसकी सामाजिक अकुशलता को नापसंद करती है; दूसरों के प्रति दयालु और सम्मानजनक। | अपने बेटे को सही रास्ते पर रखना; सामाजिक शिष्टाचार बनाए रखना; दूसरों के प्रति उचित व्यवहार सुनिश्चित करना। |
अनुभाग 4
छह महीने बाद, एलिसा को पूरी तरह से बदला हुआ दिखाया जाता है। वह एक बगीचे की पार्टी में और फिर एक दूतावास बॉल में भाग लेती है, जहाँ उसे एक हंगरी की डचेस के रूप में गलत समझा जाता है। हिगिन्स ने अपनी शर्त जीत ली है। बॉल से देर रात घर लौटने पर, हिगिन्स और पिकरिंग अपनी जीत का जश्न मनाते हैं, लेकिन एलिसा पर कोई ध्यान नहीं देते, जिसने यह सब हासिल किया है। हिगिन्स शिकायत करता है कि वह खुश है कि यह सब खत्म हो गया है और वह अपने जूते ढूंढ नहीं पा रहा है। एलिसा, जो अपमानित और अप्रयुक्त महसूस करती है, अंततः फट पड़ती है। वह हिगिन्स पर उस पर कोई विचार न करने और उसे सिर्फ एक प्रयोग के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाती है। वह हिगिन्स के चेहरे पर जूते फेंकती है और अपने भविष्य के बारे में चिंता व्यक्त करती है - वह अब फूलों वाली लड़की के रूप में वापस नहीं जा सकती, लेकिन उच्च समाज में उसकी कोई वास्तविक जगह नहीं है। हिगिन्स उसके आत्मविश्वास से अचंभित रह जाता है और उसे समझ नहीं आता कि उसने ऐसा कुछ क्यों कहा। एलिसा रात में घर से भाग जाती है।
अनुभाग 5
एलिसा भागकर श्रीमती हिगिन्स के घर पहुँचती है। इस बीच, हिगिन्स और पिकरिंग एलिसा को ढूंढने के लिए बेचैन होकर श्रीमती हिगिन्स के पास आते हैं, हिगिन्स यह मानने से इनकार करता है कि एलिसा चली गई होगी। श्रीमती हिगिन्स उन्हें एलिसा को एक इंसान के रूप में न देखने और केवल उसे अपनी संपत्ति के रूप में मानने के लिए फटकारती हैं। अल्फ्रेड डूलिटल भी आता है, अब वह एक धनी व्यक्ति है। हिगिन्स ने मजाक में एक अमेरिकी करोड़पति को अल्फ्रेड के बारे में लिखा था, जिसने उसे एक नैतिक सुधार आंदोलन का एक प्रमुख व्याख्याता के रूप में नामित किया था, जिसके लिए अल्फ्रेड को एक बड़ा वसीयत मिली थी। अल्फ्रेड, अपनी नई धन और जिम्मेदारी के बोझ से दुखी है।
अंत में, एलिसा का सामना हिगिन्स से होता है। वह उसे बताती है कि उसने उसे केवल एक 'पिग्मेलियन' के रूप में नहीं, बल्कि एक महिला के रूप में पाला है जो अब खुद के लिए खड़ी हो सकती है। वह उसे धमकी देती है कि वह हिगिन्स की ध्वनिविज्ञान की शिक्षाओं का उपयोग एक प्रतिद्वंद्वी के रूप में कर सकती है। हिगिन्स उसके आत्मविश्वास से एक अजीब तरह से प्रभावित होता है। नाटक का अंत इस अस्पष्टता के साथ होता है कि एलिसा का क्या होगा। शॉ के मूल एपिलॉग के अनुसार, एलिसा, फ्रेडी से शादी करती है और एक फूलों की दुकान खोलती है। लेकिन नाटक में एलिसा हिगिन्स के बिना एक स्वतंत्र भविष्य बनाने का संकल्प लेती है।
साहित्यिक शैली
हास्य नाटक, सामाजिक व्यंग्य, आलोचनात्मक यथार्थवाद।
लेखक के बारे में जानकारी
जॉर्ज बर्नार्ड शॉ (1856-1950) एक आयरिश नाटककार, आलोचक, पोलिमिकिस्ट और राजनीतिक कार्यकर्ता थे। उन्होंने 60 से अधिक नाटक लिखे और 'मैन्स एंड सुपरमैन', 'आर्म्स एंड द मैन' और 'सेंट जोन' जैसे कार्यों के लिए प्रसिद्ध हैं। शॉ अपने समय के सबसे महत्वपूर्ण नाटककारों में से एक बन गए और 1925 में साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्होंने अक्सर अपने नाटकों का उपयोग सामाजिक, राजनीतिक और नैतिक मुद्दों की आलोचना करने के लिए किया, और एक समाजवादी, एक फेबियन सोसाइटी के सदस्य और एक मुखर नारीवादी थे।
नैतिक शिक्षा
'पिग्मेलियन' की नैतिक शिक्षा यह है कि व्यक्ति की वास्तविक पहचान उसके बाहरी दिखावे या सामाजिक वर्ग से नहीं, बल्कि उसकी आंतरिक गरिमा, आत्मविश्वास और स्वतंत्रता से आती है। शिक्षा और भाषा किसी व्यक्ति को सशक्त बना सकती है, लेकिन अगर उन्हें सम्मान और मानवीय विचार के बिना दिया जाए, तो वे उसे और भी अधिक अकेला और दिशाहीन छोड़ सकते हैं। यह नाटक सामाजिक वर्गों, पितृसत्ता और शिक्षा की वास्तविक प्रकृति पर भी सवाल उठाता है।
किताब के बारे में कुछ दिलचस्प बातें
- मूल: नाटक का शीर्षक ग्रीक पौराणिक कथाओं के 'पिग्मेलियन' की कहानी से लिया गया है, जिसमें एक मूर्तिकार अपनी बनाई हुई मूर्ति से प्यार कर बैठता है और वह जीवित हो उठती है। नाटक में हिगिन्स को एलिसा के निर्माता के रूप में चित्रित किया गया है, लेकिन एलिसा उससे भी आगे निकल जाती है।
- सफलता: 'पिग्मेलियन' शॉ के सबसे लोकप्रिय और सफल नाटकों में से एक था। इसे 1913 में पहली बार मंच पर प्रस्तुत किया गया था।
- संगीत रूपांतरण: यह नाटक 1956 के ब्रॉडवे संगीत 'माई फेयर लेडी' का आधार बना, जो खुद एक बड़ी सफलता थी और जिसे 1964 में एक ऑस्कर विजेता फिल्म में भी रूपांतरित किया गया। संगीत ने नाटक की कहानी को अधिक रोमांटिक मोड़ दिया, जो शॉ के मूल इरादे से थोड़ा अलग था।
- शॉ का एपिलॉग: जॉर्ज बर्नार्ड शॉ को अक्सर अपने नाटकों के खुशहाल अंत के लिए दर्शकों की मांगों से परेशानी होती थी। 'पिग्मेलियन' के लिए, उन्होंने एक विस्तृत एपिलॉग लिखा जिसमें एलिसा के भविष्य का वर्णन किया गया था, जिसमें उसने फ्रेडी एन्सफ़ोर्ड-हिल से शादी की और एक फूलों की दुकान खोली। उन्होंने ऐसा इसलिए किया ताकि दर्शक यह न सोचें कि एलिसा और हिगिन्स एक साथ खत्म होंगे, एक ऐसा निष्कर्ष जिसे शॉ ने हमेशा अस्वीकार किया।
- भाषा और वर्ग: यह नाटक भाषा और उच्चारण के सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालता है, यह दर्शाता है कि कैसे किसी की बोली उसकी सामाजिक स्थिति और अवसरों को निर्धारित कर सकती है। शॉ स्वयं भाषा के एक महान पारखी थे।
