प्रेत - हेनरिक इबसेन
सारांश
'भूत' (Ghosts) नॉर्वे के नाटककार हेनरिक इब्सन द्वारा रचित एक तीन-अंकीय नाटक है। यह नाटक विक्टोरियन समाज के पाखंड, वंशानुगत रोग, और सामाजिक परंपराओं के कठोर पालन के परिणामों पर केंद्रित है। कहानी श्रीमती हेलेन अल्विंग के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने दिवंगत पति, कैप्टन अल्विंग की वास्तविक प्रकृति को दुनिया से छिपाने की कोशिश कर रही हैं। उनका मानना है कि वे एक सम्मानित व्यक्ति थे, जबकि वे वास्तव में एक व्यभिचारी और नैतिक रूप से भ्रष्ट व्यक्ति थे। उनका बेटा, ओसवाल्ड, जो पेरिस में एक कलाकार है, घर लौटता है और एक वंशानुगत रोग से ग्रसित हो जाता है। धीरे-धीरे, सच्चाई सामने आती है कि ओसवाल्ड की बीमारी उसके पिता के अनैतिक जीवन का परिणाम है, और रेजिना एंगस्ट्रैंड, जो घर में नौकरानी है, ओसवाल्ड की सौतेली बहन है। नाटक का अंत दुखद होता है, जिसमें ओसवाल्ड पूरी तरह से बीमारी की चपेट में आ जाता है, और श्रीमती अल्विंग को अपने पति के "भूतो" (भूतिया अतीत) का सामना करना पड़ता है।
किताब के अनुभाग
अनुभाग 1: पहला अंक
कहानी: श्रीमती अल्विंग अपने बेटे ओसवाल्ड के घर लौटने का इंतजार कर रही हैं, जो पेरिस में एक सफल चित्रकार है। वह कैप्टन अल्विंग के अनाथालय के उद्घाटन की तैयारी कर रही हैं, जिसे उन्होंने अपने पति की याद में बनवाया है। पादरी मैंडर्स, जो एक सख्त नैतिकवादी और परिवार के मित्र हैं, अनाथालय की वित्तीय व्यवस्था पर चर्चा करने आते हैं। वह श्रीमती अल्विंग को कैप्टन अल्विंग के एक प्रतिष्ठित व्यक्ति होने की बात याद दिलाते हैं, और श्रीमती अल्विंग भी इस बात का दिखावा करती हैं। हालांकि, बातचीत में श्रीमती अल्विंग धीरे-धीरे अपनी शादी के दुखद सच को उजागर करना शुरू करती हैं। वह बताती हैं कि उनके पति एक व्यभिचारी और शराब पीने वाले थे, और उन्होंने अपने बेटे को इस सच्चाई से बचाने के लिए घर से दूर भेज दिया था। रेजिना एंगस्ट्रैंड, जो नौकरानी है, ओसवाल्ड के प्रति आकर्षित दिखती है, और जैकब एंगस्ट्रैंड, रेजिना का कथित पिता, पादरी मैंडर्स से अपने भविष्य के बारे में बात करने आता है, और वह "नाविकों का घर" बनाने के लिए पैसे मांगता है। ओसवाल्ड घर आता है और रेजिना के साथ फ़्लर्ट करता है, जिससे श्रीमती अल्विंग असहज हो जाती हैं। ओसवाल्ड अपनी मां को बताता है कि वह अस्वस्थ महसूस कर रहा है और उसकी मानसिक स्थिति बिगड़ रही है।
पात्र:
| पात्र | विशेषताएँ | प्रेरणाएँ |
|---|---|---|
| हेलेन अल्विंग | विधवा, बुद्धिमान, दुखद अतीत को छिपाने वाली। | अपने बेटे को सच्चाई से बचाना, पति के नाम को साफ रखना। |
| पादरी मैंडर्स | रूढ़िवादी, नैतिकवादी, समाज के नियमों का पालन करने वाला। | नैतिकता बनाए रखना, समाज में अपनी छवि बनाए रखना, श्रीमती अल्विंग के प्रति पुरानी भावनाएँ। |
| रेजिना एंगस्ट्रैंड | युवा, महत्वाकांक्षी, घर में नौकरानी। | सामाजिक स्तर ऊपर उठाना, ओसवाल्ड के साथ संबंध बनाना। |
| जैकब एंगस्ट्रैंड | चालाक, लालची, शारीरिक रूप से विकलांग। | पैसे कमाना, "नाविकों का घर" बनाने के बहाने लोगों से ठगी करना। |
| ओसवाल्ड अल्विंग | युवा चित्रकार, बीमार, निराशावादी। | अपनी बीमारी का इलाज ढूंढना, कला के प्रति जुनून, पिता के अतीत से अनजान। |
अनुभाग 2: दूसरा अंक
कहानी: पादरी मैंडर्स और श्रीमती अल्विंग पहले अंक के अंत में लगी आग के बारे में चर्चा करते हैं, जिसने अनाथालय को नष्ट कर दिया है। यह आग जैकब एंगस्ट्रैंड द्वारा लापरवाही से लगाई गई थी, लेकिन वह इस पर पादरी मैंडर्स को दोष देता है। श्रीमती अल्विंग अब पादरी मैंडर्स को अपने पति के अनैतिक जीवन की पूरी कहानी बताती हैं, और यह भी बताती हैं कि रेजिना कैप्टन अल्विंग की नाजायज बेटी है। वह यह भी बताती हैं कि उन्होंने ओसवाल्ड को घर से दूर इसलिए भेजा था ताकि वह अपने पिता के बुरे प्रभाव से बचा रहे। ओसवाल्ड पादरी मैंडर्स से अपनी बीमारी के बारे में बात करता है, लेकिन मैंडर्स इसे उसके अनैतिक जीवन का परिणाम मानते हैं। ओसवाल्ड अपनी मां को बताता है कि उसे एक वंशानुगत रोग है, जिसे वह सिफलिस (syphilis) मानता है, और डॉक्टर के निदान के अनुसार यह बीमारी उसके पिता से आई है। श्रीमती अल्विंग टूट जाती हैं, क्योंकि उन्हें अपने पति के "भूतो" का सामना करना पड़ता है। ओसवाल्ड रेजिना के प्रति अपने आकर्षण को स्वीकार करता है, और श्रीमती अल्विंग को यह सच्चाई बतानी पड़ती है कि वे सौतेले भाई-बहन हैं।
अनुभाग 3: तीसरा अंक
कहानी: ओसवाल्ड की बीमारी और बढ़ गई है। वह अपनी माँ और रेजिना के साथ है। रेजिना को अब सच्चाई पता चल गई है कि वह कैप्टन अल्विंग की बेटी है, और वह यह भी जानती है कि उसका पिता जैकब एंगस्ट्रैंड नहीं है। जैकब एंगस्ट्रैंड, जो अनाथालय की आग के लिए पादरी मैंडर्स को दोषी ठहराकर मुआवजा प्राप्त करने की कोशिश कर रहा था, अब रेजिना को अपने "नाविकों का घर" में काम करने के लिए मनाता है, जो वास्तव में एक वेश्यालय है। रेजिना, जब उसे पता चलता है कि ओसवाल्ड का कोई भविष्य नहीं है और वह अल्विंग परिवार से कोई वित्तीय लाभ नहीं उठा सकती, तो वह जैकब के साथ चली जाती है। ओसवाल्ड की हालत बिगड़ती जाती है, और वह अपनी मां से मदद मांगता है। वह अपनी बीमारी के अंतिम चरण में पहुंच जाता है, जहाँ उसकी मानसिक क्षमताएं पूरी तरह से नष्ट हो जाती हैं। नाटक का अंत ओसवाल्ड की मानसिक गिरावट के साथ होता है, जहाँ वह केवल "मुझे सूरज दो" ("Give me the sun") कहता रहता है, और श्रीमती अल्विंग को यह तय करना पड़ता है कि क्या वह अपने बेटे की इच्छामृत्यु में मदद करेंगी या उसे इस भयावह स्थिति में जीवित रहने देंगी, जैसा कि ओसवाल्ड ने उनसे अनुरोध किया था जब वह सचेत था। श्रीमती अल्विंग को अपने पति के "भूतो" द्वारा पूरी तरह से जकड़ा हुआ महसूस होता है, और उन्हें एक भयानक निर्णय का सामना करना पड़ता है।
साहित्यिक शैली: नाटक (सामाजिक यथार्थवादी नाटक, त्रासदी)
लेखक के बारे में कुछ तथ्य:
- हेनरिक इब्सन (1828-1906) एक नॉर्वेजियन नाटककार और थिएटर निर्देशक थे।
- उन्हें अक्सर "आधुनिक गद्य नाटक का जनक" कहा जाता है।
- उनके नाटकों को 19वीं शताब्दी के अंत में विक्टोरियन नैतिकता और सामाजिक सम्मेलनों पर उनके आलोचनात्मक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है।
- उनके अन्य प्रसिद्ध नाटकों में 'ए डॉल हाउस' (एक गुड़िया का घर), 'हेड्डा गैबलर' और 'एन एनिमी ऑफ द पीपल' (लोगों का दुश्मन) शामिल हैं।
नैतिक शिक्षा:
'भूत' की नैतिक शिक्षा यह है कि समाज के सामने दिखावा करने और अप्रिय सत्यों को छिपाने की कोशिश करने के गंभीर और विनाशकारी परिणाम होते हैं। झूठ और पाखंड अंततः उजागर होते हैं और उन लोगों को तबाह कर देते हैं जो उन्हें कायम रखते हैं। यह नाटक सामाजिक सम्मेलनों के अंधाधुंध पालन और वंशानुगत बीमारियों के बारे में बात करने से इनकार करने के खतरनाक परिणामों पर भी प्रकाश डालता है। सच्चा सुख और स्वतंत्रता केवल सच्चाई का सामना करने और नैतिक साहस के साथ निर्णय लेने में ही निहित है।
कुछ दिलचस्प बातें:
- जब 'भूत' का पहली बार 1881 में प्रकाशन हुआ, तो इसे जबरदस्त विवाद का सामना करना पड़ा और इसे "घृणित", "अश्लील" और "एक खुली सीवर" जैसे विशेषणों से नवाजा गया। आलोचकों ने इसे समाज के लिए खतरनाक बताया।
- इस नाटक में सिफलिस जैसी यौन संचारित बीमारी का स्पष्ट उल्लेख करने वाला पहला नाटक था, जो उस समय एक वर्जित विषय था।
- इब्सन ने यह नाटक इसलिए लिखा क्योंकि वे समाज में व्याप्त पाखंड और उन "भूतों" से परेशान थे जो अतीत से निकलकर वर्तमान को प्रभावित करते हैं।
- नाटक का शीर्षक 'भूत' न केवल कैप्टन अल्विंग के अतीत के पापों को संदर्भित करता है जो उनके बेटे को भुगतने पड़ते हैं, बल्कि उन पुराने विचारों और सामाजिक परंपराओं को भी संदर्भित करता है जो पात्रों के जीवन को सीमित और तबाह करते हैं।
- यह नाटक 19वीं शताब्दी के अंत के "यथार्थवादी" नाटक आंदोलन का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है, जिसमें रोजमर्रा के जीवन और सामाजिक समस्याओं को मंच पर प्रस्तुत किया जाता था।
