robinson kruso - dainiyal depho

सारांश

डेनियल डेफ़ो का उपन्यास 'रॉबिन्सन क्रूसो' एक युवा अंग्रेज़ रॉबिन्सन क्रूसो की कहानी है जो अपने माता-पिता की इच्छा के विरुद्ध समुद्र में यात्रा करता है। उसकी कई समुद्री यात्राएँ होती हैं, जिनमें से एक उसे दासता में ले जाती है जिससे वह भाग निकलता है। अपनी एक और यात्रा के दौरान, वह एक भयंकर तूफ़ान में फँस जाता है और कैरेबियन सागर में एक निर्जन द्वीप पर अकेला फँस जाता है। अगले अट्ठाईस वर्षों तक, क्रूसो द्वीप पर जीवित रहने के लिए संघर्ष करता है, अपनी सरलता और दृढ़ता का उपयोग करके आश्रय बनाता है, भोजन उगाता है, जानवर पालता है और अपने आप को बचाने के लिए हथियार बनाता है। वह अपनी कंपनी के लिए एक तोते को भी पालतू बनाता है। वर्षों बाद, उसे मानव पैरों के निशान और नरभक्षियों के अवशेष मिलते हैं, जिससे वह भयभीत हो जाता है। एक दिन, वह एक आदिवासी कैदी को नरभक्षियों से बचाता है और उसका नाम फ्राइडे रखता है। फ्राइडे उसका वफादार साथी बन जाता है और क्रूसो को द्वीप पर अन्य मानव उपस्थिति और सभ्यता के बारे में जानने में मदद करता है। अंततः, एक विद्रोही अंग्रेज़ी जहाज़ द्वीप पर आता है, और क्रूसो, जहाज़ के कप्तान की मदद करके, विद्रोहियों को हराता है और अपनी वापसी की व्यवस्था करता है। अट्ठाईस साल, दो महीने और उन्नीस दिन बाद, वह अंततः इंग्लैंड लौटता है।

किताब के अनुभाग

अनुभाग 1: प्रारंभिक जीवन और पहली यात्राएँ

रॉबिन्सन क्रूसो एक मध्यमवर्गीय परिवार में यॉर्क में पैदा हुआ था। उसके पिता चाहते थे कि वह कानून की पढ़ाई करे, लेकिन रॉबिन्सन को समुद्र में जाने का प्रबल जुनून था। अपने माता-पिता की इच्छाओं और चेतावनियों के बावजूद, सत्रह साल की उम्र में, वह अपने दोस्त के साथ समुद्र में अपनी पहली यात्रा पर निकल जाता है। यह यात्रा तूफानों से भरी होती है, जिससे वह डर जाता है, लेकिन वह अपने संकल्प को नहीं छोड़ता। उसकी शुरुआती यात्राएँ कई कठिनाइयों और खतरों से भरी होती हैं, जिसमें वह कई बार मौत के मुँह से निकलता है।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
रॉबिन्सन क्रूसो युवा, साहसी, जिद्दी, समुद्री यात्रा का शौकीन, अपने भाग्य को आज़माने का इच्छुक रोमांच की तलाश, अपने माता-पिता की इच्छा के विपरीत अपनी इच्छाओं का पालन करना, खुद को साबित करना

अनुभाग 2: दासता और पलायन

अपनी एक यात्रा के दौरान, रॉबिन्सन क्रूसो को मोरक्को के समुद्री डाकुओं द्वारा पकड़ लिया जाता है और साले के गवर्नर का दास बन जाता है। वह दो साल तक दासता में रहता है, लेकिन अपनी स्वतंत्रता पाने के लिए लगातार अवसर खोजता रहता है। एक दिन, मछली पकड़ने के बहाने, वह एक मोरिश लड़के ज़ूरी और एक अन्य दास के साथ एक नाव में भागने का प्रबंधन करता है। वह भूमध्य सागर में दक्षिण की ओर यात्रा करता है, जब तक कि उसे एक पुर्तगाली जहाज़ द्वारा नहीं बचाया जाता, जो उसे ब्राजील ले जाता है।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
ज़ूरी युवा मोरिश लड़का, वफादार, रॉबिन्सन का साथी स्वतंत्रता की इच्छा, रॉबिन्सन के प्रति वफादारी

अनुभाग 3: ब्राजील और कैरेबियन की यात्रा

ब्राजील में, रॉबिन्सन क्रूसो एक बागान मालिक बन जाता है और कुछ वर्षों तक समृद्धि का अनुभव करता है। हालाँकि, उसे और अधिक धन कमाने की लालसा होती है, और वह पश्चिम अफ्रीका से दासों को लाने के लिए एक गुप्त अभियान में शामिल हो जाता है। 1659 में, वह दासों को लाने के लिए अपनी यात्रा पर निकलता है।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
पुर्तगाली कप्तान दयालु, मददगार, व्यावहारिक अपने जहाज के यात्रियों की मदद करना, व्यापार करना

अनुभाग 4: जहाज़ का मलबा और निर्जन द्वीप पर अकेलापन

दासों को लाने वाली यात्रा पर, जहाज़ एक भयंकर तूफ़ान में फँस जाता है और त्रिनिदाद के पास एक निर्जन द्वीप के तट पर टूट जाता है। रॉबिन्सन क्रूसो एकमात्र जीवित बचा है। वह अपने आप को अकेला पाता है और घोर निराशा में डूब जाता है। हालाँकि, वह जहाज़ के मलबे से जितना संभव हो सके उतना सामान बचाने का प्रबंधन करता है, जिसमें उपकरण, बंदूकें, भोजन और अन्य आवश्यक चीजें शामिल हैं। वह एक पहाड़ी के पास एक गुफा और एक किलेबंद आश्रय बनाता है।

अनुभाग 5: द्वीप पर जीवन का निर्माण

अगले कई वर्षों तक, रॉबिन्सन क्रूसो द्वीप पर जीवित रहने के लिए अविश्वसनीय रूप से आविष्कारशील और दृढ़ संकल्पित हो जाता है। वह अपना भोजन उगाने के लिए जौ और चावल के बीज बोता है, जो उसे जहाज़ से मिले थे। वह बकरियों को पालतू बनाता है और दूध और मांस के लिए उनका उपयोग करता है। वह मिट्टी के बर्तन बनाता है, कपड़े सिलता है, और एक वार्षिक कैलेंडर रखता है। वह एक ईसाई के रूप में अपने विश्वास को फिर से खोजता है और अपनी बाइबिल पढ़ता है। वह एक तोते को भी पालतू बनाता है जिसका नाम पोले होता है, जो उसकी एकमात्र कंपनी होती है। वह अपने अनुभव को एक डायरी में लिखता है।

अनुभाग 6: मानव पैरों के निशान और फ्राइडे का आगमन

सोलह साल तक द्वीप पर अकेले रहने के बाद, रॉबिन्सन क्रूसो को समुद्र तट पर मानव पैरों के निशान मिलते हैं, जिससे वह अत्यधिक भयभीत हो जाता है। उसे पता चलता है कि द्वीप पर नरभक्षी आते हैं और अपने कैदियों को खाते हैं। वह छिपकर रहता है और सावधानी बरतता है। कई सालों बाद, वह देखता है कि नरभक्षी अपने एक कैदी को मारने की तैयारी कर रहे हैं। क्रूसो हस्तक्षेप करता है, कैदी को बचाता है और अन्य नरभक्षियों को मारता है या भगा देता है। वह बचाए गए व्यक्ति का नाम फ्राइडे रखता है, क्योंकि वह उसे शुक्रवार के दिन बचाता है। फ्राइडे एक युवा, वफादार और बुद्धिमान आदिवासी है जो जल्द ही अंग्रेजी सीखता है और क्रूसो का समर्पित साथी बन जाता है।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
फ्राइडे युवा आदिवासी, वफादार, बुद्धिमान, आभारी, रॉबिन्सन का समर्पित साथी रॉबिन्सन के प्रति कृतज्ञता, उससे सीखना, उसके साथ रहना

अनुभाग 7: फ्राइडे के पिता और स्पेनिश नाविक का बचाव

फ्राइडे के आने के कुछ साल बाद, क्रूसो और फ्राइडे एक और नरभक्षी समूह को द्वीप पर आते हुए देखते हैं। इस बार, वे दो और कैदियों को बचाते हैं: एक स्पेनिश नाविक, जो क्रूसो के साथ जहाज पर था और दूसरे द्वीप पर फँस गया था, और फ्राइडे का अपना पिता। यह क्रूसो के लिए एक बड़ी खुशी है क्योंकि अब उसके पास अधिक साथी हैं। वे एक साथ मिलकर रहने की योजना बनाते हैं और स्पेनिश नाविक को उसके साथी नाविकों को लाने के लिए भेजते हैं, जो पास के एक द्वीप पर फँसे हुए हैं।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
फ्राइडे का पिता वृद्ध आदिवासी, फ्राइडे की तरह वफादार और शांत अपने बेटे और क्रूसो के साथ रहना
स्पेनिश नाविक धैर्यवान, अनुभवी, उत्तरजीवी अपने साथियों को बचाना, सभ्यता में लौटना

अनुभाग 8: विद्रोह और बचाव

कुछ समय बाद, एक अंग्रेज़ी जहाज़ द्वीप पर आता है। क्रूसो यह देखकर चौंक जाता है कि जहाज़ पर एक विद्रोह हुआ है, और तीन कैदी (जहाज़ का कप्तान, उसका सहायक और एक यात्री) विद्रोहियों द्वारा किनारे पर लाए गए हैं। क्रूसो, फ्राइडे और अन्य के साथ मिलकर, कैदियों को बचाने का फैसला करता है। वे विद्रोहियों को चालाकी से हराते हैं, जहाज़ को वापस ले लेते हैं, और बचे हुए विद्रोहियों को बंदी बना लेते हैं। जहाज़ का कप्तान क्रूसो के प्रति अत्यधिक आभारी होता है और उसे इंग्लैंड वापस ले जाने की पेशकश करता है।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
अंग्रेज़ी कप्तान कृतज्ञ, सम्मानजनक, सक्षम अपने जहाज को वापस लेना, क्रूसो की मदद करना

अनुभाग 9: इंग्लैंड वापसी और बाद का जीवन

अट्ठाईस साल, दो महीने और उन्नीस दिन द्वीप पर रहने के बाद, रॉबिन्सन क्रूसो फ्राइडे के साथ इंग्लैंड लौटता है। उसे पता चलता है कि उसके माता-पिता की मृत्यु हो चुकी है, लेकिन उसके बागान से उसे काफी धन मिलता है। वह विवाह करता है और उसके बच्चे होते हैं। वह अपने अनुभवों के बारे में लिखता है और अपने बाद के वर्षों में कुछ और यात्राएँ करता है, जिसमें वह अपने द्वीप पर भी जाता है।

साहित्यिक विधा

साहसिक उपन्यास (Adventure novel), यात्रा वृत्तांत (Travelogue), अस्तित्ववादी कथा (Survival fiction), आत्मकथात्मक उपन्यास (Autobiographical novel - हालांकि काल्पनिक)

लेखक के बारे में कुछ तथ्य

  • डेनियल डेफ़ो (लगभग 1660 - 24 अप्रैल 1731) एक अंग्रेज़ी व्यापारी, लेखक, पत्रकार, पैम्फलेटर और जासूस थे।
  • वह अपने उपन्यास 'रॉबिन्सन क्रूसो' के लिए सबसे प्रसिद्ध हैं, जिसे अक्सर अंग्रेज़ी साहित्य में पहला सच्चा उपन्यास माना जाता है।
  • डेफ़ो एक विपुल लेखक थे, जिन्होंने 500 से अधिक पुस्तकें, पैम्फलेट और पत्रिकाएँ लिखीं।
  • वह एक राजनीतिक और धार्मिक व्यक्ति थे, और उनकी लेखन अक्सर सामाजिक और राजनीतिक टिप्पणी को दर्शाती थी।
  • उन्हें कभी-कभी जासूसी के लिए भी जाना जाता है, क्योंकि उन्होंने सरकार के लिए गुप्त एजेंट के रूप में काम किया था।
  • उनके अन्य उल्लेखनीय कार्यों में 'मॉले फ़्लैंडर्स' और 'ए जर्नल ऑफ़ द प्लेग ईयर' शामिल हैं।

नैतिक शिक्षा

'रॉबिन्सन क्रूसो' कई नैतिक शिक्षाएँ प्रदान करता है:

  • दृढ़ता और लचीलापन: मनुष्य सबसे विकट परिस्थितियों में भी जीवित रह सकता है और पनप सकता है यदि वह दृढ़ संकल्प और आविष्कारशील हो।
  • आत्मनिर्भरता और संसाधनशीलता: अपनी बुद्धि और सीमित संसाधनों का उपयोग करके, कोई भी असंभव लगने वाली बाधाओं को पार कर सकता है।
  • धैर्य और कड़ी मेहनत: द्वीप पर क्रूसो की सफलता धीरे-धीरे और लगातार प्रयासों का परिणाम थी।
  • ईश्वर में विश्वास: क्रूसो के एकांतवास के दौरान, उसका विश्वास गहरा होता है और उसे आशा और सांत्वना मिलती है।
  • मानव संपर्क का महत्व: अकेलेपन का अनुभव करने के बाद, क्रूसो मानव साथी (फ्राइडे) के मूल्य को पूरी तरह से समझता है।

जिज्ञासाएँ

  • वास्तविक प्रेरणा: माना जाता है कि 'रॉबिन्सन क्रूसो' स्कॉटिश नाविक अलेक्जेंडर सेल्कर्क की सच्ची कहानी से प्रेरित था, जो 1704 से 1709 तक जुआन फर्नांडीज द्वीप समूह में एक निर्जन द्वीप पर अकेला रहा था।
  • पहला अंग्रेज़ी उपन्यास: कई साहित्यिक विद्वान 'रॉबिन्सन क्रूसो' को अंग्रेज़ी साहित्य का पहला उपन्यास मानते हैं क्योंकि यह यथार्थवाद और चरित्र विकास पर ध्यान केंद्रित करता है।
  • प्रकाशन का प्रभाव: अपनी रिलीज़ के तुरंत बाद, उपन्यास बेहद लोकप्रिय हुआ और इसे व्यापक रूप से पढ़ा गया, जिससे साहित्यिक दुनिया में एक नई शैली का मार्ग प्रशस्त हुआ।
  • नाम की उत्पत्ति: "रॉबिन्सन" नाम डेफ़ो के बचपन के दोस्त टिम रॉबिन्सन से आया था। "क्रूसो" नाम शायद किसी वास्तविक व्यक्ति के नाम से प्रेरित था, या यह "क्रेउत्ज़नेर" का एक भ्रष्ट रूप हो सकता है।
  • अटूट लोकप्रियता: पुस्तक को 300 से अधिक भाषाओं में अनुवादित किया गया है और यह दुनिया की सबसे अधिक प्रकाशित पुस्तकों में से एक है। इसकी कहानी ने अनगिनत अन्य उपन्यासों, फिल्मों और टीवी शो को प्रेरित किया है।