salomi - oskar vaild

सारांश

ऑस्कर वाइल्ड का नाटक 'सलोमी' एक रहस्यमय और कामुक त्रासदी है जो बाइबिल के पात्र सलोमी की कहानी पर आधारित है। यह कहानी हेरोद अंतियास के महल में घटित होती है, जहाँ सलोमी, हेरोदियास की बेटी, अपने सौतेले पिता हेरोद की वासना का केंद्र बन जाती है। सलोमी पैगंबर योहन (जॉकेनान) की ओर आकर्षित होती है, जो महल के कुंड में कैद है और हेरोद व हेरोदियास दोनों की बुराई की निंदा करता है। योहन उसे हर बार अस्वीकार करता है, जिससे सलोमी का आकर्षण एक घातक जुनून में बदल जाता है। हेरोद, सलोमी से 'सात पर्दों का नृत्य' करने के लिए कहता है और बदले में उसे कुछ भी देने का वादा करता है। नृत्य के बाद, सलोमी योहन का कटा हुआ सिर मांगती है। हेरोद उसे रोकने की बहुत कोशिश करता है, लेकिन सलोमी अपनी मांग पर अड़ी रहती है। अंततः, योहन का सिर उसके सामने लाया जाता है, और वह उसे चूमती है। इस भयावह कृत्य से horrified होकर, हेरोद अपने सैनिकों को सलोमी को मारने का आदेश देता है।

किताब के अनुभाग

अनुभाग 1

कहानी हेरोद के महल की छत पर शुरू होती है। एक युवा सीरियाई सैनिक, राजकुमारी सलोमी को देखने के लिए छत पर चढ़ा हुआ है और उसके सौंदर्य की प्रशंसा कर रहा है। वह सलोमी के प्रति अपनी तीव्र आसक्ति व्यक्त करता है, जबकि हेरोदियास का पृष्ठ उसे चेतावनी देता है कि इस तरह का जुनून खतरनाक हो सकता है। वे दोनों एक कुएँ से आने वाली पैगंबर योहन (जॉकेनान) की रहस्यमय आवाज़ सुनते हैं, जो भविष्यवाणियाँ करता है और दुनिया की बुराई की निंदा करता है। यह आवाज़ सैनिकों और हेरोद के अन्य दरबारियों को भयभीत करती है। तभी, चंद्रमा के प्रकाश में, सलोमी उत्सव से भागकर छत पर आती है, क्योंकि हेरोद उसे लगातार घूर रहा था, जिससे वह असहज महसूस कर रही थी।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
सलोमी हेरोदियास की बेटी, हेरोद की सौतेली बेटी। अत्यंत सुंदर और आकर्षक, लेकिन अंततः क्रूर और जुनून से भरी हुई। हेरोद की वासना से बचना, योहन के रहस्यमय व्यक्तित्व से मोहित होना।
युवा सीरियाई हेरोद के महल का एक सैनिक। सलोमी के प्रति जुनूनी प्रेम रखने वाला। सलोमी के प्रति अत्यधिक आसक्ति और प्रेम।
हेरोदियास का पृष्ठ युवा सीरियाई का मित्र और एक दरबारी। अधिक सतर्क और रहस्यमय घटनाओं के प्रति संवेदनशील। युवा सीरियाई को सलोमी के प्रति उसके जुनून के खतरों से आगाह करना, महल में हो रही रहस्यमय घटनाओं को समझना।
सैनिक हेरोद के महल के पहरेदार। योहन की आवाज़ से भयभीत। अपने कर्तव्य का पालन करना, लेकिन रहस्यमय आवाज़ों और घटनाओं से घबरा जाना।
योहन (जॉकेनान) एक पैगंबर, जो हेरोद के कुएँ में कैद है। दृढ़, पवित्र और अपनी भविष्यवाणियों में अडिग। ईश्वर के संदेशों का प्रचार करना, हेरोद और हेरोदियास के पापों की निंदा करना।

अनुभाग 2

सलोमी महल में चल रहे उत्सव और हेरोद की घूरती नज़रों से परेशान होकर छत पर आती है। वह योहन की आवाज़ सुनती है और उससे मिलने की इच्छा व्यक्त करती है। सैनिक उसे मना करते हैं, क्योंकि हेरोद ने योहन को देखने या उससे बात करने पर प्रतिबंध लगा रखा है। हालांकि, सलोमी अपनी इच्छा पर अड़ी रहती है और युवा सीरियाई, जो उसके प्रति समर्पित है, उसकी बात मानता है और योहन को कुएँ से बाहर निकालने का आदेश देता है। योहन बाहर आता है और हेरोद और हेरोदियास के पापी जीवन की निंदा करता है। सलोमी, योहन के दृढ़ और तपस्वी व्यक्तित्व से तुरंत आकर्षित हो जाती है।

अनुभाग 3

सलोमी योहन की ओर बढ़ती है और उसकी सुंदरता का वर्णन करती है – उसके बाल, उसका शरीर, उसका मुँह। वह उससे प्यार करने और उसे चूमने की तीव्र इच्छा व्यक्त करती है। योहन उसकी सारी मांगों को दृढ़ता से अस्वीकार करता है, उसे "बाबुल की बेटी" और "पाप की बेटी" कहकर फटकारता है। वह उसे अपने पापों से पश्चाताप करने और मसीहा की तलाश करने का आह्वान करता है। सलोमी की लगातार की गई अपील और योहन के ठुकराने से, युवा सीरियाई, जो सलोमी से प्यार करता था, निराशा में खुद को मार लेता है। इस बीच, हेरोद अपनी पत्नी हेरोदियास और अन्य दरबारियों के साथ छत पर आता है। हेरोद, सलोमी को घूरता है और उससे साथ बैठने और शराब पीने का आग्रह करता है, लेकिन सलोमी उसे अस्वीकार करती है। वह योहन की आवाज़ से भी परेशान है, जो उसे लगातार धमका रहा है।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
हेरोद अंतियास यहूदिया का टेट्रार्क, हेरोदियास का पति और सलोमी का सौतेला पिता। कामुक, अंधविश्वासी और कमजोर इच्छाशक्ति वाला। सलोमी के प्रति वासना, योहन से भयभीत होना, हेरोदियास से ईर्ष्या।
हेरोदियास हेरोद की पत्नी और सलोमी की माँ। अभिमानी, प्रतिशोधी और योहन से घृणा करने वाली। अपनी बेटी पर हेरोद के जुनून से परेशान होना, योहन द्वारा अपने विवाह की आलोचना से गुस्सा।

अनुभाग 4

हेरोद सलोमी को नृत्य करने के लिए मनाने की पूरी कोशिश करता है, क्योंकि उसका मानना है कि इससे उसका बुरा मूड ठीक हो जाएगा। सलोमी पहले तो मना करती है, लेकिन जब हेरोद कसम खाता है कि वह उसे कुछ भी देगा, जो कुछ भी वह मांगेगी – यहाँ तक कि अपने आधे राज्य का भी, तो वह सहमत हो जाती है। सलोमी 'सात पर्दों का नृत्य' (Dance of the Seven Veils) करती है, एक कामुक और रहस्यमय नृत्य जिसमें वह धीरे-धीरे अपने वस्त्र उतारती है। नृत्य के बाद, हेरोद उससे पूछता है कि वह क्या इनाम चाहती है।

अनुभाग 5

सलोमी अपनी मांग बताती है: "मुझे एक चांदी की थाली पर योहन का सिर चाहिए।" हेरोद यह सुनकर घबरा जाता है। वह उससे अपनी मांग बदलने के लिए कहता है, उसे हीरे, मोती, मोर, दुर्लभ शराब, और यहाँ तक कि योहन के स्थान पर हेरोद के अपने महल की सबसे कीमती चीजें देने की पेशकश करता है। वह उसे याद दिलाता है कि योहन एक पवित्र व्यक्ति है, एक नबी है। हेरोदियास सलोमी की मांग का समर्थन करती है, लेकिन हेरोद लगातार सलोमी को रोकने की कोशिश करता है। सलोमी अपनी मांग पर अड़ी रहती है, और हेरोद, अपनी कसम से बंधा हुआ, अंततः अनिच्छा से हार मान लेता है और जल्लाद को आदेश देता है।

अनुभाग 6

जल्लाद कुएँ में उतरता है। एक भयानक चुप्पी छा जाती है, और फिर जल्लाद योहन का कटा हुआ सिर एक चांदी की थाली पर लेकर बाहर आता है और उसे सलोमी को सौंप देता है। सलोमी सिर को अपने हाथों में लेती है और उससे बात करना शुरू करती है। वह उसे अपनी इच्छा पूरी न करने के लिए फटकारती है और फिर उसे चूमती है। वह दावा करती है कि अब उसने उसे चूम लिया है, जैसा कि वह हमेशा से चाहती थी। इस भयावह दृश्य को देखकर हेरोद घृणा और भय से भर जाता है। वह कहता है, "उस स्त्री को मार डालो!" सैनिक सलोमी पर हमला करते हैं और उसे अपनी ढालों के नीचे कुचल देते हैं, जिससे उसकी मृत्यु हो जाती है।


शैली

दुःखद नाटक, प्रतीकात्मक नाटक, कला के लिए कला आंदोलन (Aestheticism)।

लेखक के बारे में

ऑस्कर वाइल्ड (1854-1900) एक आयरिश कवि और नाटककार थे। वह अपनी तीक्ष्ण बुद्धि, भव्य जीवन शैली और "कला के लिए कला" दर्शन के लिए जाने जाते थे। उनके प्रसिद्ध कार्यों में 'द पिक्चर ऑफ़ डोरियन ग्रे' (एक उपन्यास), 'द इंपॉर्टेंस ऑफ़ बीइंग अर्नेस्ट' और 'एन आइडियल हसबैंड' (दोनों नाटक) शामिल हैं। वाइल्ड विक्टोरियन समाज के एक प्रमुख व्यक्ति थे, लेकिन समलैंगिकता के आरोप में उन्हें जेल हुई, जिसने उनके करियर और जीवन को तबाह कर दिया।

नैतिक शिक्षा

'सलोमी' में कोई सीधी नैतिक शिक्षा नहीं है, बल्कि यह जुनून, वासना, सौंदर्य और नैतिकता के बीच के खतरनाक द्वंद्वों को उजागर करती है। यह नाटक दिखाता है कि अनियंत्रित इच्छाएँ और जुनून व्यक्ति को कितनी दूर तक ले जा सकते हैं, जिससे अंततः विनाश और त्रासदी होती है। यह सौंदर्य और प्रेम के विकृत रूपों का भी अन्वेषण करता है, जहाँ आकर्षण घृणा और मृत्यु में बदल सकता है।

दिलचस्प तथ्य

  • उत्पादन में प्रतिबंध: 'सलोमी' को मूल रूप से 1892 में लिखा गया था, लेकिन 1893 में इंग्लैंड में इसके प्रदर्शन पर सेंसरशिप नियमों के कारण प्रतिबंध लगा दिया गया था, क्योंकि इसमें बाइबिल के पात्रों को दिखाया गया था। इसका प्रीमियर पहली बार 1896 में पेरिस में हुआ था।
  • चित्रकार बेयरडस्ले: प्रसिद्ध ब्रिटिश चित्रकार ऑब्रे बेयरडस्ले ने 1894 के अंग्रेजी संस्करण के लिए इस नाटक के लिए विवादास्पद और प्रतीकात्मक चित्र बनाए, जो नाटक की कामुक और रहस्यमय प्रकृति को और बढ़ाते हैं।
  • फ्रेंच में लिखा गया: ऑस्कर वाइल्ड ने इस नाटक को मूल रूप से फ्रेंच में लिखा था, जो उस समय के अंग्रेजी लेखकों के लिए असामान्य था। उन्होंने अपनी भाषा कौशल का प्रदर्शन करने और एक ऐसे विषय से निपटने के लिए ऐसा किया जो अंग्रेजी सेंसरशिप के लिए बहुत बोल्ड हो सकता था।
  • एकल-अभिनय नाटक: 'सलोमी' एक एकल-अभिनय नाटक है, जिसका अर्थ है कि यह बिना किसी अंतराल के शुरू से अंत तक चलता है, जिससे कहानी में एक तीव्र और अथक गति बनी रहती है।