sodom aur gomora - marcel proust

सारांश

मार्सेल प्रूस्ट की 'सोडोम और गोमोरा' (Sodome et Gomorrhe), 'खोए हुए समय की तलाश में' (À la recherche du temps perdu) श्रृंखला का चौथा खंड है। यह खंड मुख्य रूप से वासना, ईर्ष्या, और सामाजिक पाखंड के विषयों की पड़ताल करता है, विशेष रूप से समलैंगिकता के संदर्भ में। कहानी बैरन डी चार्लस की गहरी समलैंगिक प्रवृत्ति के मार्सेल द्वारा रहस्योद्घाटन के साथ शुरू होती है, जो समाज के भीतर छिपी हुई यौन इच्छाओं को उजागर करता है। मार्सेल, चार्लस के जटिल और अक्सर विरोधाभासी व्यक्तित्व का बारीकी से अवलोकन करता है, और वायलिन वादक मोरेल के प्रति उसके जुनूनी प्रेम को देखता है।

पुस्तक का दूसरा बड़ा हिस्सा मार्सेल के अल्बर्टिन के प्रति जुनूनी प्रेम और ईर्ष्या पर केंद्रित है। मार्सेल अल्बर्टिन को अपने साथ रहने के लिए पेरिस ले आता है, लेकिन उसकी सच्ची इच्छाओं और अतीत को लेकर उसकी ईर्ष्या लगातार बढ़ती जाती है। वह अल्बर्टिन की समलैंगिक प्रवृत्तियों (जो "गोमोरा" का प्रतीक है) के बारे में अपने डर की पुष्टि करने के लिए उस पर लगातार नज़र रखता है और पूछताछ करता है। यह ईर्ष्या मार्सेल को असहनीय पीड़ा देती है और उसे प्यार की प्रकृति और दूसरों को जानने की असंभवता पर विचार करने के लिए मजबूर करती है। अंततः, अल्बर्टिन का अचानक पलायन मार्सेल को विनाश की स्थिति में छोड़ देता है, जिससे उसे अपनी भावनाओं और अपने रिश्ते की अस्थिरता का सामना करना पड़ता है। यह खंड पेरिसियन समाज के ऊपरी तबके की भी पड़ताल करता है, उनकी सतही बातचीत और छिपे हुए जीवन को उजागर करता है।

किताब के अनुभाग

अनुभाग 1: चार्लस का रहस्य

कहानी की शुरुआत में मार्सेल एक ऐसे दृश्य का गवाह बनता है जहाँ बैरन डी चार्लस, एक प्रतिष्ठित और पहले रहस्यमयी व्यक्ति, जूपियन नामक एक दर्जी के साथ गुप्त रूप से जुड़ता हुआ प्रतीत होता है। मार्सेल, पहले कुछ देर के लिए भ्रमित होता है, फिर एक गहन अहसास में आता है कि चार्लस समलैंगिक है। यह अहसास मार्सेल के लिए "सोडोम की जाति" या समलैंगिकों की एक पूरी छिपी हुई दुनिया का द्वार खोल देता है, जो समाज की सतह के नीचे मौजूद है। मार्सेल इस नई समझ से चकित है, और वह चार्लस के व्यवहार का विश्लेषण करना शुरू कर देता है, यह महसूस करता है कि उसके कई पहले के अस्पष्ट कार्य और कथन अब इस नए प्रकाश में समझ में आने लगे हैं। वह समलैंगिकता को एक गुप्त समाज के रूप में देखता है, जिसके अपने नियम और संकेत हैं।