sula - toni morrison

सारांश

टोनी मॉरिसन का उपन्यास 'सूला' ओहियो के मेडेलियन शहर के एक अफ्रीकी-अमेरिकी समुदाय, 'द बॉटम' में सेट है। यह सूला पीस और नेल राइट नाम की दो लड़कियों की गहरी और जटिल दोस्ती की कहानी है, जो विपरीत परिस्थितियों में पली-बढ़ी हैं। नेल एक पारंपरिक माहौल में पली-बढ़ी है, जो स्थिरता और सामाजिक स्वीकार्यता को महत्व देती है, जबकि सूला अपनी अनूठी और अपरंपरागत पीस परिवार में पली-बढ़ी है, जहाँ नियम अक्सर टूटते हैं। उपन्यास उनके बचपन, एक दुखद घटना, और सूला के शहर छोड़ने और दस साल बाद एक विवादास्पद व्यक्ति के रूप में लौटने के बाद उनके जीवन को ट्रैक करता है। सूला का वापसी शहर को झकझोर देती है, खासकर जब वह नेल के पति जूड के साथ संबंध बनाती है। समुदाय सूला को एक दुष्ट और विध्वंसक शक्ति के रूप में देखता है, जो अपनी ही माँ, दादी और सबसे अच्छी दोस्त को चुनौती देती है। उपन्यास दोस्ती, पहचान, परंपरा, नारीत्व और एक ब्लैक समुदाय के भीतर व्यक्तिगत स्वतंत्रता की खोज जैसे विषयों की पड़ताल करता है, जो अक्सर पारंपरिक नैतिकता और व्यक्तिगत इच्छा के बीच तनाव को उजागर करता है।

किताब के अनुभाग

अनुभाग 1: द बॉटम और दो दोस्तों का उदय (1919-1922)

यह अनुभाग मेडेलियन शहर के ऊपर एक पहाड़ी पर स्थित अफ्रीकी-अमेरिकी समुदाय, 'द बॉटम' का परिचय देता है, जिसकी स्थापना एक क्रूर मजाक के रूप में हुई थी। यहाँ हम शाद्रक से मिलते हैं, एक प्रथम विश्व युद्ध का अनुभवी जिसे युद्ध-पश्चात तनाव विकार (PTSD) है, जो हर साल 'राष्ट्रीय आत्महत्या दिवस' की प्रथा शुरू करता है। कहानी नेल राइट और सूला पीस की बचपन की दोस्ती पर केंद्रित है। नेल एक अधिक रूढ़िवादी और संरचित घर में पली-बढ़ी है, जबकि सूला का घर अपरंपरागत और अशांत है। वे दोनों एक दूसरे में आराम और समझ पाती हैं, जो उन्हें समुदाय की कठोर वास्तविकताओं से दूर एक आश्रय प्रदान करता है।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
नेल राइट रूढ़िवादी, स्थिर, सामाजिक रूप से स्वीकार्य होने की इच्छा रखती है, अपने परिवार और समुदाय के मूल्यों का पालन करती है, वफादार लेकिन अंदर से स्वतंत्रता की लालसा रखती है। अपनी पहचान खोजने और समुदाय में अपनी जगह बनाने के लिए, स्थिरता और सुरक्षा की इच्छा।
सूला पीस अपरंपरागत, विद्रोही, स्वतंत्र-विचारक, निडर, अपनी इच्छाओं का पालन करने वाली, अक्सर दूसरों द्वारा गलत समझी जाने वाली, असाधारण रूप से बुद्धिमत्ता वाली और साहसी। सामाजिक मानदंडों और अपेक्षाओं को चुनौती देना, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और अनुभवों की तलाश, अपनी पहचान की खोज।
शाद्रक प्रथम विश्व युद्ध का अनुभवी, युद्ध-पश्चात तनाव विकार (PTSD) से पीड़ित, नदी किनारे अकेला रहता है, हर साल 'राष्ट्रीय आत्महत्या दिवस' मनाता है। युद्ध के आघात से निपटना, अपने जीवन में व्यवस्था और नियंत्रण की भावना स्थापित करने का प्रयास, अपनी मानसिक स्थिति से जूझना।

अनुभाग 2: पीस परिवार और एक दुखद ग्रीष्मकाल (1922-1927)

पीस परिवार का घर, जिसे 'पीस हाउस' के नाम से जाना जाता है, मेडेलियन का एक विचित्र केंद्र है। यहाँ सूला की दादी, ईवा पीस, रहती हैं, एक शक्तिशाली मातृसत्ता जिसने अपने पति द्वारा छोड़े जाने के बाद अपने बच्चों को पाला। वह अपने बच्चों, हन्नाह और प्लम, और कई गोद लिए हुए बच्चों के साथ रहती है। ईवा की अपनी ही कहानी है, जिसमें उसने अपने परिवार को खिलाने के लिए अपना एक पैर भी काट लिया था। सूला की माँ, हन्नाह, सुंदर और लापरवाह है, जिसके कई प्रेमी हैं। एक गर्मी में, सूला और नेल एक साथ खेल रही होती हैं जब एक बच्चा, चिकन लिटिल, गलती से नदी में गिर जाता है और डूब जाता है। सूला और नेल इस घटना को किसी को नहीं बतातीं, और यह उनके अवचेतन में गहरा बैठ जाती है। इसी समय, प्लम, जो युद्ध से लौट आया है और नशे का आदी हो गया है, अपनी माँ, ईवा द्वारा मार दिया जाता है, जिसे डर है कि वह अपनी लत में घुट जाएगा।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
ईवा पीस सूला की दादी, परिवार की शक्तिशाली मातृसत्ता, दृढ़ निश्चयी, चालाक, अपनी जान की कीमत पर भी अपने बच्चों की रक्षा करने वाली, आत्मनिर्भर। अपने परिवार की रक्षा और पोषण करना, गरीबी और त्याग के आघात से निपटना, अपने बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करना, खासकर प्लम को उसकी लत से "मुक्त" करना।
हन्नाह पीस सूला की माँ, ईवा की बेटी, सुंदर, आकर्षक, बेपरवाह, कामुक, कई प्रेमियों वाली, लेकिन अपनी बेटी सूला से भावनात्मक रूप से थोड़ी दूर। जीवन का आनंद लेना, पुरुषों से ध्यान और प्यार पाना, अपनी माँ की कठोरता और अपने पति के बिना जीवन से बचना।
प्लम पीस ईवा का बेटा, हन्नाह का भाई, प्रथम विश्व युद्ध का अनुभवी, युद्ध से लौटने के बाद अफीम का आदी, बचपन में माँ का लाडला। युद्ध के आघात से निपटना, अपनी माँ के साथ पुनर्मिलन की इच्छा, लेकिन नशे की लत से जूझना और अपनी माँ की अत्यधिक देखभाल से दम घुटना।
चिकन लिटिल एक युवा लड़का, जिसे सूला और नेल खेलते समय गलती से नदी में गिरा देती हैं और वह डूब जाता है। (अल्पकालिक चरित्र, कोई विशेष प्रेरणा नहीं, कहानी में एक महत्वपूर्ण उत्प्रेरक के रूप में कार्य करता है)

अनुभाग 3: अलगाव और सूला का लौटना (1927-1937)

नेल जूड ग्रीन से शादी करती है, एक युवक जिसे वह स्थिरता और सम्मान का प्रतीक मानती है। उनकी शादी नेल को समुदाय में एक सम्मानित स्थान देती है। शादी से ठीक पहले, सूला अचानक मेडेलियन छोड़कर चली जाती है। वह दस साल तक दुनिया का अनुभव करने के लिए भटकती है, कॉलेज जाती है और जीवन के विभिन्न पहलुओं को देखती है। इस दौरान, नेल अपना जीवन एक पत्नी और माँ के रूप में बिताती है, जबकि सूला विभिन्न शहरों में रहती है और प्रेमियों के साथ संबंध बनाती है, लेकिन कभी भी किसी एक जगह या व्यक्ति से बंधी नहीं रहती। 1937 में, सूला अपनी दादी ईवा और अपनी अब विवाहित दोस्त नेल के जीवन में वापस आती है। उसका लौटना समुदाय में हंगामा मचाता है, क्योंकि वह अपनी वापसी के बाद अपने अपरंपरागत व्यवहार जारी रखती है।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
जूड ग्रीन नेल का पति, मेहनती, महत्वाकांक्षी, अपने समुदाय में एक सम्मानित स्थान चाहता है, लेकिन अंदर से असुरक्षित महसूस करता है और सूला के प्रभाव में आ जाता है। स्थिरता और सामाजिक स्वीकार्यता प्राप्त करना, नेल के साथ एक सम्मानजनक परिवार बनाना, अपनी मर्दानगी साबित करना।

अनुभाग 4: सूला की अस्वीकृति और पतन (1939-1940)

सूला की वापसी से समुदाय में बेचैनी फैल जाती है। वह अपने अपरंपरागत व्यवहार के लिए तुरंत बदनाम हो जाती है, जिसमें पुरुषों के साथ उसके कई संबंध और समुदाय के नैतिक मानदंडों की अवहेलना शामिल है। वह नेल के पति जूड के साथ भी संबंध बनाती है, जिससे नेल का दिल टूट जाता है और जूड शहर छोड़कर भाग जाता है। इस घटना के बाद, नेल और सूला की दोस्ती टूट जाती है। समुदाय सूला को एक बुराई के रूप में देखता है, उसे जादू-टोना और दुर्भाग्य का प्रतीक मानता है। उसे बहिष्कृत कर दिया जाता है, और लोग उससे दूर रहने लगते हैं। हालांकि, ironically, जब सूला को एक बाहरी व्यक्ति के रूप में खारिज कर दिया जाता है, तो समुदाय अपनी स्वयं की नैतिकता और एकता की भावना को मजबूत करता है। 1940 में, सूला बीमार पड़ जाती है और अंततः अकेली मर जाती है। अपनी मृत्यु से पहले, नेल उससे मिलने आती है, लेकिन वे कभी भी पूरी तरह से मेल नहीं खा पाते हैं।

अनुभाग 5: यादें और आत्म-ज्ञान (1941-1944)

सूला की मृत्यु के बाद, समुदाय, जिसे अब एकजुट करने वाली "बुराई" नहीं रही, धीरे-धीरे बिखरना शुरू हो जाता है। नेल अपनी विधवापन में अपने जीवन का पुनर्मूल्यांकन करती है। वह ईवा से मिलने जाती है, जो अब एक नर्सिंग होम में है, और ईवा नेल को बताती है कि उसने सूला को कभी प्यार नहीं किया था। नेल सूला के साथ अपने रिश्ते और चिकन लिटिल की मृत्यु की घटना पर चिंतन करती है, और उसे एहसास होता है कि उसने सूला के बिना जीवन में कितना कुछ खो दिया है। नेल को सूला की अनुपस्थिति में एक गहरा शून्य महसूस होता है, और उसे अंततः एहसास होता है कि वह सूला के लिए नहीं, बल्कि अपनी दोस्ती के लिए रो रही थी, जो सूला के साथ थी। वह अपनी पहचान के उस हिस्से को पहचानती है जो सूला के साथ मिलकर बना था। उपन्यास नेल के सूला के लिए अपने गहरे और अनसुलझे प्यार को स्वीकार करने के साथ समाप्त होता है, और दोस्ती की जटिलताओं और पहचान के निर्माण पर जोर देता है।

साहित्यिक शैली: उपन्यास, अफ्रीकी-अमेरिकी साहित्य, नारीवादी साहित्य, जादुई यथार्थवाद (कुछ तत्व), आने वाली उम्र की कहानी।

लेखक के बारे में (टोनी मॉरिसन):
टोनी मॉरिसन (जन्म क्लो आर्डेलिया वॉफॉर्ड; 1931-2019) एक अमेरिकी उपन्यासकार, निबंधकार, पुस्तक संपादक और प्रोफेसर थीं। उन्हें 1993 में साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, यह पुरस्कार जीतने वाली पहली अफ्रीकी-अमेरिकी महिला थीं। उनके काम अक्सर अफ्रीकी-अमेरिकी पहचान और समुदाय के भीतर महिलाओं के अनुभव पर केंद्रित होते हैं, विशेष रूप से ब्लैक अमेरिकी अनुभव के लिए एक गीतात्मक गद्य शैली का उपयोग करते हुए। उनके प्रसिद्ध उपन्यासों में 'द ब्लूएस्ट आई', 'सॉन्ग ऑफ सोलोमन', 'बिलव्ड' (जिसके लिए उन्हें पुलित्जर पुरस्कार मिला) और 'सूला' शामिल हैं। मॉरिसन ने अपनी कहानियों के माध्यम से अमेरिकी इतिहास और संस्कृति के अनकहे पहलुओं को सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

नैतिक शिक्षा/संदेश:
'सूला' कई शक्तिशाली संदेश देती है:

  • पहचान की जटिलता: यह दिखाता है कि कैसे व्यक्ति अपनी पहचान दूसरों के साथ अपने रिश्तों और समुदाय की अपेक्षाओं के आधार पर बनाते हैं, और इन पहचानों को चुनौती देने के क्या परिणाम होते हैं।
  • दोस्ती की शक्ति: उपन्यास दोस्ती के गहरे और अक्सर विनाशकारी पहलुओं की पड़ताल करता है, खासकर महिलाओं के बीच, यह दर्शाता है कि यह प्यार और दर्द दोनों का स्रोत कैसे हो सकता है।
  • सामाजिक मानदंड और स्वतंत्रता: यह सवाल उठाता है कि समाज पारंपरिक नैतिकता से भटकने वालों को कैसे देखता है और उनका इलाज करता है, और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की खोज अक्सर अलगाव की ओर कैसे ले जा सकती है।
  • अच्छाई और बुराई की सापेक्षता: मॉरिसन बताती हैं कि अच्छे और बुरे की अवधारणाएं हमेशा स्पष्ट नहीं होती हैं, और जो एक समुदाय के लिए बुराई है वह दूसरे के लिए मुक्ति का स्रोत हो सकता है। सूला को एक नकारात्मक शक्ति के रूप में देखने से समुदाय को अपनी नैतिक नींव को मजबूत करने में मदद मिलती है।

रोचक तथ्य:

  • 'सूला' टोनी मॉरिसन का दूसरा उपन्यास था, जिसे 1973 में प्रकाशित किया गया था।
  • उपन्यास को 1975 में राष्ट्रीय पुस्तक पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया था।
  • यह उपन्यास 1920 के दशक से 1960 के दशक तक की समयावधि में फैला हुआ है, जो अफ्रीकी-अमेरिकी इतिहास के महत्वपूर्ण परिवर्तनों को दर्शाता है।
  • 'द बॉटम' नाम एक ऐसे मजाक पर आधारित है जहाँ गुलामों को बताया गया था कि वे पहाड़ों पर सर्वोत्तम, सबसे उपजाऊ भूमि पर रह रहे हैं, जबकि वास्तव में यह सबसे खराब थी।
  • राष्ट्रीय आत्महत्या दिवस (National Suicide Day) की अवधारणा, जिसे शाद्रक द्वारा शुरू किया गया था, युद्ध के आघात से निपटने और नियंत्रण की भावना खोजने के लिए एक काल्पनिक, लेकिन प्रतीकात्मक, प्रथा है।