vah aadmi jo guruvar tha - g k chesterton

सारांश

जी.के. चेस्टरटन द्वारा लिखित 'द मैन हू वाज़ थर्सडे: ए नाइटमेयर' एक दार्शनिक थ्रिलर है जो एक युवा कवि गैब्रियल साइम के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे ब्रिटिश गुप्त पुलिस द्वारा अराजकतावादियों के एक गुप्त परिषद में घुसपैठ करने के लिए भर्ती किया जाता है। साइम 'गुरुवार' के पद को भरने के लिए परिषद में शामिल होता है, जिसका नेतृत्व एक रहस्यमय और भयावह व्यक्ति करता है जिसे 'रविवार' के नाम से जाना जाता है। जैसे ही साइम परिषद के अन्य सदस्यों से मिलता है - बुधवार, शुक्रवार, शनिवार, मंगलवार और सोमवार - उसे संदेह होने लगता है कि वे सभी वास्तव में अराजकतावादी नहीं हैं। एक जंगली और विस्मयकारी पीछा शुरू होता है, जिसमें साइम और अन्य 'अराजकतावादी' पूरे यूरोप में 'रविवार' का पीछा करते हैं, केवल यह पता चलता है कि वे सभी, 'रविवार' सहित, गुप्त रूप से एक ही पुलिस बल के जासूस हैं जो एक दूसरे को पकड़ने की कोशिश कर रहे थे। यह पुस्तक पहचान, धोखे, अच्छे और बुरे की प्रकृति और अंततः भगवान की भूमिका की पड़ताल करती है।

किताब के अनुभाग

अनुभाग 1: सेफ्रॉन पार्क के कवि

लंदन के सेफ्रॉन पार्क में, कवि गैब्रियल साइम अपने पड़ोस के एक अन्य कवि, लुसियन ग्रेगरी के साथ बहस में उलझ जाता है, जो खुद को एक अराजकतावादी बताता है। साइम, जो पारंपरिक व्यवस्था और नैतिकता में विश्वास रखता है, ग्रेगरी के विध्वंसक विचारों का खंडन करता है। उनकी बहस जल्द ही दर्शन और सामाजिक व्यवस्था के गहन मुद्दों पर केंद्रित हो जाती है। ग्रेगरी, साइम को चुनौती देने के लिए, उसे अराजकतावादियों के एक गुप्त ठिकाने पर ले जाता है, जहां उसे अनायास ही एक गुप्त पुलिस बल के सदस्य के रूप में भर्ती किया जाता है, जिसका काम अराजकतावादी परिषद में घुसपैठ करना है। उसे पता चलता है कि परिषद के सदस्यों को सप्ताह के दिनों के नाम से जाना जाता है, और उसे 'गुरुवार' का पद लेने का निर्देश दिया जाता है।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
गैब्रियल साइम आदर्शवादी कवि, तर्कशील, परंपरावादी, बुद्धिमान नैतिक व्यवस्था को बनाए रखना, अराजकता का मुकाबला करना, सत्य की खोज करना
लुसियन ग्रेगरी क्रांतिकारी कवि, उग्र, अराजकतावादी विचारधारा में विश्वास रखता है सामाजिक व्यवस्था को उखाड़ फेंकना, अपनी विचारधारा को फैलाना

अनुभाग 2: गुरुवार का आदमी

साइम अराजकतावादियों की गुप्त परिषद में घुसपैठ करता है, जिसकी अध्यक्षता 'रविवार' नामक एक विशाल और रहस्यमय आकृति करता है। 'गुरुवार' के रूप में, वह परिषद के अन्य सदस्यों से मिलता है: Marquis de St. Eustache (बुधवार), Professor de Worms (एक बूढ़ा जर्मन, जो वास्तव में 'गुरुवार' था और साइम ने उसकी जगह ली है), डॉ. बुल (मंगलवार), और एक आयरिशमैन (सोमवार)। साइम जल्द ही प्रोफेसर डी वर्म्स को वास्तविक गुरुवार के रूप में पाता है और उसे उस पद पर स्थापित किया जाता है। साइम को तुरंत संदेह हो जाता है कि परिषद के सदस्य उतने अराजकतावादी नहीं हैं जितने वे दिखते हैं, या कम से कम उनमें से कुछ उतने कट्टरपंथी नहीं हैं जितना उसने सोचा था। उन्हें लगता है कि वे सभी एक-दूसरे को धोखा दे रहे हैं।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
रविवार (अध्यक्ष) रहस्यमय, विशाल, चंचल, अप्रत्याशित, भयावह प्रतीत होता है अराजकतावादी परिषद को नियंत्रित करना, गुप्त उद्देश्यों को पूरा करना
प्रोफेसर डी वर्म्स एक वृद्ध, बीमार, जर्मन प्रोफेसर, मूल 'गुरुवार' साइम द्वारा प्रतिस्थापित होने से पहले अराजकतावादी आंदोलन को आगे बढ़ाना
Marquis de St. Eustache एक फ्रेंच द्वंद्ववादी, नाटकीय, रहस्यमय परिषद के निर्णयों को प्रभावित करना, अपनी व्यक्तिगत शक्ति को बनाए रखना
डॉ. बुल एक ब्रिटिश चिकित्सक, बेखबर, कुछ हद तक हिंसक परिषद के उद्देश्यों में भाग लेना, संभवतः अपनी खुद की अराजक प्रवृत्तियों को पूरा करना

अनुभाग 3: रिवॉल्वर की मुलाकात

परिषद की एक बैठक के दौरान, साइम को यह पुष्टि मिलती है कि कम से कम एक सदस्य, Marquis de St. Eustache (बुधवार), वास्तव में एक पुलिस जासूस है। साइम का संदेह और गहरा होता है। फिर परिषद के सदस्य एक रेस्तरां में जाते हैं, जहाँ एक नाटकीय टकराव होता है। साइम को एक अन्य सदस्य, शनिवार (MacAllaster) पर भी संदेह होता है। एक रिवॉल्वर की मुलाकात में, साइम को यह अहसास होता है कि परिषद के अधिकांश सदस्य, स्वयं सहित, वास्तव में ब्रिटिश गुप्त पुलिस के जासूस हैं, जिन्हें एक-दूसरे को पकड़ने के लिए भेजा गया था। प्रोफेसर डी वर्म्स, जो 'गुरुवार' के रूप में काम कर रहे थे, अपनी पहचान एक पुलिस जासूस के रूप में प्रकट करते हैं, यह पुष्टि करते हुए कि साइम ने वास्तव में उसकी जगह ली थी। पीछा शुरू हो जाता है, जब वे सभी 'रविवार' को पकड़ने की कोशिश करते हैं।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
शनिवार (MacAllaster) एक स्कॉटिश छात्र, गंभीर, दृढ़ निश्चयी, शारीरिक रूप से मजबूत अराजकतावादियों को रोकना, 'रविवार' का पीछा करना

अनुभाग 4: शुक्रवार और राष्ट्रपति का आगमन

अन्य 'अराजकतावादी' - जो अब एक-दूसरे की असली पहचान पुलिस जासूसों के रूप में जानते हैं - 'रविवार' का पीछा करना जारी रखते हैं। पीछा और अधिक बेतुका और रहस्यमय होता जाता है। वे शुक्रवार (एक बूढ़ा आयरिशमैन, गोगोल) से मिलते हैं, जो एक और जासूस निकलता है, जिसे पहले से ही परिषद में घुसपैठ करने के लिए भेजा गया था। जैसे-जैसे वे 'रविवार' का पीछा करते हैं, वे विभिन्न शहरों से गुजरते हैं और कई विचित्र मुठभेड़ों का अनुभव करते हैं। 'रविवार' एक चंचल और मायावी आकृति बना रहता है, जो हमेशा एक कदम आगे रहता है, उसकी प्रेरणाएँ अभी भी अस्पष्ट हैं। समूह यह सोचने लगता है कि क्या 'रविवार' वास्तव में अराजकतावादी है, या कुछ और भी बड़ा और अप्रत्याशित है।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
शुक्रवार (गोगोल) एक बूढ़ा आयरिशमैन, विनम्र, दिखने में शांत, लेकिन चालाक अराजकतावादियों को रोकना, 'रविवार' का पीछा करना

अनुभाग 5: राष्ट्रपति का पीछा

'रविवार' का पीछा लंदन और उसके आसपास जारी है, जिसमें बेतुकी घटनाएं और अविश्वसनीय मोड़ शामिल हैं। जासूस, जो अब सभी एक दूसरे को पहचानते हैं, एक हवाई जहाज, एक गुब्बारे और एक हाथी जैसे विभिन्न साधनों का उपयोग करके 'रविवार' का पीछा करते हैं। पीछा पूरी तरह से अराजक और अतियथार्थवादी हो जाता है, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या यह सब 'रविवार' का एक elaborate मजाक है, या कोई गहरा अर्थ है। 'रविवार' लगातार अपनी चाल से उन्हें मात देता है, और उसके चरित्र में एक रहस्यमय, लगभग दिव्य गुणवत्ता दिखाई देती है। पीछा एक कार्निवल-जैसे वातावरण में बदल जाता है, जहां वास्तविकता और भ्रम की रेखाएं धुंधली हो जाती हैं।

अनुभाग 6: छह दार्शनिकों का रात्रिभोज

पुस्तक का समापन 'रविवार' द्वारा आयोजित एक भव्य रात्रिभोज के साथ होता है। सभी जासूस, जिन्होंने खुद को सप्ताह के दिनों के रूप में प्रच्छन्न किया था, उपस्थित होते हैं, अब अपनी असली पहचान जानते हैं। रात्रिभोज में, उन्हें एहसास होता है कि 'रविवार' खुद ही उस पुलिस बल का प्रमुख है जिसने उन्हें भर्ती किया था, और उन सभी को अराजकतावादी परिषद में घुसपैठ करने के लिए भेजा गया था। 'रविवार' यह बताता है कि उसने जानबूझकर उन्हें एक-दूसरे को अराजकतावादी मानने के लिए प्रेरित किया था, ताकि वे धोखे के अनुभवों के माध्यम से बुराई की प्रकृति को बेहतर ढंग से समझ सकें। वह उन्हें अपनी यात्रा के अंत में एक महत्वपूर्ण सबक सिखाता है: कि व्यवस्था और सौंदर्य अराजकता से ही निकलते हैं, और कि भगवान स्वयं उस पीड़ा को समझते हैं जिसे उन्होंने बनाया है। अंत में, साइम को यह सवाल सताता है कि क्या 'रविवार' वास्तव में वही है जो वह कहता है, या वह एक और भी गहरा और अधिक रहस्यमय प्रतिनिधित्व है।


शैली: दार्शनिक थ्रिलर, रहस्य, जासूसी उपन्यास, व्यंग्य, मेटाफिक्शन

लेखक के बारे में तथ्य:

  • जी.के. चेस्टरटन (Gilbert Keith Chesterton) एक विपुल अंग्रेजी लेखक, कवि, दार्शनिक, नाटककार, पत्रकार, वक्ता, जीवनी लेखक और कला और साहित्यिक समीक्षक थे।
  • वह 'फादर ब्राउन' जासूसी कहानियों की श्रृंखला के लिए सबसे प्रसिद्ध हैं।
  • चेस्टरटन एक कट्टर कैथोलिक थे और उनकी रचनाएँ अक्सर ईसाई धर्मशास्त्र और दर्शन को दर्शाती हैं।
  • वह ऑक्सफोर्ड तर्कशास्त्रियों और दार्शनिकों के एक प्रभावशाली समूह के सदस्य थे।
  • जॉर्ज बर्नार्ड शॉ, हेरबर्ट जॉर्ज वेल्स, और बर्ट्रेंड रसेल जैसे समकालीन लेखकों के साथ उनकी सार्वजनिक बहसें प्रसिद्ध थीं।

नैतिक:
यह पुस्तक अच्छाई और बुराई की जटिल प्रकृति, पहचान की भ्रामकता और व्यवस्था के भीतर अंतर्निहित अराजकता की पड़ताल करती है। मुख्य नैतिक शिक्षा यह है कि बुराई को समझने के लिए, किसी को अक्सर उसे अनुभव करना पड़ता है, और कभी-कभी, जो बुराई प्रतीत होती है वह वास्तव में अच्छे का एक जटिल परीक्षण या साधन होती है। यह यह भी बताती है कि दुनिया वैसी नहीं है जैसी वह दिखती है, और सच्चाई अक्सर भ्रम की परतों के नीचे छिपी होती है। यह हमें यह सवाल करने के लिए प्रोत्साहित करती है कि हम क्या देखते हैं और हम क्या मानते हैं, और यह सुझाव देती है कि यहां तक कि सबसे अप्रत्याशित स्थानों में भी, एक उच्च व्यवस्था या उद्देश्य मौजूद हो सकता है।

जिज्ञासु तथ्य:

  • इस पुस्तक का उपशीर्षक 'ए नाइटमेयर' है, जो इसकी अतियथार्थवादी और स्वप्निल गुणवत्ता को दर्शाता है।
  • पुस्तक को अक्सर अस्तित्ववादी साहित्य के अग्रदूत के रूप में देखा जाता है, जो पहचान के संकट और आधुनिक समाज के निरर्थक पहलुओं की पड़ताल करता है।
  • चेस्टरटन ने पुस्तक में अपने स्वयं के अनुभवों और विचारों को शामिल किया, विशेष रूप से उनकी अपनी बढ़ती हुई संदेहवादिता और फिर रूढ़िवादी विश्वासों की ओर वापसी।
  • 'रविवार' का चरित्र अक्सर भगवान या प्रकृति की एक रूपक अभिव्यक्ति के रूप में व्याख्या किया जाता है, जो एक साथ निर्माता और विध्वंसक है।
  • इस पुस्तक ने कई लेखकों और विचारकों को प्रभावित किया है, और इसे अक्सर 20वीं सदी के सबसे महत्वपूर्ण अंग्रेजी उपन्यासों में से एक माना जाता है।