- vladimir nabokov

सारांश

व्लादिमीर नाबोकोव की 'लोलिता' एक विवादास्पद उपन्यास है जो हम्बर्ट हम्बर्ट नामक एक मध्य आयु वर्ग के यूरोपीय साहित्य प्रोफेसर की कहानी कहता है, जिसे डोलोरेस हेज़ (जिसे वह लोलिता कहता है) नामक 12 वर्षीय लड़की से प्यार हो जाता है। यह उपन्यास हम्बर्ट के स्वयं के संस्मरण के रूप में लिखा गया है, जहाँ वह अपनी विकृत आसक्ति, लोलिता को अपनी सौतेली बेटी और यौन गुलाम बनाने के लिए की गई हेराफेरी, और संयुक्त राज्य अमेरिका में उनके सड़क पर किए गए शोषणपूर्ण संबंध का वर्णन करता है। कहानी एक गहन मनोवैज्ञानिक अध्ययन है जो जुनून, भ्रम, नैतिकता के पतन और बचपन की मासूमियत के विनाश की पड़ताल करती है।

किताब के अनुभाग

अनुभाग 1: रामसडेल में आगमन

उपन्यास हम्बर्ट हम्बर्ट के संस्मरण के रूप में शुरू होता है, जिसे वह अपनी गिरफ्तारी और कारावास के दौरान लिखता है। वह अपने बचपन के प्रेम, अकी, और एक युवा लड़की के प्रति अपने आजीवन आकर्षण के बारे में बताता है। 1947 में, हम्बर्ट फ्रांस से संयुक्त राज्य अमेरिका आता है और रामसडेल, न्यू हैम्पशायर के काल्पनिक शहर में बसने की कोशिश करता है। उसे एक घर में एक बोर्डर के रूप में रहने का मौका मिलता है, जिसकी मालकिन शार्लोट हेज़ नाम की एक विधुर महिला है। जैसे ही वह घर में प्रवेश करता है, वह शार्लोट की युवा बेटी, डोलोरेस हेज़, को देखता है, जिसे वह तुरंत "लोलिता" नाम देता है और उसके प्रति गहराई से आकर्षित हो जाता है। हम्बर्ट लोलिता को एक "निमफेट" मानता है, जो उसके अनुसार, एक विशेष प्रकार की आकर्षक और कामुक युवा लड़की है। लोलिता को अपने पास रखने के लिए, हम्बर्ट अनिच्छा से शार्लोट से शादी करने के लिए तैयार हो जाता है, जिससे वह लोलिता का सौतेला पिता बन जाएगा। हालाँकि, शार्लोट को हम्बर्ट की डायरी मिल जाती है जिसमें लोलिता के प्रति उसकी सच्ची और विकृत भावनाएँ दर्ज होती हैं।

किरदार विशेषताएँ प्रेरणाएँ
हम्बर्ट हम्बर्ट यूरोपीय प्रोफेसर, कामुक, बौद्धिक, विकृत मनोरोगी, बचपन की क्षति से ग्रस्त। लोलिता के प्रति यौन जुनून, उसे "निमफेट" के रूप में देखता है, अपने बचपन की खोई हुई खुशी को फिर से जीना चाहता है।
डोलोरेस "लोलिता" हेज़ 12 वर्षीय अमेरिकी लड़की, सुंदर, जीवंत, नटखट, नादान, आत्म-केन्द्रित। खेल, कैंडी, फिल्मों में रुचि, ध्यान और स्वतंत्रता चाहती है। बाद में शोषण का शिकार बनती है।
शार्लोट हेज़ लोलिता की माँ, विधुर, मध्यम आयु वर्ग की, रूढ़िवादी, सामाजिक रूप से महत्वाकांक्षी। हम्बर्ट के प्रति आसक्ति, सामाजिक स्वीकार्यता, अपनी बेटी के लिए एक पिता की तलाश।

अनुभाग 2: शार्लोट की मृत्यु और सड़क यात्रा

शार्लोट, हम्बर्ट की डायरी पढ़ने के बाद, गुस्से और सदमे में घर से बाहर निकलती है और एक कार से टकरा जाती है, जिससे उसकी तुरंत मृत्यु हो जाती है। हम्बर्ट इस घटना से हैरान होने का नाटक करता है, लेकिन अंदर ही अंदर वह राहत महसूस करता है क्योंकि अब उसके रास्ते में कोई बाधा नहीं है। वह लोलिता को एक कैंप में से लेने जाता है, जहाँ वह ग्रीष्मकालीन अवकाश मना रही थी। वह लोलिता को अपनी माँ की मृत्यु के बारे में नहीं बताता है, बल्कि उसे यह कहकर बहकाता है कि शार्लोट गंभीर रूप से बीमार है और उन्हें एक साथ यात्रा करनी होगी। इस प्रकार, हम्बर्ट और लोलिता अपनी पहली लंबी सड़क यात्रा पर निकलते हैं, जिसमें हम्बर्ट धीरे-धीरे और छलपूर्वक लोलिता का यौन शोषण करता है। यह यात्रा संयुक्त राज्य अमेरिका के विभिन्न मोटलों और होटलों में होती है, जहाँ हम्बर्ट लोलिता को अपना "प्यारा बच्चा" मानता है और उसे अपनी मालकिन के रूप में रखता है। लोलिता, अपनी युवा उम्र और अनुभवहीनता के कारण, शुरू में स्थिति की गंभीरता को पूरी तरह से नहीं समझ पाती है, लेकिन वह हम्बर्ट की अजीबोगरीब हरकतों और नियंत्रण से असहज महसूस करने लगती है।

अनुभाग 3: बियर्ड्सले और लोलिता का भागना

एक साल की सड़क यात्रा के बाद, हम्बर्ट और लोलिता बियर्ड्सले के एक शहर में बस जाते हैं, जहाँ हम्बर्ट एक प्रोफेसर के रूप में नौकरी करता है और लोलिता को बियर्ड्सले स्कूल फॉर गर्ल्स में दाखिला दिलाता है। हम्बर्ट लोलिता को अपने नियंत्रण में रखने की कोशिश करता है, लेकिन लोलिता अपने नए दोस्तों और स्कूल गतिविधियों के माध्यम से अधिक स्वतंत्रता और पहचान चाहती है। वह संगीत और नाटक में रुचि दिखाती है। इस दौरान, हम्बर्ट को यह संदेह होने लगता है कि कोई उनका पीछा कर रहा है। उसे एक रहस्यमय नाटककार, क्लेयर क्विलटी पर संदेह होता है, जिसे वह पहले लोलिता के स्कूल में मिला था और जिसने लोलिता के साथ एक नाटक में काम किया था। क्विलटी एक छली व्यक्ति है जो विभिन्न उपनामों और भेषों में हम्बर्ट और लोलिता के जीवन में हस्तक्षेप करता है। लोलिता का व्यवहार बिगड़ता जाता है और वह अधिक विद्रोही हो जाती है। अंततः, लोलिता बीमार पड़ जाती है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया जाता है। अस्पताल से उसे कोई अजनबी निकाल कर ले जाता है, और वह हम्बर्ट को छोड़कर भाग जाती है।

किरदार विशेषताएँ प्रेरणाएँ
क्लेयर क्विलटी प्रसिद्ध नाटककार, बाल यौन शोषण करने वाला, छली, कपटी, दुष्ट। लोलिता सहित युवा लड़कियों के प्रति यौन आकर्षण, दूसरों को नियंत्रित करने और पीड़ा देने की इच्छा।

अनुभाग 4: खोज और परिणाम

लोलिता के भाग जाने के बाद हम्बर्ट मानसिक रूप से परेशान हो जाता है। वह लोलिता की तलाश में पूरे अमेरिका में यात्रा करता है, उसके हर संभावित ठिकाने पर जाकर खोजबीन करता है। तीन साल बाद, उसे एक पत्र मिलता है जो लोलिता ने भेजा होता है। पत्र में लोलिता उसे बताती है कि वह शादीशुदा है, गर्भवती है, और उसे पैसों की ज़रूरत है। हम्बर्ट उसे खोजने जाता है और उसे एक गरीब, गर्भवती महिला के रूप में पाता है, जो अब पहले जैसी "निमफेट" नहीं रही। लोलिता उसे बताती है कि वह क्लेयर क्विलटी के साथ भाग गई थी, जिसने उसे भी दुर्व्यवहार किया था और फिर उसे छोड़ दिया था। लोलिता हम्बर्ट से क्विलटी से पैसे लाने की गुहार लगाती है। हम्बर्ट, गहरे सदमे और आक्रोश में, क्विलटी के घर जाता है और उसकी हत्या कर देता है। अंततः, हम्बर्ट को गिरफ्तार कर लिया जाता है और जेल में डाल दिया जाता है, जहाँ वह अपनी कहानी लिखता है। उपन्यास के अंत में, हम्बर्ट का निधन हो जाता है, लेकिन उसका संस्मरण प्रकाशित हो जाता है। वह अपनी मृत्यु से पहले लोलिता के लिए अपनी भावनाओं को स्वीकार करता है, यह महसूस करते हुए कि उसने उसे कितना नुकसान पहुँचाया है, और वह उसकी आवाज और उसकी यादों को अमर करना चाहता है।


साहित्यिक शैली

'लोलिता' को मुख्य रूप से उपन्यास (Novel), कामुक साहित्य (Erotic Literature), मनोवैज्ञानिक उपन्यास (Psychological Novel), आत्मकथात्मक उपन्यास (Autobiographical Novel - क्योंकि यह हम्बर्ट के संस्मरण के रूप में है), और त्रासद उपन्यास (Tragedy) के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है। यह अपनी सुंदर गद्य शैली, शब्द-खेल (puns) और जटिल कथा के लिए भी जाना जाता है।

लेखक के बारे में कुछ तथ्य

  • नाम: व्लादिमीर नाबोकोव (Vladimir Nabokov)
  • जन्म: 23 अप्रैल, 1899 को सेंट पीटर्सबर्ग, रूसी साम्राज्य में।
  • मृत्यु: 2 जुलाई, 1977 को मोंट्रेक्स, स्विट्जरलैंड में।
  • राष्ट्रीयता: रूसी-अमेरिकी।
  • प्रसिद्ध कार्य: वह रूसी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लिखने वाले लेखक थे। 'लोलिता' उनका सबसे प्रसिद्ध और विवादास्पद उपन्यास है, लेकिन उन्होंने 'पेल फायर', 'इनविटेशन टू ए बीहेडिंग' और 'एड ऑफ स्पोकन' जैसे अन्य प्रशंसित उपन्यास भी लिखे हैं।
  • शिक्षा: नाबोकोव ने कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से पढ़ाई की और एक प्रतिभाशाली शिक्षाविद थे। उन्होंने कॉर्नेल विश्वविद्यालय में साहित्य भी पढ़ाया।
  • शौक: वह एक उत्साही कीटविज्ञानी थे, विशेष रूप से तितलियों के अध्ययन में उनकी गहरी रुचि थी, और उन्होंने कई नई तितलियों की प्रजातियों की खोज की और उनका नामकरण किया।
  • भाषाएँ: वह कई भाषाओं के ज्ञाता थे, और उनकी गद्य शैली अपनी जटिलता, सुंदरता और भाषाई चालाकी के लिए जानी जाती है।

नैतिकता

'लोलिता' कोई सीधी-सादी नैतिकता प्रदान नहीं करता है, बल्कि यह मानव मनोविज्ञान की जटिलताओं और विकृतियों की पड़ताल करता है। इसकी मुख्य "नैतिकता" यह है कि जुनून और वासना, विशेष रूप से जब वे मासूमियत का फायदा उठाते हैं, तो विनाशकारी परिणाम दे सकते हैं। उपन्यास इस विचार पर प्रकाश डालता है कि कैसे एक व्यक्ति का भ्रम और स्वार्थ दूसरों के जीवन को तबाह कर सकता है। यह पीड़ित के बजाय अपराधी के दृष्टिकोण से कहानी कहकर पाठकों को असहज करता है और उन्हें नैतिक रूप से चुनौती देता है कि वे हम्बर्ट के आकर्षक गद्य के बावजूद उसके कार्यों को स्वीकार न करें। यह किताब इस बात का भी एक शक्तिशाली बयान है कि कैसे भाषा का उपयोग सत्य को विकृत करने और अकल्पनीय कार्यों को उचित ठहराने के लिए किया जा सकता है।

जिज्ञासाएँ

  • दो भाषाओं में: नाबोकोव ने शुरू में 'लोलिता' को रूसी में लिखने का विचार किया था, लेकिन अंततः उन्होंने इसे अंग्रेजी में लिखा।
  • प्रकाशन कठिनाइयाँ: 'लोलिता' अपनी विवादास्पद सामग्री के कारण संयुक्त राज्य अमेरिका में कई प्रकाशकों द्वारा अस्वीकृत कर दिया गया था। अंततः इसे 1955 में फ्रांस में ओलंपिया प्रेस द्वारा प्रकाशित किया गया था, जो अक्सर कामुक साहित्य प्रकाशित करता था। यह 1958 में अमेरिका में प्रकाशित होने तक सेंसरशिप और कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
  • नकली संस्मरण: उपन्यास को हम्बर्ट हम्बर्ट द्वारा लिखे गए एक "संस्मरण" के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिसमें एक काल्पनिक "जॉन रे जूनियर" द्वारा एक प्रस्तावना भी शामिल है, जिससे यह और अधिक प्रामाणिक लगे।
  • फिल्म रूपांतरण: 'लोलिता' को दो बार फिल्म में रूपांतरित किया गया है: पहली बार 1962 में स्टेनली कुब्रिक द्वारा और दूसरी बार 1997 में एड्रियन लिन द्वारा। दोनों संस्करणों को उपन्यास की जटिलता और विवादास्पद प्रकृति को पर्दे पर उतारने में चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
  • शब्द "निमफेट": नाबोकोव ने उपन्यास में "निमफेट" शब्द को लोकप्रिय बनाया, जिसका उपयोग हम्बर्ट युवा लड़कियों के प्रति अपनी विशेष यौन आसक्ति का वर्णन करने के लिए करता है।
  • वास्तविक जीवन की घटनाएँ: कुछ साहित्यिक आलोचकों ने अनुमान लगाया है कि नाबोकोव ने 1948 में फ्रैंक लॉयड राइट के एक शिष्य फ्रैंक लॉयड राइट जूनियर द्वारा 11 वर्षीय सल्ली हॉर्नबेक के अपहरण से प्रेरित होकर यह उपन्यास लिखा था। नाबोकोव ने इस संबंध से इनकार किया।