angreji bhasha ka shabdkosh - saimual johnson

सारांश

सैमुअल जॉनसन द्वारा लिखित 'ए डिक्शनरी ऑफ द इंग्लिश लैंग्वेज' (A Dictionary of the English Language), जिसे 1755 में प्रकाशित किया गया था, अंग्रेजी भाषा के इतिहास में सबसे प्रभावशाली और युगांतरकारी कार्यों में से एक है। यह कोई पारंपरिक कहानी या उपन्यास नहीं है, बल्कि एक विशाल और व्यापक शब्दकोश है जिसने अंग्रेजी भाषा को मानकीकृत (standardize) करने का काम किया।

18वीं सदी के मध्य में अंग्रेजी भाषा में हिज्जे (spelling) और व्याकरण की भारी अराजकता थी। जॉनसन को इस महान कार्य को अकेले तैयार करने में लगभग नौ साल लगे। इस शब्दकोश में 40,000 से अधिक शब्द शामिल थे, जिन्हें समझाने के लिए 1,14,000 से अधिक साहित्यिक उद्धरणों (जैसे शेक्सपियर, मिल्टन और ड्राइडन के कार्यों) का उपयोग किया गया था। इस पुस्तक ने न केवल शब्दों के अर्थ स्पष्ट किए, बल्कि अंग्रेजी साहित्य की समृद्धि को भी दुनिया के सामने प्रस्तुत किया।


किताब के अनुभाग

अनुभाग 1: डिक्शनरी की योजना (The Plan of the Dictionary)

  • विवरण: यह खंड मूल रूप से 1747 में एक अलग पैम्फलेट के रूप में प्रकाशित हुआ था। इसमें सैमुअल जॉनसन ने अपने आने वाले शब्दकोश की रूपरेखा और कार्यप्रणाली को विस्तार से समझाया था। उन्होंने इसे लॉर्ड चेस्टरफील्ड को संबोधित किया था, इस उम्मीद में कि वे इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए वित्तीय और नैतिक संरक्षक बनेंगे। जॉनसन ने इस योजना में स्पष्ट किया कि वे शब्दों के उच्चारण, उनके मूल इतिहास (etymology), उनके अर्थ और उनके सही उपयोग को साहित्यिक उदाहरणों के माध्यम से स्थापित करेंगे।
पात्र (Character) विशेषताएं (Characteristics) प्रेरणा/उद्देश्य (Motivation)
सैमुअल जॉनसन (Samuel Johnson) बुद्धिमान, भाषाविद्, दरिद्रता से संघर्ष करने वाले और अत्यंत परिश्रमी। अंग्रेजी भाषा को व्यवस्थित करना और इस कार्य के माध्यम से अपनी आजीविका चलाना।
लॉर्ड चेस्टरफील्ड (Lord Chesterfield) अमीर, प्रभावशाली राजनेता, कला के दिखावटी संरक्षक। समाज में अपनी प्रतिष्ठा बढ़ाना, हालांकि उन्होंने शुरुआत में जॉनसन की उपेक्षा की।
रॉबर्ट डॉड्सले (Robert Dodsley) एक दूरदर्शी पुस्तक विक्रेता और प्रकाशक। एक ऐसे ऐतिहासिक शब्दकोश का प्रकाशन करना जो व्यावसायिक रूप से सफल हो।

अनुभाग 2: प्रस्तावना (The Preface)

  • विवरण: यह शब्दकोश के सबसे प्रसिद्ध गद्य हिस्सों में से एक है। इसमें जॉनसन भाषा की वास्तविक प्रकृति पर अपने दार्शनिक विचार व्यक्त करते हैं। वे स्वीकार करते हैं कि भाषा एक जीवित और लगातार बदलने वाली प्रणाली है, और इसे पूरी तरह से "स्थिर" या अमर बनाना असंभव है। वे अपनी व्यक्तिगत यात्रा, खराब स्वास्थ्य, गरीबी और अपनी पत्नी एलिजाबेथ की मृत्यु के बाद अकेले इस काम को पूरा करने के गहरे दुख और निराशा को भी साझा करते हैं।

अनुभाग 3: अंग्रेजी भाषा का इतिहास और व्याकरण (History and Grammar of the English Language)

  • विवरण: मुख्य शब्दकोश शुरू होने से पहले जॉनसन ने अंग्रेजी भाषा के ऐतिहासिक विकास का एक विस्तृत विवरण दिया है। उन्होंने एंग्लो-सैक्सन और पुरानी जर्मनिक भाषाओं से लेकर अपने समय तक अंग्रेजी में आए बदलावों को दर्ज किया। इसके साथ ही उन्होंने अंग्रेजी व्याकरण के मूलभूत नियम भी लिखे ताकि पाठक शब्दों के सही संयोजन को समझ सकें। इस भारी-भरकम काम के संकलन में उन्होंने छह सहायकों (लिपिकों) की मदद ली थी।
पात्र (Character) विशेषताएं (Characteristics) प्रेरणा/उद्देश्य (Motivation)
सहायक/लिपिक (The Amanuenses) मुख्य रूप से स्कॉटिश नागरिक, वफादार और कम वेतन पर काम करने वाले। जॉनसन के विशाल उद्धरणों और पर्चियों को वर्णानुक्रम में व्यवस्थित करने में मदद करना।

अनुभाग 4: मुख्य शब्दकोश (The Dictionary - A to Z)

  • विवरण: यह पुस्तक का वास्तविक और सबसे बड़ा हिस्सा है, जो 'A' से शुरू होकर 'Z' पर समाप्त होता है। इसमें जॉनसन ने न केवल शब्दों की परिभाषाएँ दीं, बल्कि उन परिभाषाओं को पुख्ता करने के लिए अंग्रेजी के महान लेखकों के उद्धरणों का उपयोग किया। इस अनुभाग की विशेषता यह है कि कई स्थानों पर जॉनसन ने अपनी व्यक्तिगत राय, हास्य और व्यंग्य को भी परिभाषाओं में शामिल कर दिया, जिससे यह एक रूखे शब्दकोश के बजाय एक जीवंत साहित्यिक कृति बन गया।

अतिरिक्त विवरण

साहित्यिक विधा (Genre)

यह पुस्तक गैर-काल्पनिक (Non-fiction) श्रेणी के अंतर्गत आती है। विशेष रूप से यह कोशविज्ञान (Lexicography), संदर्भ ग्रंथ (Reference Work) और भाषाई इतिहास की एक उत्कृष्ट कृति है।

लेखक के बारे में (About the Author)

सैमुअल जॉनसन (1709–1784), जिन्हें अक्सर "डॉ. जॉनसन" के नाम से जाना जाता है, अंग्रेजी इतिहास के सबसे महान लेखकों, कवियों, निबंधकारों और साहित्यिक आलोचकों में से एक हैं। उनका जन्म लिचफील्ड में हुआ था। वे आजीवन शारीरिक अस्वस्थता (टौरेट सिंड्रोम और आंशिक अंधापन) और गरीबी से जूझते रहे। अपनी तीक्ष्ण बुद्धि, बेबाक शैली और अद्भुत याददाश्त के बल पर उन्होंने अंग्रेजी साहित्य पर अमिट छाप छोड़ी।

नैतिक सीख / संदेश (Moral/Lesson)

  • परिश्रम की विजय: यह पुस्तक सिखाती है कि सीमित संसाधनों और भारी व्यक्तिगत कठिनाइयों (जैसे गरीबी और पत्नी की मृत्यु) के बावजूद, अटूट दृढ़ संकल्प के साथ इतिहास बदला जा सकता है।
  • लचीलापन: भाषा के संबंध में जॉनसन का निष्कर्ष था कि बदलाव को बलपूर्वक रोका नहीं जा सकता; बदलाव प्रकृति का नियम है और हमें इसके साथ तालमेल बिठाना चाहिए।

रोचक तथ्य और जिज्ञासाएं (Curiosities)

  • अकेले का संघर्ष: फ्रांसीसी अकादमी (French Academy) के 40 विद्वानों को फ्रेंच शब्दकोश पूरा करने में 40 वर्ष लगे थे, जबकि जॉनसन ने अकेले (केवल 6 सहायकों के साथ) महज 9 वर्षों में इस विशाल कार्य को पूरा कर दिया।
  • व्यंग्यात्मक परिभाषाएं: जॉनसन ने कुछ शब्दों की बहुत ही मजेदार परिभाषाएं लिखीं। जैसे:
  • Oats (जई): "एक ऐसा अनाज, जिसे इंग्लैंड में घोड़ों को खिलाया जाता है, लेकिन स्कॉटलैंड में लोग इसे खाते हैं।"
  • Lexicographer (कोशकार): "शब्दकोश बनाने वाला; एक तुच्छ लेखक, जो शब्दों के मूल को खोजने में व्यस्त रहता है।"
  • लॉर्ड चेस्टरफील्ड को पत्र: जब काम पूरा होने वाला था, तब लॉर्ड चेस्टरफील्ड ने इसका श्रेय लेने की कोशिश की। जॉनसन ने उन्हें एक अत्यंत कड़ा और प्रसिद्ध पत्र लिखा, जिसने साहित्य की दुनिया में संरक्षकों (Patrons) के वर्चस्व को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया।