ला कोम्तेस डी एस्कर्बग्नस - मोलियर
सारांश
'ला कॉम्टेस ड'एस्कार्बाग्नास' (La Comtesse d'Escarbagnas) मोलीयर द्वारा लिखित एक अंकों वाली हास्य नाटिका (Comedy Play) है। यह कहानी फ्रांसीसी प्रांत अंगूल्मे (Angoulême) की पृष्ठभूमि पर आधारित है। नाटक की मुख्य पात्र 'काउंटेस ऑफ एस्कार्बाग्नास' एक घमंडी महिला है, जो पेरिस में कुछ समय बिताकर वापस लौटी है और खुद को पेरिस की संस्कृति और शिष्टाचार की देवी मानती है। वह अपने प्रांतीय पड़ोसियों और नौकरों को हिकारत की नजर से देखती है।
इस नाटक में एक प्रेम त्रिकोण और चालाकी की कहानी बुनी गई है। विस्काउंट (Cléante) और जूली (Julie) एक-दूसरे से प्यार करते हैं, लेकिन उनके परिवारों के बीच दुश्मनी है। अपने प्यार को छुपाने और मिलने के लिए, विस्काउंट काउंटेस से झूठा प्रेम करने का नाटक करता है। काउंटेस इस धोखे से अनजान है और खुद को बहुत सुंदर और वांछनीय मानती है। अंत में, एक अन्य ईर्ष्यालू प्रेमी (मिसिएर हार्पिन) इस धोखे का पर्दाफाश करता है, लेकिन तभी एक सुखद खबर आती है कि विस्काउंट और जूली के परिवारों का विवाद सुलझ गया है, जिससे दोनों की शादी का रास्ता साफ हो जाता है। अपमानित होने के बावजूद, काउंटेस अपनी झूठी शान बनाए रखने का प्रयास करती है।
किताब के अनुभाग
अनुभाग 1: प्रेमियों की योजना और नाटक की शुरुआत (दृश्य 1 और 2)
कहानी:
नाटक की शुरुआत विस्काउंट (क्लिएंट) और जूली की बातचीत से होती है। वे दोनों एक-दूसरे से गहरे प्रेम में हैं, लेकिन उनके माता-पिता के आपसी झगड़े उनके विवाह में सबसे बड़ी बाधा हैं। इस समस्या से बचने के लिए विस्काउंट ने एक योजना बनाई है। वह प्रांतीय और घमंडी काउंटेस ऑफ एस्कार्बाग्नास को लुभाने का नाटक करता है, ताकि वह जूली के करीब रह सके बिना किसी को शक हुए। जूली इस योजना में उसका साथ देती है, हालांकि उसे डर है कि यह मज़ाक बहुत आगे न बढ़ जाए। काउंटेस पूरी तरह से इस भ्रम में है कि विस्काउंट उसके पेरिस के तौर-तरीकों और सुंदरता पर मोहित है।
पात्रों का विवरण:
| पात्र | विशेषताएँ | प्रेरणा/उद्देश्य |
|---|---|---|
| विस्काउंट (Cléante) | चतुर, रोमांटिक और योजनाकार कुलीन व्यक्ति। | जूली से शादी करना और उसके साथ रहने के लिए काउंटेस को मोहरा बनाना। |
| जूली (Julie) | बुद्धिमान, व्यावहारिक और विस्काउंट से प्रेम करने वाली महिला। | अपने और विस्काउंट के प्रेम को बचाना और पारिवारिक दुश्मनी से पार पाना। |
अनुभाग 2: काउंटेस का आगमन और नौकरों की फजीहत (दृश्य 3 और 4)
कहानी:
इस अनुभाग में काउंटेस ऑफ एस्कार्बाग्नास का प्रवेश होता है। वह पेरिस से लौटने के बाद खुद को बहुत बड़ी हस्ती समझती है और अपने नौकरों, एंड्री और क्रिकेत, के साथ बेहद बुरा और अपमानजनक व्यवहार करती है। वह हर बात में पेरिस के शिष्टाचार की दुहाई देती है और अपने प्रांतीय जीवन को कोसती है। इसी बीच, काउंटेस का एक और स्थानीय प्रेमी, मिसिएर टिबॉडियर (एक स्थानीय वकील), उसके लिए उपहार के रूप में नाशपाती और अपनी लिखी हुई एक बेहद खराब कविता भेजता है। काउंटेस उसकी कविता का मज़ाक उड़ाती है, लेकिन अपनी तारीफ सुनकर खुश भी होती है।
पात्रों का विवरण:
| पात्र | विशेषताएँ | प्रेरणा/उद्देश्य |
|---|---|---|
| काउंटेस (La Comtesse) | घमंडी, दिखावा करने वाली, मूर्ख और खुद को पेरिस की संभ्रांत महिला समझने वाली। | समाज में अपनी उच्च सामाजिक प्रतिष्ठा स्थापित करना और पेरिस के तौर-तरीकों का दिखावा करना। |
| क्रिकेत (Criquet) | काउंटेस का सीधा-साधा और अनाड़ी नौकर। | मालकिन के गुस्से से बचना और अपना काम करना। |
| एंड्री (Andrée) | काउंटेस की दासी, जो मालकिन के नखरों से तंग आ चुकी है। | मालकिन की डांट-फटकार को सहन करना और नौकरी बचाए रखना। |
| मिसिएर टिबॉडियर (M. Tibaudier) | एक औसत दर्जे का वकील और बुरा कवि, जो काउंटेस का दीवाना है। | काउंटेस को अपनी कविता और उपहारों से प्रभावित करना। |
अनुभाग 3: शिक्षा का आडंबर और सामाजिक मेलजोल (दृश्य 5 और 6)
कहानी:
काउंटेस के घर पर एक सभा जमी हुई है जहां विस्काउंट और जूली भी मौजूद हैं। काउंटेस का बेटा, जेनोट, अपने शिक्षक बॉबिनेट के साथ वहां आता है। बॉबिनेट काउंटेस को प्रभावित करने के लिए जेनोट से लैटिन भाषा के कुछ शब्द कहलवाता है। यह दृश्य प्रांतीय शिक्षा और ज्ञान के झूठे दिखावे पर एक करारा व्यंग्य है। जेनोट की मूर्खतापूर्ण बातें और शिक्षक का अजीबोगरीब व्यवहार हास्य पैदा करता है। काउंटेस अपने बेटे की इस "महान" शिक्षा पर बहुत गर्व महसूस करती है और खुद को दूसरों से श्रेष्ठ दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ती।
पात्रों का विवरण:
| पात्र | विशेषताएँ | प्रेरणा/उद्देश्य |
|---|---|---|
| बॉबिनेट (Bobinet) | जेनोट का ट्यूटर, जो खुद को बहुत ज्ञानी समझता है लेकिन वास्तव में संकीर्ण सोच का है। | काउंटेस को अपने ज्ञान और शिक्षण कला से प्रभावित करना। |
| जेनोट (Jeannot) | काउंटेस का छोटा बेटा, जो पढ़ाई में कमजोर और सीधा है। | अपनी माँ और शिक्षक की आज्ञा का पालन करना। |
अनुभाग 4: सत्य का प्रकटीकरण और सुखद अंत (दृश्य 7, 8 और 9)
कहानी:
नाटक अपने चरमोत्कर्ष पर पहुंचता है जब मिसिएर हार्पिन (एक ईर्ष्यालू और क्रोधी कर-वसूली करने वाला अधिकारी, जो काउंटेस का तीसरा प्रेमी है) अचानक वहां आ धमकता है। उसे विस्काउंट और जूली के असली रिश्ते का पता चल जाता है। वह गुस्से में सबके सामने विस्काउंट द्वारा लिखे गए एक पत्र को पढ़ता है, जिसमें विस्काउंट ने काउंटेस का मज़ाक उड़ाया था और जूली के प्रति अपने सच्चे प्रेम का इजहार किया था। काउंटेस का भ्रम टूट जाता है और वह खुद को अपमानित महसूस करती है।
तभी एक संदेशवाहक आता है और खबर देता है कि विस्काउंट और जूली के परिवारों के बीच का मुकदमा और दुश्मनी समाप्त हो गई है और उनके विवाह को स्वीकृति मिल गई है। विस्काउंट और जूली अपनी सफलता पर खुश होते हैं। अपनी नाक बचाने के लिए, काउंटेस तुरंत पाला बदल लेती है और कहती है कि वह वैसे भी विस्काउंट में रुचि नहीं रखती थी, और वह मिसिएर टिबॉडियर के विवाह प्रस्ताव को स्वीकार कर लेती है ताकि उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा बची रहे। नाटक का अंत एक सुखद विवाह की घोषणा के साथ होता है।
पात्रों का विवरण:
| पात्र | विशेषताएँ | प्रेरणा/उद्देश्य |
|---|---|---|
| मिसिएर हार्पिन (M. Harpin) | क्रोधी, ईर्ष्यालू और मुंहफट कर-अधिकारी। | काउंटेस के धोखे को उजागर करना और विस्काउंट से बदला लेना। |
अतिरिक्त जानकारी
साहित्यिक विधा (Literary Genre)
यह नाटक हास्य-नृत्यनाट्य (Comédie-ballet) और प्रहसन (Farce) की विधा के अंतर्गत आता है। मोलीयर ने इसे दरबारी मनोरंजन के लिए संगीत और नृत्य के तत्वों के साथ लिखा था, जिसमें सामाजिक कुरीतियों और मानवीय मूर्खताओं पर तीखा व्यंग्य किया गया है।
लेखक के बारे में कुछ तथ्य (About the Author)
- नाम: मोलीयर (Molière) - वास्तविक नाम: ज्यां-बैप्टिस्ट पोकलिन (Jean-Baptiste Poquelin)।
- काल: 17वीं शताब्दी (फ्रांसीसी शास्त्रीय युग)।
- योगदान: उन्हें फ्रांसीसी साहित्य और विश्व रंगमंच के सबसे महान हास्य नाटककारों में से एक माना जाता है। उनके प्रसिद्ध नाटकों में 'टार्टफ', 'द मिज़र' और 'द मिसैंथ्रोप' शामिल हैं।
- शैली: मोलीयर अपनी रचनाओं में पाखंड, सामाजिक आडंबर, और वर्ग-विभेद पर व्यंग्य करने के लिए जाने जाते थे।
नैतिक शिक्षा (Moral of the Book)
इस नाटक की मुख्य सीख यह है कि झूठा अहंकार, दिखावा और सामाजिक आडंबर हमेशा अंत में उपहास का कारण बनते हैं। व्यक्ति को अपनी वास्तविक स्थिति को स्वीकार करना चाहिए, न कि दूसरों से श्रेष्ठ दिखने के लिए पाखंड का सहारा लेना चाहिए। साथ ही, यह नाटक दिखाता है कि सच्चा प्रेम और बुद्धिमत्ता अंततः परिस्थितियों पर विजय पा लेते हैं।
रोचक तथ्य (Curiosities)
- यह नाटक पहली बार दिसंबर 1671 में सेंट-जर्मेन-एन-ले (Saint-Germain-en-Laye) के महल में राजा लुई चौदहवें (Louis XIV) के सामने प्रदर्शित किया गया था।
- यह मोलीयर के सबसे छोटे नाटकों में से एक है, जिसे मूल रूप से एक बड़े दरबारी उत्सव 'ले बैले डेस बैलेट्स' (Le Ballet des Ballets) के हिस्से के रूप में लिखा गया था।
- 'एस्कार्बाग्नास' नाम फ्रांसीसी शब्द "escarbot" (गोबर का कीड़ा) से प्रेरित माना जाता है, जो अप्रत्यक्ष रूप से काउंटेस के छिपे हुए निम्न स्तर और उसके हास्यास्पद दावों पर एक व्यंग्य था।
