hamlet - wiliyam sheksapiyar

सारांश

'हेमलेट' (Hamlet) विलियम शेक्सपियर द्वारा लिखित एक कालजयी त्रासदी (Tragedy) है। यह कहानी डेनमार्क के राजकुमार हेमलेट के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने पिता (राजा हेमलेट) की रहस्यमयी मौत का बदला लेने के लिए व्याकुल है। राजा की मृत्यु के तुरंत बाद, हेमलेट के चाचा क्लॉडियस ने सिंहासन पर कब्जा कर लिया और हेमलेट की मां, रानी गर्ट्रूड से शादी कर ली।

कहानी में मोड़ तब आता है जब दिवंगत राजा का भूत हेमलेट के सामने प्रकट होता है और खुलासा करता है कि क्लॉडियस ने ही कान में जहर डालकर उसकी हत्या की थी। भूत हेमलेट को अपनी मौत का बदला लेने का आदेश देता है। बदला लेने की इस यात्रा में हेमलेट मानसिक द्वंद्व, नैतिक संकट और छद्म पागलपन का नाटक रचता है। अंततः, प्रतिशोध की यह आग महल के लगभग सभी मुख्य पात्रों की मृत्यु के साथ एक भयानक त्रासदी में समाप्त होती है, जिसमें खुद हेमलेट भी शामिल है।


किताब के अनुभाग

अनुभाग 1: अंक 1 (Act 1) - भूत का प्रकटन और सत्य का अनावरण

एलसिनोर (Elsinore) के महल के पहरेदारों को रात में दिवंगत राजा हेमलेट का भूत दिखाई देता है। वे यह बात राजकुमार हेमलेट के परम मित्र होरेशियो को बताते हैं। होरेशियो हेमलेट को इसकी जानकारी देता है। हेमलेट भूत से मिलने जाता है। भूत हेमलेट को अकेले में ले जाकर बताता है कि उसके चाचा क्लॉडियस ने ही उसकी हत्या की थी ताकि वह राज्य और रानी दोनों को हासिल कर सके। भूत हेमलेट को बदला लेने के लिए कहता है। हेमलेट इस बात को गुप्त रखने की कसम खाता है और अपने इरादों को छिपाने के लिए पागलपन का ढोंग करने का फैसला करता है।

इस अनुभाग में शामिल पात्र:

पात्र विशेषताएं प्रेरणा (Motivations)
हेमलेट (Hamlet) डेनमार्क का राजकुमार, अत्यंत विचारशील, दार्शनिक और उदास। अपने पिता की मृत्यु का शोक मनाना और उनकी हत्या का बदला लेना।
क्लॉडियस (Claudius) हेमलेट का चाचा और डेनमार्क का नया राजा। चालाक, महत्वाकांक्षी और क्रूर। सत्ता पर काबिज रहना और अपनी रानी गर्ट्रूड को बनाए रखना।
गर्ट्रूड (Gertrude) डेनमार्क की रानी, हेमलेट की मां। कमजोर और परिस्थितियों के अनुकूल ढलने वाली। अपने साम्राज्य की सुरक्षा और महल में अपनी स्थिति बनाए रखना।
दिवंगत राजा का भूत (The Ghost) हेमलेट के मृत पिता की आत्मा। क्रोधित और अशांत। अपनी विश्वासघाती हत्या का बदला लेना।
होरेशियो (Horatio) हेमलेट का सच्चा और वफादार दोस्त। तर्कसंगत और बुद्धिमान। हेमलेट की रक्षा करना और उसका साथ देना।

अनुभाग 2: अंक 2 (Act 2) - पागलपन का नाटक और संदेह

हेमलेट पागलों की तरह व्यवहार करने लगता है। महल के सलाहकार पोलोनियस का मानना है कि हेमलेट उसकी बेटी ओफेलिया के प्यार में पागल हो गया है। क्लॉडियस और गर्ट्रूड हेमलेट के इस अजीब व्यवहार का कारण जानने के लिए उसके दो पुराने स्कूल के दोस्तों, रोजेनक्रैंट्ज़ और गिल्डनस्टर्न को बुलाते हैं। इसी बीच, महल में अभिनेताओं (Players) का एक समूह आता है। हेमलेट के मन में एक विचार आता है। वह अभिनेताओं को एक नाटक प्रदर्शित करने के लिए कहता है, जिसकी कहानी उसके पिता की हत्या से मिलती-जुलती हो, ताकि वह नाटक देखते समय क्लॉडियस के चेहरे के भावों को देखकर उसके अपराध का पता लगा सके।

इस अनुभाग में शामिल पात्र:

पात्र विशेषताएं प्रेरणा (Motivations)
पोलोनियस (Polonius) राजा का मुख्य सलाहकार। बातूनी, दखल देने वाला और चापलूस। राजा की चापलूसी करना और अपनी पारिवारिक प्रतिष्ठा की रक्षा करना।
ओफेलिया (Ophelia) पोलोनियस की बेटी और हेमलेट की प्रेमिका। सीधी-सादी और आज्ञाकारी। अपने पिता की आज्ञा का पालन करना और हेमलेट के प्रति अपने प्रेम को संभालना।
रोजेनक्रैंट्ज़ और गिल्डनस्टर्न (Rosencrantz & Guildenstern) हेमलेट के बचपन के दोस्त। अवसरवादी और कमजोर चरित्र के। राजा क्लॉडियस के आदेशों का पालन कर पुरस्कार प्राप्त करना।

अनुभाग 3: अंक 3 (Act 3) - नाटक, टकराव और एक आकस्मिक हत्या

यह नाटक का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। हेमलेट अपना प्रसिद्ध स्वगतभाषण (Soliloquy) "होना या न होना" (To be or not to be) बोलता है, जहाँ वह जीवन, मृत्यु और आत्महत्या के विचारों से जूझता है।

इसके बाद, अभिनेताओं द्वारा नाटक "द मर्डर ऑफ गोंजागो" (The Murder of Gonzago) खेला जाता है। जैसे ही नाटक में राजा के कान में जहर डालने का दृश्य आता है, क्लॉडियस घबराकर उठ खड़ा होता है और कमरा छोड़कर चला जाता है। हेमलेट को यकीन हो जाता है कि क्लॉडियस ही कातिल है।

बाद में, हेमलेट अपनी मां गर्ट्रूड के कमरे में उससे बहस करने जाता है। वहाँ पर्दे के पीछे पोलोनियस छिपा हुआ उनकी बातें सुन रहा होता है। कुछ आहट पाकर हेमलेट सोचता है कि पर्दे के पीछे क्लॉडियस है और वह गुस्से में तलवार चला देता है, जिससे निर्दोष पोलोनियस की मौत हो जाती है।

(इस अनुभाग में कोई नया प्रमुख पात्र शामिल नहीं है, इसलिए पात्रों की तालिका की आवश्यकता नहीं है।)


अनुभाग 4: अंक 4 (Act 4) - देश निकाला और ओफेलिया का दुखद अंत

पोलोनियस की हत्या के बाद, क्लॉडियस हेमलेट को खतरनाक मानकर उसे इंग्लैंड भेजने का फैसला करता है। वह गुप्त रूप से इंग्लैंड के राजा को एक पत्र भेजता है जिसमें हेमलेट को तुरंत मृत्युदंड देने का आदेश होता है।

इधर, अपने पिता पोलोनियस की मौत के सदमे और हेमलेट के क्रूर व्यवहार के कारण ओफेलिया अपना मानसिक संतुलन खो बैठती है और अंततः एक नदी में डूबकर उसकी मृत्यु हो जाती है। उसका भाई लेरतीस (Laertes) फ्रांस से वापस आता है और अपने पिता तथा बहन की मौत के लिए क्रोध से भरा होता है। क्लॉडियस लेरतीस को भड़काता है और दोनों मिलकर हेमलेट को मारने की योजना बनाते हैं। वे हेमलेट को एक दोस्ताना तलवारबाजी के मुकाबले के लिए चुनौती देने की योजना बनाते हैं, जिसमें लेरतीस की तलवार की नोक पर जहर लगा होगा। सुरक्षा के तौर पर, क्लॉडियस हेमलेट के लिए जहर मिला हुआ शराब का प्याला भी तैयार रखता है।

इस अनुभाग में शामिल पात्र:

पात्र विशेषताएं प्रेरणा (Motivations)
लेरतीस (Laertes) पोलोनियस का पुत्र और ओफेलिया का भाई। आवेगी, साहसी और क्रोधी। अपने पिता और बहन की मौत का बदला हेमलेट से लेना।

अनुभाग 5: अंक 5 (Act 5) - अंतिम त्रासदी और प्रतिशोध

हेमलेट किसी तरह रास्ते से बचकर डेनमार्क वापस लौट आता है (उसे समुद्री डाकुओं ने बचा लिया था)। वह होरेशियो के साथ एक कब्रिस्तान में पहुँचता है, जहाँ ओफेलिया को दफनाया जा रहा होता है। वहाँ हेमलेट और लेरतीस के बीच झड़प होती है।

बाद में, महल में तलवारबाजी का मुकाबला शुरू होता है। खेल के दौरान, अनजाने में रानी गर्ट्रूड उस जहरीले प्याले से शराब पी लेती है जो क्लॉडियस ने हेमलेट के लिए रखा था, और उसकी मृत्यु हो जाती है। मुकाबले में लेरतीस की जहरीली तलवार से हेमलेट घायल हो जाता है। लेकिन लड़ाई के दौरान तलवारें बदल जाती हैं और हेमलेट उसी जहरीली तलवार से लेरतीस को घायल कर देता है।

मरने से पहले, लेरतीस क्लॉडियस की साजिश का पर्दाफाश कर देता है। अत्यधिक क्रोध में हेमलेट बची हुई जहरीली तलवार से क्लॉडियस पर हमला करता है और उसे जबरन जहरीली शराब पिलाकर मार डालता है। अंत में, लेरतीस और हेमलेट दोनों दम तोड़ देते हैं। मरने से पहले हेमलेट अपने मित्र होरेशियो से कहता है कि वह उसकी कहानी दुनिया को बताए और नॉर्वे के राजकुमार फोर्टिनब्रास को डेनमार्क का अगला राजा घोषित करे। फोर्टिनब्रास वहाँ पहुँचकर हेमलेट को सैन्य सम्मान के साथ विदाई देता है।

इस अनुभाग में शामिल पात्र:

पात्र विशेषताएं प्रेरणा (Motivations)
फोर्टिनब्रास (Fortinbras) नॉर्वे का राजकुमार। वीर, महत्वाकांक्षी और कुशल सैन्य नेता। खोई हुई जमीन वापस पाना और अंततः डेनमार्क के साम्राज्य पर अधिकार करना।
कब्र खोदने वाला (Gravedigger) एक साधारण देहाती व्यक्ति। व्यावहारिक और हाजिरजवाब। मृत्यु और जीवन की नश्वरता पर व्यंग्य करना और अपना काम करना।

अतिरिक्त जानकारी

साहित्यिक विधा (Literary Genre)

  • विधा: त्रासदी / दुखांत नाटक (Tragedy / Revenge Tragedy)
  • काल: एलिजाबेथन युग (Elizabethan Era)

लेखक के बारे में (About the Author)

विलियम शेक्सपियर (1564-1616) को अंग्रेजी भाषा का सबसे महान लेखक और दुनिया का सर्वश्रेष्ठ नाटककार माना जाता है। उनका जन्म स्ट्रैटफ़ोर्ड-अपॉन-एवन, इंग्लैंड में हुआ था। उन्होंने अपने जीवनकाल में लगभग 39 नाटक, 154 सॉनेट (कविताएँ) और कई लंबी आख्यान कविताएँ लिखीं। 'हेमलेट' उनके सबसे प्रसिद्ध और सबसे लंबे नाटकों में से एक है, जो मानव मनोविज्ञान की गहराइयों को छूता है।

नैतिक संदेश/सीख (Moral of the Story)

  1. अति-विचारशीलता और निष्क्रियता (Overthinking & Inaction): हेमलेट का चरित्र यह दिखाता है कि जब कोई व्यक्ति निर्णय लेने में बहुत अधिक समय गंवा देता है, तो परिणाम और भी अधिक विनाशकारी हो जाते हैं। उचित समय पर सही कदम न उठाना खुद के साथ-साथ अपनों के विनाश का कारण बनता है।
  2. प्रतिशोध का चक्र (The Cycle of Revenge): बदला लेने की चाह कभी भी शांति नहीं लाती। यह एक ऐसा दुष्चक्र है जो अंततः दोषी और निर्दोष दोनों को लील जाता है।
  3. सत्य की जीत और मुखौटों का गिरना: क्लॉडियस ने अपने पापों को छिपाने की लाख कोशिशें कीं, लेकिन अंततः सत्य उजागर हुआ और उसे अपने कर्मों की सजा भुगतनी पड़ी।

रोचक तथ्य (Curiosities/Trivia)

  • शेक्सपियर का सबसे लंबा नाटक: 'हेमलेट' शेक्सपियर का सबसे लंबा नाटक है। यदि इसे बिना किसी काट-छाँट के मंच पर प्रदर्शित किया जाए, तो इसे पूरा होने में लगभग 4 घंटे का समय लगेगा।
  • व्यक्तिगत त्रासदी: शेक्सपियर के इकलौते बेटे का नाम 'हैमनेट' (Hamnet) था, जिसकी मृत्यु 11 वर्ष की आयु में (इस नाटक के लिखे जाने से कुछ वर्ष पहले) हो गई थी। माना जाता है कि इस व्यक्तिगत शोक का प्रभाव नाटक की उदासी और इसके नाम पर पड़ा।
  • महानतम एकालाप (The Greatest Soliloquy): "To be or not to be" (होना या न होना) को विश्व साहित्य के इतिहास में सबसे प्रसिद्ध और सबसे अधिक उद्धृत (quoted) किए जाने वाले संवादों में से एक माना जाता है।
  • अमलेथ की लोककथा: 'हेमलेट' की कहानी पूरी तरह से काल्पनिक नहीं है। यह 13वीं शताब्दी की एक स्कैंडिनेवियन लोककथा 'अमलेथ' (Amleth) पर आधारित है, जिसका शेक्सपियर ने अपने नाटकीय अंदाज में रूपांतरण किया था।