jab paanch saal guzar jaayen - federiko garsiya lorka

सारांश

'ऐसे पांच साल बीत जाएं' (Así que pasen cinco años) फेडेरिको गार्सिया लोर्का द्वारा 1931 में लिखा गया एक अतियथार्थवादी (surrealist) नाटक है। यह नाटक समय, प्रेम, मृत्यु और मानव अस्तित्व की अधूरी इच्छाओं के इर्द-गिर्द घूमता है। मुख्य पात्र, 'युवक' (El Joven), अपनी मंगेतर से शादी करने के लिए पांच साल इंतजार करने का फैसला करता है। वह वर्तमान को जीने के बजाय भविष्य के भ्रम में जीता है।

जब पांच साल बीत जाते हैं, तो मंगेतर उसे खारिज कर देती है क्योंकि वह किसी अन्य व्यक्ति (एक रग्बी खिलाड़ी) से प्यार करने लगती है। हताश होकर, युवक अपनी पुरानी टाइपिस्ट (जो उससे प्यार करती थी) की ओर मुड़ता है, लेकिन अब वह उससे पांच साल इंतजार करने को कहती है। अंत में, युवक ताश खेलने वाले रहस्यमयी खिलाड़ियों (जो मृत्यु के प्रतीक हैं) के हाथों अपना जीवन खो देता है। यह नाटक दिखाता है कि समय का इंतजार करना कैसे जीवन को नष्ट कर देता है।


किताब के अनुभाग

अनुभाग १: पहला अंक (Act I)

पहला अंक युवक के पुस्तकालय से शुरू होता है। युवक एक बूढ़े व्यक्ति से बात कर रहा है, जो उसे अतीत को संजोने और वर्तमान से बचने की सलाह देता है। युवक अपनी मंगेतर से शादी के लिए पांच साल इंतजार करना चाहता है। टाइपिस्ट, जो युवक से चुपचाप प्यार करती है, रोती है क्योंकि वह उसकी उपेक्षा करता है। युवक के दो दोस्त आते हैं: पहला दोस्त जो वासना और यौवन का प्रतीक है, और दूसरा दोस्त जो समय के बीतने और बूढ़े होने से डरता है। इस अंक में एक अतियथार्थवादी दृश्य भी है जहां एक मृत बच्चा और एक मृत बिल्ली आपस में बात करते हैं और दफन होने से डरते हैं, जो समय की क्रूरता और मृत्यु की अनिवार्यता को दर्शाता है।

पात्र विशेषताएं प्रेरणा/उद्देश्य
युवक (El Joven) अनिर्णायक, दिवास्वप्न देखने वाला, वर्तमान से डरने वाला। वास्तविक जीवन और तात्कालिक प्रेम से बचना, भविष्य में जीना।
बूढ़ा व्यक्ति (El Viejo) रहस्यमयी, अतीत का समर्थक, बदलाव का विरोधी। युवक को वर्तमान का अनुभव करने से रोकना और यादों में जीवित रखना।
टाइपिस्ट (La Mecanógrafa) वफादार, उदास, युवक से गहराई से प्यार करने वाली। युवक का प्यार पाना, हालांकि वह उपेक्षित महसूस करती है।
पहला दोस्त (Amigo 1) ऊर्जावान, कामुक, विलासी। जीवन के शारीरिक सुखों का आनंद लेना और वर्तमान में जीना।
दूसरा दोस्त (Amigo 2) भयभीत, संवेदनशील, बुढ़ापे से डरने वाला। अपनी युवावस्था को बचाए रखना और मौत से बचना।
मृत बच्चा और बिल्ली (Niño Muerto y Gata) काल्पनिक, डरे हुए, प्रतीकात्मक। दुनिया से गायब होने और भुला दिए जाने का डर।

अनुभाग २: दूसरा अंक (Act II)

ठीक पांच साल बीत चुके हैं। दृश्य मंगेतर के शयनकक्ष में बदल जाता है। वह एक आधुनिक, जीवंत और आवेगी महिला है जो युवक के बौद्धिक और ठंडे स्वभाव से ऊब चुकी है। वह एक रग्बी खिलाड़ी के साथ प्यार में है, जो पौरुष और शारीरिक शक्ति का प्रतीक है। जब युवक अपनी शादी का वादा पूरा करने के लिए पहुंचता है, तो मंगेतर उसे बेरहमी से ठुकरा देती है। मंगेतर के पिता इस स्थिति को संभालने की कोशिश करते हैं लेकिन असफल रहते हैं। युवक पूरी तरह से टूट जाता है और उसे एहसास होता है कि उसने अपना समय बर्बाद कर दिया। तभी उसे टाइपिस्ट की याद आती है।

पात्र विशेषताएं प्रेरणा/उद्देश्य
मंगेतर (La Novia) विद्रोही, कामुक, अधीर और व्यावहारिक। शारीरिक और वास्तविक प्रेम की तलाश, युवक के वादों से मुक्ति।
रग्बी खिलाड़ी (Jugador de Rugby) मूक, मजबूत, अत्यधिक पौरुष का प्रतीक। मंगेतर को अपनी शारीरिक ताकत से आकर्षित करना।
मंगेतर के पिता (El Padre) बुजुर्ग, चिंतित, परंपरावादी। सामाजिक मर्यादा और अपनी बेटी की शादी को बनाए रखना।

अनुभाग ३: तीसरा अंक (Act III)

यह अंक दो दृश्यों में विभाजित है। पहले दृश्य में, एक रहस्यमयी जंगल है जहाँ हारलेक्विन और जोकर जैसे अतियथार्थवादी पात्र दिखाई देते हैं, जो मुखौटों और पहचान के भ्रम पर चर्चा करते हैं। युवक वहां टाइपिस्ट से मिलता है। वह अब उससे प्यार का इजहार करता है, लेकिन टाइपिस्ट कहती है कि अब उसे भी पांच साल इंतजार करना होगा।

दूसरे दृश्य में, युवक अपने घर वापस आ जाता है, जहाँ उसकी मुलाकात ताश खेलने वाले तीन रहस्यमयी खिलाड़ियों से होती है। वे वास्तव में भाग्य और मृत्यु के फरिश्ते हैं। वे युवक को ताश के खेल में हरा देते हैं और प्रतीकात्मक रूप से उसका दिल (जीवन) जीत लेते हैं। युवक अकेला और निराश होकर दम तोड़ देता है।

पात्र विशेषताएं प्रेरणा/उद्देश्य
हारलेक्विन और जोकर (Arlequín y Payaso) कलात्मक, दार्शनिक, भ्रम और वास्तविकता के बीच के जीव। जीवन और मृत्यु के बीच के नाटक को दर्शाना।
ताश के खिलाड़ी (Jugadores de Cartas) ठंडे, निर्दयी, भाग्य और मृत्यु के प्रतीक। युवक के जीवन का खेल समाप्त करना और उसका दिल (प्राण) जीतना।

अतिरिक्त जानकारी

साहित्यिक विधा (Literary Genre)

यह नाटक अतियथार्थवादी नाटक (Surrealist Drama) और काव्यात्मक रंगमंच (Poetic Theatre) के अंतर्गत आता है। इसे लोर्का के "असंभव रंगमंच" (Teatro Imposible) का हिस्सा माना जाता है, जहाँ अचेतन मन के सपनों, प्रतीकों और अमूर्त विचारों को मंच पर प्रस्तुत किया जाता है।

लेखक के बारे में (About the Author)

फेडेरिको गार्सिया लोर्का (Federico García Lorca) (1898–1936) स्पेन के सबसे प्रभावशाली कवियों और नाटककारों में से एक थे। वे "जेनरेशन ऑफ '27" के अग्रणी सदस्य थे। उनके कार्यों में अक्सर स्पेनिश लोकगीतों, मानवीय इच्छाओं, प्रेम, मृत्यु और सामाजिक बंधनों का गहरा चित्रण मिलता है। स्पेनिश गृहयुद्ध की शुरुआत में फासीवादी ताकतों द्वारा उनकी दुखद हत्या कर दी गई थी।

नैतिक संदेश और सीख (Moral/Theme)

इस नाटक का मुख्य संदेश यह है कि वर्तमान क्षण को टालना और भविष्य के भ्रम में जीना जीवन को नष्ट कर देता है। समय किसी का इंतजार नहीं करता। जब हम अपने निर्णयों और खुशियों को भविष्य पर टालते हैं, तो हम उस वर्तमान को खो देते हैं जो हमारे पास है। अंततः, समय और मृत्यु ही अंतिम सत्य हैं, और उनसे बचा नहीं जा सकता।

रोचक तथ्य (Curiosities)

  1. एक दुखद भविष्यवाणी: इस नाटक को अक्सर लोर्का की अपनी मृत्यु की अनजानी भविष्यवाणी माना जाता है। नाटक लिखे जाने के ठीक पांच साल बाद (1931 में लिखा गया और 1936 में उनकी मृत्यु हुई), लोर्का की स्पेनिश गृहयुद्ध के दौरान हत्या कर दी गई थी।
  2. असंभव रंगमंच: लोर्का ने खुद इस नाटक को उन नाटकों की श्रेणी में रखा था जिन्हें उस समय के पारंपरिक थिएटर में मंच पर प्रस्तुत करना "असंभव" माना जाता था, क्योंकि इसके दृश्य और संवाद बहुत जटिल और प्रतीकात्मक थे।
  3. देरी से प्रदर्शन: इस नाटक का पहला आधिकारिक मंचन लोर्का के जीवनकाल में नहीं हो सका। उनकी मृत्यु के कई वर्षों बाद ही इसे दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया जा सका।