maa saahas aur uske bachche - bartolt brekht

सारांश

'मदर करेज एंड हर चिल्ड्रन' (मदर करेज और उसके बच्चे) बर्टोल्ट ब्रेख्त द्वारा लिखित एक प्रसिद्ध नाटक है, जो तीस वर्षीय युद्ध (1618-1648) की पृष्ठभूमि पर आधारित है। यह कहानी अन्ना फियरलिंग की है, जिसे 'मदर करेज' के नाम से जाना जाता है। वह एक चालाक कैंटीन महिला है जो युद्ध के मैदान में घूम-घूम कर अपनी गाड़ी से सैनिकों को सामान बेचती है। करेज युद्ध को एक व्यवसाय मानती है और इससे मुनाफा कमाना चाहती है, लेकिन साथ ही वह अपने तीन बच्चों—एलीफ, स्विस चीज और कैट्रिन—को इस युद्ध की विभीषिका से बचाना भी चाहती है।

विडंबना यह है कि जिस युद्ध से वह अपनी आजीविका चलाती है, वही युद्ध धीरे-धीरे उसके तीनों बच्चों को लील जाता है। उसका बड़ा बेटा एलीफ अपनी वीरता के अतिरेक में मारा जाता है, छोटा बेटा स्विस चीज अपनी ईमानदारी के कारण मारा जाता है, और उसकी मूक बेटी कैट्रिन दूसरों की जान बचाते हुए अपनी जान गंवा देती है। नाटक के अंत तक, मदर करेज पूरी तरह से अकेली हो जाती है, लेकिन वह अभी भी अपनी गलती को नहीं समझ पाती और अपनी खाली गाड़ी को खींचते हुए फिर से युद्ध के पीछे चल पड़ती है। यह नाटक पूंजीवाद, युद्ध की क्रूरता और मानवीय लालच पर एक गहरा प्रहार है।


किताब के अनुभाग

अनुभाग 1: दृश्य 1 - युद्ध का निमंत्रण (वसंत 1624)

स्वीडिश सेना के लिए सैनिकों की भर्ती करने वाला अधिकारी और सार्जेंट नए रंगरूटों की तलाश में हैं। वहां मदर करेज अपनी बग्गी और अपने तीन बच्चों के साथ पहुंचती है। सार्जेंट उसके बेटों को सेना में भर्ती करने की कोशिश करता है। करेज भविष्य बताने का नाटक करके चेतावनी देती है कि उसके बच्चे युद्ध में मारे जाएंगे। लेकिन आखिरकार, भर्ती करने वाला अधिकारी उसके बड़े बेटे एलीफ को फुसलाकर सेना में शामिल कर लेता है, जबकि करेज एक बेल्ट बेचने के सौदे में व्यस्त होती है।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणा
मदर करेज (अन्ना फियरलिंग) चालाक, व्यावहारिक, व्यापार-प्रेमी और सुरक्षात्मक माँ। युद्ध से लाभ कमाना और अपने बच्चों को जीवित रखना।
एलीफ साहसी, आक्रामक और आज्ञाकारी बड़ा बेटा। बहादुरी दिखाना और सैनिक बनकर नाम कमाना।
स्विस चीज ईमानदार, सीधा-साधा और कर्तव्यनिष्ठ छोटा बेटा। अपनी जिम्मेदारी निभाना और सुरक्षित रहना।
कैट्रिन मूक (गूँगी), दयालु, संवेदनशील बेटी। प्यार पाना और दूसरों की मदद करना।
सार्जेंट चालाक और युद्ध समर्थक सैन्य अधिकारी। सेना के लिए नए लोगों को भर्ती करना।

अनुभाग 2: दृश्य 2 - एलीफ की वीरता (1625-1626)

मदर करेज पोलैंड में स्वीडिश सेना के शिविर में पहुंचती है। वहां वह सेना के रसोइये के साथ एक मुर्गे का सौदा करने के लिए सौदेबाजी करती है। वहीं उसे अपना बेटा एलीफ मिलता है, जिसे सेनापति द्वारा किसानों को लूटने और उनके मवेशी छीनने के लिए 'वीर' घोषित किया गया है। करेज खुश होने के बजाय चिंतित होती है, क्योंकि वह जानती है कि यह "वीरता" युद्ध में जानलेवा साबित हो सकती है।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणा
रसोइया (पीटर पीटरज़ून) दुनियादारी समझने वाला, व्यंग्यात्मक और स्वार्थी। कठिन परिस्थितियों में जीवित रहना और लाभ कमाना।
स्वीडिश सेनापति क्रूर, युद्धप्रिय और अवसरवादी। युद्ध जीतना और सैनिकों का हौसला बढ़ाना।

अनुभाग 3: दृश्य 3 - स्विस चीज की शहादत (1629)

स्विस चीज स्वीडिश रेजिमेंट का कोषाध्यक्ष (पेमास्टर) बन जाता है। कैथोलिक सेना अचानक हमला कर देती है और रेजिमेंट को बंदी बना लेती है। स्विस चीज सेना की तिजोरी को छिपा देता है। कैथोलिक सैनिक उसे पकड़ लेते हैं। मदर करेज और यवेट (एक वेश्या) मिलकर उसे बचाने के लिए रिश्वत देने की योजना बनाती हैं। हालांकि, करेज अपनी गाड़ी को गिरवी रखने की बातचीत में बहुत ज्यादा सौदेबाजी करती है और देरी कर देती है। इसके परिणामस्वरूप, स्विस चीज को गोली मार दी जाती है। अपनी और कैट्रिन की जान बचाने के लिए, करेज को स्विस चीज के शव को पहचानने से इनकार करना पड़ता है।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणा
पादरी (चैप्लेन) पाखंडी, कायर और अपनी सुविधा के अनुसार बदलने वाला। युद्ध में अपनी जान बचाना और पेट भरना।
यवेट पोटियर पूर्व कैंप-फॉलोअर (वेश्या), जो अब अमीर बनने की कोशिश में है। सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता पाना।

अनुभाग 4: दृश्य 4 - आत्मसमर्पण का गीत (1629)

मदर करेज अपनी गाड़ी को नुकसान पहुंचाने के लिए सेना के अधिकारियों से शिकायत करने एक कप्तान के तंबू के बाहर इंतजार करती है। वहां एक युवा सैनिक भी शिकायत करने आता है जो बहुत गुस्से में है। करेज उसे शांत करने के लिए "ग्रेट कैपिट्यूलेशन" (महान आत्मसमर्पण का गीत) गाती है, जिसमें वह बताती है कि कैसे जीवन में इंसान को अपनी अकड़ छोड़कर परिस्थितियों के सामने झुकना पड़ता है। गाना गाते हुए उसे खुद भी अहसास होता है कि विरोध करने का कोई फायदा नहीं है, और वह बिना शिकायत दर्ज किए वहां से चली जाती है।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणा
युवा सैनिक विद्रोही, गुस्से वाला और अधीर। अपने साथ हुए अन्याय का बदला लेना।
कप्तान घमंडी और अधिकारवादी। अपने सैनिकों पर नियंत्रण रखना।

अनुभाग 5: दृश्य 5 - युद्ध की विभीषिका (1631)

कैथोलिक सेना एक गांव को नष्ट कर देती है। मदर करेज और पादरी एक तबाह हो चुके इलाके में हैं। घायल किसान मदद की भीख मांग रहे हैं। पादरी घायलों की पट्टियों के लिए करेज से उसकी महंगी लिनन की शर्ट मांगता है। करेज अपने व्यापारिक नुकसान के डर से मना कर देती है। कैट्रिन गुस्से में अपनी माँ को धमकाती है और जबरन शर्ट लेकर घायलों की मदद करती है। कैट्रिन मलबे से एक छोटे बच्चे को बचाती है।

(इस अनुभाग में कोई नया महत्वपूर्ण पात्र शामिल नहीं है जिसके लिए अलग तालिका की आवश्यकता हो।)


अनुभाग 6: दृश्य 6 - भविष्य की चिंता (1632)

इंपीरियल कमांडर टिली के अंतिम संस्कार के दौरान, करेज और पादरी युद्ध के भविष्य पर चर्चा करते हैं। पादरी का मानना है कि युद्ध अभी बहुत लंबा चलेगा। करेज कैट्रिन को कुछ सामान लेने शहर भेजती है। रास्ते में कुछ सैनिक कैट्रिन पर हमला कर देते हैं, जिससे उसका चेहरा हमेशा के लिए विकृत हो जाता है। करेज दुखी होती है क्योंकि अब कैट्रिन की शादी कभी नहीं हो पाएगी, लेकिन वह राहत भी महसूस करती है क्योंकि अब वह सैनिकों की हवस से बची रहेगी।


अनुभाग 7: दृश्य 7 - व्यापार की ऊंचाई (1632)

मदर करेज अपने व्यापार के चरम पर है। वह चांदी की चेन और कीमती सामान पहनकर अपनी गाड़ी पर सवार होकर गाती है। वह युद्ध को अपना अन्नदाता मानती है और चाहती है कि यह कभी खत्म न हो, क्योंकि शांति का मतलब उसका व्यावसायिक विनाश होगा।


अनुभाग 8: दृश्य 8 - कुछ समय की शांति (1632)

अचानक शांति की घोषणा हो जाती है। मदर करेज परेशान हो जाती है क्योंकि अब उसका स्टॉक बेकार हो जाएगा। इसी समय, रसोइया वापस लौटता है। यवेट भी एक अमीर बूढ़े कर्नल की विधवा के रूप में वहां आती है और रसोइये को पहचान लेती है जिसने कभी उसे धोखा दिया था। तभी खबर मिलती है कि एलीफ को शांति के दौरान एक किसान के घर में जबरन घुसने और चोरी करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है (जो काम युद्ध के समय बहादुरी था, वह अब अपराध बन गया है)। एलीफ को मृत्युदंड दे दिया जाता है, लेकिन करेज को इस बात का पता नहीं चलता क्योंकि युद्ध फिर से शुरू हो जाता है और वह रसोइये के साथ आगे बढ़ जाती है।


अनुभाग 9: दृश्य 9 - मुश्किल फैसला (1634)

सर्दियों का मौसम है और युद्ध फिर से भड़क उठा है। भुखमरी चरम पर है। रसोइये को नीदरलैंड में एक छोटा सा सराय विरासत में मिलता है। वह करेज को अपने साथ चलने का प्रस्ताव देता है, लेकिन एक शर्त रखता है कि वे कैट्रिन को साथ नहीं ले जा सकते क्योंकि सराय में एक मूक और विकृत लड़की ग्राहकों को पसंद नहीं आएगी। करेज अपनी बेटी को छोड़ने से इनकार कर देती है। कैट्रिन यह बातचीत सुन लेती है और भागने की कोशिश करती है, लेकिन करेज उसे रोक लेती है और रसोइये को छोड़कर कैट्रिन के साथ अकेले ही यात्रा पर निकल पड़ती है।


अनुभाग 10: दृश्य 10 - सड़क पर संघर्ष (1635)

मदर करेज और कैट्रिन अत्यधिक गरीबी में बग्गी खींच रही हैं। वे एक घर के बाहर रुकती हैं जहाँ से समृद्धि का गीत सुनाई दे रहा है। वे दोनों चुपचाप सुनती हैं और फिर बिना कुछ बोले अपनी कठिन यात्रा पर आगे बढ़ जाती हैं।


अनुभाग 11: दृश्य 11 - कैट्रिन का बलिदान (1636)

कैथोलिक सेना प्रोटेस्टेंट शहर हाले पर रात में अचानक हमला करने की योजना बनाती है। सैनिक एक किसान के घर में घुसते हैं और उन्हें रास्ता दिखाने के लिए मजबूर करते हैं। कैट्रिन को पता चलता है कि शहर में निर्दोष बच्चे सो रहे हैं जो मारे जाएंगे। वह अपनी जान की परवाह किए बिना छत पर चढ़ जाती है और जोर-जोर से ढोल बजाने लगती है ताकि शहर के लोग जाग जाएं। सैनिक उसे रोकने के लिए चिल्लाते हैं और अंततः उसे गोली मार देते हैं। लेकिन मरने से पहले कैट्रिन शहर को जगाने में सफल हो जाती है।


अनुभाग 12: दृश्य 12 - अंतिम अकेलापन (1636)

कैट्रिन के शव के पास मदर करेज अकेली बैठी है। वह सदमे में है और खुद को दिलासा देने के लिए लोरी गाती है। किसान उसे बताते हैं कि उन्हें कैट्रिन को दफनाना होगा। करेज उन्हें पैसे देती है और अपनी बग्गी को अकेले ही खींचने के लिए तैयार होती है। वह अभी भी मानती है कि एलीफ कहीं जीवित है। वह सैनिकों के मार्च के पीछे अपनी खाली गाड़ी खींचते हुए निकल पड़ती है, और नाटक समाप्त हो जाता है।


अतिरिक्त विवरण

साहित्यिक विधा

  • विधा: महाकाव्य थिएटर (Epic Theatre) / आधुनिक त्रासदी (Modern Tragedy) / राजनीतिक नाटक।
  • विशेषता: बर्टोल्ट ब्रेख्त ने इस नाटक में 'अलगाव प्रभाव' (Verfremdungseffekt / Alienation Effect) का उपयोग किया है ताकि दर्शक पात्रों के साथ भावनात्मक रूप से न बहें, बल्कि युद्ध और पूंजीवाद की सामाजिक-राजनीतिक परिस्थितियों का बौद्धिक विश्लेषण कर सकें।

लेखक के बारे में

  • लेखक: बर्टोल्ट ब्रेख्त (Bertolt Brecht - 1898–1956)
  • संक्षिप्त परिचय: ब्रेख्त एक महान जर्मन नाटककार, कवि और रंगमंच निर्देशक थे। उन्होंने पारंपरिक नाटक शैलियों को चुनौती दी और 'महाकाव्य रंगमंच' की नींव रखी। उनका मानना था कि रंगमंच का उद्देश्य केवल मनोरंजन करना नहीं, बल्कि दर्शकों को समाज बदलने के लिए प्रेरित करना होना चाहिए। उनकी अन्य प्रमुख कृतियों में 'द थ्रीपेनी ओपेरा' और 'लाइफ ऑफ गैलीलियो' शामिल हैं।

नैतिक शिक्षा (सीख)

'मदर करेज एंड हर चिल्ड्रन' हमें यह सिखाता है कि युद्ध कभी भी आम लोगों के लिए फायदेमंद नहीं हो सकता। जो लोग यह सोचते हैं कि वे मानवीय तबाही से अपना व्यक्तिगत लाभ (व्यापारिक या राजनीतिक) कमा सकते हैं, वे अंततः अपना सब कुछ खो देते हैं। पूंजीवादी लालच मनुष्य को अंधा बना देता है, जिससे वह अपने परिवार और मानवीय संवेदनाओं की रक्षा करने में भी असमर्थ हो जाता है।

रोचक तथ्य (क्यूरियोसिटीज़)

  1. द्वितीय विश्व युद्ध की पूर्व संध्या पर लेखन: ब्रेख्त ने यह नाटक 1939 में स्वीडन में निर्वासन के दौरान लिखा था, जब हिटलर पोलैंड पर आक्रमण करने की तैयारी कर रहा था। यह नाटक सीधे तौर पर आने वाले विनाश की चेतावनी था।
  2. सहानुभूति का विरोध: ब्रेख्त इस बात से बेहद परेशान थे कि नाटक के पहले प्रदर्शन के दौरान दर्शकों ने 'मदर करेज' के प्रति सहानुभूति दिखाई। वे चाहते थे कि लोग करेज को एक पीड़ित माँ के रूप में नहीं, बल्कि एक लालची व्यवसायी के रूप में देखें जो अपने बच्चों की मौत की खुद जिम्मेदार है। इसके लिए उन्होंने बाद में नाटक के दृश्यों में बदलाव भी किए।
  3. ऐतिहासिक प्रेरणा: नाटक का विचार 17वीं सदी के जर्मन लेखक ग्रिमेलशौसेन के उपन्यास 'द सिंगुलर लाइफ ऑफ द जंकचर कूरशे' (The Runagate Courage) से प्रेरित है।