प्रेम चिकित्सक - मोलियर
सारांश
'ल'अमूर मेडसिन' (L'Amour médecin - चिकित्सक के रूप में प्रेम) फ्रांसीसी नाटककार मोलिएर द्वारा रक्षित एक प्रसिद्ध कॉमेडी-बैले (गीत-नृत्य से युक्त नाटक) है। यह कहानी सगानारेल नाम के एक अमीर और लालची विधुर की है, जो अपनी इकलौती बेटी लुसिंडे से बेहद प्यार करता है, लेकिन उसका यह प्यार अत्यधिक अधिकारवादी और स्वार्थी है। लुसिंडे, क्लीटैंड्रे नाम के एक युवक से प्यार करती है और उससे शादी करना चाहती है। लेकिन सगानारेल अपनी बेटी की शादी नहीं करना चाहता ताकि उसे अपनी संपत्ति और बेटी का साथ न खोना पड़े।
अपने पिता के इस अड़ियल रवैये को देखकर लुसिंडे उदास हो जाती है और बीमार होने का नाटक करने लगती है। घबराकर सगानारेल चार अयोग्य और ढोंगी डॉक्टरों को बुलाता है। ये डॉक्टर लुसिंडे का इलाज करने के बजाय आपस में ही चिकित्सा पद्धतियों को लेकर लड़ने लगते हैं। लुसिंडे की चतुर दासी लिसेट और उसका प्रेमी क्लीटैंड्रे मिलकर एक योजना बनाते हैं। क्लीटैंड्रे एक क्रांतिकारी 'मनोवैज्ञानिक' डॉक्टर का रूप धरकर सगानारेल के सामने आता है। वह दावा करता है कि वह लुसिंडे की बीमारी को केवल एक "झूठी शादी" के नाटक के जरिए ठीक कर सकता है। सगानारेल इस धोखे में आ जाता है और एक असली शादी के अनुबंध पर हस्ताक्षर कर देता है। अंत में, प्रेमी जोड़ा भाग जाता है और सगानारेल को अपनी मूर्खता का एहसास होता है।
किताब के अनुभाग
अनुभाग 1: प्रथम अंक (Act I) - बीमारी का नाटक
इस भाग में कहानी की पृष्ठभूमि तैयार होती है। सगानारेल अपनी बेटी लुसिंडे की गहरी उदासी से चिंतित है। वह उसके चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए हर संभव भौतिक वस्तु (गहने, कपड़े) देने का प्रस्ताव रखता है, लेकिन लुसिंडे की एकमात्र इच्छा शादी करना है। जब वह शादी की बात करती है, तो सगानारेल गुस्से में वहां से चला जाता है और उसकी बात सुनने से इनकार कर देता है। लुसिंडे और उसकी दासी लिसेट एक योजना बनाती हैं। लुसिंडे बिस्तर पकड़ लेती है और गंभीर रूप से बीमार होने का नाटक करती है। चिंतित पिता सगानारेल तुरंत शहर के सबसे प्रसिद्ध डॉक्टरों को बुलाने का आदेश देता है।
पात्र, उनकी विशेषताएँ और प्रेरणाएँ:
| पात्र | विशेषताएँ | प्रेरणा (Motivation) |
|---|---|---|
| सगानारेल (Sganarelle) | लालची, स्वार्थी, शंकालु और अपनी बेटी पर अत्यधिक अधिकार जताने वाला पिता। | अपनी बेटी की शादी न होने देना ताकि उसे दहेज न देना पड़े और बेटी हमेशा उसकी सेवा में रहे। |
| लुसिंडे (Lucinde) | सगानारेल की बेटी, प्रेम में डूबी हुई, लेकिन पिता के डर से सीधे अपनी बात न कह पाने वाली। | क्लीटैंड्रे से शादी करना और अपने पिता के नियंत्रण से मुक्त होना। |
| लिसेट (Lisette) | चतुर, मुखर, साहसी और अपनी मालकिन के प्रति वफादार दासी। | लुसिंडे को उसका प्यार दिलाना और सगानारेल के लालच को मात देना। |
अनुभाग 2: द्वितीय अंक (Act II) - डॉक्टरों का पाखंड
सगानारेल की हवेली पर चार डॉक्टर (टोमेस, डेसफ़ोनैंड्रेस, मैक्रोटोन और बाहिस) पहुँचते हैं। लुसिंडे की जांच करने के बजाय, वे चिकित्सा के नियमों, शिष्टाचार और अपने घोड़ों के बारे में बहस करने लगते हैं। लिसेट डॉक्टरों की इस मूर्खता का खुलकर मजाक उड़ाती है। जब वे अंततः मरीज के बारे में बात करते हैं, तो वे दो विरोधी उपचार बताते हैं: एक खून निकालने (bleeding) की सलाह देता है, तो दूसरा उल्टी कराने वाली दवा (emetic) देने की। वे इस बात पर बहस करते हैं कि यदि मरीज मर भी जाए, तो नियमों का पालन करना सबसे महत्वपूर्ण है। सगानारेल पूरी तरह भ्रमित हो जाता है और समझ नहीं पाता कि किसकी बात माने।
पात्र, उनकी विशेषताएँ और प्रेरणाएँ:
| पात्र | विशेषताएँ | प्रेरणा (Motivation) |
|---|---|---|
| डॉ. टोमेस (Dr. Tomès) | नियमों का पक्का, अहंकारी और पुरानी चिकित्सा पद्धति का समर्थक। | केवल स्थापित नियमों का पालन करना, भले ही मरीज की जान चली जाए। |
| डॉ. डेसफ़ोनैंड्रेस (Dr. Desfonandrès) | टोमेस का विरोधी, जल्दबाज़ी में निर्णय लेने वाला और हठी। | बहस में खुद को सही साबित करना और पैसे कमाना। |
| डॉ. मैक्रोटोन (Dr. Macroton) | बहुत ही धीमी और औपचारिक भाषा में बात करने वाला डॉक्टर। | अपनी विद्वता का प्रदर्शन करना और गंभीर दिखना। |
| डॉ. बाहिस (Dr. Bahys) | हकलाने वाला और दूसरों की हाँ में हाँ मिलाने वाला डॉक्टर। | बिना किसी प्रयास के फीस वसूलना। |
| डॉ. फिलरिन (Dr. Filerin) | एक वरिष्ठ डॉक्टर जो अन्य डॉक्टरों को समझाता है कि उन्हें जनता के सामने आपस में नहीं लड़ना चाहिए ताकि उनका धंधा चलता रहे। | डॉक्टरों के पेशे की प्रतिष्ठा (और लूट) को बचाए रखना। |
अनुभाग 3: तृतीय अंक (Act III) - इलाज और धोखा
लिसेट सगानारेल को बताती है कि वह एक ऐसे नए डॉक्टर को जानती है जो बिना किसी दवा के केवल बातों से ठीक करता है। यह डॉक्टर कोई और नहीं, बल्कि भेष बदलकर आया क्लीटैंड्रे है। क्लीटैंड्रे सगानारेल को समझाता है कि लुसिंडे की बीमारी मानसिक है, जो शादी करने की तीव्र इच्छा से उपजी है। वह सुझाव देता है कि लुसिंडे के मन को बहलाने के लिए वे एक "काल्पनिक शादी" का नाटक करेंगे, जिसमें वह खुद दूल्हा बनेगा। सगानारेल को लगता है कि यह उसकी बेटी को बेवकूफ बनाने की एक बेहतरीन योजना है। वह एक असली नोटरी (वकील) को बुलाता है। सगानारेल खुशी-खुशी असली शादी के अनुबंध पर हस्ताक्षर कर देता है और अपनी बेटी को दहेज भी दे देता है, यह सोचकर कि यह सब केवल नाटक का हिस्सा है। जैसे ही शादी संपन्न होती है, क्लीटैंड्रे और लुसिंडे हवेली से भाग जाते हैं। सगानारेल को जब पता चलता है कि उसे धोखा दिया गया है, तो वह गुस्से से लाल-पीला हो जाता है, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। नाटक का अंत संगीत और नृत्य के साथ होता है।
पात्र, उनकी विशेषताएँ और प्रेरणाएँ:
| पात्र | विशेषताएँ | प्रेरणा (Motivation) |
|---|---|---|
| क्लीटैंड्रे (Clitandre) | बुद्धिमान, साधन संपन्न, लुसिंडे का सच्चा प्रेमी और भेष बदलने में माहिर। | लुसिंडे से शादी करना और उसे उसके पिता के चंगुल से छुड़ाना। |
| नोटरी (Notary) | कानून के नियमों का पालन करने वाला सरकारी अधिकारी। | कानूनी तौर पर शादी के दस्तावेजों को वैध बनाना। |
अतिरिक्त जानकारी
साहित्यिक शैली
- शैली: कॉमेडी-बैले (Comédie-ballet) और सामाजिक व्यंग्य (Social Satire)।
- विवरण: यह विधा नाटक, संगीत और शास्त्रीय नृत्य का एक अनूठा मिश्रण है, जिसे मोलिएर ने फ्रांसीसी दरबारी मनोरंजन के लिए विकसित किया था। इसमें समाज की रूढ़ियों और अज्ञानता पर तीखा प्रहार किया जाता है।
लेखक के बारे में
- लेखक: जीन-बैप्टिस्ट पोकलिन (जिन्हें मोलिएर के नाम से जाना जाता है)।
- संक्षिप्त परिचय: मोलिएर (1622–1673) फ्रांसीसी साहित्य और विश्व रंगमंच के सबसे महान हास्य नाटककारों में से एक माने जाते हैं। उनके नाटकों में पाखंड, धार्मिक आडंबर, लालच और तत्कालीन चिकित्सा पद्धति की अज्ञानता को हास्य के माध्यम से उजागर किया गया है। वे राजा लुई चौदहवें (Louis XIV) के पसंदीदा नाटककार थे।
नैतिक शिक्षा (Moral of the story)
- अंधविश्वास और लालच का पतन: यह नाटक सिखाता है कि अत्यधिक लालच और अपनों पर जबरन नियंत्रण रखने का परिणाम हमेशा बुरा होता है।
- सच्चे प्यार की जीत: चतुर युक्तियों और बुद्धि का उपयोग करके किसी भी दमनकारी स्थिति से बाहर निकला जा सकता है।
- अंधभक्ति की आलोचना: आंखें बंद करके तथाकथित विशेषज्ञों (जैसे तत्कालीन डॉक्टरों) पर भरोसा करने के बजाय व्यावहारिक बुद्धि का उपयोग करना चाहिए।
रोचक तथ्य (Curiosities)
- मात्र 5 दिनों में रचना: राजा लुई चौदहवें के आदेश पर मोलिएर ने इस पूरे नाटक (संगीत और नृत्य के दृश्यों सहित) को मात्र पांच दिनों में लिखकर तैयार किया था।
- वास्तविक डॉक्टरों पर व्यंग्य: नाटक के चारों डॉक्टर (टोमेस, डेसफ़ोनैंड्रेस आदि) वास्तव में उस समय के शाही दरबार के डॉक्टरों के वास्तविक चरित्रों पर आधारित थे। उनके नाम भी ग्रीक शब्दों से लिए गए थे जिनका मतलब "काटने वाला" या "बहस करने वाला" होता है।
- संगीतकार जीन-बैप्टिस्ट लुली: इस नाटक के संगीत को उस समय के प्रसिद्ध फ्रांसीसी संगीतकार जीन-बैप्टिस्ट लुली ने तैयार किया था, जो मोलिएर के करीबी सहयोगी थे।
