athens ka timon - wiliyam sheksapiyar

सारांश

विलियम शेक्सपियर का 'टिमोन ऑफ एथेंस' एक दुखद नाटक है जो एक बेहद उदार और अमीर एथेनियन, टिमोन की कहानी बताता है। टिमोन अपने दोस्तों और चापलूसों पर असीमित धन खर्च करता है, यह मानते हुए कि वे उसके सच्चे शुभचिंतक हैं। हालांकि, जब वह वित्तीय संकट में पड़ जाता है, तो उसके तथाकथित दोस्त उसे छोड़ देते हैं और उसके ऋण चुकाने से इनकार कर देते हैं। इस विश्वासघात से कड़वा और मोहभंग होकर, टिमोन अपने सभी सामाजिक संबंधों को त्याग देता है और एथेंस को छोड़कर जंगल में चला जाता है, जहाँ वह अकेला रहता है। वह मानव जाति से घृणा करता है और अपनी सारी निराशा और क्रोध को व्यक्त करता है। वह गलती से सोने का खजाना ढूंढ लेता है, लेकिन इससे भी उसे कोई खुशी नहीं मिलती; वह इसका उपयोग अपने दुश्मनों को भ्रष्ट करने और एथेंस को नष्ट करने के लिए करता है। नाटक का अंत टिमोन की एकाकी मृत्यु और मानव द्वेष के प्रति उसकी गहरी घृणा के साथ होता है।

किताब के अनुभाग

अनुभाग 1 (एक्ट 1)

नाटक की शुरुआत एथेंस में टिमोन के घर में होती है, जहाँ कवि, चित्रकार, जौहरी और व्यापारी जैसे लोग उसकी प्रशंसा और उसके उपहारों के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। टिमोन को अपनी उदारता के लिए जाना जाता है और वह अपने दोस्तों और परिचितों पर अत्यधिक धन लुटाता है, जिससे उनकी चापलूसी और वफादारी जीतता है। वह किसी भी अनुरोध या ज़रूरत को पूरा करने के लिए तैयार रहता है, चाहे वह एक दोस्त के लिए ऋण चुकाना हो या किसी सेवक की शादी के लिए उपहार देना हो। वह भविष्य के बारे में चिंता किए बिना, वर्तमान में जीता है और अपने दान में कोई सीमा नहीं जानता। उसका वफादार प्रबंधक, फ्लेवियस, उसे अपनी घटती संपत्ति के बारे में चेतावनी देने की कोशिश करता है, लेकिन टिमोन उस पर ध्यान नहीं देता। एक कड़वा और निंदक दार्शनिक, एपमांटस, टिमोन की संगति में मौजूद रहता है, उसकी मूर्खता पर टिप्पणी करता है और मानव स्वभाव की अस्थिरता की भविष्यवाणी करता है। अल्सीबियाडेस, एक बहादुर सैनिक, भी इस समूह का हिस्सा है।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
टिमोन एथेंस का एक धनी और उदार रईस; बेहद परोपकारी, परोपकारी, लेकिन भोला और भविष्य से बेखबर। अपने दोस्तों को खुश करना, सामाजिक सद्भाव बनाए रखना, दान के माध्यम से प्यार और वफादारी जीतना, और अपनी प्रतिष्ठा को बनाए रखना।
फ्लेवियस टिमोन का वफादार प्रबंधक; व्यावहारिक, समझदार, और टिमोन की संपत्ति के प्रति चिंतित। टिमोन की संपत्ति का प्रबंधन करना, उसे वित्तीय बर्बादी से बचाना, और अपने स्वामी के प्रति अपनी वफादारी बनाए रखना।
एपमांटस एक कड़वा और निंदक दार्शनिक; स्पष्टवादी, मानव स्वभाव के प्रति घृणा से भरा, और व्यंग्यात्मक। दूसरों की मूर्खता और पाखंड को उजागर करना, मानव जाति की निंदा करना, और अपनी दुनिया से मोहभंग की भावना को व्यक्त करना।
अल्सीबियाडेस एथेंस का एक बहादुर और सम्मानित सैनिक; न्यायप्रिय और सैन्य सम्मान का प्रतीक। अपने दोस्तों का समर्थन करना, न्याय स्थापित करना, और सैन्य सेवा के माध्यम से अपनी पहचान बनाना।
ल्यूसुलस, लुसियस, सेमप्रोनियस टिमोन के "मित्र" जो उसके धन का लाभ उठाते हैं; चापलूस, स्वार्थी, और अवसरवादी। टिमोन की उदारता का लाभ उठाना, उपहार और ऋण प्राप्त करना, और सामाजिक स्थिति बनाए रखना।
कवि टिमोन की प्रशंसा में कविताएँ लिखता है; चापलूस, अवसरवादी। टिमोन से पुरस्कार और संरक्षण प्राप्त करना।
चित्रकार टिमोन के चित्र बनाता है; चापलूस, अवसरवादी। टिमोन से पुरस्कार और संरक्षण प्राप्त करना।
जौहरी टिमोन को महंगे आभूषण बेचता है; चापलूस, अवसरवादी। टिमोन से लाभ कमाना।
व्यापारी टिमोन को सामान बेचता है; चापलूस, अवसरवादी। टिमोन से लाभ कमाना।

अनुभाग 2 (एक्ट 2)

टिमोन की असीमित उदारता के कारण उसकी संपत्ति समाप्त हो जाती है। उसके लेनदार उसके द्वार पर एकत्रित होने लगते हैं और अपने ऋणों की मांग करते हैं। फ्लेवियस टिमोन को उसकी पूरी वित्तीय स्थिति बताता है, जिसमें बड़े पैमाने पर ऋण और लगभग खाली खजाना शामिल है। टिमोन अभी भी अपने दोस्तों पर भरोसा करता है और मानता है कि वे उसे संकट में नहीं छोड़ेंगे। वह अपने तीन सबसे करीबी दोस्तों - ल्यूसुलस, लुसियस और सेमप्रोनियस - से सहायता मांगने के लिए अपने सेवकों को भेजता है। इसके अलावा, वह वेन्टिडियस से भी मदद की उम्मीद करता है, जिसका कर्ज टिमोन ने पहले चुकाया था, उसे जेल से बचाने के लिए।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
वेन्टिडियस टिमोन का एक पुराना दोस्त जिसे टिमोन ने अतीत में जेल से बचाया था; स्वार्थी, कृतघ्न। अपने स्वयं के हितों की रक्षा करना, टिमोन के अनुरोध से बचना।

अनुभाग 3 (एक्ट 3)

टिमोन के सेवकों को उसके दोस्तों से केवल इनकार मिलता है। ल्यूसुलस अपने सेवक से टिमोन को यह बताने के लिए कहता है कि वह घर पर नहीं है, या उससे कहे कि ल्यूसुलस स्वयं धन की कमी से जूझ रहा है। लुसियस, एक और दोस्त, भी इसी तरह बहाने बनाता है, यह कहकर कि वह स्वयं कठिनाइयों में है और अपने धन को जोखिम में नहीं डाल सकता। सेमप्रोनियस तो टिमोन पर इसलिए गुस्सा हो जाता है क्योंकि टिमोन ने उसे किसी और दोस्त से पहले नहीं भेजा, यह दर्शाता है कि उसे उसकी वफादारी पर संदेह है। वेन्टिडियस भी टिमोन को दिए गए ऋण को वापस करने से इनकार कर देता है। इस विश्वासघात से स्तब्ध और क्रोधित, टिमोन यह महसूस करता है कि उसके दोस्त केवल उसके धन के लिए उसके साथ थे। वह मानव जाति के पाखंड और कृतघ्नता से पूरी तरह से मोहभंग हो जाता है। वह एक विदाई भोज की व्यवस्था करता है, जिसमें वह उन सभी दोस्तों को आमंत्रित करता है जिन्होंने उसे धोखा दिया था। यह एक भयानक भोज है जहाँ मेहमानों को पत्थर और गर्म पानी परोसा जाता है, जबकि टिमोन उन पर अपनी कड़वाहट और शाप बरसाता है। वह घोषणा करता है कि वह एथेंस छोड़ रहा है और फिर कभी किसी इंसान पर भरोसा नहीं करेगा।

अनुभाग 4 (एक्ट 4)

अपने सभी दोस्तों और शहर से निराश होकर, टिमोन एथेंस छोड़ देता है और जंगल में चला जाता है। वह अपनी गुफा में अकेला रहता है, मानव समाज के सभी पहलुओं को कोसता है। वह क्रोध, घृणा और निराशा से भर गया है। इस जंगल में रहते हुए, वह गलती से एक सोने का खजाना ढूंढ लेता है। हालांकि, यह खोज उसे कोई खुशी नहीं देती; इसके बजाय, वह इसे मानव जाति को और भ्रष्ट करने के साधन के रूप में देखता है। वह इस सोने का उपयोग उन लोगों को भुगतान करने के लिए करता है जो एथेंस को नष्ट करने या बुराई करने के इच्छुक हैं। अल्सीबियाडेस, जिसे एथेनियन सीनेटरों द्वारा शहर से निष्कासित कर दिया गया था क्योंकि उसने अपने एक सैनिक के लिए दया मांगी थी, टिमोन से मिलता है। टिमोन अल्सीबियाडेस को अपने शहर के खिलाफ अपने प्रतिशोध में सहायता करने के लिए प्रोत्साहित करता है, उसे सेना के लिए सोना देता है और उसे सलाह देता है कि वह जितना हो सके उतनी बर्बादी करे। टिमोन एपमांटस से भी मिलता है, और दोनों एक-दूसरे पर अपनी निंदक और कड़वी टिप्पणियां करते हैं। टिमोन के कुछ पुराने नौकर भी उसे ढूंढते हैं और उसे छोड़कर चले जाते हैं क्योंकि उनके पास उसे देने के लिए कुछ नहीं होता।

अनुभाग 5 (एक्ट 5)

एथेंस अल्सीबियाडेस के हमले के खतरे में है। शहर के सीनेटर, जिन्होंने पहले टिमोन की मदद करने से इनकार कर दिया था, अब उसे वापस बुलाने के लिए जंगल में जाते हैं। वे टिमोन से विनती करते हैं कि वह शहर की रक्षा के लिए वापस आए, उसे सत्ता और सम्मान की पेशकश करते हैं। लेकिन टिमोन अब बदला लेने की इच्छा से अंधा हो गया है; वह उन्हें केवल अपने शाप और घृणा से जवाब देता है। वह उन्हें शहर की दीवारों को तोड़ने और एक-दूसरे को नष्ट करने का आह्वान करता है। अंत में, टिमोन की मृत्यु एकांत में हो जाती है, संभवतः भूख या दिल टूटने से। उसकी कब्र पर एक कड़वा और उपेक्षापूर्ण शिलालेख होता है, जिसे अल्सीबियाडेस पढ़ता है। अल्सीबियाडेस एथेंस पर हमला करता है, लेकिन अंततः वह शहर के साथ शांति बनाता है, उन्हें यह वादा करके कि वह केवल पाखंडी और दोषी लोगों को दंडित करेगा।


साहित्यिक शैली: त्रासदी

लेखक के बारे में कुछ जानकारी:

विलियम शेक्सपियर (1564-1616) को अंग्रेजी भाषा का सबसे महान लेखक और विश्व का सबसे महान नाटककार माना जाता है। उन्हें अक्सर इंग्लैंड का राष्ट्रीय कवि और "बार्ड ऑफ एवन" कहा जाता है। उनके जीवित कार्यों में 38 नाटक, 154 सॉनेट, दो लंबी कथात्मक कविताएँ और कुछ अन्य छंद शामिल हैं। उनका जन्म स्ट्रेटफ़ोर्ड-अपॉन-एवन में हुआ था और उन्होंने एक अभिनेता और नाटककार के रूप में लंदन में अपना करियर बनाया। उन्होंने कॉमेडी (जैसे 'ए मिडसमर नाइट्स ड्रीम'), इतिहास (जैसे 'हेनरी IV'), त्रासदी (जैसे 'हैमलेट', 'ओथेलो', 'किंग लियर', 'मैकबेथ') और रोमांस (जैसे 'द टेम्पेस्ट') सहित विभिन्न शैलियों में लिखा। उनकी कृतियों का लगभग हर प्रमुख जीवित भाषा में अनुवाद किया गया है और उन्हें किसी भी अन्य नाटककार की तुलना में अधिक बार प्रदर्शित किया जाता है। 'टिमोन ऑफ एथेंस' को आमतौर पर उनकी "समस्या नाटकों" में से एक माना जाता है, जो कुछ हद तक अधूरा या प्रायोगिक लगता है, और शायद थॉमस मिडलटन के साथ सह-लिखित था।

नैतिकता:

'टिमोन ऑफ एथेंस' की केंद्रीय नैतिकता यह है कि अत्यधिक उदारता, विशेष रूप से विवेक के बिना, खतरनाक हो सकती है और आपको उन लोगों के धोखे का शिकार बना सकती है जो केवल अपने लाभ के लिए आपके साथ रहते हैं। यह नाटक मानव कृतघ्नता, पाखंड और धन की भ्रष्ट करने वाली शक्ति के बारे में चेतावनी देता है। यह यह भी दर्शाता है कि जब कोई व्यक्ति विश्वासघात का अनुभव करता है, तो वह आसानी से निराशा और घृणा की गहराई में गिर सकता है, जिससे उसका पतन हो सकता है। सच्चा मूल्य आंतरिक गुणों और वफादारी में निहित होता है, न कि भौतिक संपत्ति या दूसरों की चापलूसी में।

जिज्ञासाएँ:

  1. अधूरा या सह-लेखन: 'टिमोन ऑफ एथेंस' को शेक्सपियर के सबसे कम प्रदर्शन किए गए नाटकों में से एक माना जाता है और विद्वानों का मानना ​​है कि यह अधूरा हो सकता है या थॉमस मिडलटन जैसे किसी अन्य नाटककार के साथ सह-लिखित हो सकता है। पाठ में शैलीगत विसंगतियाँ और कुछ असंगतताएँ हैं जो इस सिद्धांत का समर्थन करती हैं।
  2. दार्शनिक गहराई: यह नाटक शेक्सपियर के सबसे दार्शनिक नाटकों में से एक है, जो मानव स्वभाव, दोस्ती, धन और समाज के सार पर गहरा चिंतन करता है। टिमोन की मानव जाति के प्रति घृणा की भावना अक्सर किंग लियर के पागलपन से तुलना की जाती है।
  3. एपमांटस का चरित्र: एपमांटस, एक निंदक दार्शनिक, टिमोन के लिए एक विरोधी के रूप में कार्य करता है। वह नाटक के कई शुरुआती दृश्यों में टिमोन की उदारता और उसके दोस्तों के पाखंड पर व्यंग्यात्मक टिप्पणियां करता है, जिससे नाटक के बाद के हिस्सों में टिमोन की निराशा की भविष्यवाणी होती है।
  4. मंच पर प्रस्तुति: नाटक को 20वीं सदी तक व्यापक रूप से प्रदर्शित नहीं किया गया था, और जब यह प्रदर्शित हुआ, तो इसे अक्सर अनुकूलित या ट्रिम किया गया था क्योंकि इसकी गंभीर और असंबद्ध प्रकृति दर्शकों के लिए चुनौतीपूर्ण मानी जाती थी।
  5. शेक्सपियर के जीवन का समय: यह नाटक शेक्सपियर के करियर के बाद के चरणों में लिखा गया था, उसी समय जब उन्होंने 'किंग लियर' और 'मैकबेथ' जैसी अपनी महान त्रासदियों को लिखा था, हालांकि 'टिमोन' एक अलग स्वर और संरचना रखता है।