दॉम जुआन या पत्थर की दावत - मोलियर
सारांश मोलीयर का नाटक 'डॉम जुआन ओ ले फेस्टिन डे पियर' (डॉन जुआन या पत्थर का दावत) एक ऐसा नाटक है जो व्यभिचारी, नास्तिक और अहंकारी कुलीन व्य...
सारांश
मोलीयर का नाटक 'डॉम जुआन ओ ले फेस्टिन डे पियर' (डॉन जुआन या पत्थर का दावत) एक ऐसा नाटक है जो व्यभिचारी, नास्तिक और अहंकारी कुलीन व्यक्ति डॉन जुआन के जीवन के अंतिम दिनों को दर्शाता है। नाटक डॉन जुआन के लगातार प्रेम-प्रसंगों, अपने नौकर सगनारेल की लगातार सलाहों को नज़रअंदाज़ करने और नैतिक व धार्मिक सीमाओं को तोड़ने के उसके साहस के इर्द-गिर्द घूमता है। वह विभिन्न महिलाओं को बहकाता है, धोखे और झूठे वादों का इस्तेमाल करता है, और समाज के सभी नियमों को चुनौती देता है। अंत में, उसे अपनी पिछली हरकतों के लिए दैवीय न्याय का सामना करना पड़ता है, जब एक पत्थर की मूर्ति, जिसे उसने डिनर पर आमंत्रित किया था, उसे नरक में खींच लेती है। यह नाटक पाखंड, व्यभिचार और दंड के विषयों की पड़ताल करता है।
किताब के अनुभाग
अनुभाग 1 (पहला अंक)
पहला अंक नाटक के मुख्य पात्रों और उनकी समस्याओं का परिचय देता है। डॉन जुआन का नौकर सगनारेल एक अन्य नौकर गुसमैन से डॉन जुआन के बेपरवाह और व्यभिचारी स्वभाव के बारे में शिकायत कर रहा होता है। सगनारेल अपने मालिक से घृणा करता है, लेकिन फिर भी उसके साथ रहता है क्योंकि उसे उससे डर लगता है और वह आर्थिक रूप से उस पर निर्भर है। डॉन जुआन ने हाल ही में डोना एलविरा को उसके मठ से भगाकर उससे शादी की थी, लेकिन अब उसे छोड़ दिया है। डोना एलविरा अपने दो भाइयों डॉन कार्लोस और डॉन अलोंसो के साथ उसे ढूंढती हुई आती है। वह डॉन जुआन का सामना करती है और उससे पूछती है कि उसने उसे क्यों छोड़ दिया। डॉन जुआन उसे यह कहकर भगाने की कोशिश करता है कि उसे उसकी आत्मा की चिंता है और वह चाहता है कि वह मठ वापस चली जाए। एलविरा उसकी कपटपूर्ण बातों को समझ जाती है और उसे बदला लेने की धमकी देती है। सगनारेल को डॉन जुआन के प्रति निष्ठा और उसके दुर्व्यवहार के बीच संघर्ष करते हुए दिखाया गया है।
| पात्र | विशेषताएँ | प्रेरणाएँ |
|---|---|---|
| डॉन जुआन | एक युवा, आकर्षक, अहंकारी, व्यभिचारी और नास्तिक कुलीन। वह किसी भी नैतिक या सामाजिक नियम को नहीं मानता। | क्षणिक सुख, विजय का जुनून, दूसरों को नीचा दिखाना, सामाजिक और धार्मिक नियमों को चुनौती देना। |
| सगनारेल | डॉन जुआन का नौकर; डरपोक लेकिन अपने मालिक की हरकतों से परेशान। वह एक रूढ़िवादी और धार्मिक व्यक्ति है। | आर्थिक सुरक्षा, अपने मालिक से डर, नैतिक दायित्व की भावना (जो वह अपने मालिक को याद दिलाता रहता है)। |
| डोना एलविरा | एक कुलीन महिला, जिसे डॉन जुआन ने मठ से भगाकर शादी की थी, और फिर छोड़ दिया। वह उदास और गुस्से में है। | अपने सम्मान और न्याय के लिए लड़ना, डॉन जुआन के धोखे का बदला लेना, अपने प्यार की सच्चाई जानना। |
| गुसमैन | डोना एलविरा का नौकर। | अपने मालकिन के प्रति वफादारी, उसके दुख को साझा करना। |
अनुभाग 2 (दूसरा अंक)
डॉन जुआन और सगनारेल ग्रामीण इलाकों से गुजर रहे होते हैं। वे मछुआरों के गाँव में आते हैं जहाँ डॉन जुआन को दो ग्रामीण लड़कियों, चार्लोट और मथुरिन से प्यार हो जाता है, जो दोनों एक ही व्यक्ति, पियरोट से जुड़ी हुई हैं। डॉन जुआन अपनी आकर्षक बातों और झूठे वादों से दोनों लड़कियों को बहकाने की कोशिश करता है। वह चार्लोट को शादी का वादा करता है, जबकि मथुरिन को भी ऐसे ही वादे करता है। जब दोनों लड़कियां आमने-सामने आती हैं, तो भ्रम पैदा होता है। पियरोट, चार्लोट का मंगेतर, डॉन जुआन का सामना करने की कोशिश करता है लेकिन डॉन जुआन उसे पीट देता है। तभी, डॉन जुआन और सगनारेल एक डूबते हुए व्यक्ति को बचाने के लिए नदी में कूद जाते हैं। वे व्यक्ति डॉन कार्लोस होते हैं, जो डोना एलविरा के भाई हैं और डॉन जुआन का पीछा कर रहे थे। डॉन जुआन, जिसे वे नहीं पहचानते, उन्हें डाकुओं से बचाता है, जिससे एक अजीबोगरीब स्थिति पैदा होती है।
अनुभाग 3 (तीसरा अंक)
डॉन जुआन और सगनारेल एक जंगल में प्रवेश करते हैं। वे एक भिखारी से मिलते हैं और डॉन जुआन उस भिखारी से कहता है कि यदि वह भगवान को गाली दे, तो वह उसे एक सोना देगा। भिखारी मना कर देता है, जिससे डॉन जुआन को गुस्सा आता है, लेकिन वह फिर भी उसे एक सोना दे देता है, "मानवता के लिए"। इसके बाद वे एक कमांडेंट (सेनापति) की कब्र पर आते हैं, जिसे डॉन जुआन ने पहले एक द्वंद्वयुद्ध में मार दिया था। कब्र पर कमांडेंट की एक आदमकद प्रतिमा लगी हुई है। डॉन जुआन, अपने अहंकार और नास्तिकता के चरम पर, मजाक में प्रतिमा को रात के खाने पर आमंत्रित करता है। आश्चर्यजनक रूप से, प्रतिमा सिर हिलाकर निमंत्रण स्वीकार करती है। इससे सगनारेल बहुत डर जाता है, लेकिन डॉन जुआन इसे सिर्फ एक संयोग मानता है।
अनुभाग 4 (चौथा अंक)
डॉन जुआन का घर। पहले डॉन जुआन के पिता, डॉन लुईस, आते हैं। वे अपने बेटे के अनैतिक जीवनशैली से बहुत निराश हैं और उसे फटकार लगाते हैं। डॉन जुआन उनके प्रति असंवेदनशील रहता है। इसके बाद एक व्यापारी, मिस्टर डिमंचे, आता है जो डॉन जुआन पर पैसे बकाया होने का दावा करता है। डॉन जुआन चापलूसी और झूठे वादों से उसे टालने की कोशिश करता है। अंत में, डोना एलविरा आती है, जो अब बदला लेने की बजाय डॉन जुआन को अपने तरीके बदलने और पश्चाताप करने के लिए मनाने आई है। वह उसे दैवीय क्रोध की चेतावनी देती है। हालांकि, डॉन जुआन उसकी बातों से भी प्रभावित नहीं होता है। सगनारेल, यह सब देखकर, अपने मालिक के कठोर हृदय से हैरान है। जैसे ही रात होती है, कमांडेंट की प्रतिमा आती है और डॉन जुआन को अगले दिन रात के खाने पर आमंत्रित करती है।
अनुभाग 5 (पाँचवाँ अंक)
डॉन जुआन अपने पिता से मिलने के लिए एक ढोंगी पश्चाताप का नाटक करता है। वह कहता है कि उसने अपने तरीके बदल लिए हैं और अब वह धार्मिक हो गया है, जबकि सगनारेल जानता है कि यह सब पाखंड है। डॉन जुआन का दर्शन यह है कि पाखंड एक ऐसा पाप है जिसे लोग सामाजिक रूप से स्वीकार करते हैं। वह अपने पिता से कहता है कि उसने "स्वर्ग" के लिए अपनी बुराई को छोड़ दिया है, जो वास्तव में उसकी इच्छा है कि लोग उसे धार्मिक मानें। फिर डोना एलविरा के भाई, डॉन कार्लोस और डॉन अलोंसो, आते हैं। डॉन कार्लोस, जो अपने भाई अलोंसो की तुलना में अधिक विचारशील है, एक सम्मानजनक द्वंद्वयुद्ध के लिए डॉन जुआन को चुनौती देता है। डॉन जुआन कपट से अपनी नकली धार्मिकता की आड़ लेता है और लड़ने से इनकार कर देता है। तभी कमांडेंट की प्रतिमा दिखाई देती है और डॉन जुआन को अपने किए गए हर पाप का सामना करने के लिए कहती है। डॉन जुआन प्रतिमा के हाथ से हाथ मिलाता है, और उसे बिजली और आग की लपटों के साथ नरक में खींच लिया जाता है। सगनारेल अकेला रह जाता है और उसे अपने वेतन की चिंता होती है।
साहित्यिक शैली: त्रासदी-कॉमेडी (Tragi-comedy) या नैतिक कॉमेडी (Moral Comedy)। इसे अक्सर एक "कॉमेडी हीरोइक" भी कहा जाता है, जिसमें गंभीर दार्शनिक और नैतिक तत्व होते हैं, विशेषकर नायक के भाग्य के संबंध में।
लेखक के बारे में कुछ तथ्य:
- नाम: जीन-बैप्टिस्ट पॉकेलिन (Jean-Baptiste Poquelin), जिसे उनके मंच नाम मोलीयर (Molière) से जाना जाता है।
- जन्म और मृत्यु: 15 जनवरी 1622 - 17 फरवरी 1673।
- राष्ट्रीयता: फ्रांसीसी।
- पेशा: नाटककार, अभिनेता और निर्देशक।
- प्रभाव: उन्हें पश्चिमी साहित्य के महानतम रचनाकारों में से एक माना जाता है और वे फ्रांसीसी नाटक के इतिहास में एक केंद्रीय व्यक्ति हैं।
- कार्य: मोलीयर अपनी कॉमिक प्रतिभा के लिए जाने जाते हैं, जो अक्सर मानव दुर्बलताओं, पाखंड और सामाजिक मानदंडों की आलोचना करते थे। उनके कुछ सबसे प्रसिद्ध नाटक हैं 'टार्टुफ़', 'द मिज़ेर', 'द इमेजिनरी इनवेलिड' और 'द मिसंथ्रोप'।
नैतिक शिक्षा:
'डॉन जुआन' की नैतिक शिक्षा मुख्य रूप से पाखंड, नास्तिकता और व्यभिचार के गंभीर परिणामों के बारे में है। यह नाटक दिखाता है कि कोई व्यक्ति चाहे कितना भी चालाक और प्रभावशाली क्यों न हो, उसे अपने गलत कामों के लिए अंततः न्याय का सामना करना पड़ता है। नाटक सामाजिक व्यवस्था, धार्मिक आस्था और व्यक्तिगत जिम्मेदारी के महत्व पर जोर देता है। डॉन जुआन का विनाश इस बात की चेतावनी है कि जो लोग नैतिकता, सम्मान और दैवीय सत्ता का अनादर करते हैं, उन्हें अंततः दंडित किया जाएगा। यह नाटक इस बात पर भी विचार करता है कि क्या सामाजिक पाखंड, जैसा कि डॉन जुआन ने अंत में अपनाया, वास्तव में किसी को अपने कर्मों से बचा सकता है।
कुछ दिलचस्प तथ्य:
- विवादास्पद प्रकृति: 'डॉन जुआन' अपने समय में अत्यंत विवादास्पद था। नाटक में नास्तिकता और पाखंड के विषयों के कारण इसे चर्च और कुछ सार्वजनिक हस्तियों की कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा।
- सेंसरशिप: इसके प्रीमियर के बाद, नाटक के कुछ दृश्यों, विशेषकर भिखारी के दृश्य और डॉन जुआन की नास्तिक टिप्पणियों को हटा दिया गया या बदल दिया गया। मूल पाठ 1682 तक पूरी तरह से प्रकाशित नहीं हो पाया था।
- प्रोटेस्टेंट का प्रभाव: कुछ विद्वानों का मानना है कि मोलीयर ने यह नाटक फ्लेमिश नाटककार गेस्सेन की डच कॉमेडी 'द स्टोन गेस्ट' से प्रभावित होकर लिखा था, जो स्पेनिश लेखक तिरसो डी मोलिना के 'एल बुरलेडोर डी सेविला वाई कॉनविदाडो डी पिएड्रा' (सेविल का धोखेबाज और पत्थर का मेहमान) का एक रूपांतरण था, जो डॉन जुआन की कहानी का मूल स्रोत माना जाता है।
- अधूरी कहानी?: मोलीयर का नाटक केवल डॉन जुआन के जीवन के अंतिम दिनों पर केंद्रित है, न कि उसकी पूरी कहानी पर। यह उसे एक ऐसे व्यक्ति के रूप में दिखाता है जो अपनी मृत्यु के करीब होने पर भी अपने तरीकों से नहीं हटता।
- आधुनिक व्याख्याएं: यह नाटक आज भी लोकप्रिय है और अक्सर मंच पर प्रस्तुत किया जाता है। इसकी बहुस्तरीयता और नायक की जटिल मनोवैज्ञानिक प्रकृति इसे विभिन्न आधुनिक व्याख्याओं के लिए उपयुक्त बनाती है, जो पाखंड और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के विषयों पर जोर देती हैं।
- सगनारेल की भूमिका: सगनारेल एक महत्वपूर्ण पात्र है क्योंकि वह न केवल कॉमिक रिलीफ प्रदान करता है, बल्कि वह नाटक की नैतिक चेतना और दर्शकों के दृष्टिकोण का भी प्रतिनिधित्व करता है, जो डॉन जुआन की हरकतों पर भय और विस्मय के साथ प्रतिक्रिया करता है।
