el ingenioso hidalgo don quijote de la mancha - miguel de cervantes

सारांश

'एल इंगेनियोसो हिदाल्गो डॉन क्विजोटे डे ला मान्चा' मिगुएल डी सर्वान्तेस द्वारा लिखित एक स्पेनिश उपन्यास है। कहानी अलोंसो क्विजानो नाम के एक वृद्ध हिदाल्गो के इर्द-गिर्द घूमती है, जो ला मान्चा के एक गाँव में रहता है। वह शूरवीरता की कहानियाँ (चिवेलरिक रोमांस) पढ़कर इतना पागल हो जाता है कि खुद को एक शूरवीर मानता है। वह अपना नाम बदलकर डॉन क्विजोटे रख लेता है, अपने पुराने घोड़े का नाम रोसिनेंटे रखता है, और अपने दिल की रानी के रूप में एक ग्रामीण युवती, अल्डोंज़ा लोरेंजो, को डल्सिनिया डेल टोबोस का नाम देता है।

डॉन क्विजोटे न्याय को बहाल करने और दुनिया में बुराई से लड़ने के लिए अपने "साहसिक" कारनामों पर निकल पड़ता है। वह वास्तविकता को अपनी कल्पनाओं के लेंस से देखता है, जहाँ सराय किले बन जाते हैं, पवनचक्कियाँ दानव बन जाती हैं, और भेड़-बकरियों के झुंड शत्रु सेनाएँ बन जाते हैं। उसके कारनामे अक्सर हास्यास्पद और कभी-कभी हिंसक होते हैं, जिससे उसे और दूसरों को परेशानी होती है।

वह सैंको पांजा नामक एक व्यावहारिक किसान को अपना सहायक बनाता है, जो अपने स्वामी के आदर्शवाद और पागलपन के बावजूद, उसके प्रति वफादार रहता है और उसके साथ रहता है। सैंको भौतिक सुखों और कहावतों पर केंद्रित है, जो डॉन क्विजोटे के कल्पनावादी स्वभाव के बिल्कुल विपरीत है।

किताब का दूसरा भाग (जो पहले भाग के दस साल बाद प्रकाशित हुआ) डॉन क्विजोटे और सैंको को ऐसे पात्रों से मिलवाता है जिन्होंने उनके पहले कारनामों के बारे में पढ़ा है। ये पात्र उन्हें मूर्ख बनाते हैं और उनका मज़ाक उड़ाते हैं, जिससे उनके कारनामों में एक नया आयाम जुड़ता है। अंततः, डॉन क्विजोटे को एक अन्य शूरवीर द्वारा हार का सामना करना पड़ता है, जिसे उसके दोस्तों ने उसे घर वापस लाने के लिए भेजा था। उसे एक साल के लिए शूरवीरता के कारनामे छोड़ने की शपथ लेनी पड़ती है। घर लौटने पर, वह बीमार पड़ जाता है, अपनी sanity वापस पा लेता है, शूरवीरता की कहानियों को त्याग देता है, और एक शांत व्यक्ति के रूप में मर जाता है। यह उपन्यास आदर्शवाद, यथार्थवाद, पागलपन और सच्चाई के बीच की सीमाओं की पड़ताल करता है।

किताब के अनुभाग

अनुभाग 1: डॉन क्विजोटे का जन्म और पहला अभियान

अलोंसो क्विजानो, ला मान्चा में रहने वाला एक साधारण हिदाल्गो (एक निचले दर्जे का रईस), शूरवीरता की कहानियों को जुनून की हद तक पढ़ता है। इन कहानियों में इतना डूब जाता है कि वह अपनी बुद्धि खो देता है और खुद को एक शूरवीर मानता है। वह अपने पुराने घोड़े का नाम बदलकर रोसिनेंटे रखता है, उसे एक शानदार युद्ध-अश्व समझता है। वह एक ग्रामीण युवती, अल्डोंज़ा लोरेंजो, को अपनी काल्पनिक प्रेम-पात्र डल्सिनिया डेल टोबोस के रूप में चुनता है। डॉन क्विजोटे न्याय को बहाल करने और दुनिया में बुराई से लड़ने के लिए अपने पहले अभियान पर अकेला निकल पड़ता है। वह एक सराय को महल समझता है और सराय के मालिक को महल का रखवाला समझकर उसे शूरवीरता की उपाधि देने के लिए कहता है। सराय का मालिक, उसकी मूर्खता का फायदा उठाते हुए, उसे एक नकली समारोह में शूरवीर की उपाधि दे देता है।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
डॉन क्विजोटे (अलोंसो क्विजानो) एक वृद्ध, दुबला-पतला हिदाल्गो जो शूरवीरता की कहानियाँ पढ़कर अपना मानसिक संतुलन खो देता है। वह आदर्शवादी, साहसी, दृढ़ निश्चयी है, लेकिन वास्तविकता से पूरी तरह कटा हुआ है। खुद को एक भटकता हुआ शूरवीर मानता है। दुनिया में न्याय और शूरवीरता को बहाल करना; गरीबों और उत्पीड़ितों की मदद करना; अपनी काल्पनिक प्रेमिका डल्सिनिया के सम्मान के लिए महान कार्य करना; अमर शूरवीर बनने की चाहत।
रोसिनेंटे डॉन क्विजोटे का पुराना, कमजोर और थका हुआ घोड़ा, जिसे डॉन क्विजोटे एक महान, युद्ध-प्रशिक्षित अश्व मानता है। अपने मालिक का वफादार साथी होना (हालांकि वह इस बात से अनजान है कि उसे एक महान जानवर के रूप में देखा जा रहा है)।
डल्सिनिया डेल टोबोस (अल्डोंज़ा लोरेंजो) एक साधारण, असंस्कृत ग्रामीण महिला, जिसे डॉन क्विजोटे ने कभी देखा तक नहीं है। डॉन क्विजोटे की कल्पना का उत्पाद; उसके महान कारनामों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनना; शूरवीरता के आदर्शों के अनुरूप एक सुंदर और पवित्र महिला के रूप में पूजी जाना।
सराय का मालिक एक चालाक और व्यावहारिक व्यक्ति, जो डॉन क्विजोटे की मानसिक स्थिति को पहचानता है और उसका मज़ाक उड़ाने के लिए उसकी बात मानता है। डॉन क्विजोटे का मज़ाक उड़ाना; उसे परेशान करने से बचाना; अपनी सराय में शांति बनाए रखना; संभवतः कुछ मनोरंजन प्राप्त करना।

अनुभाग 2: सैंको पांजा का परिचय और पवनचक्की का रोमांच

अपने पहले अभियान से अपमानित होकर घर लौटने के बाद, डॉन क्विजोटे अपने गाँव के नाई और पादरी से बचने के लिए एक नया अभियान शुरू करता है। इस बार, वह एक पड़ोसी, सैंको पांजा नाम के एक मोटे, साधारण किसान को अपना सहायक बनने के लिए मनाता है। सैंको, एक द्वीप के गवर्नर बनने की झूठी उम्मीद में, डॉन क्विजोटे के साथ चला जाता है। उनके सबसे प्रसिद्ध कारनामों में से एक पवनचक्की का है, जहाँ डॉन क्विजोटे विशालकाय दानवों को देखता है और उन पर हमला करता है, जबकि सैंको उन्हें पवनचक्की के रूप में पहचानता है। डॉन क्विजोटे को बुरी तरह से चोट लगती है, लेकिन वह अपनी हार को किसी जादूगर के धोखे के लिए जिम्मेदार ठहराता है।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
सैंको पांजा एक मोटा, अनपढ़, व्यावहारिक और यथार्थवादी किसान। वह अपने मालिक से कम शिक्षित है, लेकिन वह सामान्य ज्ञान और ग्रामीण ज्ञान से भरा है। वह अक्सर कहावतों और मुहावरों का प्रयोग करता है। वह थोड़ा स्वार्थी है लेकिन अपने मालिक के प्रति वफादार है। डॉन क्विजोटे द्वारा एक द्वीप का गवर्नर बनने का वादा; भौतिक सुखों (जैसे अच्छा भोजन और शराब) की इच्छा; सुरक्षा और रोमांच की एक मामूली इच्छा; अंततः अपने मालिक के लिए वास्तविक चिंता और दोस्ती।
गांव के पादरी एक बुद्धिमान और दयालु व्यक्ति जो डॉन क्विजोटे का दोस्त है। वह उसकी भलाई के लिए चिंतित है और उसे उसकी कल्पनाओं से बाहर निकालने की कोशिश करता है। अपने दोस्त को उसकी पागलपन से बचाना; उसे घर वापस लाना और उसकी देखभाल करना; बुराई को सुधारना।
गांव का नाई पादरी का दोस्त और डॉन क्विजोटे का परिचित। वह भी पादरी के साथ मिलकर डॉन क्विजोटे को उसकी कल्पनाओं से बाहर निकालने की योजना बनाता है। पादरी के समान प्रेरणाएँ; अपने दोस्त की मदद करना।
गृहिणी और भतीजी डॉन क्विजोटे के घर में रहने वाली महिलाएँ। वे उससे प्यार करती हैं लेकिन उसके पागलपन से परेशान हैं। वे उसकी किताबों को जलाकर उसे ठीक करने की कोशिश करती हैं। डॉन क्विजोटे की देखभाल करना; उसे खतरनाक कारनामों पर जाने से रोकना; उसके घर की प्रतिष्ठा की रक्षा करना।

अनुभाग 3: यथार्थ और कल्पना के बीच टकराव

डॉन क्विजोटे और सैंको की यात्रा जारी रहती है। वे भेड़-बकरियों के झुंड को एक विशाल सेना मानते हैं और उन पर हमला करते हैं, जिससे उन्हें और उनके आसपास के लोगों को नुकसान होता है। डॉन क्विजोटे एक नाई के बेसिन को "मैम्ब्रिनो का हेलमेट" (एक जादुई हेलमेट) समझकर उससे छीन लेता है। वे galley slaves (नाव पर काम करने वाले कैदी) के एक समूह से मिलते हैं जिन्हें जंजीरों में बांधकर ले जाया जा रहा है। डॉन क्विजोटे, यह मानते हुए कि वे उत्पीड़ित हैं, उन्हें आज़ाद कर देता है, जिससे वे अपराधी भाग जाते हैं और डॉन क्विजोटे और सैंको पर हमला करते हैं। यह घटना एक बार फिर डॉन क्विजोटे के आदर्शवादी लेकिन खतरनाक विचारों और वास्तविक दुनिया के कठोर परिणामों के बीच के टकराव को उजागर करती है।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
अनेक ग्रामीण और मुसाफ़िर विभिन्न सामाजिक स्तरों के आम लोग जो डॉन क्विजोटे की हरकतों से प्रभावित होते हैं, उनसे उलझते हैं, या उन्हें अपनी यात्राओं में देखते हैं। वे अक्सर भ्रमित, भयभीत, या क्रोधित होते हैं। अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी जीना; डॉन क्विजोटे की अजीबोगरीब हरकतों पर प्रतिक्रिया देना; कभी-कभी उसका मज़ाक उड़ाना या उससे बचना।
गैली दास जंजीरों में बंधे अपराधी जिन्हें सजा के तौर पर गैली (जहाज) पर काम करने के लिए ले जाया जा रहा है। वे चालाक और बेईमान होते हैं। अपनी आज़ादी हासिल करना, भले ही उसके लिए हिंसा और धोखाधड़ी का सहारा लेना पड़े।

अनुभाग 4: सिएरा मोरेना में तपस्या और घर वापसी

डॉन क्विजोटे सिएरा मोरेना पहाड़ों में प्रवेश करता है, जहाँ वह एक शूरवीर अमानदिस डी गौला की नकल करते हुए तपस्या करने का फैसला करता है। इस बीच, उसके गाँव के पादरी और नाई, अब सैंको के साथ, उसे घर वापस लाने की योजना बनाते हैं। वे डोरोथिया नाम की एक युवा महिला को एक काल्पनिक राजकुमारी मिकोमिकोना के रूप में प्रस्तुत करते हैं, जो डॉन क्विजोटे से उसके राज्य को एक विशालकाय दानव से बचाने का अनुरोध करती है। यह चाल डॉन क्विजोटे को पहाड़ों से बाहर निकालने में सफल होती है, और वे एक पिंजरे में बंद करके उसे घर वापस ले जाते हैं, उसे यह समझाते हुए कि यह एक जादूगर का काम है।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
डोरोथिया एक सुंदर, बुद्धिमान और दयालु युवती, जो अपने प्रेमी, कार्डेनियो द्वारा धोखा दिए जाने के बाद भाग गई है। वह नाटक करने में कुशल है। अपने सम्मान और सुरक्षा की रक्षा करना; पादरी और नाई की मदद करना ताकि डॉन क्विजोटे को घर वापस लाया जा सके; अंततः अपने प्रेमी के साथ सुलह करना।
कार्डेनियो एक युवा रईस जो अपने प्रेम, लूसिंडा के खोने के दुख में पागल हो गया है। वह एक दुखद और असहाय पात्र है। अपने खोए हुए प्यार का शोक मनाना; अपनी मानसिक पीड़ा से मुक्ति पाना; अंततः सुलह और शांति पाना।
लूसिंडा कार्डेनियो की प्रेमिका, जिसे डॉन फर्नांडो ने धोखा दिया था। वह भी कई घटनाओं में उलझ जाती है। अपने सच्चे प्यार, कार्डेनियो के साथ रहना; अपने सम्मान और प्रेम की रक्षा करना।
डॉन फर्नांडो एक अभिमानी और स्वार्थी रईस जो लूसिंडा को बहका कर कार्डेनियो को धोखा देता है। अपनी इच्छाओं और सुखों की पूर्ति; सामाजिक स्थिति और शक्ति का दुरुपयोग।

अनुभाग 5: ड्यूक और डचेस के यहाँ (पुस्तक का दूसरा भाग शुरू होता है)

पुस्तक के दूसरे भाग में, डॉन क्विजोटे और सैंको पांजा को एक ड्यूक और डचेस मिलते हैं, जिन्होंने उनके पहले कारनामों के बारे में पढ़ा है। वे डॉन क्विजोटे के पागलपन से प्रभावित होते हैं और उसे और सैंको का मनोरंजन करने के लिए विस्तृत और क्रूर मज़ाक और चालें चलते हैं। वे डॉन क्विजोटे को एक प्रसिद्ध शूरवीर के रूप में मानते हैं और सैंको को एक द्वीप का गवर्नर बनाते हैं (जो वास्तव में एक नकली 'बारातारिया' है)। यह खंड समाज के उच्च वर्गों की क्रूरता और मनोरंजन के लिए दूसरों को मूर्ख बनाने की उनकी प्रवृत्ति को दर्शाता है।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
ड्यूक और डचेस शक्तिशाली और धनी अभिजात वर्ग के सदस्य जो बहुत खाली समय रखते हैं। वे बुद्धिमान लेकिन कभी-कभी क्रूर होते हैं, और दूसरों को अपने मनोरंजन के लिए हेरफेर करने में आनंद लेते हैं। डॉन क्विजोटे और सैंको की प्रसिद्ध कहानियों से मनोरंजन प्राप्त करना; उन्हें अपनी इच्छाओं के अनुसार नियंत्रित करना; अपने महल में रहने वालों को हँसाना; कभी-कभी उनकी सीमाओं का परीक्षण करना।
अनेक दरबारी और नौकर ड्यूक और डचेस के महल में रहने वाले लोग जो उनके खेल में भाग लेते हैं और डॉन क्विजोटे और सैंको पर चालें चलने में मदद करते हैं। अपने मालिकों को प्रसन्न करना; मनोरंजन प्राप्त करना; अपने मालिकों के निर्देशों का पालन करना।

अनुभाग 6: सैंको का गवर्नर पद और डॉन क्विजोटे की परेशानियाँ

सैंको पांजा को ड्यूक और डचेस द्वारा 'बारातारिया' नामक एक द्वीप का गवर्नर बनाया जाता है। अपनी सादगी और अनुभव की कमी के बावजूद, सैंको न्यायपूर्ण और बुद्धिमान फैसले सुनाता है, जिससे सभी आश्चर्यचकित होते हैं। हालांकि, ड्यूक और डचेस उस पर लगातार दबाव बनाए रखते हैं और उसे विभिन्न चुनौतियों और प्रैंक का सामना करना पड़ता है। इस बीच, डॉन क्विजोटे महल में रहता है, जहाँ उसे भी ड्यूक और डचेस द्वारा कई अजीबोगरीब और अपमानजनक स्थितियों में डाला जाता है। वह एक लकड़ी के घोड़े, क्लैविलेनो, पर उड़ान भरने का नाटक भी करता है। यह खंड सैंको के सामान्य ज्ञान और डॉन क्विजोटे के आदर्शवाद के बीच के अंतर को और उजागर करता है।

अनुभाग 7: बार्सीलोना और डॉन क्विजोटे की हार

डॉन क्विजोटे और सैंको ड्यूक और डचेस के महल से निकलकर बार्सीलोना की यात्रा करते हैं, जहाँ वे अपने दोस्त सैंसन कार्रास्को से मिलते हैं, जो खुद को "नाइट ऑफ द व्हाइट मून" (श्वेत चंद्रमा के शूरवीर) के रूप में प्रच्छन्न करता है। कार्रास्को, डॉन क्विजोटे को घर वापस लाने के लिए, उसे द्वंद्वयुद्ध में चुनौती देता है। डॉन क्विजोटे हार जाता है, और शर्त के अनुसार, उसे एक साल के लिए शूरवीरता के कारनामे छोड़ देने पड़ते हैं और घर वापस लौट जाना पड़ता है। यह हार डॉन क्विजोटे के लिए एक गंभीर झटका है, क्योंकि यह उसके शूरवीर के रूप में उसके अस्तित्व के आधार को तोड़ देती है।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
सैंसन कार्रास्को एक युवा, विद्वान और मजाकिया व्यक्ति, जो डॉन क्विजोटे के गाँव का दोस्त है। वह डॉन क्विजोटे को उसके पागलपन से बाहर निकालने और उसे घर वापस लाने के लिए एक शूरवीर का भेष धारण करता है। अपने दोस्त डॉन क्विजोटे की भलाई की चिंता; उसे खतरनाक कारनामों से बचाना; उसे उसके परिवार के पास सुरक्षित वापस लाना।

अनुभाग 8: घर वापसी और डॉन क्विजोटे का अंत

डॉन क्विजोटे, अपनी हार से निराश होकर, सैंको के साथ घर लौट आता है। वह बीमार पड़ जाता है, और अपनी मृत्युशय्या पर, वह अपनी sanity फिर से पा लेता है। वह अब खुद को अलोंसो क्विजानो द गुड (नेकदिल अलोंसो क्विजानो) कहता है और शूरवीरता की कहानियों और अपने सभी कारनामों को त्याग देता है, उन्हें मूर्खतापूर्ण और हानिकारक मानता है। वह एक ईसाई के रूप में अपने पापों को स्वीकार करता है और अपने अंतिम वसीयतनामा को लिखता है। वह अपने दोस्तों और परिवार से घिरा हुआ शांति से मर जाता है। यह उपन्यास का दुखद लेकिन महत्वपूर्ण अंत है, जहाँ नायक अपनी आदर्शवादी दुनिया से वास्तविक दुनिया में लौटता है और शांति पाता है, लेकिन ऐसा मरने से ठीक पहले होता है।


साहित्यिक शैली

'डॉन क्विजोटे' मुख्य रूप से एक उपन्यास (Novel) है। इसे अक्सर पहला आधुनिक उपन्यास माना जाता है क्योंकि इसने पारंपरिक शूरवीरतापूर्ण उपन्यासों का व्यंग्य किया और चरित्र विकास, यथार्थवाद और बहुआयामी कथा को प्रस्तुत किया। इसकी शैलियों में शामिल हैं:

  • वीरतापूर्ण व्यंग्य (Chivalric Romance Satire): यह उस समय लोकप्रिय शूरवीरतापूर्ण उपन्यासों की अत्यधिक आदर्शवादी और अवास्तविक दुनिया का उपहास करता है।
  • पिकास्क उपन्यास के तत्व (Elements of Picaresque Novel): सैंको पांजा के चरित्र और उनकी यात्राओं में इस शैली के कुछ तत्व देखे जा सकते हैं, जहाँ एक पिकेरो (नीचे दर्जे का व्यक्ति) विभिन्न सामाजिक स्तरों से मिलता है और दुनिया को उसकी आँखों से दिखाया जाता है।
  • मेटाफिक्शन (Metafiction): पुस्तक का दूसरा भाग स्वयं पहले भाग पर टिप्पणी करता है, जिसमें पात्र स्वयं अपने बारे में लिखी गई कहानियों के बारे में जानते हैं।

लेखक के तथ्य

मिगुएल डी सर्वान्तेस सावेद्रा (Miguel de Cervantes Saavedra) (1547 – 1616) एक स्पेनिश उपन्यासकार, कवि और नाटककार थे।

  • जन्म: 29 सितंबर 1547 को अल्काला डी हेनारेस, स्पेन में।
  • मृत्यु: 22 अप्रैल 1616 को मैड्रिड, स्पेन में।
  • सैन्य सेवा और कैद: सर्वान्तेस ने स्पेनिश सेना में सेवा की और 1571 में लेपैंटो की लड़ाई में बहादुरी से लड़े, जहाँ उन्होंने अपना बायाँ हाथ आंशिक रूप से खो दिया, जिससे वह हमेशा के लिए विकलांग हो गए। बाद में, उन्हें अल्जीयर्स में समुद्री लुटेरों ने बंदी बना लिया और पांच साल तक (1575-1580) कैदी रहे, जब तक कि उन्हें फिरौती देकर मुक्त नहीं कराया गया।
  • साहित्यिक योगदान: 'डॉन क्विजोटे' को उनकी महानतम रचना माना जाता है और इसे विश्व साहित्य के सबसे प्रभावशाली कार्यों में से एक माना जाता है। उन्होंने लघु कथाएँ ('नॉवेलास एजेम्प्लारेस'), कविताएँ और नाटक भी लिखे।
  • विरासत: उन्हें अक्सर स्पेनिश भाषा का सबसे महान लेखक माना जाता है और उनके सम्मान में स्पेनिश को कभी-कभी "ला लेंगुआ डी सर्वान्तेस" (सर्वान्तेस की भाषा) कहा जाता है।

नैतिकता

'डॉन क्विजोटे' कई नैतिकताएँ प्रदान करता है, जो इसकी जटिलता और कालातीत अपील को दर्शाती हैं:

  • सपनों और यथार्थ के बीच संतुलन: किताब आदर्शवाद और व्यावहारिकता, कल्पना और वास्तविकता के बीच के संघर्ष को उजागर करती है। यह बताती है कि सपने देखना महत्वपूर्ण है, लेकिन वास्तविकता से पूरी तरह कट जाना खतरनाक हो सकता है।
  • आदर्शवाद का महत्व: डॉन क्विजोटे भले ही पागल था, लेकिन उसका दिल शुद्ध था। उसने हमेशा न्याय और अच्छाई के लिए प्रयास किया, भले ही उसकी विधि गलत थी। यह हमें बताता है कि महान उद्देश्य और आदर्शवाद महत्वपूर्ण हैं, भले ही हम उन्हें प्राप्त करने में विफल रहें।
  • वफादारी और दोस्ती: सैंको पांजा की डॉन क्विजोटे के प्रति अटूट वफादारी एक मजबूत नैतिक सबक देती है। यह दिखाती है कि सच्चा साथ और दोस्ती परिस्थितियों से ऊपर होती है।
  • ज्ञान की खोज: डॉन क्विजोटे का जीवन सत्य और अर्थ की लगातार खोज का प्रतीक है, भले ही वह अक्सर भ्रमित होता है। यह हमें सिखाता है कि जीवन एक सतत सीखने की प्रक्रिया है।
  • मनुष्य की स्वतंत्र इच्छा: पुस्तक व्यक्तियों की अपनी दुनिया को परिभाषित करने की क्षमता पर जोर देती है, चाहे वह वास्तविकता के अनुरूप हो या न हो।

किताब की जिज्ञासाएँ

  • दो भागों में प्रकाशन: 'डॉन क्विजोटे' को दो अलग-अलग भागों में प्रकाशित किया गया था। पहला भाग 1605 में और दूसरा भाग 1615 में, पहले भाग की भारी सफलता के दस साल बाद।
  • नकली दूसरा भाग: पहले भाग की लोकप्रियता इतनी अधिक थी कि 1614 में अलोंसो फर्नांडो डी अवेलानेडा नामक एक अज्ञात लेखक ने डॉन क्विजोटे का एक नकली दूसरा भाग प्रकाशित किया। सर्वान्तेस ने अपने दूसरे भाग में इस नकली किताब की आलोचना की और अपने पात्रों को उस नकली किताब पर प्रतिक्रिया करते हुए दिखाया।
  • सबसे अधिक अनुवादित किताब: बाइबिल के बाद, 'डॉन क्विजोटे' को दुनिया में सबसे अधिक भाषाओं में अनुवादित किया गया है।
  • "क्विजोटिक" शब्द: अंग्रेजी भाषा में "quixotic" शब्द का उपयोग एक ऐसे व्यक्ति का वर्णन करने के लिए किया जाता है जो आदर्शवादी लेकिन अव्यावहारिक होता है, जो डॉन क्विजोटे के चरित्र से सीधा लिया गया है।
  • पहले आधुनिक उपन्यास का दर्जा: कई साहित्यिक विद्वान 'डॉन क्विजोटे' को पहला आधुनिक उपन्यास मानते हैं क्योंकि इसने कथा, चरित्र विकास और साहित्यिक यथार्थवाद में नए मानक स्थापित किए।
  • शूरवीरतापूर्ण उपन्यासों का अंत: 'डॉन क्विजोटे' ने उस समय बेहद लोकप्रिय शूरवीरतापूर्ण उपन्यासों की शैली का उपहास किया, जिससे अंततः उस साहित्यिक शैली का पतन हो गया।
  • सर्वान्तेस की मृत्यु: सर्वान्तेस की मृत्यु 22 अप्रैल 1616 को हुई, उसी वर्ष विलियम शेक्सपियर की मृत्यु हुई।