एलाइड की राजकुमारी - मोलियर
सारांश मोलियर का नाटक 'ला प्रिंसेस डी'एलाइड' एक कोमेडी-बैले है जो प्रिंसेस डी'एलाइड की कहानी कहता है, जिसने खुद को प्यार से दूर रखने का संकल...
सारांश
मोलियर का नाटक 'ला प्रिंसेस डी'एलाइड' एक कोमेडी-बैले है जो प्रिंसेस डी'एलाइड की कहानी कहता है, जिसने खुद को प्यार से दूर रखने का संकल्प लिया है। उसके पिता, राजा इफीमास, चाहते हैं कि वह शादी करे और एक उत्तराधिकारी पैदा करे। राजकुमारी के कई योग्य राजकुमारों, जैसे कि प्रिंस यूरीयल (इथाका से), प्रिंस अर्बेट और प्रिंस टाइसैंडर, द्वारा पीछा किया जाता है, लेकिन वह उन सभी को ठुकरा देती है, यह दावा करते हुए कि प्यार गुलामी है और वह अपनी स्वतंत्रता नहीं खोएगी। प्रिंस यूरीयल, जो राजकुमारी से गुप्त रूप से प्यार करता है, अपने मित्र लिकस की सलाह पर एक योजना बनाता है। वह यह दिखावा करता है कि अब उसे राजकुमारी में कोई दिलचस्पी नहीं है और उसने दरबार की एक अन्य महिला, सिंथिए में अपना ध्यान लगा लिया है। यूरीयल की कथित उदासीनता और सिंथिए के प्रति उसके ध्यान से राजकुमारी हैरान और परेशान हो जाती है। उसे जल्द ही एहसास होता है कि उसे यूरीयल की उदासीनता से जलन हो रही है और उसे उससे प्यार हो गया है। नाटक का समापन राजकुमारी के प्यार को स्वीकार करने और यूरीयल से शादी करने के साथ होता है, जिसमें नृत्य और उत्सव के साथ प्यार की शक्ति का जश्न मनाया जाता है।
किताब के अनुभाग
अनुभाग 1: प्रेम से इंकार
घटनाएँ: नाटक प्रिंसेस डी'एलाइड के पिता, राजा इफीमास के दरबार में खुलता है, जो अपनी बेटी की प्रेम के प्रति घृणा से निराश हैं। प्रिंसेस को लगता है कि प्यार गुलामी है और वह अपनी स्वतंत्रता नहीं खोएगी। कई राजकुमार उसके हाथ के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं, जिनमें प्रिंस यूरीयल, प्रिंस अर्बेट और प्रिंस टाइसैंडर शामिल हैं। यूरीयल, जो गुप्त रूप से राजकुमारी से प्यार करता है, उसकी ठंडी प्रतिक्रियाओं से निराश है। राजा इफीमास ने एक भव्य उत्सव की व्यवस्था की है जिसमें विभिन्न मनोरंजन और प्रतियोगिताओं की योजना बनाई गई है, उम्मीद है कि इससे राजकुमारी का दिल नरम पड़ सकता है। मोरॉन, राजकुमारी का विदूषक, अपनी मजाकिया और व्यंग्यात्मक टिप्पणियों से स्थिति पर टिप्पणी करता है।
शामिल पात्र:
| पात्र | विशेषताएँ | प्रेरणाएँ |
|---|---|---|
| प्रिंसेस डी'एलाइड | सुंदर, बुद्धिमान, जिद्दी, प्रेम-विरोधी | अपनी स्वतंत्रता बनाए रखना, प्रेम के बंधन से बचना |
| प्रिंस यूरीयल | इथाका का राजकुमार, सुंदर, चतुर, संवेदनशील | प्रिंसेस डी'एलाइड का प्यार जीतना, भले ही इसके लिए छल का सहारा लेना पड़े |
| राजा इफीमास | प्रिंसेस डी'एलाइड के पिता, समझदार, धैर्यवान | अपनी बेटी की शादी करवाना, वारिस सुनिश्चित करना |
| मोरॉन | राजकुमारी का विदूषक, मजाकिया, व्यंग्यात्मक | अपने हास्य से मनोरंजन करना, अक्सर सच्चाई बोलना, स्थिति पर टिप्पणी करना |
| प्रिंस अर्बेट | एक राजकुमार, राजकुमारी का एक और इच्छुक | राजकुमारी का हाथ जीतना |
| प्रिंस टाइसैंडर | एक और राजकुमार, राजकुमारी का एक और इच्छुक | राजकुमारी का हाथ जीतना |
| लिकस | प्रिंस यूरीयल का मित्र और विश्वासपात्र, चतुर, सलाहकार | यूरीयल को राजकुमारी का प्यार जीतने में मदद करना |
| अगलांटे | राजकुमारी की सहेली/विश्वासपात्री, बुद्धिमान | राजकुमारी को सलाह देना, उसकी भावनाओं को समझना |
| सिंथिए | यूरीयल के दल की एक महिला, नाटक में बाद में महत्वपूर्ण | यूरीयल की योजना में मदद करना, अपनी भूमिका निभाना |
| डोरिस | यूरीयल के दल की एक महिला, सिंथिए जैसी भूमिका | यूरीयल की योजना में मदद करना, अपनी भूमिका निभाना |
अनुभाग 2: यूरीयल की रणनीति
घटनाएँ: राजकुमारी के निरंतर इनकार से हताश होकर, प्रिंस यूरीयल अपने मित्र लिकस से सलाह लेता है। लिकस यूरीयल को सलाह देता है कि वह राजकुमारी में अपनी रुचि खोने का दिखावा करे और इसके बजाय दरबार की अन्य महिलाओं, विशेष रूप से सिंथिए में रुचि दिखाए। यह चाल राजकुमारी को यह सोचने पर मजबूर कर सकती है कि उसने एक आकर्षक प्रेमी खो दिया है और शायद उसे उससे प्यार हो जाए। यूरीयल इस योजना से सहमत है, हालांकि वह अनिच्छुक है क्योंकि उसे अपनी सच्ची भावनाओं को छिपाना होगा। वह सिंथिए और डोरिस को अपनी योजना में शामिल करता है, उन्हें यह दिखाने के लिए कहता है कि वे उसके नए प्रेम की वस्तुएँ हैं।
अनुभाग 3: ईर्ष्या की शुरुआत
घटनाएँ: यूरीयल अपनी योजना पर अमल करना शुरू कर देता है। वह सार्वजनिक रूप से प्रिंसेस को नजरअंदाज करता है और सिंथिए के साथ खुलकर फ़्लर्ट करता है। सिंथिए और डोरिस अपनी भूमिका बहुत अच्छी तरह निभाती हैं, जिससे राजकुमारी के मन में संदेह और बेचैनी पैदा होती है। मोरॉन, विदूषक, अपनी व्यंग्यात्मक टिप्पणियों से स्थिति का मज़ाक उड़ाता है, लेकिन वह यह भी देखता है कि राजकुमारी यूरीयल की कथित उदासीनता से प्रभावित हो रही है। राजकुमारी, जो पहले प्रेम को तुच्छ समझती थी, अब खुद को यूरीयल के नए व्यवहार से परेशान पाती है। वह अपनी सहेली अगलांटे से सलाह लेती है, लेकिन अपनी सच्ची भावनाओं को स्वीकार करने से इनकार करती है।
अनुभाग 4: प्रेम की स्वीकृति
घटनाएँ: यूरीयल का दिखावा प्रभावी साबित होता है। राजकुमारी, जिसे पहले प्रेम का कोई अनुभव नहीं था, अब ईर्ष्या महसूस करने लगती है। वह स्वीकार करती है कि यूरीयल की उदासीनता उसे परेशान करती है और उसे उसकी ओर खिंचाव महसूस होता है। उसे एहसास होता है कि उसने गलती की थी जब उसने सोचा था कि वह कभी प्यार में नहीं पड़ सकती। यूरीयल के अन्य महिलाओं के प्रति प्रेम की झूठी घोषणाओं ने उसके दिल में असली भावनाओं को जगा दिया है। इस दौरान, अन्य राजकुमार, अर्बेट और टाइसैंडर, अभी भी राजकुमारी का पीछा कर रहे हैं, लेकिन अब वह उनमें बिल्कुल भी दिलचस्पी नहीं दिखाती है। राजा इफीमास, जो अपनी बेटी के व्यवहार में बदलाव को देखते हैं, आशावादी हैं।
अनुभाग 5: सुखद अंत
घटनाएँ: राजकुमारी अंततः यूरीयल के प्रति अपने प्यार को स्वीकार करती है। वह अपनी "प्रेम-विरोधी" प्रतिज्ञा को तोड़ देती है और यूरीयल को बताती है कि वह उसे प्यार करती है। यूरीयल अपनी खुशी व्यक्त करता है और स्वीकार करता है कि उसकी उदासीनता केवल उसे जीतने की एक चाल थी। वे एक-दूसरे के प्रति अपनी सच्ची भावनाओं की पुष्टि करते हैं। राजा इफीमास बेहद खुश हैं कि उनकी बेटी ने आखिरकार प्यार पाया है और शादी करने के लिए तैयार है। नाटक का समापन एक भव्य उत्सव, नृत्य और संगीत के साथ होता है, जो प्रेम की जीत और राजकुमारी के हृदय परिवर्तन का जश्न मनाता है।
शैली: कॉमेडी-बैले (Comédie-ballet) - यह एक ऐसा नाटकीय रूप है जिसमें कॉमेडी, संगीत और बैले को एक साथ जोड़ा जाता है।
लेखक के बारे में:
- नाम: जीन-बैप्टिस्ट पोक्वेलिन (Jean-Baptiste Poquelin), जिसे मोलियर के नाम से बेहतर जाना जाता है।
- जन्म: 15 जनवरी 1622 को पेरिस, फ्रांस में।
- मृत्यु: 17 फरवरी 1673 को पेरिस, फ्रांस में।
- व्यवसाय: मोलियर एक फ्रांसीसी नाटककार, रंगमंच निदेशक और अभिनेता थे। उन्हें फ्रांसीसी कॉमेडी के महानतम मास्टर्स में से एक माना जाता है। उनके प्रसिद्ध नाटकों में 'टारटुफ' (Tartuffe), 'द मिजनथ्रोप' (The Misanthrope), 'द मिजर' (The Miser), और 'द इमेजिनरी इनवेलिड' (The Imaginary Invalid) शामिल हैं। उनके कार्य अक्सर मानव स्वभाव, समाज के पाखंड और सामान्य बुराइयों पर व्यंग्य करते हैं।
नैतिक शिक्षा:
- प्रेम को दबाना या उससे भागना अक्सर व्यर्थ होता है, क्योंकि सच्चा प्रेम अंततः अपना रास्ता खोज लेता है।
- दिखावटी उदासीनता या नखरे कभी-कभी व्यक्ति को अपने वास्तविक प्रेम और भावनाओं को समझने में मदद कर सकते हैं।
- मोलियर अक्सर अपने नाटकों में मानव दंभ और पाखंड को उजागर करते हैं; इस नाटक में, राजकुमारी का प्रेम-विरोधी रुख अंततः उसके अपने दिल की सच्चाई के सामने टूट जाता है।
जिज्ञासाएँ:
- यह नाटक 1664 में वर्साय में लुई XIV के लिए आयोजित एक भव्य उत्सव, "लेस प्लेज़र्स डे ल'एनचैन्टी" (Les Plaisirs de l'Île Enchantée) के हिस्से के रूप में लिखा और प्रदर्शित किया गया था। यह उत्सव एक सप्ताह तक चला था और इसमें कई मनोरंजन और प्रदर्शन शामिल थे।
- 'ला प्रिंसेस डी'एलाइड' को एक कॉमेडी-बैले के रूप में प्रस्तुत किया गया था, जिसका अर्थ है कि इसमें संवाद के साथ-साथ संगीत और नृत्य के अंश भी शामिल थे, जो उस समय के शाही दरबारों में बहुत लोकप्रिय थे।
- नाटक का उद्देश्य हल्के-फुल्के मनोरंजन और शाही भव्यता को प्रदर्शित करना था, और यह मोलियर के उन कार्यों में से एक है जो मनोरंजन मूल्य पर अधिक जोर देते हैं बजाय गहरी सामाजिक आलोचना के, हालांकि इसमें प्रेम और मानवीय प्रकृति पर सूक्ष्म टिप्पणियाँ शामिल हैं।
- मोलियर ने खुद इस नाटक में मोरॉन (विदूषक) की भूमिका निभाई थी।
