henri ashtam - wiliyam sheksapiyar

सारांश

विलियम शेक्सपियर का नाटक 'हेनरी अष्टम' एक ऐतिहासिक नाटक है जो इंग्लैंड के राजा हेनरी अष्टम के शासनकाल के एक महत्वपूर्ण और अशांत दौर पर केंद्रित है। यह नाटक शक्तिशाली कार्डिनल वूल्सी के उत्थान और पतन, रानी कैथरीन ऑफ एरागॉन से राजा के तलाक, ऐनी बोलिन से उसकी शादी और राजकुमारी एलिजाबेथ (भविष्य की महारानी एलिजाबेथ प्रथम) के जन्म के इर्द-गिर्द घूमता है। यह नाटक सत्ता, महत्वाकांक्षा, बेवफाई और अदालती साज़िशों की पड़ताल करता है, साथ ही उन ऐतिहासिक घटनाओं को भी दर्शाता है जिन्होंने इंग्लैंड को स्थायी रूप से बदल दिया। इसमें ड्यूक ऑफ बकिंघम जैसे पात्रों के दुखद भाग्य और आर्कबिशप क्रैनमर जैसे अन्य लोगों की दृढ़ता को दर्शाया गया है।

किताब के अनुभाग

अनुभाग 1: एक्ट I - ड्यूक ऑफ बकिंघम का पतन

नाटक ड्यूक ऑफ बकिंघम, ड्यूक ऑफ नॉरफ़ॉक और ड्यूक ऑफ सफ़ोक के बीच बातचीत से शुरू होता है। वे फ्रांस में हाल ही में संपन्न हुए एक भव्य शांति समझौते के बारे में बात करते हैं, जिसके लिए वे मुख्य रूप से कार्डिनल वूल्सी को श्रेय देते हैं। हालाँकि, बकिंघम वूल्सी की महत्वाकांक्षा और अहंकार की कड़ी आलोचना करता है, उसे "निचले दर्जे का कुत्ता" कहता है जिसने अपने स्वार्थ के लिए राजा को हेरफेर किया है। वह वूल्सी को देश पर राज करने की कोशिश करने का आरोप लगाता है। नॉरफ़ॉक और सफ़ोक उसे चेतावनी देते हैं कि वह इतना खुला न बोले, लेकिन बकिंघम अपने विचारों पर अडिग रहता है।

वूल्सी, अपने भारी प्रभाव का उपयोग करते हुए, बकिंघम को उच्च राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार करवाता है। आरोप एक अपमानित नौकर द्वारा गढ़े गए हैं, जिसे वूल्सी ने भुगतान किया था। बकिंघम पर आरोप है कि उसने राजा की मृत्यु की भविष्यवाणी करने के लिए काले जादू का इस्तेमाल किया था और उसके मरने पर सिंहासन पर कब्जा करने की योजना बनाई थी। एक दिखावापूर्ण मुकदमे के बाद, बकिंघम को दोषी ठहराया जाता है और उसे फाँसी की सजा सुनाई जाती है। वह अपने भाग्य को स्वीकार करता है, यह स्वीकार करता है कि अदालत में महत्वाकांक्षा अक्सर विनाश की ओर ले जाती है, और लोगों से माफी मांगता है। बकिंघम का पतन वूल्सी की सत्ता और क्रूरता का पहला बड़ा प्रदर्शन है।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
राजा हेनरी अष्टम इंग्लैंड का राजा, शक्तिशाली, कभी-कभी भोला, न्याय की भावना वाला लेकिन आसानी से प्रभावित होने वाला। अपनी इच्छाएँ पूरी करना, राजनीतिक स्थिरता बनाए रखना, एक पुरुष उत्तराधिकारी की आवश्यकता।
कार्डिनल वूल्सी इंग्लैंड का लॉर्ड चांसलर और राजा का मुख्य सलाहकार, बेहद महत्वाकांक्षी, चालाक और शक्ति-भूखा। अपनी शक्ति और प्रभाव बढ़ाना, राजा को नियंत्रित करना, व्यक्तिगत धन और सम्मान प्राप्त करना।
ड्यूक ऑफ बकिंघम एक शक्तिशाली और अमीर रईस, मुखर, वूल्सी का कट्टर आलोचक, शाही खून से संबंधित। वूल्सी के प्रभाव को कम करना, राजा की भलाई सुनिश्चित करना (जैसा कि वह इसे देखता है)।
ड्यूक ऑफ नॉरफ़ॉक एक प्रतिष्ठित रईस, राजा का वफादार, वूल्सी के प्रति कुछ हद तक संदेहपूर्ण। राजा और देश की सेवा करना, अदालती राजनीति में सतर्क रहना।
ड्यूक ऑफ सफ़ोक एक और रईस, नॉरफ़ॉक का सहयोगी, राजा का वफादार। राजा और देश की सेवा करना।

अनुभाग 2: एक्ट II - रानी कैथरीन का दुख और ऐनी बोलिन का उदय

ड्यूक ऑफ बकिंघम की फाँसी रानी कैथरीन ऑफ एरागॉन के लिए गहरी उदासी का कारण बनती है, क्योंकि वह उसकी निर्दोषता में विश्वास करती थी। इस बीच, राजा हेनरी अपनी शादी की वैधता के बारे में चिंता व्यक्त करना शुरू कर देता है। वह दावा करता है कि उसे अपनी पत्नी, अपनी मृत भाई आर्थर की विधवा से शादी करने की अनुमति नहीं थी, और यह कि उनकी कोई पुरुष संतान न होना भगवान की नाराजगी का संकेत है। इस "conscience crisis" को वूल्सी द्वारा प्रोत्साहित किया जाता है, जो राजा को फ्रांस की राजकुमारी से शादी करने की उम्मीद करता है, जिससे उसकी अपनी राजनीतिक शक्ति मजबूत होगी।

हालांकि, राजा का ध्यान कैथरीन की एक महिला-इन-वेटिंग, ऐनी बोलिन पर पड़ता है। वह सुंदर और आकर्षक है, और राजा उससे मोहित हो जाता है। वूल्सी राजा के लिए तलाक की कार्यवाही शुरू करता है, लेकिन वह यह नहीं जानता कि राजा का इरादा ऐनी से शादी करना है, न कि उसकी पसंद की फ्रांसीसी राजकुमारी से। ऐनी के भाई, लॉर्ड रोचफोर्ड, को सम्मान दिया जाता है, और यह स्पष्ट हो जाता है कि ऐनी राजा के प्यार में पड़ गई है। यह खंड राजा की धार्मिक दुविधा (जो शायद उसकी वासना के लिए एक सुविधाजनक बहाना है) और ऐनी बोलिन के धीरे-धीरे उदय को दर्शाता है।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
रानी कैथरीन ऑफ एरागॉन राजा हेनरी अष्टम की पत्नी, स्पेन की राजकुमारी, गरिमापूर्ण, पवित्र, वफादार, नैतिक रूप से ईमानदार। अपनी शादी की पवित्रता की रक्षा करना, अपनी बेटी मैरी की वैधता सुनिश्चित करना, राजा की सच्ची पत्नी बनी रहना।
ऐनी बोलिन रानी कैथरीन की महिला-इन-वेटिंग, आकर्षक, बुद्धिमान, महत्वाकांक्षी। राजा की इच्छाओं का पालन करना, रानी बनना, शक्ति और सम्मान प्राप्त करना।

अनुभाग 3: एक्ट III - कार्डिनल वूल्सी का पतन

राजा के तलाक का मामला लैम्बेथ में एक विशेष अदालत में ले जाया जाता है, जिसकी अध्यक्षता कार्डिनल कैंपेजियो और कार्डिनल वूल्सी करते हैं। रानी कैथरीन अदालत में उपस्थित होती है और अपनी गरिमा के साथ बोलती है, राजा से न्याय की अपील करती है और अपनी निर्दोषता का दावा करती है। वह अदालत से अपील करती है, लेकिन अंततः अदालत की कार्यवाही से बाहर निकल जाती है, यह घोषित करती है कि वह किसी भी फैसले को स्वीकार नहीं करेगी।

वूल्सी, जो राजा को तलाक देने के लिए उत्सुक था लेकिन ऐनी बोलिन से शादी करने के लिए नहीं, राजा की योजना के बारे में सच्चाई का पता चलता है। वह राजा को फ्रांस की राजकुमारी से शादी करने के लिए मनाने के लिए एक गुप्त पत्र लिखता है। हालाँकि, यह पत्र गलती से राजा के हाथों में पड़ जाता है, जो तुरंत वूल्सी की बेवफाई को पहचान लेता है। राजा वूल्सी की सभी कार्यालयों और संपत्ति से वंचित कर देता है। वूल्सी अपनी महत्वाकांक्षा के पतन पर विचार करता है, यह स्वीकार करता है कि उसने अपने राजा की सेवा करने के बजाय खुद की सेवा की है। वह आर्कबिशप क्रैनमर को अपने उत्तराधिकारी के रूप में देखता है, जो एक ईमानदार लेकिन नरम आदमी है।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
कार्डिनल कैंपेजियो रोम से आया पोप का दूत, राजा के तलाक के मामले की अध्यक्षता करता है, सतर्क और कूटनीतिक। पोप के हितों का प्रतिनिधित्व करना, राजा और रोम के बीच संतुलन बनाना।
स्टीफन गार्डिनर राजा का सचिव, वूल्सी का पूर्व आश्रित और अब उसका प्रतिद्वंद्वी, चालाक, महत्वाकांक्षी। वूल्सी की जगह लेना, राजा का पक्ष प्राप्त करना, अपनी शक्ति बढ़ाना।
थॉमस क्रैनमर कैंटरबरी के आर्कबिशप, धार्मिक और ईमानदार, राजा के प्रति वफादार, प्रोटेस्टेंट सुधार के प्रति सहानुभूति रखने वाला। धार्मिक सुधार को बढ़ावा देना, राजा को सलाह देना, अपनी धार्मिक मान्यताओं के प्रति सच्चा रहना।

अनुभाग 4: एक्ट IV - रानी कैथरीन की मृत्यु और ऐनी बोलिन का राज्याभिषेक

इस खंड की शुरुआत रानी कैथरीन की कैम्ब्रिजशायर में किमबोलटन कैसल में बीमारी से होती है। वह अपने जीवन के अंत के करीब है और अपनी सेवा करने वाली महिला, ग्रिफिथ, से अपनी वफादारी और राजा के प्रति अपनी शुद्धता पर जोर देती है। वह वूल्सी के बारे में बताती है, स्वीकार करती है कि उसकी महत्वाकांक्षा ने उसे पतन की ओर ले जाया, लेकिन यह भी स्वीकार करती है कि वह एक प्रतिभाशाली व्यक्ति था। कैथरीन को स्वर्गदूतों की एक दृष्टि है, और उसकी मृत्यु शांति से हो जाती है। उसकी मौत के साथ, राजा अब ऐनी बोलिन से शादी करने के लिए स्वतंत्र है।

इस बीच, ऐनी बोलिन का कैंटरबरी के आर्कबिशप के रूप में क्रैनमर की उपस्थिति में शानदार ढंग से राज्याभिषेक होता है। लंदन की सड़कें समारोह देखने के लिए उत्सुक भीड़ से भरी हैं। यह खंड इंग्लैंड के राजनीतिक और धार्मिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन को दर्शाता है, जिसमें एक स्पेनिश राजकुमारी की जगह एक अंग्रेजी महिला लेती है, जो प्रोटेस्टेंट सुधार के लिए द्वार खोलती है।

अनुभाग 5: एक्ट V - आर्कबिशप क्रैनमर का बचाव और भविष्य

यह खंड किंग हेनरी अष्टम के लिए ऐनी बोलिन द्वारा एक बेटी, एलिजाबेथ के जन्म से खुलता है। हालाँकि, महल में कुछ लोग, विशेष रूप से गार्डिनर और लॉर्ड चांसलर, आर्कबिशप क्रैनमर की बढ़ती शक्ति और उनके प्रोटेस्टेंट झुकाव से परेशान हैं। वे उसे एक पाखण्डी के रूप में ब्रांडेड करते हैं और उसे कैद करने की साजिश रचते हैं।

राजा हेनरी को इस साजिश का पता चलता है, और वह क्रैनमर का बचाव करने का फैसला करता है। वह क्रैनमर को अपनी शाही अंगूठी देता है, उसे अपनी शक्ति और समर्थन के संकेत के रूप में उपयोग करने का निर्देश देता है। जब क्रैनमर को परिषद के सामने लाया जाता है और उस पर आरोप लगाया जाता है, तो वह राजा की अंगूठी प्रस्तुत करता है, जिससे उसके विरोधियों की योजना विफल हो जाती है। राजा प्रवेश करता है और क्रैनमर की रक्षा करता है, उसे अपने दोस्तों और दुश्मनों से बचाता है।

नाटक एलिजाबेथ के बपतिस्मा समारोह के साथ समाप्त होता है। आर्कबिशप क्रैनमर राजकुमारी के शानदार भविष्य और उसके उत्तराधिकारी, जेम्स प्रथम के भविष्य की भविष्यवाणी करता है, जो इंग्लैंड के लिए शांति और समृद्धि लाएगा। यह नाटक हेनरी अष्टम के एक पुरुष उत्तराधिकारी के लिए संघर्ष के साथ समाप्त होता है, लेकिन एक महिला शासक के रूप में एलिजाबेथ के माध्यम से एक शानदार भविष्य के वादे के साथ समाप्त होता है।

साहित्यिक शैली
ऐतिहासिक नाटक (Historical Play), क्रॉनिकल प्ले (Chronicle Play)। यह कुछ मायनों में एक त्रासदी भी है, खासकर कार्डिनल वूल्सी और ड्यूक ऑफ बकिंघम के लिए।

लेखक के बारे में
विलियम शेक्सपियर (1564-1616) एक अंग्रेजी नाटककार, कवि और अभिनेता थे, जिन्हें व्यापक रूप से अंग्रेजी भाषा का सबसे महान लेखक और दुनिया का सबसे बड़ा नाटककार माना जाता है। उन्हें अक्सर इंग्लैंड का राष्ट्रीय कवि और "बार्ड ऑफ एवन" कहा जाता है। उनके जीवित कार्यों में 39 नाटक, 154 सॉनेट, तीन लंबी कथा कविताएँ और कई अन्य छंद शामिल हैं। उनका जन्म स्ट्रेटफ़ोर्ड-अपॉन-एवन में हुआ था और उन्होंने अपना अधिकांश करियर लंदन में बिताया, जहाँ वे लॉर्ड चेम्बरलेन के मेन (बाद में द किंग मेन) नामक एक सफल अभिनय कंपनी के सह-मालिक थे।

नैतिक शिक्षा

  • सत्ता का क्षणभंगुर स्वभाव: नाटक यह दर्शाता है कि सत्ता और पद कितने नाजुक होते हैं, जो एक पल में मिल सकते हैं और अगले ही पल छीने जा सकते हैं (वूल्सी और बकिंघम के पतन के माध्यम से)।
  • महत्वाकांक्षा के खतरे: अत्यधिक महत्वाकांक्षा, जैसा कि वूल्सी में देखी जाती है, अक्सर विनाश की ओर ले जाती है और व्यक्ति को नैतिक रूप से भ्रष्ट कर सकती है।
  • अदालती जीवन की अनिश्चितता: अदालत में जीवन अप्रत्याशित और खतरनाक हो सकता है, जहाँ व्यक्तिगत वफादारी और साज़िशें किसी के भाग्य को तय कर सकती हैं।
  • ईमानदारी का महत्व: आर्कबिशप क्रैनमर की ईमानदारी और राजा के प्रति उनकी सच्ची वफादारी, अंततः उन्हें बचाती है, जो नैतिक दृढ़ता के मूल्य को दर्शाती है।

जिज्ञासाएँ

  • सह-लेखकत्व: 'हेनरी अष्टम' को व्यापक रूप से विलियम शेक्सपियर और जॉन फ्लेचर के सह-लेखक के रूप में स्वीकार किया जाता है, फ्लेचर ने शेक्सपियर के सेवानिवृत्त होने के बाद अपनी कंपनी के लिए एक प्रमुख नाटककार के रूप में काम किया।
  • ग्लोब थिएटर अग्निकांड: 29 जून, 1613 को, 'हेनरी अष्टम' के एक प्रदर्शन के दौरान, एक मंच तोप (जो एक शानदार प्रवेश के लिए आग लगाने वाली थी) ने ग्लोब थिएटर की छत को आग लगा दी, जिससे इमारत पूरी तरह से जल गई।
  • शेक्सपियर के अंतिम नाटकों में से एक: यह माना जाता है कि 'हेनरी अष्टम' शेक्सपियर के लिखे गए अंतिम नाटकों में से एक था, संभवतः 1613 में, उनकी मृत्यु से कुछ साल पहले।
  • इतिहास बनाम नाटक: नाटक ऐतिहासिक घटनाओं पर आधारित है, लेकिन शेक्सपियर ने नाटकीय प्रभाव के लिए कुछ स्वतंत्रताएँ लीं। उदाहरण के लिए, नाटक में ऐनी बोलिन को एक अधिक सकारात्मक प्रकाश में दर्शाया गया है, जबकि उनके वास्तविक जीवन का अंत नाटक में शामिल नहीं है।
  • एलिजाबेथ प्रथम की भविष्यवाणी: नाटक का अंत एलिजाबेथ प्रथम के जन्म और क्रैनमर द्वारा उनके भविष्य के शानदार शासनकाल की भविष्यवाणी के साथ होता है, जो दर्शकों के लिए एक शक्तिशाली राष्ट्रवाद का संदेश था।