kalpanik rogi - moliyer

सारांश

मोलीएरे का नाटक 'ले मालाडे इमेजिनैरे' (Le Malade imaginaire), जिसे 'द इम्प्रूबल इनवेलिड' या 'द इमेजिनरी इन्फर्म' के नाम से भी जाना जाता है, एक तीन-अंकीय कॉमेडी-बैले है जो अपनी कथित बीमारियों में डूबे हुए एक अमीर पाखंडी, आर्गान की कहानी बताता है। आर्गान लगातार डॉक्टरों और फ़ार्मासिस्टों की सलाह और दवाओं का सेवन करता रहता है, जबकि वह वास्तव में स्वस्थ है। वह अपनी बड़ी बेटी, एंजेलिक, की शादी एक मूर्ख, घमंडी डॉक्टर, थॉमस डायफोसस से करवाना चाहता है, ताकि उसे घर पर हमेशा मुफ्त डॉक्टरी सलाह मिल सके। हालांकि, एंजेलिक एक गरीब लेकिन नेक व्यक्ति, क्लेएन्ट से प्यार करती है।

आर्गान की दूसरी पत्नी, बेलिना, दिखावा करती है कि वह उससे प्यार करती है, लेकिन असल में वह उसकी संपत्ति हड़पना चाहती है और अपनी सौतेली बेटियों को बेदखल करना चाहती है। आर्गान की चतुर नौकरानी टोनट और उसका बुद्धिमान भाई बेराल्ड, आर्गान को उसकी मूर्खता से बाहर निकालने और एंजेलिक को उसके प्रेमी से मिलाने के लिए एक योजना बनाते हैं। वे आर्गान को यह नाटक करने के लिए मनाते हैं कि वह मर गया है, ताकि वह अपने परिवार के सदस्यों की सच्ची भावनाओं को जान सके। इस चाल से बेलिना का स्वार्थ और एंजेलिक का सच्चा प्यार सामने आता है। अंत में, आर्गान को एहसास होता है कि वह डॉक्टरों पर बहुत अधिक भरोसा कर रहा था और वह खुद एक डॉक्टर बनने का नाटक करके अपनी सभी समस्याओं का समाधान करता है, जिससे एंजेलिक और क्लेएन्ट की शादी संभव हो पाती है। यह नाटक उस समय के चिकित्सा पेशे की आलोचना और पाखंड पर व्यंग्य करता है।

किताब के अनुभाग

अनुभाग 1 (अंक I)

नाटक की शुरुआत आर्गान के घर पर होती है, जो अपनी मासिक चिकित्सा बिलों की गणना कर रहा है। वह अपनी नौकरानी टोनट पर भड़कता है क्योंकि वह उसके फिजूलखर्ची पर सवाल उठाती है। आर्गान खुद को गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मानता है, हालांकि वह पूरी तरह से स्वस्थ है, और लगातार डॉक्टरों की दवाओं और सलाह का सेवन करता रहता है।

वह अपनी बड़ी बेटी, एंजेलिक, की शादी एक डॉक्टर, थॉमस डायफोसस, से करवाना चाहता है। आर्गान का मानना है कि इस शादी से उसे जीवन भर मुफ्त चिकित्सा सेवाएँ मिलेंगी। हालाँकि, एंजेलिक, क्लेएन्ट नाम के एक युवा व्यक्ति से प्यार करती है और उससे शादी करना चाहती है। टोनट, एंजेलिक का समर्थन करती है और आर्गान की मूर्खता पर उसे चिढ़ाती है। आर्गान की दूसरी पत्नी, बेलिना, दिखावा करती है कि वह उससे प्यार करती है, लेकिन उसका एकमात्र मकसद आर्गान की संपत्ति हड़पना है और वह चाहती है कि एंजेलिक एक नन बन जाए ताकि वह वसीयत में ना आ सके। क्लेएन्ट, संगीत शिक्षक बनकर घर में घुसने का एक रास्ता ढूंढता है, ताकि वह एंजेलिक से बात कर सके।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
आर्गान खुद को बीमार समझने वाला, कंजूस, संवेदनहीन, मूर्ख अपनी कथित बीमारियों से ग्रस्त, पैसा बचाना, अपनी बेटियों को डॉक्टर से शादी करवाना ताकि मुफ्त चिकित्सा मिले
टोनट आर्गान की नौकरानी, चतुर, वफादार, सीधी बात कहने वाली, मजाकिया आर्गान की भलाई चाहती है, अन्याय के खिलाफ बोलती है, एंजेलिक की मदद करती है, चिकित्सा पेशे की आलोचना करती है
एंजेलिक आर्गान की बेटी, प्यारी, सच्ची प्रेमिका, आज्ञाकारी लेकिन दृढ़ क्लेएन्ट से शादी करना चाहती है, पिता की इच्छा का विरोध करती है
क्लेएन्ट एंजेलिक का प्रेमी, युवा, नेक, कला प्रेमी एंजेलिक से शादी करना चाहता है, अपने प्यार को पाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार
बेलिना आर्गान की दूसरी पत्नी, धूर्त, स्वार्थी, पाखंडी आर्गान की संपत्ति हड़पना चाहती है, अपनी सौतेली बेटियों को वसीयत से बाहर करवाना चाहती है
लुईसोन आर्गान की छोटी बेटी, मासूम, भोली, खेल-कूद में मग्न खेल खेलना और ध्यान आकर्षित करना चाहती है
मिस्टर डायफोसस एक चिकित्सक, घमंडी, रूढ़िवादी, दिखावा करने वाला अपने बेटे को एंजेलिक से शादी करवाना चाहता है, सामाजिक प्रतिष्ठा और धन का लालची
थॉमस डायफोसस मिस्टर डायफोसस का बेटा, मूर्ख, याद करके बोलने वाला, भोंदू एंजेलिक से शादी करना चाहता है, पिता की आज्ञा का पालन करता है, बिना सोचे-समझे व्यवहार करता है
मिस्टर प्यूरगन आर्गान का चिकित्सक, लालची, गंभीर, धमकी देने वाला अपने मरीज से पैसा कमाना चाहता है, अपनी प्रतिष्ठा पर गर्व करता है, बीमारियों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करता है
मिस्टर फ्लूरांट एक फार्मासिस्ट, मिस्टर प्यूरगन का सहायक आर्गान को दवाएँ बेचता है, मिस्टर प्यूरगन के निर्देशों का पालन करता है
बेराल्ड आर्गान का भाई, बुद्धिमान, व्यावहारिक, दयालु अपने भाई को उसकी मूर्खता से बाहर निकालना चाहता है, एंजेलिक की मदद करता है, चिकित्सा पेशे पर व्यंग्य करता है

अनुभाग 2 (अंक II)

अंक II में, मिस्टर डायफोसस अपने बेटे थॉमस के साथ आर्गान के घर आते हैं। थॉमस एक बेहद मूर्ख और रटने वाला व्यक्ति है, जो अपनी भावी दुल्हन एंजेलिक से मिलने पर भी अपने पिता के कहे हुए शब्द ही दोहराता है और उससे अजीबोगरीब सवाल पूछता है। क्लेएन्ट, संगीत शिक्षक की आड़ में, एंजेलिक के साथ एक गाने में अपने प्यार का इजहार करता है, जिसमें वे अप्रत्यक्ष रूप से आर्गान और प्रस्तावित शादी का मजाक उड़ाते हैं। आर्गान को उनके संदेश समझ में नहीं आते, लेकिन बेलिना को शक होने लगता है।

बाद में, मिस्टर प्यूरगन, आर्गान का डॉक्टर, आता है और आर्गान के इलाज की अवहेलना करने और अपने बिलों का भुगतान करने में देरी करने पर उसे फटकार लगाता है। वह आर्गान को भविष्य में और भी गंभीर बीमारियों की चेतावनी देता है और उसे अपने इलाज से बर्खास्त कर देता है। आर्गान बहुत घबरा जाता है, लेकिन बेराल्ड, उसका भाई, उसे शांत करने की कोशिश करता है और डॉक्टरों के पाखंड और उनके गलत निदान पर व्यंग्य करता है। बेराल्ड आर्गान को समझाता है कि उसे अपनी बेटी को अपनी इच्छा से शादी करने देना चाहिए, लेकिन आर्गान मानने से इनकार करता है।

छोटी बेटी, लुईसोन, अपने पिता को बताती है कि उसने क्लेएन्ट को एंजेलिक के साथ बात करते देखा था, जिससे आर्गान को गुस्सा आता है। बेलिना, आर्गान को सलाह देती है कि एंजेलिक को कॉन्वेंट भेज देना चाहिए और उसकी संपत्ति को जब्त कर लेना चाहिए।

अनुभाग 3 (अंक III)

अंक III की शुरुआत में, बेराल्ड, आर्गान को मनोरंजन के लिए जिप्सियों के बैले प्रदर्शन का सुझाव देता है, लेकिन आर्गान अपनी बीमारी के कारण मना कर देता है। बेराल्ड फिर से आर्गान को चिकित्सा पेशे की सच्चाई समझाने की कोशिश करता है, यह तर्क देते हुए कि डॉक्टर अक्सर बीमारियों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करते हैं ताकि वे पैसा कमा सकें। आर्गान अपने डॉक्टर पर विश्वास करने पर अड़ा रहता है।

टोनट, आर्गान को बेवकूफ बनाने के लिए एक योजना बनाती है। वह एक अजीबोगरीब, नकली डॉक्टर का भेष बनाकर घर आती है। यह नकली डॉक्टर, बेराल्ड के साथ मिलकर, आर्गान की बीमारी का मजाक उड़ाता है और उसे उल्टी-सीधी सलाह देता है, जैसे कि अपनी एक आंख को निकाल देना और दूसरे हाथ को काट देना। आर्गान, इस नकली डॉक्टर की सलाह से परेशान होता है लेकिन फिर भी उसे गंभीरता से लेता है।

टोनट, अपनी असली पहचान में लौटकर, आर्गान को यह नाटक करने के लिए मनाती है कि वह मर गया है, ताकि वह अपने परिवार के सदस्यों की सच्ची भावनाओं को जान सके। आर्गान मान जाता है और बिस्तर पर लेट जाता है, नाटक करता है कि वह मर गया है। सबसे पहले बेलिना आती है, और जब उसे लगता है कि आर्गान मर गया है, तो वह खुशी-खुशी उसकी संपत्ति के बारे में बात करती है और उसकी मौत पर कोई दुख नहीं जताती। आर्गान यह सुनकर स्तब्ध रह जाता है।

फिर एंजेलिक आती है और अपने पिता की 'मौत' पर फूट-फूटकर रोती है, अपने प्यार और दुख का इजहार करती है। जब आर्गान उठता है, तो उसे अपनी बेटी का सच्चा प्यार और अपनी पत्नी का स्वार्थ दोनों स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं। अंत में, आर्गान, टोनट और बेराल्ड की सलाह मानकर, खुद एक डॉक्टर बनने का फैसला करता है, ताकि उसे कभी किसी डॉक्टर की जरूरत न पड़े और वह अपनी मर्जी से एंजेलिक की शादी क्लेएन्ट से करवा सके। नाटक का अंत एक समारोह के साथ होता है जिसमें आर्गान को "डॉक्टर" के रूप में दीक्षित किया जाता है, जो चिकित्सा पेशे पर एक व्यंग्यात्मक टिप्पणी है।


साहित्यिक शैली: कॉमेडी-बैले, व्यंग्य

लेखक के बारे में जानकारी:
मोलीएरे (Molière), जिसका वास्तविक नाम जीन-बैप्टिस्ट पोकेलिन (Jean-Baptiste Poquelin) था, फ्रांस के सबसे महान हास्य नाटककारों में से एक थे। उनका जन्म 1622 में पेरिस में हुआ था और 1673 में उनकी मृत्यु हुई। वह एक अभिनेता, निर्देशक और लेखक थे। उनके नाटक अक्सर तत्कालीन समाज, विशेषकर बुर्जुआ वर्ग, पाखंड और चिकित्सा पेशे की आलोचना करते थे। उनकी हास्य शैली में शारीरिक कॉमेडी (स्लैपस्टिक), शब्दों का खेल और चरित्र हास्य शामिल थे। 'ले मालाडे इमेजिनैरे' उनके अंतिम नाटकों में से एक था, और यह विडंबना है कि इस नाटक के चौथे प्रदर्शन के दौरान, आर्गान की भूमिका निभाते हुए मंच पर ही उन्हें दौरा पड़ा और कुछ घंटों बाद उनकी मृत्यु हो गई।

नैतिक शिक्षा:
इस नाटक की मुख्य नैतिक शिक्षा यह है कि हमें अपने शरीर को अनावश्यक रूप से दवाओं और डॉक्टरों के भरोसे नहीं छोड़ना चाहिए। यह अंधविश्वास, पाखंड और पैसे के लिए लोगों का फायदा उठाने की प्रवृत्ति पर सवाल उठाता है। नाटक यह भी सिखाता है कि सच्चा प्यार और परिवार के संबंध बाहरी दिखावे और स्वार्थ से कहीं अधिक मूल्यवान होते हैं। यह व्यक्तियों को अपनी बुद्धि का उपयोग करने और भेड़चाल में न चलने के लिए प्रोत्साहित करता है।

जिज्ञासु तथ्य:

  • यह मोलीएरे का अंतिम नाटक था। इस नाटक के चौथे प्रदर्शन के दौरान, 17 फरवरी 1673 को, आर्गान की भूमिका निभाते हुए मोलीएरे को मंच पर एक दौरा पड़ा और वे कुछ ही घंटों में मर गए।
  • उस समय के कैथोलिक चर्च ने अभिनेताओं को कब्रिस्तान में दफनाने की अनुमति नहीं दी थी। हालांकि, लुई XIV के हस्तक्षेप से, मोलीएरे को देर रात में गुप्त रूप से दफनाया गया।
  • यह नाटक चिकित्सा पेशे पर एक सीधा हमला था, जिसमें डॉक्टरों को अज्ञानी, लालची और मरीजों की सेहत की परवाह न करने वाले दिखाया गया था। मोलीएरे स्वयं उस समय के डॉक्टरों से नाखुश थे।
  • 'ले मालाडे इमेजिनैरे' एक "कॉमेडी-बैले" है, जिसका अर्थ है कि इसमें नृत्य और संगीत के प्रदर्शन भी शामिल थे, जो नाटक के कुछ हिस्सों को विराम देते थे या उनका पूरक होते थे।
  • मोलीएरे ने इस नाटक के माध्यम से स्वास्थ्य के प्रति जुनूनी चिंता और बीमारियों के काल्पनिक भय (Hypochondria) का व्यंग्यात्मक चित्रण किया है, जो आज भी प्रासंगिक है।