komas - jaun miltan

सारांश

जॉन मिल्टन का 'कॉमस' एक मास्क (मुखौटा नाटक) है, जो एक जंगल में खोई हुई एक युवती और उसके दो भाइयों की कहानी बताता है। जब युवती अपने भाइयों से अलग हो जाती है, तो उसे कॉमस नामक एक दुष्ट जादूगर, जो बॅकस और सर्सी का पुत्र है, मिलता है। कॉमस उसे एक जादुई पेय और सुखवादी दर्शन से भ्रष्ट करने की कोशिश करता है, जिससे वह अपनी पवित्रता और संयम को त्याग दे। इस बीच, उसके भाई एक संरक्षक आत्मा की मदद से उसे खोज रहे होते हैं, जो एक चरवाहे के रूप में प्रच्छन्न है। युवती कॉमस के प्रलोभनों का अपनी अटूट पवित्रता, तर्क और नैतिक शक्ति से विरोध करती है। संरक्षक आत्मा और भाइयों द्वारा बचाए जाने के बाद भी, युवती एक जादुई कुर्सी पर बंधी रहती है। उसे पूरी तरह से मुक्त करने के लिए, उन्हें सबरीना नामक एक शुद्ध नदी अप्सरा को बुलाना पड़ता है। सबरीना की शुद्धता और शक्ति अंततः युवती को मुक्त करती है, और वे अपने माता-पिता के साथ लुडलो कैसल में फिर से जुड़ जाते हैं, जहाँ नाटक सद्गुण और पवित्रता की विजय का जश्न मनाता है।

किताब के अनुभाग

अनुभाग 1: प्रस्तावना और आत्मा का आगमन

कहानी की शुरुआत एक संरक्षक आत्मा के जंगल में प्रकट होने से होती है। वह अपने दिव्य कार्य का वर्णन करता है, जो स्वर्ग के राजा (जुपिटर/जोव) द्वारा भेजा गया है, ताकि एक महान परिवार (ब्रिजवॉटर के अर्ल के बच्चे) को उनकी लुडलो कैसल की यात्रा के दौरान जंगल के खतरों से बचाया जा सके। वह विशेष रूप से कॉमस नामक एक दुष्ट जादूगर का वर्णन करता है, जो बॅकस (शराब का देवता) और सर्सी (एक जादूगरनी) का पुत्र है। कॉमस जंगल में अपने साथियों के साथ व्यभिचारी अनुष्ठानों और जादुई पेय के साथ भोग-विलास करता है, जो मनुष्य को जानवरों में बदल देता है। आत्मा बच्चों की पवित्रता और सद्गुणों की रक्षा करने के लिए दृढ़ संकल्पित है।

नाम विशेषताएँ प्रेरणाएँ
संरक्षक आत्मा स्वर्ग से भेजा गया एक दिव्य प्राणी; एक चरवाहे के रूप में प्रच्छन्न; बुद्धिमान, सुरक्षात्मक, शुभचिंतक। जोव के आदेशों का पालन करना; महान परिवार के बच्चों को बुराई से बचाना, विशेष रूप से कॉमस के जादू और प्रलोभनों से; सद्गुणों की रक्षा करना।
कॉमस बॅकस और सर्सी का पुत्र; एक शक्तिशाली और दुष्ट जादूगर; सुखवादी, धोखेबाज, भ्रष्ट करने वाला; अपने जादुई पेय से मनुष्यों को जानवरों में बदलने में सक्षम। मनुष्यों को भ्रष्ट करना और उन्हें आनंद और भोग-विलास की दुनिया में फंसाना; अपनी शक्ति और जादू का प्रदर्शन करना; सद्गुणों का उपहास करना और उन्हें नष्ट करना।
युवती कहानी की नायिका; युवा, सुंदर, पवित्र, संयमी, दृढ़ निश्चयी; सद्गुण और पवित्रता का प्रतीक। अपने भाइयों को ढूंढना; अपनी पवित्रता और नैतिक अखंडता बनाए रखना; अपनी इच्छाशक्ति और तर्क से कॉमस के प्रलोभनों का विरोध करना; अपने माता-पिता के साथ फिर से जुड़ना।
पहला भाई युवती का बड़ा भाई; तर्कसंगत, विचारशील, अपनी बहन की पवित्रता में गहरा विश्वास रखता है, आशावादी। अपनी बहन को खोजना और बचाना; उसकी पवित्रता और सद्गुणों में विश्वास की पुष्टि करना; अपने छोटे भाई को आश्वस्त करना और उसे खतरों का सामना करने के लिए प्रेरित करना।
दूसरा भाई युवती का छोटा भाई; थोड़ा अधिक डरपोक और चिंतित, लेकिन अपनी बहन की पवित्रता की शक्ति में भी विश्वास रखता है। अपनी बहन को खोजना; जंगल के खतरों और उसकी सुरक्षा के बारे में चिंता व्यक्त करना; बड़े भाई के तर्कों से सांत्वना प्राप्त करना।

अनुभाग 2: जंगल में खो जाना

लुडलो कैसल जाते समय, युवती अपने दो भाइयों से जंगल में अलग हो जाती है। रात हो चुकी है और जंगल घना है। युवती अकेली है, अपने भाइयों को बुला रही है और उनकी सुरक्षा के लिए चिंतित है। तभी कॉमस, जो एक चरवाहे का वेश धारण किए हुए है, उसके पास आता है। वह उसे अपने भाइयों को ढूंढने में मदद करने की पेशकश करता है, लेकिन उसका इरादा बुरा है। युवती, भोलेपन में, उसके प्रस्ताव को स्वीकार कर लेती है। कॉमस उसे अपने जादुई महल में ले जाता है, यह दावा करते हुए कि वह उसे उसके परिवार के पास ले जा रहा है।

अनुभाग 3: युवती पर कॉमस का जादू

कॉमस युवती को अपने महल में ले आता है, जहाँ वह उसे एक जादुई कुर्सी पर बिठा देता है, जिससे वह हिल नहीं पाती। कॉमस उसे अपनी जादुई औषधि पीने के लिए लुभाता है, यह दावा करते हुए कि यह उसे आनंद और मुक्ति देगी। वह उसे भौतिक सुखों और भोग-विलास के महत्व के बारे में एक विस्तृत दर्शन भी देता है, यह तर्क देते हुए कि प्रकृति ने बहुतायत पैदा की है और इसका उपभोग न करना एक अपराध है। हालांकि, युवती दृढ़ता से उसका विरोध करती है। वह अपनी पवित्रता, संयम और तर्कशक्ति का उपयोग करके उसके सुखवादी तर्कों को खंडित करती है। उसकी दृढ़ इच्छाशक्ति और आंतरिक शुद्धता उसके खिलाफ कॉमस के जादू को अप्रभावी बना देती है। वह उसे अपने तर्कों से मात देती है और उसकी भ्रष्टता का उपहास करती है।

अनुभाग 4: भाइयों की चिंता और आत्मा की मदद

इस बीच, युवती के दोनों भाई उसे जंगल में खोज रहे होते हैं। वे अपनी बहन की पवित्रता और सद्गुणों की शक्ति के बारे में चर्चा करते हैं। छोटा भाई चिंतित है, लेकिन बड़ा भाई अपनी बहन की अजेय पवित्रता में विश्वास व्यक्त करता है। तभी संरक्षक आत्मा, एक चरवाहे के वेश में, उनके सामने प्रकट होती है। वह उन्हें कॉमस और उसके जादू की असली प्रकृति बताता है, और चेतावनी देता है कि उनकी बहन खतरे में है। वह उन्हें एक जादुई जड़ी बूटी, 'हेमोनी' देता है, जो उन्हें कॉमस के जादू से बचाएगी और उन्हें उसके महल में प्रवेश करने में मदद करेगी।

अनुभाग 5: महल में घुसपैठ और युवती को बचाना

संरक्षक आत्मा भाइयों को कॉमस के महल तक ले जाती है। वे महल में घुसते हैं और कॉमस को उसके दुष्ट साथियों के साथ नाचते और दावत करते हुए पाते हैं। भाई, हेमोनी जड़ी बूटी और अपने पवित्र क्रोध से लैस होकर, कॉमस और उसके अनुयायियों पर हमला करते हैं। वे कॉमस को भगा देते हैं और उसके साथियों को डरा देते हैं। हालांकि, वे जल्दबाजी में कॉमस के जादुई छड़ को जब्त करना भूल जाते हैं, और इस प्रकार, वे युवती को कुर्सी से मुक्त करने वाले जादू को पूरी तरह से तोड़ने में विफल रहते हैं। युवती अभी भी कुर्सी पर बंधी हुई है।

अनुभाग 6: सबरीना का हस्तक्षेप

संरक्षक आत्मा को याद आता है कि केवल एक शुद्ध आत्मा ही युवती को इस जादू से मुक्त कर सकती है। वह वेर्नन नदी की शुद्ध अप्सरा सबरीना को बुलाती है। सबरीना, जो अपनी शुद्धता और सहायक प्रकृति के लिए जानी जाती है, संरक्षक आत्मा के आह्वान का जवाब देती है और प्रकट होती है। वह अपने क्रिस्टल छड़ और शुद्ध पानी से युवती को छूती है, और जादुई कुर्सी का बंधन टूट जाता है। युवती अंततः मुक्त हो जाती है।

नाम विशेषताएँ प्रेरणाएँ
सबरीना वेर्नन नदी की शुद्ध अप्सरा; प्राचीन ब्रिटिश राजकुमारी, जो अपनी पवित्रता के कारण अप्सरा बन गई; दयालु, शक्तिशाली, शुद्ध। संरक्षक आत्मा के आह्वान का जवाब देना; अपनी पवित्रता और शक्ति से सद्गुणी लोगों की मदद करना; जादू से बंधे लोगों को मुक्त करना।

अनुभाग 7: महल लौटना

युवती, उसके भाई और संरक्षक आत्मा लुडलो कैसल लौटते हैं, जहाँ वे अपने माता-पिता (ब्रिजवॉटर के अर्ल और उनकी पत्नी) के साथ फिर से जुड़ते हैं। संरक्षक आत्मा एक अंतिम संदेश देता है, जिसमें सद्गुण, पवित्रता और तर्क की शक्ति पर जोर दिया गया है, यह दर्शाता है कि ये बुराई और प्रलोभनों के खिलाफ सबसे मजबूत ढाल हैं। नाटक सद्गुण की विजय और ईश्वरीय संरक्षण की शक्ति के उत्सव के साथ समाप्त होता है।

साहित्यिक शैली: मास्क (मुखौटा नाटक), पास्टोरल (देहाती), रूपक।

लेखक के बारे में:
जॉन मिल्टन (1608-1674) एक प्रसिद्ध अंग्रेज कवि और सिविल सेवक थे। उन्हें अंग्रेजी भाषा के महानतम लेखकों में से एक माना जाता है। वह अपनी महाकाव्य कविता 'पैराडाइज लॉस्ट' (स्वर्ग का नुकसान) के लिए सबसे प्रसिद्ध हैं। मिल्टन अपनी प्यूरिटन मान्यताओं और राजनीतिक विचारों के लिए जाने जाते थे। उन्होंने ओलिवर क्रॉमवेल की कॉमनवेल्थ सरकार के लिए एक सिविल सेवक के रूप में भी कार्य किया। 'कॉमस' उनके शुरुआती कार्यों में से एक था, जो उन्होंने अपनी रचनात्मकता के चरम पर पहुँचने से पहले लिखा था।

नैतिक शिक्षा:
'कॉमस' की मुख्य नैतिक शिक्षा सद्गुण, पवित्रता और संयम की शक्ति पर जोर देना है। यह सिखाता है कि आंतरिक शुद्धता और नैतिक अखंडता बाहरी प्रलोभनों और बुराई के खिलाफ सबसे शक्तिशाली रक्षा हैं। तर्क और पवित्रता व्यक्ति को भोग-विलास और भ्रष्टाचार के खतरों से बचा सकते हैं, अंततः बुराई पर अच्छाई की विजय सुनिश्चित करते हैं। यह ईश्वरीय संरक्षण और उस विश्वास की भी बात करता है कि अच्छाई को अंततः पुरस्कृत किया जाएगा।

रोचक तथ्य:

  • 'कॉमस' को पहली बार 1634 में ब्रिजवॉटर के अर्ल के वेल्स के लॉर्ड प्रेसिडेंट के रूप में उद्घाटन का जश्न मनाने के लिए लिखा और प्रदर्शित किया गया था।
  • यह नाटक ब्रिजवॉटर के अर्ल के बच्चों द्वारा स्वयं, कैसल के ग्रेट हॉल में, उनकी बहन लेडी एलिस एगर्टन द्वारा 'युवती' की भूमिका निभाते हुए प्रदर्शित किया गया था।
  • यह मिल्टन के साहित्यिक जीवन के शुरुआती दौर के सबसे प्रसिद्ध कार्यों में से एक है और इसे अक्सर 'कैंब्रिज मास्क' भी कहा जाता है क्योंकि मिल्टन उस समय कैंब्रिज में पढ़ाई कर रहे थे।
  • 'कॉमस' उस समय के पुनर्जागरण मास्क परंपरा का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, लेकिन यह अपनी गहरी दार्शनिक और नैतिक विषयों के लिए भी उल्लेखनीय है जो केवल मनोरंजन से परे हैं।
  • इसकी कविता की सुंदरता और प्रलोभन और पवित्रता के बीच बहस को अंग्रेजी साहित्य में सबसे उत्कृष्ट संवादों में से एक माना जाता है।