कोरिओलेनस - विलियम शेक्सपियर
सारांश विलियम शेक्सपियर का नाटक 'कोरिओलैनस' प्राचीन रोम में स्थापित एक त्रासदी है, जो एक महान योद्धा, कैयस मार्शियस, के उदय और पतन को दर्शा...
सारांश
विलियम शेक्सपियर का नाटक 'कोरिओलैनस' प्राचीन रोम में स्थापित एक त्रासदी है, जो एक महान योद्धा, कैयस मार्शियस, के उदय और पतन को दर्शाती है। नाटक की शुरुआत रोम में अनाज की कमी और प्लेबियन (आम जनता) के असंतोष से होती है, जो अभिजात वर्ग और विशेष रूप से मार्शियस के प्रति शत्रुता रखते हैं। मार्शियस, एक अभिमानी और निडर जनरल, प्लेबियन को तुच्छ समझता है और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का तिरस्कार करता है।
मार्शियस वोल्शियन शहर कोरिओली पर विजय प्राप्त करता है, जिसके बाद उसे "कोरिओलैनस" की उपाधि दी जाती है। रोम लौटने पर, उसे सीनेट द्वारा कौंसल (सर्वोच्च अधिकारी) के पद के लिए चुना जाता है, लेकिन उसे प्लेबियन से उनके वोट मांगने की परंपरा का पालन करना होता है। उसका घमंड और आम जनता के प्रति उसका तिरस्कार उसे ऐसा करने से रोकता है, और ट्रिब्यून (जनप्रतिनिधि) सिकिनियस वेलुटस और जूनियस ब्रूटस, जो उससे ईर्ष्या करते हैं, प्लेबियन को उसके खिलाफ भड़काते हैं।
कोरिओलैनस को देशद्रोह के आरोप में रोम से निर्वासित कर दिया जाता है। अपमानित और क्रोधित होकर, वह अपने कट्टर दुश्मन, वोल्शियन जनरल टुलस औफिडियस, के साथ हाथ मिला लेता है। वे मिलकर रोम पर हमला करने की योजना बनाते हैं। रोम तबाह होने की कगार पर होता है, और उसके दोस्त व सहयोगी उसे शांति बनाने के लिए मनाने में विफल रहते हैं। अंततः, उसकी माँ वोलुमनिया, उसकी पत्नी वर्जीलिया और उनके बेटे की मार्मिक अपील कोरिओलैनस के दृढ़ संकल्प को तोड़ देती है, और वह रोम के साथ शांति संधि पर सहमत हो जाता है।
यह समझौता औफिडियस को क्रोधित करता है, जो कोरिओलैनस को अपने लोगों के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाता है। औफिडियस और उसके षड्यंत्रकारी वोल्शियन रईसों की मदद से कोरिओलैनस को मार डालते हैं। नाटक कोरिओलैनस के वीरतापूर्ण लेकिन त्रुटिपूर्ण चरित्र और उसकी मृत्यु के साथ समाप्त होता है, जो उसके घमंड और सामाजिक असमानता के प्रति उसके अज्ञान का परिणाम था।
किताब के अनुभाग
अनुभाग 1
नाटक की शुरुआत रोम में अनाज की भारी कमी के कारण हुई अशांति से होती है। आम नागरिक (प्लेबियन) विद्रोह पर उतारू हैं, अभिजात वर्ग और विशेष रूप से कैयस मार्शियस के प्रति अपना गुस्सा व्यक्त कर रहे हैं। वे शिकायत करते हैं कि उन्होंने सेना में सेवा की है लेकिन उन्हें रोटी से वंचित किया जा रहा है, जबकि अमीरों के पास बहुतायत है। मेनेनियस एग्रिप्पा, एक सीनेटर, उन्हें समझाने की कोशिश करता है, उन्हें शरीर के अंगों की कहानी सुनाकर यह समझाता है कि समाज के सभी वर्ग एक साथ काम करते हैं। हालाँकि, प्लेबियन को मार्शियस के खिलाफ भड़काने के लिए ट्रिब्यून सिकिनियस वेलुटस और जूनियस ब्रूटस भी मौजूद हैं। कैयस मार्शियस आता है और अपनी सामान्य घृणा और तिरस्कार के साथ प्लेबियन को लताड़ता है, उनकी शिकायतों को तुच्छ बताता है। इसी बीच खबर आती है कि वोल्शियन युद्ध के लिए तैयार हैं। मार्शियस, जो हमेशा युद्ध के लिए उत्सुक रहता है, तुरंत मैदान में उतरने को तैयार हो जाता है।
| पात्र का नाम | विशेषताएँ | प्रेरणाएँ |
|---|---|---|
| कैयस मार्शियस (Caius Marcius) | एक बहादुर, अभिमानी और घमंडी रोमन जनरल। वह जन्म से अभिजात वर्ग का है और आम जनता (प्लेबियन) से घृणा करता है, उन्हें अयोग्य और अप्रभावी मानता है। वह सीधे तौर पर बात करता है और समझौता नहीं करता। | वह व्यक्तिगत गौरव, रोमन सम्मान और अपनी माँ की अपेक्षाओं से प्रेरित होता है। वह युद्ध को ही सच्चा सम्मान मानता है और सामाजिक व्यवस्था में अभिजात वर्ग की सर्वोच्चता में विश्वास रखता है। |
| मेनेनियस एग्रिप्पा (Menenius Agrippa) | एक अनुभवी, बुद्धिमान और वफादार रोमन सीनेटर। वह मार्शियस का दोस्त है और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश करता है। | वह रोम की स्थिरता और समाज में शांति बनाए रखने की इच्छा से प्रेरित होता है। वह मार्शियस को समझता है लेकिन उसकी कुछ आदतों को भी पहचानता है। |
| सिकिनियस वेलुटस (Sicinius Velutus) | रोमन ट्रिब्यून (जनप्रतिनिधि)। वह प्लेबियन का प्रतिनिधित्व करता है और मार्शियस से ईर्ष्या करता है। वह कुशल राजनीतिज्ञ है और जनता की भावनाओं में हेरफेर करने में माहिर है। | वह अपनी राजनीतिक शक्ति बढ़ाने, मार्शियस जैसे अभिजात वर्ग को कमजोर करने और प्लेबियन के अधिकारों की रक्षा करने की इच्छा से प्रेरित होता है, हालांकि अक्सर व्यक्तिगत लाभ के लिए। |
| जूनियस ब्रूटस (Junius Brutus) | दूसरा रोमन ट्रिब्यून। वह सिकिनियस के समान ही है और उसके साथ मिलकर काम करता है। वह मार्शियस के खिलाफ षड्यंत्र रचने में सिकिनियस का साथ देता है। | वह भी राजनीतिक शक्ति और अभिजात वर्ग को नियंत्रित करने की प्रेरणा रखता है, सिकिनियस के साथ मिलकर काम करता है। |
| प्लेबियन (आम जनता) | रोम के सामान्य नागरिक। वे अपनी जरूरतों के प्रति संवेदनशील होते हैं और आसानी से उत्तेजित हो जाते हैं। | वे भोजन, न्याय और अभिजात वर्ग से सम्मान की आवश्यकता से प्रेरित होते हैं। |
अनुभाग 2
मार्शियस वोल्शियन शहर कोरिओली पर हमला करने के लिए रोमन सेना का नेतृत्व करता है, जिसका बचाव उनके जनरल टुलस औफिडियस द्वारा किया जा रहा है। कोरिओली की घेराबंदी भयंकर है, और एक बिंदु पर, जब रोमन सेना पीछे हटती दिख रही होती है, तो मार्शियस अकेला ही शहर के फाटकों से अंदर घुस जाता है। वह बहादुरी से लड़ता है, घायल होता है, लेकिन अंततः कोरिओली पर कब्जा करने में मदद करता है। उसकी अविश्वसनीय बहादुरी से प्रभावित होकर, जनरल कोमिनियस उसे "कोरिओलैनस" की उपाधि देता है, इस जीत की याद में। इस बीच, रोम में, कोरिओलैनस की माँ वोलुमनिया और पत्नी वर्जीलिया उसकी वापसी का इंतजार कर रही हैं। वोलुमनिया अपने बेटे की वीरता और युद्ध के गौरव को पसंद करती है, जबकि वर्जीलिया उसके जीवन के लिए चिंतित है। कोरिओलैनस विजेता के रूप में रोम लौटता है, और उसकी माँ और शहरवासी उसका गर्मजोशी से स्वागत करते हैं।
| पात्र का नाम | विशेषताएँ | प्रेरणाएँ |
|---|---|---|
| वोलुमनिया (Volumnia) | कोरिओलैनस की माँ। वह एक मजबूत, देशभक्त और प्रभावशाली रोमन महिला है। वह अपने बेटे को युद्ध के लिए तैयार करती है और उसे रोमन मूल्यों, विशेषकर वीरता और सार्वजनिक सेवा, का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करती है। | वह अपने बेटे के गौरव, रोम के सम्मान और अपनी सामाजिक स्थिति को बनाए रखने की इच्छा से प्रेरित होती है। वह चाहती है कि उसका बेटा महान योद्धा और नेता बने। |
| वर्जीलिया (Virgilia) | कोरिओलैनस की पत्नी। वह शांत, विनम्र और आज्ञाकारी है। वह अपने पति से बहुत प्यार करती है और उसकी सुरक्षा को लेकर चिंतित रहती है। | वह अपने पति की सुरक्षा और अपने परिवार की भलाई से प्रेरित होती है। वह युद्ध के बजाय शांतिपूर्ण पारिवारिक जीवन चाहती है। |
| टुलस औफिडियस (Tullus Aufidius) | वोल्शियन सेना का जनरल और कोरिओलैनस का कट्टर दुश्मन। वह एक वीर योद्धा है और कोरिओलैनस के बराबर का प्रतिद्वंद्वी है। | वह अपनी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा, वोल्शियन सम्मान और कोरिओलैनस को हराने की तीव्र इच्छा से प्रेरित होता है। |
| कोमिनियस (Cominius) | रोमन सेना का एक जनरल और कोरिओलैनस का दोस्त। वह कोरिओलैनस की वीरता का सम्मान करता है और उसका समर्थन करता है। | वह रोमन सेना की सफलता और अपने दोस्त के सम्मान से प्रेरित होता है। |
अनुभाग 3
कोरिओलैनस की वीरता के कारण, सीनेट उसे कौंसल के पद के लिए प्रस्तावित करता है। लेकिन रोम की परंपरा के अनुसार, कौंसल बनने के लिए उसे प्लेबियन से उनके वोट मांगने होंगे, उन्हें अपने युद्ध के घाव दिखाने होंगे और उनकी दयालुता की याचना करनी होगी। कोरिओलैनस इस विचार से नफरत करता है, क्योंकि वह प्लेबियन को तुच्छ समझता है और सार्वजनिक रूप से अपनी कमजोरी या विनम्रता दिखाना अपमानजनक मानता है। वह अनिच्छा से ऐसा करने का प्रयास करता है, लेकिन उसका घमंड उसे पूरी तरह से विनम्र होने से रोकता है, और वह उनके प्रति अपना तिरस्कार छिपा नहीं पाता है। ट्रिब्यून सिकिनियस और ब्रूटस इस अवसर का लाभ उठाते हैं। वे प्लेबियन को समझाते हैं कि कोरिओलैनस केवल उन्हें धोखा दे रहा है और दिल से उनसे घृणा करता है। वे कोरिओलैनस पर रोम के लोगों के खिलाफ षड्यंत्र रचने और रोम को तानाशाह बनाने का आरोप लगाते हैं। जब कोरिओलैनस को इन आरोपों का सामना करना पड़ता है, तो वह और भी उत्तेजित हो जाता है, प्लेबियन और ट्रिब्यून पर रोम को बर्बाद करने का आरोप लगाता है। स्थिति बिगड़ जाती है, और अंततः, ट्रिब्यून और प्लेबियन के दबाव में, सीनेट कोरिओलैनस को रोम से निर्वासित करने का निर्णय लेता है।
अनुभाग 4
निर्वासित होने के बाद, कोरिओलैनस अपमानित और क्रोधित होता है। वह अपने कट्टर दुश्मन, टुलस औफिडियस, के पास एंटियम में वोल्शियन शहर जाता है। भेस बदलकर, वह औफिडियस के सामने खुद को प्रकट करता है और उसे अपनी सेवाएं प्रदान करता है, रोम से बदला लेने की इच्छा से प्रेरित होकर। औफिडियस, जो कोरिओलैनस को हराने के लिए इतने सालों से प्रयासरत था, अब उसे अपने साथ पाकर प्रसन्न होता है। वे मिलकर रोम पर हमला करने की योजना बनाते हैं। वोल्शियन सेना रोम की ओर मार्च करती है, शहरों को जीतती हुई। रोम में दहशत फैल जाती है। सीनेटर और नागरिक कोरिओलैनस से शांति की याचना करने के लिए कई दूत भेजते हैं। पहले मेनेनियस को भेजा जाता है, लेकिन कोरिओलैनस उसे भी ठुकरा देता है। फिर जनरल कोमिनियस भी असफल लौटता है। अंत में, कोरिओलैनस की माँ वोलुमनिया, उसकी पत्नी वर्जीलिया और उसका छोटा बेटा युवा मार्शियस, अन्य रोमन महिलाओं के साथ, उससे मिलने जाते हैं। वोलुमनिया एक मार्मिक भाषण देती है, अपने बेटे से रोम को बख्शने की विनती करती है और उसे अपने देश के प्रति कर्तव्य और अपने परिवार के सम्मान की याद दिलाती है। वह तर्क देती है कि अगर वह रोम को नष्ट करता है, तो वह अपनी माँ, पत्नी और बेटे को भी नष्ट कर देगा। उसकी माँ की अपील, जो अपने घुटनों पर भी बैठ जाती है, कोरिओलैनस के दृढ़ संकल्प को तोड़ देती है। वह आँसू में टूट जाता है और शांति पर सहमत हो जाता है।
| पात्र का नाम | विशेषताएँ | प्रेरणाएँ |
|---|---|---|
| युवा मार्शियस (Young Marcius) | कोरिओलैनस और वर्जीलिया का युवा बेटा। वह अपनी माँ और दादी के साथ अपने पिता से रोम को बख्शने की अपील करने जाता है। | वह अपने परिवार के प्यार और अपनी दादी के मार्गदर्शन से प्रेरित होता है। |
अनुभाग 5
शांति संधि पर हस्ताक्षर करने के बाद, कोरिओलैनस औफिडियस के साथ एंटियम लौटता है। औफिडियस, जो अब रोम पर हमला करने का अपना मौका खो चुका है, कोरिओलैनस से क्रोधित होता है। उसे लगता है कि कोरिओलैनस ने उसे धोखा दिया है और उसकी महानता को कम कर दिया है। औफिडियस और उसके कुछ वोल्शियन समर्थक कोरिओलैनस के खिलाफ षड्यंत्र रचते हैं। जब कोरिओलैनस वोल्शियन सीनेट में प्रवेश करता है, तो औफिडियस उस पर रोम के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाता है, उसे एक गद्दार और वोल्शियन लोगों के खिलाफ विश्वासघाती बताता है। कोरिओलैनस अपनी माँ की अपील के कारण लिए गए अपने निर्णय का बचाव करता है, लेकिन औफिडियस और उसके लोग उसके गौरव और घमंड को एक बार फिर भड़काते हैं। गुस्से में, कोरिओलैनस वोल्शियन सीनेट को कोरिओली की लड़ाई में उनकी हार की याद दिलाता है। यह औफिडियस और वोल्शियनों को और भी क्रोधित करता है। औफिडियस के आदेश पर, वोल्शियन सैनिक कोरिओलैनस पर हमला करते हैं और उसे मार डालते हैं। औफिडियस अंततः कोरिओलैनस के शव के प्रति सम्मान व्यक्त करता है, उसकी वीरता को स्वीकार करता है, भले ही वह उसका कट्टर दुश्मन था। नाटक एक महान लेकिन त्रुटिपूर्ण नायक की दुखद मृत्यु के साथ समाप्त होता है।
साहित्यिक विधा
'कोरिओलैनस' एक त्रासदी (Tragedy) है। यह एक ऐसे महान व्यक्ति के उत्थान और पतन की कहानी है जो अपनी आंतरिक कमजोरियों (मुख्य रूप से घमंड और हठधर्मिता) के कारण विनाश को प्राप्त होता है। इसमें राजनीतिक नाटक और ऐतिहासिक नाटक के तत्व भी शामिल हैं।
लेखक के बारे में कुछ तथ्य
- विलियम शेक्सपियर (William Shakespeare) (1564-1616) एक अंग्रेजी कवि, नाटककार और अभिनेता थे, जिन्हें व्यापक रूप से अंग्रेजी भाषा में सबसे महान लेखक और दुनिया के सबसे महान नाटककार के रूप में माना जाता है।
- उन्हें अक्सर इंग्लैंड के राष्ट्रीय कवि और "बार्ड ऑफ़ एवन" के नाम से जाना जाता है।
- उनके जीवित कार्यों में लगभग 39 नाटक, 154 सोननेट, दो लंबी कथात्मक कविताएँ और कई अन्य छंद शामिल हैं।
- उनके नाटक का हर प्रमुख आधुनिक भाषा में अनुवाद किया गया है और उन्हें किसी भी अन्य नाटककार की तुलना में अधिक बार प्रदर्शित किया जाता है।
- 'कोरिओलैनस' उनके अंतिम त्रासदियों में से एक है, जिसे आमतौर पर 1608 के आसपास लिखा गया माना जाता है।
नैतिक शिक्षा
'कोरिओलैनस' कई नैतिक शिक्षाएँ प्रदान करता है:
- घमंड और हठधर्मिता का खतरा: कोरिओलैनस का अत्यधिक घमंड और समझौता न करने वाला स्वभाव ही उसके पतन का मुख्य कारण बनता है। यह सिखाता है कि अत्यधिक अभिमान विनाशकारी हो सकता है।
- नेतृत्व में विनम्रता का महत्व: एक नेता के लिए लोगों को समझने और उनके प्रति विनम्र होने की आवश्यकता होती है, न कि केवल शक्ति और अहंकार से शासन करने की।
- सामाजिक एकता का महत्व: नाटक अभिजात वर्ग और आम जनता के बीच विभाजन के खतरों को दर्शाता है, यह सुझाव देता है कि समाज में सामंजस्य के लिए विभिन्न वर्गों के बीच समझ और सहयोग आवश्यक है।
- युद्ध की निरर्थकता: जबकि कोरिओलैनस एक महान योद्धा है, नाटक अंततः युद्ध के विनाशकारी परिणामों और व्यक्तिगत दुश्मनी को भी उजागर करता है।
कुछ रोचक तथ्य
- ऐतिहासिक संदर्भ: 'कोरिओलैनस' रोमन गणराज्य के इतिहास पर आधारित है, जैसा कि प्लूटार्क के "लाइव्स ऑफ़ द नोबल ग्रीक एंड रोमन" (अमाटियस द्वारा 1579 में अंग्रेजी में अनुवादित) में वर्णित है। शेक्सपियर ने इस स्रोत से भारी प्रेरणा ली।
- राजनीतिक व्याख्याएँ: यह नाटक अक्सर राजनीतिक चर्चाओं में इस्तेमाल किया जाता है, खासकर लोकतंत्र और कुलीनतंत्र के बीच तनाव को समझने के लिए। यह अभिजात वर्ग की श्रेष्ठता और आम जनता की अस्थिरता के बारे में सवालों को उठाता है।
- मां का प्रभाव: वोलुमनिया का चरित्र नाटक में अत्यंत महत्वपूर्ण है। वह अपने बेटे के लिए युद्ध और सम्मान का विचार गढ़ती है, और अंततः, उसकी अपील ही उसे रोम पर हमला करने से रोकती है। यह दिखाता है कि कैसे एक माँ का प्रभाव एक योद्धा के सबसे मजबूत संकल्पों को भी बदल सकता है।
- शायद शेक्सपियर की अंतिम त्रासदी: 'कोरिओलैनस' को आमतौर पर शेक्सपियर की अंतिम महान त्रासदी माना जाता है, जिसके बाद उन्होंने अपने रोमांस नाटकों (जैसे 'द विंटर्स टेल' और 'द टेम्पेस्ट') की ओर रुख किया।
- प्रदर्शन में कठिनाइयाँ: नाटक अपने गहन राजनीतिक संवाद और नायक के कुछ हद तक असहनीय चरित्र के कारण प्रदर्शन करने के लिए चुनौतीपूर्ण माना जाता है, लेकिन इसकी साहित्यिक गहराई इसे आकर्षक बनाती है।
