मॉन्सियर दे पोर्सोन्याक - मोलियर
मोलियर की 'मोनसियर डी पोरसोंयाक' सारांश मोलियर का नाटक 'मोनसियर डी पोरसोंयाक' एक कॉमेडी-बैले है जो लिमोज के एक धनी, सीधे-सादे लेकिन कुछ हद...
मोलियर की 'मोनसियर डी पोरसोंयाक'
सारांश
मोलियर का नाटक 'मोनसियर डी पोरसोंयाक' एक कॉमेडी-बैले है जो लिमोज के एक धनी, सीधे-सादे लेकिन कुछ हद तक मूर्ख प्रांतीय सज्जन मोनसियर डी पोरसोंयाक के पेरिस आगमन की कहानी कहता है। उसके माता-पिता ने पेरिस में जूलियट नामक एक युवा महिला से उसकी शादी तय की है। हालाँकि, जूलियट पहले से ही एरास्ते नाम के एक व्यक्ति से प्यार करती है और मोनसियर डी पोरसोंयाक से शादी नहीं करना चाहती। एरास्ते और जूलियट, अपने दोस्तों और नौकरों, खास तौर पर चालाक स्ब्रिगनी की मदद से, मोनसियर डी पोरसोंयाक को पेरिस से भगाने के लिए एक विस्तृत योजना बनाते हैं। वे उसे अपमानित करने, उसे अपराधी के रूप में फंसाने और उसे मानसिक रूप से विक्षिप्त या खतरनाक दिखाने के लिए कई चालें, भेष बदलकर और झूठे आरोप लगाते हैं। अंततः, उनकी चालें काम आती हैं, मोनसियर डी पोरसोंयाक पूरी तरह से भ्रमित, डरा हुआ और बदनाम होकर पेरिस से भाग जाता है। इसके बाद, जूलियट के पिता, ओरोंटे, अपनी बेटी की शादी एरास्ते से करने के लिए सहमत हो जाते हैं। यह नाटक प्रांतीय सादगी बनाम पेरिस की चालाकी, और प्रेम की शक्ति बनाम मजबूर विवाह को दर्शाता है।
किताब के अनुभाग
यह नाटक तीन अंकों में बंटा हुआ है।
अनुभाग 1: प्रथम अंक
नाटक मोनसियर डी पोरसोंयाक के पेरिस आगमन के साथ शुरू होता है, जहाँ उसे जूलियट नाम की एक युवती से शादी करनी है। जूलियट के पिता, ओरोंटे, ने इस शादी का इंतज़ाम किया है। लेकिन जूलियट, एरास्ते नाम के एक युवक से प्यार करती है और पोरसोंयाक से शादी नहीं करना चाहती। एरास्ते और जूलियट, अपने चतुर सहायक, स्ब्रिगनी के साथ मिलकर, पोरसोंयाक को शादी से रोकने के लिए एक विस्तृत योजना बनाते हैं। उनकी पहली चाल में, स्ब्रिगनी दो डॉक्टरों को भेजता है जो पोरसोंयाक की जांच करते हैं और उसे विभिन्न काल्पनिक बीमारियों से ग्रस्त घोषित करते हैं, जिसके लिए वे हास्यास्पद और अपमानजनक उपचार सुझाते हैं। पोरसोंयाक भ्रमित और नाराज़ हो जाता है, लेकिन डॉक्टरों के तर्क उसे फंसाते हैं।
| पात्र का नाम | विशेषताएँ | प्रेरणाएँ |
|---|---|---|
| मोनसियर डी पोरसोंयाक | लिमोज का एक धनी, प्रांतीय सज्जन, सीधा-सादा, कुछ हद तक मूर्ख, अहंकारी। | जूलियट से शादी करना, अपनी प्रतिष्ठा बनाए रखना, चिकित्सा जांच से बचना। |
| जूलियट | सुंदर, युवा महिला, एरास्ते से प्यार करती है, चतुर। | पोरसोंयाक से शादी से बचना, एरास्ते से शादी करना। |
| एरास्ते | जूलियट का प्रेमी, बुद्धिमान, चालाक, योजनाओं का मास्टरमाइंड। | जूलियट से शादी करना, पोरसोंयाक को दूर भगाना। |
| ओरोंटे | जूलियट का पिता, सम्मानजनक, थोड़ा जिद्दी, परंपरावादी। | अपनी बेटी की शादी पोरसोंयाक से करवाना (शुरुआत में), अपनी बेटी का सुख। |
| स्ब्रिगनी | एरास्ते का मित्र, एक नेपोलिटन योजनाकार, बहुत चालाक, भेष बदलने में माहिर। | एरास्ते और जूलियट की मदद करना, अपनी चालाकी का प्रदर्शन करना। |
| दो डॉक्टर | अहंकारी, विद्वता का दिखावा करने वाले, हास्यास्पद चिकित्सा सिद्धांतों में विश्वास रखने वाले। | पोरसोंयाक को बीमारी का बहाना बनाना, अपनी चिकित्सा पद्धतियों का प्रदर्शन करना। |
| नेरीन | एक चतुर दासी, योजनाओं में सहायक। | जूलियट और एरास्ते की मदद करना। |
अनुभाग 2: द्वितीय अंक
एरास्ते और उसके सहयोगी अपनी चालों को जारी रखते हैं। दूसरी चाल में, स्ब्रिगनी एक व्यापारी के वेश में पोरसोंयाक के पास आता है और उस पर भारी-भरकम राशि का कर्ज होने का झूठा आरोप लगाता है, यह दावा करते हुए कि पोरसोंयाक ने उससे कुछ सामान खरीदा था। पोरसोंयाक इस दावे से हैरान और इनकार करता है।
इसके तुरंत बाद, तीसरी और सबसे अपमानजनक चाल सामने आती है। लूसेंट और नेरीन, दो अलग-अलग "पत्नियों" के रूप में, कई "बच्चों" के साथ प्रकट होती हैं, यह दावा करते हुए कि पोरसोंयाक ने उनसे लिमोज में शादी की थी और उन्हें त्याग दिया था। वे पोरसोंयाक पर बहुविवाह और त्याग का आरोप लगाती हैं और अपने और अपने बच्चों के लिए समर्थन की मांग करती हैं। यह सब ओरोंटे के सामने होता है, जो पोरसोंयाक के चरित्र पर संदेह करना शुरू कर देता है। पोरसोंयाक इन आरोपों से पूरी तरह से स्तब्ध, अपमानित और शर्मिंदा होता है। वह इस सब से बचने की कोशिश करता है, जिससे हास्यास्पद पीछा करने और भगदड़ के दृश्य बनते हैं।
| पात्र का नाम | विशेषताएँ | प्रेरणाएँ |
|---|---|---|
| लूसेंट | एक चतुर दासी/सहयोगी, भेष बदलने में माहिर, "पत्नी" का नाटक करती है। | एरास्ते और जूलियट की मदद करना, पोरसोंयाक को अपमानित करना। |
| बच्चे | (लूसेंट और नेरीन के "बच्चे") मासूम दिखने वाले, योजना का हिस्सा। | अपने "माता-पिता" के निर्देशों का पालन करना, पोरसोंयाक को फंसाना। |
अनुभाग 3: तृतीय अंक
पोरसोंयाक पूरी तरह से घबराया हुआ और पेरिस से भागने के लिए बेताब है। चालें जारी रहती हैं। चौथी चाल में, स्ब्रिगनी इस बार एक फ्लेमिश गार्ड के वेश में लौटता है, और पोरसोंयाक पर एक खतरनाक अपराधी (जैसे देशद्रोही, तस्कर, आदि) होने का झूठा आरोप लगाता है, उसे गिरफ्तार करने की कोशिश करता है। पोरसोंयाक को गार्डों द्वारा पीछा किया जाता है, जिससे और अधिक हास्यास्पद दृश्य बनते हैं।
पांचवीं और अंतिम चाल में, एरास्ते खुद एक वकील के वेश में आता है और पोरसोंयाक को "सलाह" देता है। वह पोरसोंयाक को एक मनगढ़ंत अपराध (जैसे बहुविवाह या राजद्रोह) कबूल करने के लिए मनाता है ताकि एक बदतर भाग्य से बचा जा सके, और उसे भागने में मदद करने का वादा करता है। ओरोंटे, अब पूरी तरह से आश्वस्त हो चुका है कि पोरसोंयाक एक बदमाश है, शादी रद्द कर देता है। पोरसोंयाक, आतंकित होकर, अंततः पेरिस से भाग जाता है।
नाटक के अंत में, ओरोंटे राहत महसूस करता है और जूलियट को एरास्ते से शादी करने की अनुमति देता है, जिससे प्रेमी-प्रेमिका की जीत होती है।
| पात्र का नाम | विशेषताएँ | प्रेरणाएँ |
|---|---|---|
| वकील | (एरास्ते का भेष) धूर्त, हेरफेर करने वाला, कानूनी सलाह देने का नाटक करता है। | पोरसोंयाक को डराना और उसे पेरिस से भागने के लिए प्रेरित करना। |
| फ्लेमिश गार्ड | (स्ब्रिगनी का भेष) गंभीर, अधिकारवादी, पोरसोंयाक को अपराधी के रूप में फंसाता है। | पोरसोंयाक को डराना और उसे गिरफ्तार करने का नाटक करना। |
साहित्यिक शैली: कॉमेडी-बैले (Comédie-ballet), प्रहसन (Farce)
लेखक के बारे में कुछ तथ्य:
मोलियर (असली नाम जीन-बैप्टिस्ट पोकेलिन) एक फ्रांसीसी नाटककार, अभिनेता और रंगमंच निर्देशक थे, जिन्हें पश्चिमी साहित्य के महानतम रचनाकारों में से एक माना जाता है। उनका जन्म 1622 में पेरिस में हुआ था और 1673 में उनकी मृत्यु हो गई। मोलियर अपनी व्यंग्य और कॉमेडी के लिए जाने जाते हैं, जो अक्सर समाज के पाखंड, मानव मूर्खता और सामाजिक मानदंडों की आलोचना करते हैं। उन्होंने अक्सर अपने नाटकों में मुख्य भूमिकाएँ निभाईं। उनकी कुछ सबसे प्रसिद्ध कृतियों में 'टार्टुफ', 'द मिसेंथ्रोप', 'द इमैजिनरी इनवैलिड' और 'द बूर्जुआ जेंटलमैन' शामिल हैं। उन्होंने लुई XIV के दरबार के लिए कई नाटक लिखे और शाही संरक्षण का आनंद लिया।
नैतिक शिक्षा और विशिष्टताएँ:
- नैतिक शिक्षा: यह नाटक प्रांतीय सादगी (पोरसोंयाक) और पेरिस की चालाकी (एरास्ते और उसके सहयोगी) के बीच के अंतर को व्यंग्यात्मक रूप से प्रस्तुत करता है। यह दिखाता है कि एक बाहरी व्यक्ति को कितनी आसानी से हेरफेर और बदनाम किया जा सकता है। यह सच्चे प्रेम (जूलियट और एरास्ते) को तयशुदा विवाह पर तरजीह देता है। यह मूल रूप से एक प्रहसन है जिसका मुख्य उद्देश्य अतिरंजित परिस्थितियों और गलतफहमियों के माध्यम से दर्शकों को हँसाना है। यह सामाजिक दिखावे और उन लोगों पर व्यंग्य करता है जो अपनी स्थिति के कारण दूसरों पर हावी होने की कोशिश करते हैं।
- विशिष्टताएँ:
- यह नाटक लुई XIV के लिए लिखा गया था और पहली बार 1669 में शैंबॉर्ड में प्रदर्शित किया गया था।
- यह एक कॉमेडी-बैले था, जिसका अर्थ है कि इसमें संगीत और नृत्य को शामिल किया गया था, जो उस समय काफी लोकप्रिय था और मोलियर के संगीतकार जीन-बैप्टिस्ट लुली के साथ सफल सहयोगों में से एक था।
- मोलियर ने खुद अक्सर अपने नाटकों में शीर्षक भूमिका निभाई, और माना जाता है कि उन्होंने इस नाटक में मोनसियर डी पोरसोंयाक की भूमिका निभाई थी।
- नाटक विभिन्न प्रहसन युक्तियों का एक प्रदर्शन है: भेष, गलत पहचान, विस्तृत योजनाएँ और शारीरिक कॉमेडी।
- पोरसोंयाक का चरित्र फ्रांसीसी कॉमेडी में एक क्लासिक "फॉल गाय" या "मजाक का पात्र" है, जो लगातार चालों का शिकार होता है।
