स्त्री शिक्षा - मोलियर
सारांश मोलीएरे का नाटक 'लेकोल डेस फेमेस' (पत्नियों का विद्यालय) अर्नोल्फ़ नामक एक धनी, अधेड़ व्यक्ति की कहानी है, जो अपनी पत्नी द्वारा धोखा...
सारांश
मोलीएरे का नाटक 'लेकोल डेस फेमेस' (पत्नियों का विद्यालय) अर्नोल्फ़ नामक एक धनी, अधेड़ व्यक्ति की कहानी है, जो अपनी पत्नी द्वारा धोखा दिए जाने के डर से ग्रस्त है। इस डर से बचने के लिए, वह एक अनाथ लड़की, एग्नेस, को बचपन से ही पूरी अज्ञानता और भोलापन में पालता है, इस विश्वास के साथ कि ऐसी पत्नी हमेशा वफादार रहेगी। उसका इरादा एग्नेस के बड़े होने पर उससे शादी करने का है। हालाँकि, एग्नेस, अपनी पूरी निगरानी के बावजूद, होरस नामक एक युवा से मिलती है और प्यार करने लगती है। होरस को अर्नोल्फ़ की योजनाओं या एग्नेस के उसके संरक्षण में होने की जानकारी नहीं है। वह अनजाने में अर्नोल्फ़ को अपनी प्रेम कहानी सुनाता है, जिससे अर्नोल्फ़ उसका प्रतिद्वंद्वी बन जाता है। अर्नोल्फ़ उन्हें अलग रखने के लिए कई चालें चलता है, लेकिन एग्नेस, अपनी संरक्षित परवरिश के बावजूद, होरस के प्रति अपने प्यार को आगे बढ़ाने में आश्चर्यजनक बुद्धि और स्वतंत्रता दिखाती है। नाटक का समापन इस रहस्योद्घाटन के साथ होता है कि होरस और एग्नेस लंबे समय से बिछड़े हुए दोस्तों के बच्चे हैं, जिससे उनकी शादी सभी के लिए स्वीकार्य और वांछित हो जाती है, जो अर्नोल्फ़ के लिए एक बड़ी हार है।
किताब के अनुभाग
अनुभाग 1
नाटक की शुरुआत अर्नोल्फ़ से होती है, जो अपने मित्र क्रायसाल्डे से विवाह के प्रति अपने अनोखे दर्शन पर चर्चा करता है। अर्नोल्फ़ को अपनी पत्नी द्वारा धोखा दिए जाने का डर है, और इस डर से बचने के लिए, उसने एग्नेस नामक एक युवा अनाथ लड़की को बचपन से ही पूरी अज्ञानता और दुनिया से कटे हुए तरीके से पाला है। उसका मानना है कि एक भोली-भाली और अज्ञानी पत्नी उसे कभी धोखा नहीं देगी, और वह उसके बड़े होने पर उससे शादी करने की योजना बना रहा है। वह अपनी योजना और पत्नियों द्वारा धोखा दिए जाने से बचने के अपने अनूठे तरीके के बारे में शेखी बघारता है।
अर्नोल्फ़ अपने नौकरों, एलन और जॉर्जेट को एग्नेस को अपने साथ लाने के लिए भेजता है। इसके तुरंत बाद, होरस नामक एक युवा व्यक्ति आता है और अनजाने में अर्नोल्फ़ (जो "मॉनसियर डी ला सौचे" के उपनाम से जाना जाता है) को एग्नेस के साथ अपने हालिया प्रेम संबंध के बारे में बताता है। होरस को नहीं पता कि एग्नेस अर्नोल्फ़ की मंगेतर है। वह अर्नोल्फ़ को बताता है कि उसने पहले ही एग्नेस से मुलाकात की है और एग्नेस ने भी उसमें रुचि दिखाई है। अर्नोल्फ़ अंदर से सदमे और गुस्से में है, लेकिन होरस के सामने वह मनोरंजक होने का दिखावा करता है।
| किरदार | विशेषताएँ | प्रेरणाएँ |
|---|---|---|
| अर्नोल्फ़ | अधेड़ उम्र का, धनी व्यक्ति; ईर्ष्यालु, नियंत्रित करने वाला, अपनी पत्नी द्वारा धोखा दिए जाने के डर से ग्रस्त, अपनी बुद्धिमत्ता और योजनाओं पर गर्व करता है। | पत्नियों द्वारा धोखा दिए जाने से बचने और अपनी "सही" पत्नी बनाने के लिए एग्नेस को नियंत्रित करना। |
| क्रायसाल्डे | अर्नोल्फ़ का मित्र; अधिक समझदार और व्यावहारिक, अर्नोल्फ़ को संतुलित सलाह देता है, लेकिन उसकी सनक पर काबू पाने में असमर्थ है। | अर्नोल्फ़ को सही रास्ता दिखाना और उसे अतिवादी विचारों से दूर रखना। |
| होरस | युवा, आकर्षक, उत्साही; अर्नोल्फ़ के मित्र ओरोंटे का बेटा, जिसे प्यार में आसानी से पड़ जाता है। | एग्नेस से प्यार करना और उससे शादी करना। |
| एलन | अर्नोल्फ़ का नौकर; सरल-दिमाग, निष्ठावान, अक्सर हास्यप्रद। | अपने मालिक के आदेशों का पालन करना। |
| जॉर्जेट | अर्नोल्फ़ की नौकरानी; सरल-दिमाग, निष्ठावान, अक्सर हास्यप्रद। | अपने मालिक के आदेशों का पालन करना। |
अनुभाग 2
अर्नोल्फ़ गुस्से में एग्नेस का सामना करता है, उसे होरस के साथ उसके मेलजोल के लिए डांटता है। एग्नेस, अपनी अज्ञानता और भोलेपन में, होरस के प्रति अपनी भावनाओं को सरलता और ईमानदारी से बताती है। वह नहीं समझती कि उसने क्या गलत किया है। वह यह भी बताती है कि होरस ने कैसे एक पत्थर उठाया था जिसे उसने गलती से गिरा दिया था। अर्नोल्फ़ उसे उचित व्यवहार और पत्नी के कर्तव्यों के बारे में शिक्षित करने की कोशिश करता है, उसे "विवाह के नियम" नामक एक किताब देता है जिसमें पत्नियों के लिए दिशानिर्देश होते हैं।
अर्नोल्फ़ के लाख समझाने के बावजूद, एग्नेस की मासूमियत और होरस के प्रति उसका प्राकृतिक आकर्षण उसे नियंत्रित करना मुश्किल बना देता है। वह अर्नोल्फ़ के नियमों के तर्क को समझने में असमर्थ है, क्योंकि उसके लिए प्यार एक सहज और सरल भावना है।
तभी होरस फिर से दिखाई देता है और एक खिड़की से एग्नेस को एक प्रेम पत्र फेंकता है, जिसे वह प्राप्त कर लेती है। एग्नेस की सरलता अर्नोल्फ़ की कठोर शिक्षाओं के बावजूद उसके प्यार को व्यक्त करने का एक तरीका ढूंढ लेती है।
अनुभाग 3
अर्नोल्फ़ को इस प्रेम पत्र के बारे में पता चलता है और वह बेहद क्रोधित होता है। वह एग्नेस को सब कुछ कबूल करने के लिए मजबूर करता है। एग्नेस, अभी भी अपनी अज्ञानता में, पूरी घटना को विस्तार से बताती है, जिसमें यह भी शामिल है कि उसने होरस को एक पत्र कैसे लिखा, जिसमें उसने अपने प्यार और भ्रम को व्यक्त किया था। अर्नोल्फ़ एग्नेस के पत्र को पढ़ता है, जो उसकी सादगी के बावजूद, उसकी बढ़ती हुई बुद्धि और सच्ची भावनाओं को प्रकट करता है। पत्र में एग्नेस अपनी भावनाओं को इतनी मासूमियत से व्यक्त करती है कि अर्नोल्फ़ को भी उसकी स्वाभाविक बुद्धि से आश्चर्य होता है।
अर्नोल्फ़ होरस को पकड़ने और एग्नेस को बंद रखने की योजना बनाता है। वह अपने नौकरों, एलन और जॉर्जेट को आदेश देता है कि अगर होरस पास आए तो उसे पीटें।
होरस फिर से अर्नोल्फ़ (डी ला सौचे के रूप में) के पास आता है और एग्नेस से फिर से मिलने की अपनी योजनाओं का विवरण देता है। वह बताता है कि एग्नेस एक योजना के तहत एक घुसपैठिए पर अपनी खिड़की से एक बड़ा पत्थर गिराएगी। अर्नोल्फ़ यह सुनकर खुश होता है, यह सोचकर कि एग्नेस उसके निर्देशों का पालन कर रही है और उसकी योजना सफल हो रही है, लेकिन वह यह नहीं जानता कि एग्नेस ने उसकी शिक्षाओं को ही उसके खिलाफ इस्तेमाल किया है।
अनुभाग 4
अर्नोल्फ़ होरस के लिए एक जाल बिछाता है। वह एग्नेस को निर्देश देता है कि वह होरस का स्वागत करने का नाटक करे, फिर खिड़की से उस पर एक भारी पत्थर गिराए, जैसा कि होरस ने खुद वर्णित किया था।
लेकिन जब होरस आता है, तो एग्नेस पत्थर फेंकने के बजाय खुद को उसकी बाहों में फेंक देती है और उसे अर्नोल्फ़ के जाल के बारे में चेतावनी देती है। वह उसे एक और पत्र भी देती है। एग्नेस की स्वाभाविक प्रवृत्ति और होरस के प्रति उसका प्यार अर्नोल्फ़ की सख्त शिक्षाओं पर हावी हो जाता है।
होरस, जाल से बच निकलने के बाद, फिर से अर्नोल्फ़ (डी ला सौचे) के पास आता है और बताता है कि वह अर्नोल्फ़ द्वारा बिछाए गए जाल से कैसे बाल-बाल बचा और एग्नेस ने उसे कैसे चेतावनी दी। वह अर्नोल्फ़ को एग्नेस द्वारा दिया गया पत्र भी दिखाता है, जो उसके प्यार की घोषणा और मदद के लिए एक अपील है। अर्नोल्फ़ एग्नेस की इस चालाकी से एक बार फिर क्रोधित और हैरान होता है। अपनी योजना को पूरी तरह से विफल होते देख, अर्नोल्फ़ तुरंत एग्नेस को घर से दूर ले जाने का फैसला करता है।
अनुभाग 5
अर्नोल्फ़ निराशा में है। वह एग्नेस को उससे शादी करने के लिए मनाने की आखिरी कोशिश करता है, यहां तक कि उसके पिछले "अपराधों" को माफ करने की पेशकश भी करता है। लेकिन एग्नेस होरस के प्रति अपने प्यार में दृढ़ रहती है।
तभी होरस के पिता ओरोंटे अपने मित्र एनरिक के साथ आते हैं। ओरोंटे का इरादा होरस की शादी एक रहस्यमय युवा महिला से कराने का है, जो एनरिक की लंबे समय से बिछड़ी हुई बहन की बेटी है।
यह पता चलता है कि एग्नेस वही युवा महिला है, जो एनरिक की बहन की बेटी है, और जो बचपन में अपने परिवार से अलग हो गई थी और एक किसान महिला ने उसे पाला था (जिसने बाद में उसे अर्नोल्फ़ को दे दिया था)।
अर्नोल्फ़ की सावधानी से बनाई गई दुनिया ढह जाती है। एग्नेस और होरस जन्म और परिस्थितियों से एक-दूसरे के लिए बने हुए पाए जाते हैं, जो उनके प्यार को मान्य करता है और अर्नोल्फ़ की स्वार्थी योजनाओं को विफल कर देता है। अर्नोल्फ़ पूरी तरह से हारा हुआ और निशब्द रह जाता है।
| किरदार | विशेषताएँ | प्रेरणाएँ |
|---|---|---|
| ओरोंटे | होरस का पिता; अर्नोल्फ़ का पुराना मित्र, एक धनी और प्रभावशाली व्यक्ति जो अपने बेटे के लिए एक उपयुक्त विवाह की तलाश में है। | अपने बेटे होरस के लिए एक अच्छी पत्नी ढूंढना और अपने मित्र एनरिक की खोई हुई भतीजी से उसे मिलाना। |
| एनरिक | ओरोंटे का बहनोई; एक प्रतिष्ठित व्यक्ति जो अपनी लंबे समय से बिछड़ी हुई बहन की बेटी को ढूंढ रहा है। | अपनी परिवार की विरासत को फिर से जोड़ना और अपनी भतीजी को उसके परिवार से मिलाना। |
साहित्यिक शैली: हास्य नाटक, सामाजिक व्यंग्य।
लेखक के बारे में:
जीन-बैप्टिस्ट पोक्वेलिन (1622-1673), जिसे उसके मंच नाम मोलीएरे से जाना जाता है, फ्रांसीसी रंगमंच के महानतम स्वामियों में से एक था। वह एक अभिनेता, नाट्यकार और निर्देशक था, जिसने 17वीं शताब्दी में फ्रांस में सामाजिक और नैतिक हास्य की शैली को आकार दिया। मोलीएरे के नाटक अक्सर मानव स्वभाव की खामियों, सामाजिक रीति-रिवाजों और तत्कालीन फ्रांसीसी समाज की पाखंड पर व्यंग्य करते थे। 'लेकोल डेस फेमेस' उनके करियर के सबसे महत्वपूर्ण और विवादित नाटकों में से एक था, जिसने उसे अत्यधिक प्रसिद्धि और आलोचना दोनों दिलाई।
कहानी का नैतिक:
- प्रेम को नियंत्रित नहीं किया जा सकता: सच्चा प्यार सहज होता है और किसी के निर्देशों या नियंत्रण से नहीं बांधा जा सकता। अर्नोल्फ़ का एग्नेस को नियंत्रित करने का प्रयास पूरी तरह से विफल रहता है।
- अज्ञानता सुख नहीं है: एग्नेस को अज्ञानी रखने का अर्नोल्फ़ का प्रयास उसे वफादार बनाने में विफल रहा; इसके बजाय, उसकी स्वाभाविक बुद्धि और भावनाओं ने उसे प्यार और स्वतंत्रता की ओर अग्रसर किया। अनुभव और शिक्षा मानव विकास के लिए आवश्यक हैं।
- मानवीय इच्छा का सम्मान: किसी दूसरे व्यक्ति की स्वतंत्र इच्छा को नियंत्रित करने की कोशिश करना व्यर्थ है और अक्सर उलटा पड़ जाता है।
- भाग्य का हाथ: कभी-कभी, परिस्थितियाँ और भाग्य उन लोगों को एक साथ लाते हैं जो एक-दूसरे के लिए बने होते हैं, भले ही कितनी भी बाधाएँ हों।
कुछ रोचक बातें:
- यह नाटक 17वीं शताब्दी के फ्रांस में अत्यधिक विवादास्पद था। इसके आलोचकों ने इसे अनैतिक और महिलाओं को "बुराई" सिखाने वाला बताया, क्योंकि एग्नेस अपनी मासूमियत में अपने संरक्षक को धोखा देती है।
- 'द स्कूल फॉर वाइव्स' ने मोलीएरे को साहित्यिक विवादों के केंद्र में ला दिया, जिसे "ला क्वेरेल डी ल'एकॉल डेस फेमेस" (द क्वेरल ऑफ द स्कूल फॉर वाइव्स) के नाम से जाना जाता है। मोलीएरे ने इस विवाद का जवाब 'ला क्रिटिक डी ल'एकॉल डेस फेमेस' (द क्रिटिक ऑफ द स्कूल फॉर वाइव्स) और 'लिम्प्रोम्प्टु डी वर्सेल्स' (द इम्प्रोम्प्टु ऑफ वर्सेल्स) नामक नाटकों से दिया।
- अर्नोल्फ़ का किरदार कई बाद की हास्य कहानियों में ईर्ष्यालु, बूढ़े व्यक्ति का एक प्रोटोटाइप बन गया, जो युवा नायिकाओं को नियंत्रित करने की कोशिश करता है।
- नाटक "विवाह के नियम" (मैक्सिम्स डू मैरिज) को प्रस्तुत करता है, जिन्हें अर्नोल्फ़ व्यंग्यात्मक रूप से एग्नेस पर थोपने की कोशिश करता है, लेकिन वे उसके ही खिलाफ हो जाते हैं।
- यह नाटक प्रकृति बनाम पोषण (nature versus nurture) के विषय की पड़ताल करता है, जिसमें एग्नेस की प्राकृतिक बुद्धिमत्ता उसकी प्रतिबंधात्मक परवरिश पर हावी हो जाती है।
